मध्य प्रदेश

निकाली जागरूकता रैली, मिट्टी की गुणवत्ता बनाए रखने प्राकृतिक खेती पर दिया जोर

ग्वालियर। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के आवाहन पर मिट्टी की गुणवत्ता बनाये रखने के प्रति जागरूकता लाने आज 5 दिसम्बर को विश्व मृदा दिवस (World Soil Day) मनाया जा रहा है। ग्वालियर की राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय द्वारा विशाल जागरूकता रैली निकाली गई। कॉलेज कैंपस से शुरू हुई यह रैली शहर के अलग-अलग चौक चौराहों से होती हुई गुजरी, जिसमें बड़ी संख्या में कॉलेजो के साथ ही स्कूली छात्र-छात्राएं शामिल हुए। इसके अलावा रैली में झांकी प्रदर्शनी भी लगाई गई जिसके जरिए लोगों को सॉइल टेस्टिंग के प्रति जागरूक किया गया।

बता दें कि विश्व मृदा दिवस (World Soil Day) 2024 की थीम ‘मिट्टी की देखभाल: माप, निगरानी, प्रबंधन’ रखा गया है। जो कि मिट्टी की विशेषताओं को समझने और खाद्य सुरक्षा के लिए स्थायी मृदा प्रबंधन पर सही निर्णय लेने में सटीक मृदा डेटा और सूचना के महत्व को दर्शाता है। एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर अरविंद कुमार शुक्ला का कहना है कि लोग ज्यादा से ज्यादा उत्पादन के लिए मिट्टी की क्वालिटी को लगातार खराब कर रहे हैं ऐसे में लोग प्राकृतिक खेती के प्रति जागरूक हो मिट्टी की गुणवत्ता को बनाए रखें इसको लेकर सभी को जागरूक किया जा रहा है। इसी कड़ी में मध्य प्रदेश के सभी एग्रीकल्चर कॉलेज द्वारा अपने-अपने क्षेत्र में जागरूकता रैली और कार्यक्रम किए गए हैं। उद्देश्य यही है कि विश्व मृदा दिवस पर लोग अपने क्षेत्र की मिट्टी को स्वस्थ रखने के प्रति जागरूक हो।

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