देश-विदेश

अगर शेख हसीना को नहीं सौंपा तो... बांग्लादेश की यूनुस सरकार ने भारत को दिखाई आंख, प्रत्यर्पण को लेकर कही ये बात

ढाका,बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के भारत में रहने को लेकर ढाका की बयानबाजी तनाव को बढ़ा रही है। बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के कानून सलाहकार आसिफ नजरुल ने कहा है कि अगर भारत शेख हसीना को प्रत्यर्पित करने से इनकार करता है तो उनका देश इसका कड़ा विरोध करेगा। नजरुल का बयान बांग्लादेश के अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (ICT) के हसीना के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी करने के बाद आया है।

'भारत प्रत्यर्पण के लिए बाध्य'

न्यायाधिकरण ने अधिकारियों को 18 नवम्बर तक शेख हसीना और 45 सह-आरोपियों को पेश करने का आदेश दिया है। शेख हसीना बड़े पैमाने पर सरकारी विरोधी प्रदर्शनों के बीच बीती 5 अगस्त को अपदस्थ होने के बाद भारत भाग गई थीं। गुरुवार देर शाम को बांग्लादेश के एक चैनल से बात करते हुए आसिफ ने कहा कि उनके पास कई कानूनी व्यवस्थाएं होंगी, लेकिन 'अगर भारत ईमानदारी से व्याख्या करता है तो भारत निश्चित रूप से हसीना को (बांग्लादेश) वापस भेजने के लिए बाध्य है।'

भारत में मौजूद हैं शेख हसीना

बांग्लादेश और भारत के बीच पहले ही प्रत्यर्पण संधि है। गुरुवार को नई दिल्ली में भारतीय विदेश मंत्रालय ने हसीना की वर्तमान स्थिति के बारे जानकारी देते हुए बताया, 'जैसा कि हमने पहले कहा था, वह सुरक्षा कारणों से बहुत कम समय के नोटिस पर यहां आई थीं और वब अभी भी यहां हैं।' 5 अगस्त को बांग्लादेश से भागकर शेख हसीना दिल्ली के पास हिंडन एयरबेस पर उतरीं थीं। इसके बाद उन्हें अज्ञात स्थान पर ले जाया गया और तब से सार्वजनिक रूप से नहीं देखा गया।

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