छत्तीसगढ़ / बिलासपुर

छोटी दिवाली आज, दीपों से सजेगा हर द्वार, कल मनेगी बड़ी दिवाली,बाजार में उत्साह

बिलासपुर। नरक चतुर्दशी जिसे रूप चौदस और छोटी दिवाली के नाम से भी जाना जाता है। बिलासपुर में इस पर्व को बड़े धूमधाम से मनाया जाएगा। इस पर्व के दिन नरकासुर वध के प्रतीक रूप में लोग बुराई का अंत और जीवन में उजाले का स्वागत करते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार इसी दिन भगवान श्रीकृष्ण ने नरकासुर का वध कर लोगों को उसके अत्याचारों से मुक्त किया था। इसलिए इसे नरक चतुर्दशी कहते हैं। इस अवसर पर लोग सुबह उठकर स्नान करते हैं और खुद को नकारात्मकताओं से दूर करने का संकल्प लेते हैं।

ज्योतिषाचार्य पंडित देव कुमार पाठक के अनुसार नरक चतुर्दशी पर सूर्योदय से पहले स्नान कर घर की साफ-सफाई की जाती है। इसके बाद भगवान श्रीकृष्ण, यमराज और हनुमान जी की पूजा की जाती है। दीप जलाकर घर के कोनों और द्वारों को रोशन किया जाता है ताकि जीवन में सुख, समृद्धि और शांति का वास हो सके। इस दिन लोग दीप जलाते हैं, जिन्हें यम दीप कहा जाता है, ताकि परिवार में किसी भी प्रकार की विपदा से बचा जा सके। इधर बाजार भी गुलजार है।
 


दीपों से सजेंगे आंगन

 

शाम को घरों के आंगन और द्वारों को दीपों से सजाया जाएगा। इस अवसर पर मिट्टी के दीयों का विशेष महत्व है, और लोग अपने परिवार के साथ मिलकर दीपों की रोशनी में अपनी खुशियों को साझा करते हैं। घरों में पकवान बनाए जाएंगे और मिठाइयों का आदान-प्रदान किया जाएगा। नरक चतुर्दशी की रात बिलासपुर में दीपों की जगमगाहट और उत्साह का रंग देखने लायक होता है जो दिवाली के आगमन का भी संदेश देता है।

बिलासपुर। धनतेरस पर मंगलवार को बाजार में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। सोने-चांदी के आभूषण, बर्तन, इलेक्ट्रानिक्स और सजावटी सामानों की खरीदारी से बाजार गुलजार रहा। सदर बाजार, गोलबाजार, तेलीपारा, शनिचरी, सराफा और रेलवे मार्केट में पैर रखने की जगह नहीं थी।
 
 
बाजार में ग्राहकों का जोश देखते ही बनता था। कार-बाइक के शोरूम्स में डिलीवरी लेने सुबह से होड़ मची थी। सराफा बाजार देर रात तक खुला रहा। हर चेहरे पर खुशी झलक रही थी। बिलासपुर के ज्यादातर दुकानदारों के मुताबिक इस बार धनतेरस पर बिक्री ने पिछले साल का रिकार्ड तोड़ दिया। जिससे सभी में उत्साह है। हर दुकान पर आफर्स और डिस्काउंट्स की धूम रही।

 
 
हर साल की तरह इस बार भी बिलासपुर के बाजारों ने खुद को धनतेरस की तैयारियों में पूरी तरह झोंक दिया था। श्रीकांत वर्मा मार्ग, तेलीपारा, गोलबाजार, सदर बाजार, टेलीफोन एक्सचेंज रोड, मंगला, तिफरा, सरकंडा और रेलवे बुधवारी बाजार जैसे प्रमुख स्थानों पर सुबह 11 बजे के बाद से ही बड़ी संख्या में खरीदार उमड़ने लगे। ऐसा लग रहा है कि इस साल धनतेरस में मानो असल में धनवर्षा हो रही है।
 
