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समंदर को तो छोड़ दे इंडिया... भारत की परमाणु पनडुब्बी देख पाकिस्तानी नेवी कोमोडोर की गुहार, बताई भारतीय नौसेना की ताकत

इस्लामाबाद: भारत ने पिछले सप्ताह चुपचाप अपनी चौथी परमाणु चालित बैलिस्टिक मिसाइल (SSBN) पनडुब्बी समुद्र में लॉन्च की थी। इसे भारतीय नौसेना की ताकत को बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है। 16 अक्तूबर को लॉन्च की गई एसएसबीएन का कोड नाम S4* है। यह परमाणु बैलिस्टिक मिसाइल ले जाने में सक्षम है, जिसकी रेंज 3500 किलोमीटर है। भारत की इस नई ताकत पर पाकिस्तान नेवी के सेवानिवृत्त कोमोडोर ने प्रतिक्रिया दी है। इसके साथ ही उन्होंने पाकिस्तान नेवी की योजना का भी खुलासा किया है।

परमाणु पनडुब्बी को बताया गैरजरूरी

भारत की न्यूक्लियर सबमरीन पर पाकिस्तानी पूर्व नेवी अधिकारी ने कहा, 'मेरे ख्याल में इसकी जरूरत नहीं है। अगर आपके पास पारंपरिक पनडुब्बी है जो मिसाइल और टारपीडो फायर कर सकती है, फिर न्यूक्लियर सबमरीन रखने की क्या जरूरत है?' दोनों सबमरीन अंतर बताते हुए उन्होंने कहा कि 'न्यूक्लियर सबमरीन कई महीने पानी के अंदर रह सकती है, जबकि पारंपरिक पनडुब्बी को हर 12-14 घंटे के बाद ऊपर आना होता है।' 

'समंदर को छोड़ दे इंडिया'

साजिद शहजाद ने कहा कि मैं हमेशा कहता हूं कि जमीन पर हमने तबाही का काफी हथियार जमा कर रखा है। बड़ी जंगें लड़ ली हैं। अब समंदर को तो रहने ही दें। जहाज चलते हैं, पूरी दुनिया में ट्रेड होती है। वहां भी हम जंग लेकर जाना चाहते हैं। वहां भी हम हथियारों की रेस में शामिल होना चाहते हैं, एक दूसरे से लड़ना चाहते हैं। इसको जमीन तक ही रहने दें।

भारत की नेवी पांच गुना बड़ी

पाकिस्तानी पूर्व सैन्य अधिकारी ने कहा कि अगर तुलना करें तो इंडियन नेवी पाकिस्तान की नौसेना से पांच गुना बड़ी है। लेकिन इतनी बड़ी नौसेना रखने की भारत को जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि भारत अपने आपको दुनिया में महाशक्ति साबित करना चाह रहा है, इसलिए सेना के आधुनिकीकरण पर अंधाधुंध पैसा खर्च कर रहा है। वे लगातार अपनी नेवी को बढ़ा रहे हैं और इतनी ज्यादा बढ़ा ली है, जिसकी जरूरत ही नहीं है।

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