MP में जल्द स्थापित होगी देश की सबसे ऊंची भगवान बालाजी की प्रतिमाः रात में दिखेगा आकर्षक रूप, लिफ्ट में सवार होकर भक्त कर सकेंगे माल्यार्पण
खंडवा। दुनिया भर में तिरुपति बालाजी भगवान के अनगिनत भक्त हैं, लेकिन क्या आपको पता है की मध्य प्रदेश के खंडवा में भी तिरुपति बालाजी के एक ऐसे ही भक्त हैं, जिन्होंने अपने आराध्य बालाजी भगवान की विशाल प्रतिमा अपने ही शहर में बनाने का बीड़ा उठाया है। खंडवा के उद्योगपति रितेश गोयल बालाजी भगवान की 81 फीट ऊंची प्रतिमा का निर्माण करवा रहे हैं।
बताया जा रहा है, कि बालाजी भगवान की यह प्रतिमा एशिया में सबसे ऊंची बालाजी की प्रतिमा है। इस प्रतिमा का निर्माण कार्य 4 से 5 चरणों में चल रहा है, जिसके तहत बालाजी भगवान का श्रीमुख बनकर तैयार है। जो बालाजी धाम में रखा गया है। 81 फीट की प्रतिमा के केवल श्री मुख की ऊंचाई 18 से 20 फीट बताई जा रही है। इस प्रतिमा के साथ ही यहां आने वाले श्रद्धालुओं तथा पर्यटकों को माता पद्मावती तथा माता लक्ष्मी के दर्शन करने का भी मौका मिलेगा। लगभग ढाई लाख स्क्वायर फीट में तैयार हो रहे इस बालाजी धाम में रंगारंग लाइट शो की व्यवस्था भी की जाएगी। आध्यात्मिक दृष्टिकोण की अगर बात करें तो इस पूरे परिसर तथा बालाजी भगवान की प्रतिमा का निर्माण कार्य तिरुपति बालाजी मंदिर के हाथीराम मठ से जुड़े जानकारों के निर्देशन में हो रहा है।
बालाजी भगवान के भक्त रितेश गोयल ने बताया कि, बालाजी भगवान की 81 फिट की ये प्रतिमा एशिया की सबसे बड़ी प्रतिमा होगी इसका कार्य लगभग पूरा हो चुका है। बस कुछ ही दिनों में ये बालाजी भगवान की मूर्ति आकर ले लेंगे और आप सभी बालाजी भगवान के दर्शन कर सकेंगे। इस मूर्ति में अत्याधुनिक फाउंटेन, चमकदार नगीने और लेजर लाइट भी लगाए जा रहे है। लिफ्ट में सवार होकर भक्त बालाजी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर सकेंगे।
आसपास एक ऐसा वातावरण डिवेलप किया जा सकेगा, जिससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। इससे खंडवा शहर का भी नाम होगा । इसमें हमें बालाजी मंदिर टस्ट के लोग भी हमे संयोग दे रहे है उनकी ओर से भी हमे मूर्ति उपलब्ध कराई जा रही है और वहीं के पंडित ही आएंगे और मूर्ति की स्थापना करेंगे। वहीं से हमें बताया गया है कि भगवान बालाजी के दर्शन के बाद मां पद्मावती के दर्शन करना अनिवार्य है। इस लिए हमने यह पद्मावती के मंदिर का निर्माण भी चालू कर दिया है। जल्द भक्तों को भगवान बालाजी और मां पद्मावती के दर्शन कर सकेंगे।