तेलअवीव: इजरायल पर हमास आतंकियों के खूनी हमले की घटना के 1 साल बीत गए हैं। 7 अक्टूबर 2023 को हमास के 1000 आतंकियों के हमले में इजरायल के 1200 से ज्यादा लोग मारे गए थे और सैकड़ों लोगों को बंधक बना लिया गया था। एक साल बीत जाने के बाद भी 100 से ज्यादा बंधक अभी भी हमास के कब्जे में हैं। वहीं पिछले एक साल में इजरायल की सेना ने गाजा शहर को खंडहर बना दिया है और 17 हजार से ज्यादा हमास लड़ाकुओं को मार गिराने का दावा किया है। गाजा में लाखों फलस्तीनी विस्थापित हो गए हैं। इजरायल ने यह भी कहा है कि उसके 728 सैनिक मारे गए हैं। यह युद्ध अब गाजा से निकलकर 7 मोर्चों तक फैल गया है और सुपरपावर अमेरिका और उसके सहयोगी देश भी परोक्ष रूप से इसका हिस्सा बन गए हैं। इजरायल और अमेरिका दोनों के निशाने पर अब केवल ईरान है जो हमास, हिज्बुल्ला और हूती विद्रोहियों के साथ मिलकर यहूदी देश से मोर्चा ले रहा है। आइए समझते हैं कि यह युद्ध किस ओर बढ़ रहा हैइजरायल पर 7 अक्तूबर के हमले के बाद अब यहूदी देश अब ईरान से सीधे दो-दो हाथ करने की तैयारी में है। ईरान ने लगातार दूसरी बार सैकड़ों मिसाइलों की बारिश करके अपनी ताकत से दुनिया को वाकिफ कराया है। इजरायल ईरान के सभी समर्थकों लेबनान में हिज्बुल्लाह, सीरिया, वेस्ट बैंक, गाजा, इराकी मिलिशिया और यमन के हूती विद्रोहियों से सख्ती से निपट रहा है। गाजा के बाद अब इजरायल की सेना लेबनान में भीषण हमले कर रही है। हिज्बुल्लाह के चीफ हसन नसरल्ला को मार गिराया है। वहीं हूतियों के खिलाफ भी जोरदार हमला बोला है।
अमेरिका और इजरायल का क्या है प्लान ?
विश्लेषकों का कहना है कि ये सभी ईरान के इशारे पर आक्टोपस की भुजाओं की तरह से इजरायल को जकड़ रहे थे लेकिन अमेरिका की मदद से इजरायल उन्हें करारा जवाब दे रहा है। पश्चिम एशियाई मामलों के विशेषज्ञ
कमर आगा ने एनबीटी ऑनलाइन से बातचीत में कहा कि 7 अक्टूबर के हमले के एक साल बाद यह युद्ध रुकने का नाम नहीं ले रहा है। इस युद्ध में अब ईरान कूदने की धमकी दे रहा है। ईरान खाड़ी में तेल की सप्लाई को रोकने की धमकी दे रहा है। ईरान यह पहले भी कर चुका है। अगर यह लड़ाई अगर खाड़ी के अन्य देशों में फैलती है तो बहुत लोग मारे जा सकते हैं।