देश-विदेश

भारत का न्यूट्रास्युटिकल उद्योग समर्थन देने वाली पहलों के साथ वैश्विक विकास के लिए तैयार

नई दिल्ली। अनुमान है कि वैश्विक पौष्टिक-औषधीय खाद्य पदार्थ (न्यूट्रास्युटिकल) बाजार वर्तमान में लगभग 400 बिलियन डॉलर का है, जिसमें खाद्य, औषधि और जैव प्रौद्योगिकी के क्षेत्र शामिल हैं। भारत एक प्रमुख देश के रूप में उभर कर सामने आया है, जिसे विशेष रूप से आयुर्वेद के साथ पारंपरिक ज्ञान की अपनी समृद्ध विरासत और एक विशिष्ट इकोसिस्टम का समर्थन प्राप्त है, जो इस क्षेत्र में विकास को बढ़ावा देता है। हालाँकि, भारत की हिस्सेदारी वैश्विक स्तर पर 2% से कम है, जिसका मुख्य कारण भारतीय मंत्रालयों के भीतर उद्योग वर्गीकरण की कमी है, जिससे लक्षित क्षेत्र का समर्थन सीमित हो जाता है।

इस क्षेत्र की अपार संभावनाओं की पहचान करते हुए, वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) ने नवंबर 2021 में भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार की अध्यक्षता में एक न्यूट्रास्युटिकल सेक्टर टास्क फोर्स (टीएफ) का गठन किया। इस टास्क फोर्स में वाणिज्य विभाग, औषध विभाग, भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई), आयुष मंत्रालय और खाद्य प्रसंस्करण मंत्रालय सहित विभिन्न मंत्रालयों के प्रतिनिधि शामिल हैं। टास्क फोर्स में उद्योग जगत का भी महत्वपूर्ण प्रतिनिधित्व है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि उद्योग जगत की चिंताओं और चुनौतियों का सीधे समाधान किया जाएगा। टास्क फोर्स के कार्यादेश में चुनौतियों का समाधान करने के लिए नीतिगत उपाय प्रस्तावित करना और “नामकरण की सामंजस्यपूर्ण प्रणाली” और अन्य अंतरराष्ट्रीय मानकों की दिशा में पहल करना शामिल हैं।

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