आईटी रेड के बाद रायपुर के कारोबारी महेंद्र गोयंका ने Lalluram.com से रखा अपना पक्ष, खुद पर लगे सभी आरोपों को किया खारिज; राजेश शर्मा से संबंधों को लेकर दिया बड़ा बयान
भोपाल/रायपुर। मध्य प्रदेश के भोपाल में आयकर विभाग की टीम ने 18 दिसंबर को कुछ बिल्डरों और उनके सहयोगियों के ठिकानों पर छापेमार कार्रवाई की थी। आईटी टीम ने त्रिशूल, क्वालिटी और ईशान बिल्डर के ठिकानों पर दबिश दी थी। इसमें रायपुर (छत्तीसगढ़) के कारोबारी महेंद्र गोयनका का इन्वॉल्वमेंट उजागर हुआ था। जिसके बाद से कारोबारी को फरार बताया जा रहा था। आईटी कार्रवाई के बीच अब खुद कारोबारी महेंद्र गोयंका ने रायपुर में इस पूरे मामले में अपना पक्ष रखा है।
लल्लूराम डॉट कॉम से बातचीत के दौरान कारोबारी महेंद्र गोयंका ने कहा कि आईटी छापे से पहले ही वे विदेश चले गए थे। जबकि उन्हें फरार घोषित कर दिया गया। कारोबारी ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि हमने किसी भो प्रकार की कर चोरी नहीं की है। न ही कोई अनियमितता हमारी तरफ से की गई है। उन्होंने बताया कि राजेश शर्मा से उनके पुराने पारिवारिक संबंध है। बता दें कि महेंद्र गोयंका को त्रिशूल बिल्डर्स के मालिक राजेश शर्मा का पार्टनर बताया जाता है। जब भोपाल में आयकर विभाग ने त्रिसूल बिल्डर्स पर कार्रवाई की तो इसकी आंच कारोबारी महेंद्र गोयंका तक भी पहुंची। जिसके बाद तरह-तरह की बातें निकलर सामने आने लगी। हालंकि अब कारोबारी ने इस पूरे मामले में सामने आकर अपना पक्ष रखा है।
आयकर छापेमारी का निकला था रायपुर कनेक्शन
बता दें कि भोपाल में आयकर की छापेमार कार्रवाई में रायपुर के कारोबारी महेंद्र गोयनका का नाम भी सामने आया था। जिसके बाद आरोप लगे कि छापे के बाद महेंद्र गोयंका अपनी पत्नी के साथ अफ्रीका के सोमाली लैंड फरार हो गया है। महेंद्र ने बिल्डर राजेश शर्मा के जरिए करीब 300 करोड़ रुपए जमीनों के खेल में लगाए हैं। राजेश शर्मा ने गोयनका को सेल कंपनियों के भुगतान के जरिये जमीनों की खरीद कराई थी। गोयनका के खिलाफ चल रही जांच में यह बात सामने आई है कि भोपाल के होशंगाबाद रोड स्थित सहारा सिटी में 110 एकड़ जमीन खरीदी गई है। सरकार की नजर से बचने के लिए यह जमीन कर्मचारी और परिचितों के नाम पर ली गई। इससे पहले माईनिंग के कारोबार में धोखाधड़ी को लेकर कटनी में गोयनका के खिलाफ शिकायत की गई थी।