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अपने नागरिकों पर हमलों से भड़के चीन को समझाने में जुटा पाक, डिंग से मिले शहबाज, दिलाया बड़ा भरोसा

इस्लामाबाद: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने चीनी सरकार को भरोसा दिलाया है कि उसके नागरिकों की सुरक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाएंगे। पाक पीएम शरीफ की बुधवार को अरजबैजान की राजधानी बाकू में COP29 जलवायु शिखर सम्मेलन के दौरान चीन के डिप्टी पीएम डिंग जुएजियांग से मुलाकात की है। शरीफ ने डिंग को आश्वस्त किया कि पाकिस्तान आतंकवाद को खत्म करने और चीनी नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

शहबाज शरीफ की चीन के डिप्टी पीएम के साथ ये मुलाकात ऐसे समय हुई है, जब चीनी सरकार पाकिस्तान में अपने नागरिकों की सुरक्षा को लेकर भड़की हुई है। हालिया महीनों में पाकिस्तान में लगातार चीनी कर्मचारियों पर अटैक हुए हैं। इससे खफा चीनी सरकार ने पाकिस्तान में अपने नागरिकों की सिक्योरिटी के लिए अपने सुरक्षा बलों को भेजने की भी बात उठाई है। चीन के इस प्रस्ताव से पाकिस्तान में काफी हलचल है और शरीफ सरकार दबाव में है।

शरीफ ने दिलाया चीन को भरोसा

बाकू में शिखर सम्मेलन से इतर एक बैठक के दौरान शरीफ ने चीनी कर्मचारियों और नागरिकों को सुरक्षित करने के लिए सरकार के प्रयासों के बारे में डिंग जुएजियांग को बताया। पाक पीएम के कार्यालय से जारी बयान में कहा गया है कि शरीफ ने आतंकवाद के खतरे को पूरी तरह से खत्म करने के लिए सरकार के कदमों पर चीनी नेता के साथ बातचीत की। साथ ही पाकिस्तान और चीन के संबंधों का जिक्र करते हुए चीन को पाकिस्तान का दीर्घकालिक मित्र बताया।

पाकिस्तान में चीन के निवेश वाली परियोजनाओं, खासतौर से अरबों डॉलर के चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (सीपीईसी) प्रोजोक्ट पर काम कर रहे चीनी नागरिक निशाने पर हैं। पाकिस्तान के कराची हवाई अड्डे के पास बीते महीने एक आत्मघाती बम विस्फोट में दो चीनी इंजीनियरों की मौत हो गई थी। इससे पहले में खैबर पख्तूनख्वा में एक हमले में पांच चीनी इंजीनियरों की जान गई थी। इन घटनाओं के बाद चीनी सरकार ने पाकिस्तान में अपने नागरिकों की सुरक्षा के बारे में चिंता जताई है।

चीनी नागरिकों पर बढ़ते हमलों के बाद बीजिंग ने पाकिस्तान पर अपने स्वयं के सुरक्षा कर्मचारियों को देश में काम करने वाले हजारों चीनी नागरिकों को सुरक्षा प्रदान करने की अनुमति देने के लिए दबाव डाल रहा है। चीनी अपनी सुरक्षा खुद लाना चाहते हैं। इस पर पाकिस्तान सरकार फिलहाल सहमत नहीं हो रही है। 

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