देश-विदेश

दिल्ली में जमना पार, करावल नगर और सोनिया विहार के लाखों लोगों को दिल्ली सरकार का तोहफा; नई सड़क परियोजना को मिली मंजूरी

दिल्ली के जमना पार, करावल नगर और सोनिया विहार के लाखों निवासियों के लिए रेखा गुप्ता की सरकार ने बड़ा तोहफा दिया है. सोनिया विहार के पुस्ता क्षेत्र में फ्लाइओवर निर्माण की योजना को स्वीकृति मिल गई है. भाजपा का कहना है कि इस परियोजना से लाखों लोगों को ट्रैफिक जाम की समस्या से राहत मिलेगी.

दिल्ली सरकार के मंत्री कपिल मिश्रा ने जानकारी साझा करते हुए कहा है कि नानकसर गुरुद्वारा से शनि मंदिर (यूपी सीमा) तक 6 किलोमीटर लंबी एक एलिवेटिड सड़क का निर्माण किया जाएगा, जिसके लिए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने स्वीकृति प्रदान की है. इस परियोजना की लागत लगभग 500 करोड़ रुपये अनुमानित की जा रही है.

दिल्ली के जमना पार, करावल नगर और सोनिया विहार के लाखों निवासियों के लिए रेखा गुप्ता की सरकार ने एक महत्वपूर्ण उपहार प्रस्तुत किया है. सोनिया विहार के पुस्ता क्षेत्र में फ्लाइओवर निर्माण की योजना को स्वीकृति मिल गई है. भाजपा का कहना है कि इस परियोजना से लाखों लोगों को ट्रैफिक जाम की समस्या से राहत मिलेगी.

दिल्ली सरकार के मंत्री कपिल मिश्रा ने जानकारी साझा करते हुए कहा है कि नानकसर गुरुद्वारे से शनि मंदिर (यूपी सीमा) तक 6 किलोमीटर लंबी एक एलिवेटेड सड़क का निर्माण किया जाएगा, जिसके लिए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने स्वीकृति प्रदान की है. इस परियोजना की लागत लगभग 500 करोड़ रुपये अनुमानित की जा रही है.

दिल्ली के पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश वर्मा ने जानकारी साझा करते हुए बताया कि करावल नगर के विधायक कपिल मिश्रा लंबे समय से इस क्षेत्र में सड़क निर्माण के लिए प्रयासरत थे. हालांकि, यहां मौजूद कई पेड़ों के कारण फ्लाइओवर बनाने का निर्णय लिया गया है. उन्होंने कहा कि गुरुवार को मुख्यमंत्री से इस विषय पर चर्चा की गई, जिन्होंने भी इस योजना को मंजूरी दे दी है. मंत्री ने बताया कि इस फ्लाइओवर की लंबाई लगभग साढ़े पांच से छह किलोमीटर होगी.

उन्होंने बताया कि इस परियोजना के दोनों किनारों पर खंभे स्थापित किए जाएंगे. प्रारंभिक आकलन के अनुसार, इसकी लागत लगभग ₹500 करोड़ होगी. हमें इस परियोजना के लिए प्रारंभिक स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है. चूंकि यह बाढ़ विभाग की भूमि है, अब बाढ़ विभाग इसे लोक निर्माण विभाग (PWD) को सौंपने की तैयारी कर रहा है. हम आवश्यक एनओसी प्राप्त करेंगे, जिसके बाद पीडब्ल्यूडी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करेगा, और इसके बाद फ्लाइओवर निर्माण का कार्य आरंभ होगा.

Leave Your Comment

Click to reload image