भारत की यात्रा कर रहे लोगों की 'विशेष जांच'... कनाडा फिर लेकर आया नया शिगूफा, आखिर क्या है मकसद?
ओटावा:कनाडा की जस्टिन ट्रूडो के नेतृत्व वाली सरकार में ट्रांसपोर्ट मंत्री अनीता आनंद का कहना है कि उनका मंत्रालय भारत की यात्रा करने वाले लोगों के लिए सुरक्षा उपाय बढ़ाएगा। उन्होंने भारत की यात्रा करने वाले लोगों की जांच में 'अत्यधिक सावधानी' बरतने की बात कही है। अनीता ने सोमवार को एक बयान जारी करते हुए ये जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि ट्रांसपोर्ट कनाडा ने भारत आने वाले यात्रियों के लिए अतिरिक्त सुरक्षा जांच उपाय अस्थायी तौर पर लागू किए हैं।
कनाडा सरकार के सुरक्षा के जुड़े इन नए उपायों के लागू रहने के दौरान यात्रियों को स्क्रीनिंग में कुछ देरी का सामना करना पड़ सकता है। एक सरकारी अधिकारी ने सीबीसी न्यूज को बताया कि अतिरिक्त उपाय कैनेडियन एयर ट्रांसपोर्ट सिक्योरिटी अथॉरिटी (सीएटीएसए) की ओर से किए जा रहे हैं। ये कनाडा में हवाई अड्डों के प्रतिबंधित क्षेत्रों में प्रवेश करने से पहले यात्रियों और उनके सामान की स्क्रीनिंग के लिए जिम्मेदार एजेंसी है।
जांच में क्या-क्या शामिल?
सीएटीएसए की ओर से जाने वाली स्क्रीनिंग में किसी व्यक्ति का पता लगाने की आवश्यकता होने पर हाथ की जांच करना, एक्स-रे मशीनों से कैरी-ऑन बैग भेजना और यात्रियों की शारीरिक जांच करना शामिल है। आनंद के कार्यालय के बयान का किसी भी घटना से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने कोई विशेष वजह इस फैसले की नहीं बताई है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर क्यों कनाडा ने ये फैसला लिया है। इसके पीछे उसका मकसद क्या है।
कनाडा की ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर की यह घोषणा आरसीएमपी के इस दावे के एक महीने बाद आई है कि भारत सरकार के एजेंट कनाडा में हत्या, जबरन वसूली और धमकी जैसे अपराधों में शामिल थे। कनाडा और भारत के संबंधों में हालिया समय में हुआ तनाव लगातार बना हुआ है। बीते महीने, अक्टूबर में छह भारतीय राजनयिकों को कनाडा छोड़ना पड़ा है।
हालिया तनाव तब बढ़ा था, जब आरसीएमपी आयुक्त माइक ड्यूहेम ने दक्षिण एशियाई समुदाय के सदस्यों, विशेष रूप से खालिस्तान समर्थक आंदोलन के सदस्यों के लिए 'विश्वसनीय' खतरों की बात की थी। भारत ने आरसीएमपी के आरोपों से इनकार किया है और तुरंत जवाबी कार्रवाई करते हुए छह कनाडाई राजनयिकों को देश छोड़ने का आदेश दिया है।