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माई लॉर्ड, ऐसे जजों पर एक्शन लीजिए जो...; CJI को मिला ऐसा खत, पढ़कर वकील हो जाएंगे खुश

नई दिल्ली: अक्सर कोर्ट-कचहरी में जज साहब वकीलों को फटकारते नजर आते हैं. अदालतों में कभी वकीलों को फटकार लगाई जाती है तो कभी उन्हें नसीहत दी जाती है. मगर अब ऐसे जजों की शिकायत सीजेआई के पास पहुंच गई है. बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ को ऐसी चिट्ठी लिखी है, जिसे पढ़कर वकील भी खुश हो जाएंगे. बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने अपने खत में वकीलों का अनादर-अपमान करने वाले जजों की शिकायत की गई है.

 

बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने अपने खत में लिखा, ‘ऐसे जजों के खिलाफ एक्शन लिया जाना चाहिए, जो सुनवाई के दौरान वकीलों को फटकार लगाते हैं. या इस तरह की बातें कहते हैं, जिससे वकीलों का अपमान होता है.’ इतना ही नहीं, बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने न्यायिक अखंडता की रक्षा के लिए सुधारों की भी मांग की. खत में लिखा गया कि ऐसे घटनाओं से निपटने के लिए आचार संहिता स्थापित करने की तत्काल जरूरत है.बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) के अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा ने चिट्ठी लिखकर कहा कि शिष्टाचार बनाए रखने और यह सुनिश्चित करने पर ध्यान केंद्रित किया जाना चाहिए कि जज वकीलों, वादियों और अदालत के कर्मचारियों के साथ सम्मान पूर्वक और पेशेवर तरीके से बातचीत करें. दरअसल, 1 अक्टूबर को मद्रास हाईकोर्ट का एक वीडियो क्लिप वायरल होने के बाद यह चर्चा में आया.हाईकोर्ट के जस्टिस आर सुब्रमण्यम और जस्टिस एल विक्टोरिया गौरी की बेंच किसी मामले पर सुनवाई कर रही थी. वीडियो क्लिप में जस्टिस सुब्रमण्यम सीनियर एडवोकेट पी विल्सन को फटकार लगाते हुए दिख रहे हैं. जस्टिस सुब्रमण्यम को वीडियो में एडवोकेट विल्सन पर यह आरोप लगाते हुए देखा गया कि वह ट्रिक्स प्ले करते हैं और उन्हें केस से हटवा देते हैं. इस दौरान एडवोकेट विल्सन कई बार क्षमा मांगने की कोशिश भी करते हैं, लेकिन जज ने उनका मैटर सुनने से साफ मना कर दिया था.

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