 
सोने-चांदी के आभूषण, सिक्के, और विभिन्न इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों की बंपर मांग के साथ-साथ लोग कार, बाइक, वाशिंग मशीन, और एसी जैसे बड़े उपकरण भी खरीदने के लिए उत्सुक नजर आए। ज्वेलरी की दुकानों पर महिलाओं की भीड़ देखते ही बनती है, जो सोने-चांदी के गहनों के अलावा विशेष रूप से सिक्कों की खरीदारी के लिए पहुंची थी। ज्वेलरी शोरूम के मालिकों का कहना है कि इस साल सोने और चांदी के आभूषणों की मांग पिछले साल की तुलना में काफी अधिक रही। सबसे ज्यादा चांदी के सिक्के और लाइट ज्वेलरी पसंद किए गए।
 


शो-रूम में वाहनों की पूजा के लिए वेटिंग

 

धनतेरस पर कार और बाइक की खरीदारी की खास परंपरा के चलते शोरूम्स में ग्राहक पहले से ही एडवांस बुकिंग करा लिए थे। जिसकी डिलीवरी लेने सुबह से ग्राहक पहुंचे।कुछ प्रमुख कंपनियों के माडल्स पर तो पहले ही वेटिंग चल रही थी। जिस वजह से उन्हें डिलीवरी नहीं मिल पाई अब दिवाली पर होगी। शो रूम में वाहनों की पूजा करने पुजारियों ने वाहन मालिकों को वेटिंग में रखा। शोरूम्स पर किसानों और ठेकेदारों की भीड़ लगी हुई थी। विशेष रूप से मालवाहक गाड़ियों के लिए ज्यादा उत्सुक दिखे।
 


बर्तन से लेकर झाड़ू तक की खरीदारी

 

धनतेरस की मान्यता के अनुसार इस दिन बर्तन और झाड़ू खरीदना शुभ माना जाता है, इसलिए लोग बर्तन की दुकानों पर थाली, कटोरा, प्लेट, डिनर सेट, और चम्मच सेट जैसे बर्तनों की खरीदारी करते देखे गए। बाजार में डिनर सेट और चम्मच सेट्स की बंपर बिक्री हुई, जिससे दुकानदारों के चेहरे पर भी मुस्कान छा गई। झाड़ू की खरीदारी को भी धनतेरस पर सुख-समृद्धि का प्रतीक माना जाता है, इसलिए इस दिन झाड़ू खरीदने का भी बड़ा रिवाज रहा।

अब आर्टिफिशियल फूलों से सजेंगे घर

 

धनतेरस पर घर और आफिस को सजाने के लिए इस बार आर्टिफिशियल फूलों की जबरदस्त मांग रही। इन फूलों की खूबसूरत सजावट से बाजार गुलजार रहा। विभिन्न रंगों और डिजाइनों में मिलने वाले ये फूल ग्राहकों को अपनी ओर आकर्षित कर रहे थे। प्रमुख सड़कों पर सजी दुकानों पर रंग-बिरंगे फूलों का नजारा देखते ही बनता है। ये फूल न सिर्फ धनतेरस बल्कि दिवाली की सजावट के लिए भी खरीदे गए। इस बार बाजार में इनके लिए भी कई प्रकार के आफर्स और आकर्षक डिस्काउंट्स भी उपलब्ध थे।
 
 


खूब बिकी एलइडी, मोबाइल व टैब भी

 

इलेक्ट्रॉनिक्स दुकानों पर भी खरीदारों की भीड़ लगी हुई थी। एलईडी, वाशिंग मशीन, फ्रिज, एसी, और गीजर की बिग्री सबसे ज्यादा हुई। हैं। इसके अलावा, ग्राहकों को त्योहारी सीजन के विशेष फाइनेंसिंग और कैशबैक विकल्पों के चलते बड़े इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादों की खरीद में आसानी हुई। अधिकांश ने लैपटाप और मोबाइल भी खरीदा।
 


शहर के बाजार में मेले जैसा माहौल

 

बिलासपुर के बाजार में मेले जैसा माहौल था। दोपहर बाद भारी जाम की स्थिति रही। लोगों को घंटो इंतजार करना पड़ा। दुकान से लेकर सड़क तक भीड़ ही भीड़। कोरोना महामारी के बाद यह पहला अवसर था जब बाजार में इतनी ज्यादा भीड़ दिखी। रेडीमेड कपड़ों की दुकानों पर भी भीड़ रही, जहां लोग परिवार के साथ आकर त्योहारी खरीदारी कर रहे थे। मिठाई की दुकानों पर एडवांस आर्डर दिए जा रहे थे।

 

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