डिप्टी सीएम से परहेज, 13 में 11 को बनाया कैबिनेट मंत्री, हरियाणा में बीजेपी ने क्यों किया यह नया प्रयोग?
चंडीगढ़: हरियाणा विधानसभा चुनावों में बीजेपी की हैट्रिक के बाद संभावना उभरी थी कि पार्टी डिप्टी सीएम के जरिए नए सामाजिक समीकरण साध सकती है, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। पंचकूला में भव्य शपथ समारोह में नायब सैनी ने 13 अन्य विधायकों ने शपथ ग्रहण की। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ एनडीए शासित राज्यों के सीएम और डिप्टी सीएम मौजूद रहे। बीजेपी ने नई सरकार में न सिर्फ डिप्टी सीएम परहेज किया बल्कि एक नया प्रयोग किया है। टीम नायब सैनी में मंत्री बने 13 मंत्रियों में 11 को कैबिनेट दर्जा मिला है। सिर्फ मंत्री ही कैबिनेट नहीं है लेकिन उन्हें राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार दिया गया है। 2014 के बाद हरियाणा में पहली बार ऐसा है जब तकनीकी तौर पर कोई राज्य मंत्री नहीं है।
इस बार सबसे कम राज्य मंत्री
हरियाणा में मनोहर लाल के दोनों कार्यकाल और नायब सैनी के पहले मंत्रीमंडल में राज्य मंत्रियों की संख्या अधिक थी, लेकिन इस बार जिन दो विधायकों (राजेश नागर और गौरव गौतम) को राज्यमंत्री बनाया गया है। उन्हें भी स्वतंत्र प्रभार रखा गया है। बीजेपी की पिछली सरकारों में राज्य मंत्रियों की संख्या अधिक रही है। कई राज्यों में डिप्टी सीएम का प्रयोग करके संतुलन साधने वाली बीजेपी ने हरियाणा में इस व्यवस्था से परहेज किया है। मुख्यमंत्री नायब सैनी की टीम में 11 कैबिनेट मंत्री हैं जो अभी तक सर्वाधिक हैं।
बीजेपी की पिछली तीन सरकारों में कब कितने मंत्री बने