देश-विदेश

भारत से युद्धविराम में मदद की मांग कर रहे ईरान-लेबनान, मिडिल ईस्ट की शांति में होगी भूमिका? समझें

तेल अवीव: भारत का मिडिल ईस्ट के देशों के साथ अच्छा संबंध है। खाड़ी के वह देश जो एक दूसरे के दुश्मन हैं उनके बीच में भी भारत ने बैलेंस बनाकर रखा है। अब भारत को एक मध्यस्थ की भूमिका निभाने के लिए कहा जा रहा है, जो उसके लिए कठिन हो सकता है। लेबनान ने अपने राजदूत डॉ. रबी नरश और ईरान ने अपने राजदूत डॉ. इराज इलाही के जरिए भारत से मिडिल ईस्ट में युद्धविराम कराने के लिए और भी ज्यादा सक्रिय भूमिका निभाने को कहा है। भारत को तनाव कम करने के लिए इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू पर दबाव बनाने को कहा जा रहा है।भारत लंबे समय से सीजफायर की मांग कर रहा है। विदेश मंत्री डॉ. जयशंकर ने अप्रैल में कहा था कि भारत इजरायल और ईरान दोनों से संपर्क में है। एक्सपर्ट्स का सवाल यह है कि क्या भारत ऐसे संघर्ष में कोई बदलाव ला सकता है, जहां कूटनीति अब तक आगे बढ़ने में विफल रही है और शत्रुता बढ़ती जा रही है। इजरायल के गाजा में ऑपरेशन से मानवीय संकट गहरा हुआ है। वहीं ईरान की ओर से 1 अक्टूबर को हमास के समर्थन में इजरायल पर हमला भी किया गया है। इसका जवाब देने की इजरायल ने कसम खाई है।

भारत से हैं अच्छे संबंध

भारत के इजरायल से संबंध बढ़े हैं। मिडिल ईस्ट के संघर्ष पर भारत के रुख की इजरायल तारीफ करता रहा है। रूस, फ्रांस और अमेरिका के बाद इजरायल भारत को सैन्य हार्डवेयर का चौथा सबसे बड़ा सप्लायर है। इतना ही नहीं 2017 में पहली बार पीएम नरेंद्र मोदी इजरायल का दौरा करने वाले पहले भारतीय पीएम थे। इजरायल से दोस्ती के साथ-साथ भारत ने खाड़ी के सुन्नी बाहुल्य देशों के साथ भी करीबी संबंध बनाकर रखे। वहीं शिया बाहुल्य ईरान से भी इसके ऐतिहासिक संबंध हैं।

बैलेंस बनाकर चलता है भारत

भारत ने युद्धरत देशों के साथ संतुलन बनाते हुए संयम बरतने का आग्रह किया है। पीएम मोदी ने संयुक्त राष्ट्र महासभा की वार्षिक बैठक के इतर 23 सितंबर को न्यूयॉर्क में फिलिस्तीनी प्राधिकरण के राष्ट्रपति महमूद अब्बास से मुलाकात की और फिलिस्तीन के लोगों के लिए अटूट समर्थन व्यक्त किया। इस मीटिंग के दौरान उन्होंने युद्धविराम और बातचीत का आह्वान किया। इसके बाद 30 सितंबर को इजरायली पीएम नेतन्याहू के साथ फोन पर बातचीत में उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ इजरायल की लड़ाई के लिए समर्थन व्यक्त किया और हमास की ओर से पकड़े गए बंधकों की सुरक्षित रिहाई की आशा की। 

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