इंदौर। राष्ट्रीय संत अवधेशानंद गिरि महाराज अपने एक दिवसीय दौरे पर इंदौर पहुंचे। यहां उन्होंने अनुयायियों से मुलाकात की। इंदौर एयरपोर्ट पर सैकड़ों की संख्या में उनके अनुयायी पहुंचे और उनका आशीर्वाद लिया। अवधेशानंद ने पिछले दिनों संघ प्रमुख मोहन भागवत द्वारा मंदिर मस्जिद पर दिए बयान का समर्थन किया है।
हिंदू संस्कृति का एक अनूठा पर्व महाकुंभ
प्रयागराज में होने वाले कुंभ को अवधेशानंद गिरि महाराज ने हिंदू संस्कृति का एक अनूठा पर्व बताया है। कहा- भारतीय संस्कृति अति प्राचीन संस्कृति है और मानव का अस्तित्व जब से है जब से प्राणियों का अस्तित्व है तभी से सनातन संस्कृति है। सनातन संस्कृति का उच्चतम परिणाम हमारी संस्कृति का गौरव वैभव को देखना हो तो एकमात्र स्थान महाकुंभ है। चार स्थानों पर इस तरह का आयोजन होता है उज्जैन में उसे सिंहस्थ कहते हैं, हरिद्वार में कुंभ, प्रयागराज में महाकुंभ के नाम से पहचाना जाता है। यूनेस्को ने इसे संस्कृत का अमूल्य धरोहर घोषित किया हुआ है। यूनेस्को ने कहा है कि यह अमूल्य हेरिटेज में शामिल किया है। एक दूसरे को आदर करते हुए एक दूसरे की सेवा में जुटे हो उसे ही महाकुंभ कहते हैं।
पूरे विश्व को हम अपना मान बैठे
मैं मीडिया से यह आह्वान करता हूं कि मालवा की धरती पर आया हूं मां अहिल्याबाई की धरती पर आया हूं। जो स्वच्छता के लिए जाना जाता है जो भारत के लिए एक आदर्श नगर भी है। मध्य प्रदेश के लोग कुंभ में आए। हिंदू राष्ट्र को लेकर कहा- जहां हिंदू रहते हैं जहां अमेरिकन रहते हैं वह अमेरिका, जहां स्विस रहते हैं वह स्विट्जरलैंड है, जहां जैपनीज रहते हैं वह जापान, जहां हिंदू रहते हैं वह हिंदुस्तान है। सनातन बोर्ड को लेकर कहा कि हम सबके कल्याण के लिए चीर काल से प्रार्थना करते आए हैं। पूरे विश्व को हम अपना मान बैठे हैं और इसके लिए हम निरंतर प्रार्थना करते हैं।
भारत में मंदिरों का निकालना कोई बड़ी बात नहीं
मोहन भागवत हिंदू समाज के रक्षक है। वह हिंदू समाज के लिए जी रहे हैं और सबसे बड़ा संगठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ है, विश्व की सभी एजेंसियां कहती है कि सबसे अनुवांशिक संगठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ है और उन्हीं से प्रेरणा लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश को विकसित और आदरणीय बना रहे हैं। यह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से निकला विचार है और मैं उनके विचारों से सहमत हूं। मंदिर निकालने की बात को लेकर कहा सऊदी अरब, फैजान में मंदिर निकल रहा है, भारत में मंदिरों का निकालना कोई बड़ी बात तो नहीं है।