देश-विदेश

पति वियोग में पत्नि ने त्यागे प्राण, एक साथ दोनों का अंतिम संस्कार, पहले भी कहती थी हो जाऊंगी सती

 महाराजपुर : जीवन की डोर का रिश्ता इतना गहरा हो जाता है कि उसके बिना रहा नहीं जा सकता। जब पति की मौत हुई तो पत्नी, पति का वियोग सह नहीं सकी

और थोड़ी ही देर में पत्नी की सांस टूट गई। ऐसा ही मामला छतरपुर जिले की लुगासी चौकी अंतर्गत ग्राम पंचायत भदेसर में सामने आया।

पति के बाद पत्नी की मौत

जहां राजपूत परिवार में एक साथ पति पत्नी की मौत हो गई। जिनका एक ही चिंता में अंतिम संस्कार किया गया।85 वर्षीय ततूरा राजपूत दो तीन दिन से बीमार चल रहे थे, सोमवार को दोपहर 2 बजे के लगभग उनका निधन हो गया। जब पति की मृत्यु की सूचना दिव्यांग पत्नी जमनाबाई राजपूत को लगी तो 30 मिनिट बाद पति वियोग में सांस टूट गई।

पहले ही कहती थी हो जाऊंगी सती

ग्रामीणों ने बताया कि मृतिका जमनाबाई पूर्व में कहने लगती थी कि मैं अपने पति के साथ सती हो जाऊंगी। तब ग्रामीण समझने लगते थे कि मृतिका हंसी में कह रही हैं लेकिन जब आज घटना घटित हो गई तो ग्रामीणों को मृतिका द्वारा कहे गए शब्द याद आ गए।

चार में दो बेटों की पहले ही मौत

ततूरा राजपूत के चार बेटे खेमचंद्र, बंसीधर, इंद्रकुमार और जुगलकिशोर थे, जिसमें दो पुत्र पहिले ही खत्म हो चुके हैं। इंद्रकुमार कैंसर से पीड़ित था जिसकी मौत कुछ वर्ष पूर्व हो गई थी और दूसरे पुत्र जुगलकिशोर की मृत्यु कुआं में गिरने से हो गई थी।

Leave Your Comment

Click to reload image