मध्य प्रदेश

1200 डिग्री तापमान पर जलेगा जहरीला कचरा… एक्सपर्ट बोले- किसी को कोई खतरा नहीं

भोपाल। यूनियन कार्बाइड कारखाना भोपाल में 40 साल से बंद 337 टन जहरीला कचरा 12 कंटेनरों के द्वारा पीथमपुर की रामकी कंपनी पहुंच गया है। वहां कंपनी एक विशेष भष्मक में इसे 1200 से 1500 डिग्री सेल्सियस के उच्च तापमान पर इसे जलाने वाली है। यह पूरा काम केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के विज्ञानियों की निगरानी में होगा।

कचरा कब जलाया जाना है इसका फैसला कुछ दिनों बाद ही होगा। उच्च न्यायालय के आदेश पर गैस राहत एवं पुनर्वास विभाग द्वारा कचरे को कंपनी भेजकर शुक्रवार को शपथ पत्र पेश कर दिया है। अब छह जनवरी को सरकार उच्च न्यायालय में अपना पक्ष रखेगी।

खतरनाक अपशिष्ट प्रबंधन के तहत बना है इंसीनरेटर

  • पर्यावरणविद् डॉ. सुभाष चंद्र पांडे ने बताया कि रामकी कंपनी में जो भष्मक लगाया गया है, वह खतरनाक अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2016 के तहत बना है। इसमें सिर्फ खतरनाक रासायनिक अपशिष्ट ही जलाए जाते हैं।
  • ऐसा कचरा इसमें पूरी तरह से भस्म हो जाता है। इस भष्मक में कम से कम 1200 डिग्री सेल्सियस या फिर उससे अधिक तापमान पर इसे जलाया जाएगा। इस तापमान पर कितना भी जहरीला कचरा हो, जलने पर पूरी तरह से राख हो जाएगा।
  • जलाते समय कचरे का न तो हवा, मिट्टी और पानी से कोई संपर्क नहीं होगा। पांडे कहते हैं कि ऐसे में यह पद्धति हर तरह से कचरा निपटान के लिए सुरक्षित है। इससे न तो इंसानों को, ना ही पर्यावरण को कोई खतरा होगा।

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जलाने से पहले जहर की होती है जांच

 

गैस राहत एवं पुनर्वास विभाग के संचालक स्वतंत्र कुमार सिंह ने बताया कि भष्मक में कचरे को जलाने से पहले उसका ट्रायल रन होगा। भष्मक की क्षमता 270 किलोग्राम प्रति घंटा कचरा जलाने की है। जलाने से पहले 90 किलोग्राम, 180 किलोग्राम और 270 किलोग्राम प्रतिघंटा की दर से जलाकर देखा जाएगा। जांच में जो मात्रा सबसे सुरक्षित मिलेगी उसी मान से कचरे को जलाया जाएगा। इसमें तीन से नौ महीने का समय लग सकता है।

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