मैहर। इंदौर की शेयर कारोबारी महिला को डिजिटल अरेस्ट कर 1.60 करोड़ रुपए ठगने वाली गैंग में मैहर के धतूरा गांव निवासी आम आदमी पार्टी का जिला सचिव राकेश कुमार बंसल भी शामिल रहा। ठगी की राशि का एक हिस्सा राकेश के खाते में डाला गया था। इस खेल में वह अपने पिता के खाते का भी इस्तेमाल कर रहा था। इंदौर क्राइम ब्रांच के अधिकारी ने 5 दिसंबर को मैहर पहुंच कर राकेश की पतासाजी की और 6 दिसंबर को अपने साथ ले गए।
दरअसल, डिजिटल अरेस्ट के जरिए हड़पी रकम को बड़े शातिर तरीके से ठिकाने लगाया जाता है। मुख्य आरोपी अपने नीचे कई लोगों को पहले अपने विश्वास में लेता है। इसके बाद उनके खातों का इस्तेमाल ठगी की रकम को छिपाने और फिर निकालने के लिए इस्तेमाल करता है। इसके लिए बकायदा इन खाताधारकों को कमीशन दिया जाता है। इसी चेन का सदस्य मैहर धतूरा निवासी राकेश बंसल था जो कमीशन पर अपने खातों में ठगी की राशि डलवाता था।
बैंक में पकड़ा गया संदिग्ध खाता
इसी तरह का एक संदिग्ध खाता कुछ दिन पहले सतना शहर के एक बैंक में पकड़ा गया था। इस खाते में फ्रॉड के तहत ली जाने वाली राशि जमा की जाती थी। इस बैंक खाते को उच्च स्तर से निगरानी बैठाई गई थी। संबंधित बैंक में पंकज कुमार चौधरी और धीरज प्रजापति खाते से रकम निकालने पहुंचे थे, जिसे बैंक मैनेजर ने सिटी कोतवाली पुलिस के हवाले कर दिया था।
पुलिस अलर्ट
साइबर ठगी के गिरोह में धतूरा के पिता- पुत्र के शामिल होने के बाद मैहर, अमरपाटन और रामनगर पुलिस अलर्ट हो गई है। इन इलाकों से पहले भी एटीएम ठगी के मामलों में गिरोह पकड़े जा चुके हैं, जिनके पास कई एटीएम और बैंक खातों की जानकारी मिली थी। तीन महीने पहले अमरपाटन पुलिस ने एक गिरोह को पकड़कर जेल भेजा था, लेकिन अब जेल से छूटने के बाद आरोपियों का कोई सुराग नहीं मिल रहा है।
पिता-पुत्र दोनों पुलिस के हत्थे चढ़े
इंदौर क्राइम ब्रांच ने राकेश बंसल और उसके पिता चंद्रभान बंसल दोनों को गिरफ्तार कर लिया है। अभी इनसे पूछताछ जारी है। मिली जानकारी के अनुसार इस खेल में सतना जिले के अर्शलान पिता जमीलुद्दीन राकेश बंसल का साथी रहा है। राकेश ने क्राइम ब्रांच को बताया है कि अर्शलान ने उनके खाते खुलवाए थे और इसी में राशि आती थी। इंदौर डिजिटल अरेस्ट में राकेश और उसके पिता के खाते में 10 लाख रुपए डाले गए थे। खाता पिता के नाम पर बताया जा रहा है, जिसका संचालन राकेश करता था।
एक आरोपी टेरर फिंडिग में भी पकड़ा चुका
कमीशन पर खाता संचालन साइबर ठगी के लिए इस्तेमाल होने की सतना और मैहर जिले की यह पहली घटना नहीं है। इसके पहले सतना जिले के सोहास गांव निवासी बलराम सिंह भी टेरर फंडिंग के मामले में पकड़ा जा चुका है। टेरर फंडिंग के लिए बलराम ने कमीशन में कई खाते अपने परिचितों के कमीशन पर ले रखे थे। इसमें तत्कालीन तौर पर विहिप पदाधिकारी आशीष राठौर का नाम सामने आया था।