पीएम मोदी के बुलावे पर ग्लोबल साउथ समिट में मोहम्मद यूनुस ने की शिरकत
पीएम मोदी ने किया सम्मेलन को संबोधित
ग्लोबल साउथ शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि यह एक ऐसा मंच बना, जहां हमने विकास से संबंधित समस्याओं और प्राथमिकताओं पर खुलकर चर्चा की। उन्होंने बताया कि भारत ने ग्लोबल साउथ की आशाओं, आकांक्षाओं और प्राथमिकताओं पर आधारित जी-20 एजेंडा तैयार किया।
पीएम मोदी ने कहा, "जब भारत ने जी-20 की अध्यक्षता संभाली तो हमने संकल्प लिया था कि हम जी-20 को एक नया स्वरूप देंगे।" उन्होंने आगे कहा, "हम ऐसे समय में मिल रहे हैं, जब दुनिया अनिश्चितता में जी रही है। युद्ध जैसी स्थितियों ने हमारी विकास या6ा में चुनौतियां बढ़ा दी है। हम पहले से ही जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। हम स्वास्थ्य, भोजन और ऊर्जा सुरक्षा के लिए भी चिंतित हैं। आतंकवाद उग्रवाद और अलगाववाद हमारे समाज के लिए गंभीर खतरा है।"
प्रधानमंत्री ने कहा कि यह वह समय है, जब ग्लोबल साउथ के देश एकजुट होकर एक-दूसरे की ताकत बनें। हमें एक-दूसरे के अनुभव से सीखना होगा और एक-दूसरे की क्षमताओं को साझा करना होगा। भारत ग्लोबल साउथ के साथ सहयोग करने और अपने अनुभवों और क्षमताओं को साझा करने के लिए प्रतिबद्ध है। हम व्यापार, समावेशी विकास, एसडीजी की प्रगति और महिला नेतृत्व वाले विकास को बढ़ावा देना चाहते हैं।
पीएम मोदी ने बताया कि स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर उनका उनका मिशन 'एक विश्व, एक स्वास्थ्य' और दृष्टिकोण 'आरोग्य मैत्री', जिसका मतलब है 'स्वास्थ्य के लिए मित्रता'। मानवीय संकट के दौरान भारत अपने मित्र देशों की मदद सबसे पहले करता है।