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रूसी Su-57 बनाम चीनी J-35... अमेरिकी F-35 को टक्कर देने के लिए रेस लगा रहे रूस और चीन,

बीजिंग:अंतरराष्ट्रीय बाजार में रेस लगा रहे दो लड़ाकू विमान रूसी SU-57 फेलन और चीनी J-35 चीन के झुहाई में चल रहे वार्षिक एयर शो में उड़ान भर रहे हैं। दोनों विमान निर्यात के लिए बाजार में हैं और इनका मुकाबला अमेरिकी एफ-35 से होना है, जो पहले ही अपनी क्षमता साबित करके दुनिया भर की वायु सेनाओं की पसंद बना हुआ है। रूसी फेलन ने पहली बार किसी दूसरे देश के एयर शो में भाग लिया है, जो रूस और चीन के बीच गहरे रिश्तों को दिखाता है।

चीन का चोरी का स्टील्थ फाइटर

जे-35 बीजिंग का दूसरा स्टील्थ फाइटर जेट है, जिसके बारे में दावा है कि इसे अमेरिकी तकनीक को चोरी करके बनाया गया है। जे-35 ने 12 नवम्बर को झुहाई एयर शो में उड़ान भरी। चीन इसके साथ ही दो पांचवीं पीढ़ी के विमान रखकर अमेरिका के बराबर पहुंच गया है। चीन के पास अन्य पांचवीं पीढ़ी का विमान चेंगदू जे-20 है। वहीं, Su-57 शीत युद्ध की समाप्ति के बाद से रूस का पहला नया लड़ाकू विमान है। दो दशकों से इसके विकास पर काम चल रहा है। हालांकि, इसके जल्द ही बड़ी संख्या में उत्पादन की संभावना नहीं है, क्योंकि यूक्रेन युद्ध के चलते रूसी अर्थव्यवस्था पर बहुत दबाव है।

J-20 के बाद चीन का दूसरा स्टील्थ जेट जे-35 अमेरिका के F-35 और F-22 की बराबरी करने के प्रयास का हिस्सा है। J-35 का चीन के विमानवाहक पोत के बेड़े पर तैनात किया जाएगा। चीन जे-35 का निर्माण निर्यात को रखकर में भी कर रहा है। पाकिस्तान इस विमान में अपनी दिलचस्पी दिखा सकता है। इसमें जे-20 में इस्तेमाल की गई तकनीक को शामिल किया गया है।

भारत को Su-57 की पेशकश

SU-57 के निर्यात के लिए रूस भारत के साथ जोर लगा रहा है, लेकिन भारतीय वायु सेना के इसे लेकर हिचकने के पीछे उत्पादन प्रमुख वजह है। 2010 में इसकी पहली उड़ान के बाद से 14 साल हो चुके हैं और अभी तक 40 से भी कम विमान डिलीवर हुए हैं। यह मुख्य रूप से डिजाइन और विकास में देरी और पश्चिमी प्रतिबंधों के कारण उत्पादन की धीमी दर के कारण है। इसका वास्तविक उत्पादन 2019 तक भी नहीं शुरू हुआ था।

फेलन और जे-35 में कौन आगे?

चीन के झुहाई एयरशो में उड़ाने भरने के बाद फेलन के डिजाइल की आलोचना की गई है। चीनी सोशल मीडिया पर इसके डिजाइल को लेकर निशाना साधा गया है। पहला Su-57 2019 में पूर्वी रूस में एक फाइट टेस्ट को अंजाम देते समय दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। यह Su-57 का पहला नुकसान था। दुर्घटना के कारण विमान को रूसी एयर फोर्स में शामिल होने में देरी हुई। जब रूस ने 2022 में यूक्रेन पर हमला किया, तो उसकी तैनाती में सुखोई Su-30SM और Su-35 लड़ाकू विमान, Su-34 स्ट्राइक विमान और Su-25 क्लोज एयर सपोर्ट जेट शामिल थे, लेकिन Su-57 में से कोई भी शामिल नहीं था।

चीन का दूसरा स्टील्थ विमान J-35 झुहाई एयर शो में आकर्षण का केंद्र बना है। इस विमान को 'मध्यम आकार का स्टील्थ बहुउद्देश्यीय लड़ाकू विमान' बताया गया है। विमान के प्रदर्शन या क्षमताओं के बारे में बहुत कम जानकारी उपलब्ध है। लेकिन कई लोग लॉकहीड मार्टिन के F-35 से समानता की ओर इशारा करते हैं। जे-35 का विकास निर्यात को ध्यान में रखकर किया गया है। 

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