छत्तीसगढ़ / सूरजपुर

मुस्लिम धर्मगुरुओं से टीबी मुक्त भारत के लिए सहयोग करने की अपील

सूरजपुर। टीबी मुक्त भारत के निर्माण में सभी वर्गों, धर्मो, समुदायों और जातिय पंचायतों की भी सहभागिता आवश्यक है। इन समूहों और समुदायों के मुखिया एक प्रभावशाली व्यक्ति होते हैं। उनकी बातों को लोग गम्भीरता से लेते है। इनके कथन पर लोग विश्वास करते हैं।

पिरामल फाऊंडेशन यह मानता है कि यदि इनके द्वारा भी टीबी मुक्त भारत के संदर्भ में अपील किया जाता है तो परिणाम सार्थक आ सकता है। इस लिए संस्था के कर्मचारी इनसे मिलकर टीबी के महत्वपूर्ण बिंदुओं पर इनका ध्यान आकृष्ट कराते हैं कि आपके पास जब लोग आते हैं या कोई ऐसी सामुदायिक बैठकें हो तो आप टीबी अहम् मुद्दों पर चर्चा करें। और यदि उसमें कोई टीबी के सम्भावित व्यक्तियों का पता चलता है तो आप उन्हें जांच और उपचार हेतु सलाह दे।

 
 

एक टीबी पेशेन्ट दस से पंद्रह लोगों को संक्रमित करता है अपने समुदाय को टीबी से बचाने के लिए और टीबी मुक्त भारत में सहयोग की दृष्टि से अति आवश्यक है। सूरजपुर जिला के मदरसों में पिरामल फाऊंडेशन के जिला कार्यक्रम अधिकारी महेन्द्र तिवारी और जिला कार्यक्रम समन्वयक राज नारायण द्विवेदी ने विगत दिनों मुस्लिम समाज के देव स्थल मदरसों में सम्पर्क किया और धर्मगुरूओं के साथ बैठक कर टीबी के महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा किया।

 
 

जिस पर धर्मगुरूओं ने अच्छी अच्छी सलाह दी और सहयोग करने की बातें कही। विगत दिनों सूरजपुर जामा मस्जिद के इमाम मुफ्ती मोहम्मद मोदबिर, महगांवां के इमाम मोहम्मद कमरूद्दीन आलम मानपुर के मोहम्मद समसुलहक भैय्याथान के हाफिज मोहम्मद असगर अली जयनगर के इमाम मोहम्मद कलिमुद्दीन के साथ मिल कर टीबी मुक्त पंचायत के लिए विशेष बातें किया । सुरजपुर जिला को टीबी मुक्त जिला बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग और पिरामल फाऊंडेशन अथक प्रयास कर रहा है।

 

Leave Your Comment

Click to reload image