MLA Arif Masood's troubles may increase! High Court strict in the matter of hiding bank loan information
जबलपुर। भोपाल मध्य से कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद को लोन से संबंधित रिकॉर्ड उपलब्ध कराने के लिए हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति विवेक अग्रवाल की एकलपीठ ने 18 अक्टूबर तक का मौका दिया है। मामला विधायक आरिफ मसूद के खिलाफ दायर चुनाव याचिका से संबंधित है। उन्होंने खुद व पत्नी के नाम लिए गए बैंक लोन का उल्लेख अपने नामांकन-पत्र में नहीं किया था। भाजपा प्रत्याशी रहे ध्रुप नारायण सिंह ने चुनाव याचिका दायर कर जानकारी जानबूझकर छिपाने का आरोप लगाया है। उन्होंने आरिफ मसून के निर्वाचन को चुनौती दी है।
याचिका के खिलाफ सुप्रीम पहुंचे थे विधायक
याचिका के खिलाफ कांग्रेस विधायक आरिफ ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर दी थी। उन्होंने बैंक के लोन संबंधित दस्तावेजों को फर्जी बताया है। सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट को लोन संबंधित दस्तावेजों की जांच के निर्देश दिए थे।
18 अक्टूबर को होगी अगली सुनवाई
हाईकोर्ट ने याचिका पर पिछली सुनवाई में एसबीआइ अशोक गार्डन के शाखा प्रबंधक को समन जारी कर व्यक्तिगत रूप से तलब किया था। शाखा प्रबंधक ने व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर अपने बयान दर्ज कराए। उन्होंने बताया कि उल्लखित लोन आंवटन की अवधि में वह शाखा प्रबंधक नहीं थे, इसलिए वह दस्तावेजों के संबंध में कोई अभिमत नहीं दे सकते हैं। इस पर हाई कोर्ट ने एसबीआइ के महाप्रबंधक को संबंधित शाखा के तत्कालीन शाखा प्रबंधक को समस्त दस्तावेज के साथ उपस्थित कराने के निर्देश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 18 अक्टूबर को होगी।