India-China Trade: सीमा विवाद में क्यों झुक गया चीन? देख लीजिए ये आंकड़े, सब समझ में आ जाएगा
नई दिल्ली: भारत और चीन के सेनाओं के बीच कई साल से सीमा पर तनातनी बनी हुई है। दोनों देशों ने पूर्वी लद्दाख में गतिरोध को खत्म के लिए हाल में एक समझौता किया है। हालांकि इस गतिरोध का दोनों देशों के व्यापार पर कोई असर नहीं पड़ा है। अप्रैल-अगस्त के दौरान चीन से आयात में 11 फीसदी बढ़ोतरी हुई है। इसमें मुख्य रूप से कंप्यूटर, टेलिकॉम पार्ट्स और उनके कंपोनेंट्स की अहम भूमिका है। इस दौरान दवाओं में यूज होने वाले रसायनों के इम्पोर्ट में कमी देखी गई है। अप्रैल-अगस्त के दौरान भारत का चीन से आयात लगभग 11% बढ़कर 46.6 अरब डॉलर हो गया। पिछले साल समान अवधि में यह 42 अरब डॉलर था।
चीन से आयात में 1.5 अरब डॉलर की बढ़ोतरी कंप्यूटर और मशीनरी के आयात में बढ़ोतरी के कारण हुई है। वाणिज्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक विद्युत मशीनरी, इलेक्ट्रॉनिक्स और टेलिकॉम गेयर्स के कारण चीन से आयात 3.2 अरब डॉलर बढ़ गया। थिंक टैंक जीटीआरआई के चीन से आयात होने वाले सामान में 10 तरह का आइटम्स की हिस्सेदारी 83.8% है और अप्रैल-अगस्त 2024 के दौरान इनमें औसतन 14.7% की वृद्धि देखी। चीन से होने वाले आयात में इलेक्ट्रॉनिक्स, मशीनरी और कार्बनिक रसायन की दो-तिहाई हिस्सेदारी है।