‘धीरेंद्र शास्त्री को खरोंच भी आई तो…’ मोबाइल फेंकने पर भड़का हिंदू संगठन, जानिए किसे बताया जिम्मेदार?
भोपाल। बागेश्वर धाम के पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की ‘सनातन हिंदू एकता’ की पदयात्रा के दौरान झांसी में किसी श्रद्धालु ने उन पर मोबाइल फेंक दिया, जो सीधा उनके गाल पर जा लगा। जिसके बाद उन पर हमले की खबर फैल गई। इस घटना की संस्कृति बचाओ मंच ने कड़ी निंदा करते हुए कहा कि अगर धीरेंद्र शास्त्री को खरोंच भी आई तो शहाबुद्दीन इसका जिम्मेदार होगा।
खरोंच भी आई तो शहाबुद्दीन होगा जिम्मेदार: संस्कृति बचाओ मंच
संस्कृति बचाओ मंच के संयोजक चंद्रशेखर तिवारी ने कहा कि पूज्य बागेश्वर धाम के ऊपर हुए हमले की कड़ी निंदा करते हैं। अगर उन्हें को खरोंच भी आई तो हिन्दू समाज सड़क पर उतरने के लिए मजबूर होगा। इसकी जिम्मेदारी शहाबुद्दीन की होगी।
फूल फेंकते वक्त गलती से फेंक दिया मोबाइल
बता दें कि पंडित धीरेंद्र शास्त्री के हिंदू एकता पदयात्रा में किसी भक्त ने फूल फेंकते वक्त गलती से अपना मोबाइल भी फेंक दिया था। जिसके कारण कुछ लोग हमले की अफवाह फैलाने लगे। बाबा ने तुरंत इस घटना का खंडन किया और तुरंत उस भक्त की सुरक्षा भी सुनिश्चित की।
किसी की अफवाहों में न आएं: पंडित धीरेंद्र शास्त्री की अपील
पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने आगे कहा, “हम सनातन की यात्रा पर निकले हैं। जो संकल्प लिया है, उसमें सफल होंगे। उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश दोनों राज्यों का प्रशासन पूरी तरह से लगा हुआ है। प्रभु राम की कृपा से सब ठीक चल रहा है। लाखों लोग शांति के साथ यात्रा में चल रहे हैं। उनकी यात्रा किसी के खिलाफ और राजनीतिक यात्रा नहीं है। किसी की अफवाहों में न आएं।”
कौन है शहाबुद्दीन?
मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रिजवी ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। मौलाना ने सनातन हिंदू एकता पदयात्रा को लेकर कहा था कि “धीरेंद्र शास्त्री ने भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने का झंडा बुलंद किया, लेकिन हिंदुस्तान न कभी हिंदू राष्ट्र हुआ है न होगा और न ही यह मुस्लिम राष्ट्र हो सकता है। धीरेंद्र शास्त्री जिस तरह से भाषा से इस्तेमाल करते हैं, उससे मुसलमानों को तकलीफ होती है। मौलाना ने सरकार से मांग की थी कि धीरेंद्र शास्त्री की यात्री पर पाबंदी लगाई जाए। कहीं ऐसा न हो उनकी यात्रा से हिंदू मुस्लिम के बीच तनाव पैदा हो जाए।”
संस्कृति बचाओ मंच ने लगाया धमकी देने का आरोप
संस्कृति बचाओ मंच ने मौलान के बयान को धमकी देना बताया और उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की। मंच संयोजक चंद्रशेखर तिवारी भोपाल पुलिस कमिश्नर को शिकायत पत्र सौंपकर आपराधिक प्रकरण दर्ज करने की मांग कर चुके हैं।