फर्जी बैंक अकाउंट बेचने के मामले में डाकिया भी शामिल, डिलीवरी न होने पर आरोपियों को बेच देता था आधार कार्ड, आईडी से खोले गए थे 1800 बैंक अकाउंट
भोपाल। राजधानी भोपाल में फर्जी आधार कार्ड के जरिए 1800 बैंक अकाउंट बेचने के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। इस क्राइम में एक डाकिया भी शामिल था जो इन्हें आईडी प्रूफ दिया करता था। पुलिस की पूछताछ में खुलासा हुआ है कि आरोपी झारखंड से आधार कार्ड लेते थे। डाकिया ने डिलीवर न होने वाले आधार कार्ड आरोपियों को 10 हजार रुपए में बेच दिया था। इन्हीं आधार को एडिट कर 1800 अकाउंट खुलवाए गए थे। गिरोह का सरगना शशिकांत कुमार डाकिए से जुड़ा हुआ था।
बता दें कि कल भोपाल पुलिस ने ऐसे गिरोह का खुलासा किया था, जो फर्जी अकाउंट खुलवाकर ठगों को बेच देते थे। इन फर्जी अकाउंट से ठगी का करोड़ों रुपए का ट्रांजैक्शन हुआ था। पुलिस ने इस पूरे मामले में बिहार के 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपी की उम्र 20 से 25 साल के बीच है। इनकी शिक्षा की बात की जाए तो ये सातों आरोपी चौथी से 12वीं तक पढ़े हुए हैं।
आरोपी आधार कार्ड पर फोटो एडिट कर बैंक अकाउंट खुलवाते थे, इसके अलावा फर्जी आधार कार्ड से सिम भी टेलीकॉम कंपनी से हासिल कर लेते थे। आरोपी जो आधार कार्ड डिलीवरी नहीं हो पाते थे डाक द्वारा उनको हासिल कर उसमें फोटो बदल देते थे। यह फोटो गिरोह के ही किसी सदस्य का लगाते थे जिससे बैंक अकाउंट खुलने में दिक्कत ना आए। आरोपियों ने फर्जी कॉल सेंटर भी किराए के मकान में बना रखा था।