डोनाल्ड ट्रंप का खौफ? इजरायल को धमकी दे रहा लेकिन हमला नहीं कर रहा ईरान, समझे शिया मुल्क के डर की वजह
तेहरान/यरुशलम: ईरान ने बार-बार कहा है कि वह इजरायली हवाई हमले का जवाब देगा। अमेरिका में बीते 5 नवम्बर को होने वाले चुनाव के पहले तो यहां तक आशंका जताई जा रही थी कि तेहरान चुनाव वाली रात को हमला कर सकता है। इसकी वजह भी थी। ईरान के लिए यह सही मौका था, क्योंकि अमेरिका का ध्यान अपनी घरेलू राजनीति में था। लेकिन तमाम धमकियों के बाद अभी तक ईरान ने हमला नहीं किया है। आखिर इसकी वजह क्या है?
ईरान ने इसी साल अप्रैल में इजरायल पर हमला किया था। उसके बाद उसने 1 अक्तूबर को फिर से हमला किया। तेहरान ने इजरायल के ऊपर 180 बैलिस्टिक मिसाइलें बरसाईं, जिनमें कई इजरायली क्षेत्रों के अंदर आकर गिरीं। इजरायल ने जवाबी कार्रवाई की और 26 अक्तूबर को ईरान पर सबसे अपना सबसे बड़ा हवाई हमला बोला। इजरायल ने ईरान के सैन्य ठिकानों के साथ ही शिया शासन की मिसाइल सुविधाओं को निशाना बनाया।
ईरान लगातार दे रहा हमले की धमकी
इसके बाद से ही ईरान एक बार फिर इजरायल पर हमला करने की धमकी दे रहा है। इस बीच 5 नवम्बर को हमले की योजना के बारे में अफवाह उड़ी, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। ईरान के इस्लामिक रिपब्लिक गार्ड कोर (IRGC) के जुड़े टेलीग्राम चैनलों पर इराक, सीरिया और यमन से ड्रोन हमलों की अफवाहें सामने आईं, लेकिन अब सब थम गया है।
आईआरजीसी ने दी है धमकी
हालांकि, ईरान पूरी तरह से चुप नहीं हुआ है। आईआरजीसी के डेप्युटी कमांडर अली फदावी ने 6 नवमब्र को एक धमकी भरा बयान दिया। आईआरजीसी के जुड़े तस्नीम न्यूज जैसे ईरानी न्यूज चैनलों पर भी इजरायल को लेकर चर्चा है। तस्नीम न्यूज ने हिजबुल्लाह की लंबी दूरी की मिसाइलों के बारे में लेख के जरिए इजरायल को डराने की कोशिश की है। हाल ही में हिजबुल्लाह ने इजरायल में लंबी दूरी के लक्ष्यों को निशाना बनाने हुए रॉकेट हमले तेज कर दिए हैं।
हिजबुल्लाह के भरोसे ईरान
सवार यह है कि क्या ईरान सीधे इजरायल पर हमला करेगा। ऐसा लगता है कि ईरान हमलों को अंजाम देने के लिए हिजबुल्लाह पर निर्भर है। इज़राइली वायु सेना के लगातार हमलों के बावजूद हिजबुल्लाह ने अपने अभियान तेज किया है। रिपोर्ट आई थी कि ईरान इराक से भी इजरायल पर हमला कर सकता है। पिछले कुछ सप्ताह से ईरान समर्थित इराकी मिलिशिया लगातार धमकी दे रहे हैं।