Jharkhand Chunav 2024: हेमंत सोरेन ने आजसू को दिया तगड़ा झटका, JMM ज्वाइन करेंगे उमाकांत रजक
रांची: झारखंड में होने वाले 2024 के विधानसभा चुनाव से पहले एनडीए गठबंधन को बहुत बड़ा झटका लगा है। ऑल झारखंड स्टूडेंट्स यूनियन (आजसू) के बड़े नेता और पूर्व मंत्री उमाकांत रजक ने शुक्रवार, 18 अक्टूबर 2024 को पार्टी से इस्तीफा दे दिया। बताया जा रहा है कि वो जल्द ही झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) में शामिल हो सकते हैं और चंदनकियारी सीट से चुनाव लड़ सकते हैं। रजक ने इस्तीफे के पीछे पार्टी द्वारा टिकट न दिए जाने की बात कही है।
जेएमएम में शामिल होंगे उमाकांत रजक
यह खबर बोकारो से आई है, जहां से उमाकांत रजक ने आजसू पार्टी के केंद्रीय उपाध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया। इस्तीफ़ा देने के बाद वह अपने समर्थकों के साथ रांची रवाना हो गए, जहां उनके झामुमो में शामिल होने की उम्मीद है। पिछले कुछ दिनों से उनके पार्टी छोड़ने और झामुमो में जाने की अटकलें लगाई जा रही थीं। हालांकि, रजक ने इस बारे में कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा, 'यहां कुछ नहीं बोलेंगे, जो भी बोलना होगा वह रांची में जाकर बोलेंगे।' टिकट न मिलने के बारे में उन्होंने कहा, 'पार्टी ने टिकट नहीं दिया तो इस्तीफा देना ही पड़ा।' हालांकि, उन्होंने झामुमो में शामिल होने की बात पर चुप्पी साध ली। माना जा रहा है कि झामुमो उन्हें चंदनकियारी सीट से अपना उम्मीदवार बना सकती है। इससे पहले चंदनकियारी से झामुमो के पूर्व प्रत्याशी विजय रजवार भी अपने समर्थकों के साथ रांची गए थे, लेकिन मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने उन्हें टिकट का कोई आश्वासन नहीं दिया। इसके बाद से ही उमाकांत रजक के झामुमो में शामिल होने की अटकलें तेज हो गई थीं।उमाकांत रजक लंबे समय से मजदूर नेता रहे हैं। वो बोकारो स्टील के कर्मचारी भी रहे हैं और अलग झारखंड राज्य के आंदोलन में भी उनकी अहम भूमिका रही है। राजनीतिक करियर की शुरुआत उन्होंने झामुमो से ही की थी। वर्ष 2005 में पहली बार उन्होंने झामुमो छोड़कर चुनाव लड़ा था। इसके बाद 2009 में वे चंदनकियारी से विधायक बने और राज्य के श्रम मंत्री भी रहे। हालाँकि, 2014 और 2019 में उन्हें चुनावी हार का सामना करना पड़ा।