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लद गए अच्‍छे दिन! पिछले 3-5 साल वाले रिटर्न भूल जाएं तो अच्‍छा... बिगड़े हालात में दिग्‍गज ने दी चेतावनी

नई दिल्‍ली: कोटक एएमसी के एमडी निलेश शाह ने निवेशकों को आगाह किया है। उनका मानना है कि पिछले तीन से पांच सालों में जो रिटर्न मिला है, वो अगले तीन से पांच सालों में मिलने की संभावना नहीं है। जनवरी 2020 से सितंबर 2024 तक पांच सालों में व्‍यापक बाजार में लगभग 21% रिटर्न मिला। वहीं, स्मॉल और मिडकैप में यह लगभग 30% रहा। अगले तीन या पांच वर्षों में यह रिटर्न दोहराए जाने की संभावना नहीं है। अगर भारत विकास करता रहा और दूसरे समकक्ष देश खुद ही अपने पैरों पर कुल्हाड़ी मारते रहे तो भी रिटर्न निचले दोहरे अंकों में ही रह सकता है।

निलेश शाह ने कहा है कि ग्‍लोबल इन्‍वेस्‍टर के पास निवेश करने के लिए बहुत व्यापक विकल्प हैं। स्थानीय निवेशक भारत में निवेश करने के लिए बाध्य हैं। वैश्विक निवेशक अक्सर कम या ज्यादा आते-जाते रहते हैं।

नहीं म‍िलेगा वो वाला र‍िटर्न

पिछले तीन वर्षों में डबल डिजिट में रिटर्न मिला है। अगले तीन साल में क्या दोहरे अंकों में रिटर्न मिलेगा? इस पर निलेश शाह ने आशंका जाहिर की। उन्‍होंने कहा, 'मेरे मन में भ्रम है। मुझे पूरा यकीन है कि पिछले तीन से पांच सालों में हमें जो रिटर्न मिला है, वो अगले तीन से पांच सालों में मिलने की संभावना नहीं है।'

निलेश शाह ने कहा कि जनवरी 2020 से सितंबर 2024 तक पांच सालों में व्यापक बाजार में लगभग 21% और स्मॉल और मिडकैप में लगभग 30% से अधिक का रिटर्न मिला है। अगले तीन या पांच वर्षों में इन रिटर्न के दोहराए जाने की संभावना नहीं है।

कम डबल ड‍िज‍िट र‍िटर्न भी तब जब...

क्या रिटर्न अभी भी दोहरे अंक में कम रह सकता है? इस पर शाह ने कहा है कि इसकी संभावना जरूर है। बशर्ते भारत विकास करता रहा और दूसरे लोग अपनी ही गलतियों से सीखते रहे। विदेशी निवेशकों ने कोविड के समय अक्टूबर 2021 से जून 2022 रूस-यूक्रेन युद्ध के समय भारी बिकवाली की थी। हर बार बिकवाली के बाद वे आक्रामक तरीके से खरीदारी करने के लिए वापस आते हैं। इस बार भी एक महीने में उन्होंने उतनी बिक्री कर दी जितनी वे एक साल में करते थे।

निलेश शाह ने कहा, अब स्थानीय निवेशकों की भारी बिकवाली को मिलाने के बाद अगर वे खरीदारी करने आते हैं तो निश्चित रूप से कम दोहरे अंकों में रिटर्न संभव है। लेकिन, उन रिटर्न को प्राप्त करने के लिए हमें अपने साथियों से बेहतर करना होगा। हमारे शासन मानक हमारे समकक्षों से बेहतर होने चाहिए। हमें चुपचाप प्रार्थना करनी होगी कि हमारे प्रतियोगी, हमारे साथी अपनी ही गलतियों से सीखते रहें।

 

 

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