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रुझानों में एनडीए की बढ़त, कांग्रेस का चुनाव आयोग पर सीधा हमला

 पटना । बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की मतगणना जारी है और शुरुआती रुझानों में एनडीए आराम से बहुमत की ओर बढ़ रहा है। रुझान आते ही कांग्रेस ने चुनाव आयोग और एसआईआर प्रक्रिया को निशाने पर ले लिया है। पार्टी नेताओं ने मतदाता सूची, पुनरीक्षण और आयोग की भूमिका पर खुलकर सवाल खड़े किए हैं।

मुकाबला राजनीतिक दलों का नहीं, मुख्य चुनाव आयुक्त और जनता का है: पवन खेड़ा

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने शुक्रवार को कहा कि मुकाबला मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और बिहार की जनता के बीच है। उन्होंने दावा किया कि ये शुरुआती रुझान हैं। लेकिन इशारा साफ है कि ज्ञानेश कुमार बिहार की जनता पर भारी पड़ते दिख रहे हैं। बिहार के लोगों ने एसआईआर के बावजूद हिम्मत दिखाई है। आने वाले घंटों में पता चलेगा कि ज्ञानेश कुमार कितना असर डालते हैं।

उदित राज का आरोप: यह लोकतंत्र की हत्या है
इससे पहले कांग्रेस नेता उदित राज भी पार्टी के कमजोर प्रदर्शन के लिए चुनाव आयोग और एसआईआर को जिम्मेदार ठहरा चुके हैं। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में बड़ी विसंगतियाँ मिलीं, लेकिन लाखों आपत्तियों के बावजूद आयोग ने कार्रवाई नहीं की। उन्होंने ने कहा कि मैं यह नहीं कहूंगा कि यह भाजपा-जद(यू) की जीत है; यह चुनाव आयोग की जीत है। जब आपत्तियों पर ध्यान न दिया जाए और मतदाताओं को लौटाया जाए, तो इसे लोकतंत्र की हत्या ही कहा जाएगा।


आपको बतादें कि बिहार विधानसभा चुनाव के रुझानों में एनडीए बंपर जीत की तरफ बढ़ रहा है। राजद के नेतृत्व में महागठबंधन का बुरा हाल है। साफ है कि बिहार की जनता ने पीएम मोदी और नीतीश कुमार के नेतृत्व में एक बार फिर विश्वास जताया है। रुझानों में एनडीए गठबंधन 199 सीटों पर आगे है।

रुझानों में महागठबंधन (MGB) का बुरा हाल है। राजद-कांग्रेस-लेफ्ट-वीआईपी सिर्फ 39 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। बिहार के इन रुझानों ने साफ कर दिया है कि नीतीश कुमार और पीएम मोदी की जोड़ी सुपरहिट है। बिहार का ये महासंग्राम एनडीए के नाम हो गया है।

एनडीए का रिपोर्ट कार्ड: 
बीजेपी - 90 सीटों पर आगे
जदयू - 81 सीटों पर आगे
लोजपा (रामविलास) - 20 सीटों पर आगे
रालोमो - 4 सीटों पर आगे
हम - 3 सीटों पर आगे

महागठबंधन का रिपोर्ट कोर्ड:
राजद - 29 सीटों पर आगे
कांग्रेस - 5 सीटों पर आगे
लेफ्ट - 5 सीटों पर आगे

रुझानों के बाद पटना में जदयू दफ़्तर के बाहर बड़ी संख्या में नीतीश कुमार के समर्थक जमा हो गए। भाजपा के एक सांसद ने कहा कि नतीजों ने साबित कर दिया है कि “टाइगर अभी जिंदा है” और यह जीत बिहार की जनता की है। उन्होंने दावा किया कि लोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और नीतीश कुमार पर भरोसा करते हैं और “डबल इंजन सरकार” राज्य में विकास की रफ्तार फिर तेज करेगी।

कांग्रेस नेताओं के आरोपों के बीच यह पहला विधानसभा चुनाव है जो विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद आयोजित हुआ है। अगले कुछ घंटों में स्थिति और स्पष्ट होगी।

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