छत्तीसगढ़ / बिलासपुर

महिलाओं की मेहनत लाई रंग,अब बिलासपुर शहरवासी को हर वक्त मिलेगा दोना-पत्तल

 बिलासपुर। अलग-अलग महिला स्वसहायता समूह के द्वारा तैयार दोना व पत्तल अब शहरवासी को हर समय उपलब्ध रहेगा। वनमंडल कार्यालय परिसर में स्थित संजीवनी केंद्र ने इसे भी बेचने का निर्णय लिया है। एक तरह से महिलाओं की मेहनत है, जिसका अब प्रतिफल मिलेगा। उन्हें दोने व पत्तल को खपाने के लिए अब जद्दोजहद नहीं करनी पड़ेगी। बिलासपुर संजीवनी मार्ट ने दोने व पत्तल की बिक्री नवरात्र में मां महामाया मंदिर से मिले बेहतर रिस्पांस के बाद लिया है। यहां पर्व के लिए डेढ़ लाख दोना-पत्तल दिए गए। भक्तों को इसी में प्रसाद वितरण किया गया।

आने वाले दिनों में आसानी से उपलब्ध

 

दुकानदार व लोगों से इसे बेहतर रिस्पांस भी मिल रहा है। हालांकि संजीवनी मार्ट में हर समय इसकी उपलब्धता नहीं रहती थी। लेकिन, आने वाले दिनों में लोगों को जितने स्टाक की आवश्यकता होगी, आसानी से उपलब्ध हो जाएगा। महिला समूह को दोना-पत्तल खपाने का एक स्थायी मार्केट मिल गया है। जैसे-जैसे खपत बढ़ेगी, इसका उत्पादन भी बढ़ाया जाएगा।

प्लास्टिक पर निर्भरता होती कम

 

दोना-पत्तल पर्यावरण संरक्षण के लिहाज से भी बेहतर कारगर है। इसकी उपलब्धता कम होने से लोग कार्यक्रमों में ऐसे चीजों का उपयोग करते हैं, जो पर्यावरण के लिए हानिकारक है। इसे देखते हुए ही संजीवनी मार्ट ने यह पहल की है। उनका मानना है कि दोना-पत्तल आसानी से नष्ट हो जाते हैं। इससे पर्यावरण को नुकसान भी नहीं पहुंचता है।
 

यह होगी कीमत

 

संजीवनी मार्ट ने दोना-पत्तल की कीमत भी निर्धारित कर दिया है। इसके तहत छह इंच के एक बंडल दोना 21 रुपये तय हुआ है। इस बंडल में 25 दोना रहेंगे। इसी तरह 50 नग वाले बंडल की कीमत 39 रुपये, सात इंच के बंडल की कीमत 23 रुपये, 45 रुपये, आठ इंच 34, 66 रुपये में उपलब्ध होगा। इसी तरह पत्तल 12 इंच में 72 रुपये व 140 रुपये और 14 इंच के पत्तल 79 रुपये व 155 रुपये की दर से बिकेंगे। इससे न केवल दोना-पत्तल की खपत बढ़ेगी बल्कि इस रोजगार से जुड़ी महिलाओं की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी।

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