बुधनी में पोलिंग बूथों पर लगी लंबी लाइन, बीजेपी और कांग्रेस प्रत्याशी ने किया मतदान, जीत का किया दावा
बुधनी। मध्य प्रदेश की हाई प्रोफाइल बुधनी विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए मतदान जारी है। सुबह से ही मतदान केंद्रों पर लंबी लाइनें लगी हुई है। ग्रामीण क्षेत्रों में भी पुरुष और महिलाएं अपने मतधिकार का इस्तेमाल कर रहे है। वहीं बीजेपी प्रत्याशी रमाकांत भार्गव और कांग्रेस कैंडिडेट राजकुमार पटेल ने अपनी पत्नी संग वोट डाला।
एमपी की दो विधानसभा सीटों पर उपचुनाव के लिए वोटिंग की प्रक्रिया जारी है। इन दोनों सीटों पर सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक मतदान होगा। सुबह से ही मतदान केंद्रों पर लोग पहुंच रहे है। बीजेपी प्रत्याशी रमाकांत भार्गव ने शाहगंज में मतदान किया तो वहीं कांग्रेस उम्मीदवार राजकुमार पटेल ने अपनी पत्नी के साथ बकतरा के बूथ क्रमांक 9 में वोटिंग की। दोनों ही कैंडिडेंट्स ने अपनी अपनी जीत का दावा किया है।
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह ने किया मतदान
इससे पहले केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधनी के जैत गांव मतदान केंद्र पहुंचकर अपने मताधिकार का उपयोग किया। मीडिया से चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि रमाकांत भार्गव हमारे अनुभव नेता है। आज उन्हें वोट देने का सौभाग्य मुझे मिला है। शिवराज ने विजयपुर में हिंसक घटना को कांग्रेस की साजिश बताया है। वहीं उन्होंने जनता से वोट करने की अपील की है।
बुधनी में अजब संयोग
सीहोर जिले की बुधनी विधानसभा सीट पर पहला उपचुनाव 1992 में और दूसरा 2006 में हुआ था। इस साल 2024 में हो रहा तीसरे उपचुनाव के लिए 13 नवंबर को वोट डाले जाएंगे। इन तीनों ही उपचुनाव का कारण शिवराज सिंह चौहान ही रहे हैं। बुधनी में एक और संयोग कहें या इतिफाक तीनों उपचुनाव में हर बार कांग्रेस के प्रत्याशी राजकुमार पटेल ही रहे हैं। वहीं बीजेपी की ओर से मोहनलाल शिशिर, शिवराज सिंह चौहान और इस बार रमाकांत भार्गव प्रत्याशी हैं।
इससे भी दिलचस्प बात यह है कि बुधनी सीट पर हुए तीनों उपचुनाव में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान की भूमिका रही है। या कहें कि उपचुनाव का कारण वे खुद रहे हैं। इस सीट पर हुए पहला उपचुनाव 1992 में, दूसरा 2006 में हुआ था। वहीं इस साल 2024 में हो रहा तीसरे उपचुनाव के लिए 13 नवंबर को वोट डाले जाएंगे।
तीन बार शिवराज के कारण चुनाव
केंद्र की मोदी सरकार में कृषि मंत्री और मप्र के पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान ने साल 1990 में भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर बुधनी से चुनाव लड़ा और विधायक बने। साल 1991 में हुए लोकसभा चुनाव के दौरान पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई ने विदिशा और लखनऊ सीट से चुनाव लड़ा। जीत के बाद उन्होंने विदिशा सीट से इस्तीफा दे दिया। इससे उपचुनाव की स्थिति बनी और भाजपा नेतृत्व ने युवा विधायक शिवराज सिंह चौहान को मौका दिया।
साल 2005 में भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने शिवराज सिंह चौहान को मध्य प्रदेश भेजा। विधायक दल के नेता के रूप में उनका नाम आने के बाद वे प्रदेश के मुख्यमंत्री बने। इस दौरान बुधनी विधानसभा सीट से तत्कालीन विधायक राजेंद्र सिंह राजपूत ने इस्तीफा देकर यह सीट खाली कर दी। इसके बाद 2006 में हुए उपचुनाव में शिवराज सिंह चौहान बुधनी सीट से मुख्यमंत्री के रूप में चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की।
बुधनी में 363 मतदान केंद्र, 23 नवंबर को रिजल्ट
बुधनी में सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक वोटिंग होगी। सीहोर जिले की बुधनी में उपचुनाव के लिए 363 मतदान केंद्र बनाए गए है। बुधनी विधानसभा में कुल 2,76,397 मतदाता हैं। जिनमें 1,43,111 पुरुष, 1,33,280 महिला, 06 अन्य और 194 सर्विस मतदाता हैं। यहां 1597 मतदान कर्मी चुनाव में तैनात किए गए है। इसके साथ ही 45 सेक्टर ऑफिसर/कार्यपालिक मजिस्ट्रेट, 45 सेक्टर अधिकारी पुलिस और 05 फ्लाइंग स्कवॉड दल बनाए गए हैं। एमपी की दोनों सीटों का रिजल्ट 23 नवंबर को घोषित किया जाएगा।