राजस्थान के 'थप्पड़कांड' मामले में सचिन पायलट की एंट्री, भजनलाल सरकार पर किया बड़ा अटैक
जयपुर:राजस्थान के उपचुनाव के दिन 'थप्पड़ कांड' से समरावता में हुई हिंसा को लेकर सियासत के पारे में उबाल जारी है। इधर, कैबिनेट मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने राज्य मंत्री से मिलकर मामले की संभागीय आयुक्त से जांच करवाने की बात कही। इस पर कांग्रेस के दिग्गज और टोंक विधायक सचिन पायलट ने भी समरावता मामले में बयान देकर एंट्री कर ली है। पायलट ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए किरोड़ीलाल मीणा के खिलाफ उन्हें घेरने वाला बयान दिया। उन्होंने सवाल उठाया की आखिर सरकार करना क्या चाहती है? पायलट ने सरकार पर निशाना साधा है कि संभागीय आयुक्त की जांच से कोई परिणाम नहीं आने वाला है।
पायलट बोले- आखिर सरकार करना क्या चाहती है?
बीते दिनों 13 नवम्बर को समरावता में हुई हिंसा को लेकर सियासत में लगातार बवाल जारी है। इधर, महाराष्ट्र से लौटने के बाद सचिन पायलट ने भी इस मामले में एंट्री कर ली है। उन्होंने जयपुर में मिडिया से बातचीत में कहा कि समरावता हिंसा मामले में सरकार करना क्या चाहती है? कुछ पता नहीं है, पहले सुनने में आया कि इस मामले में न्यायिक जांच होगी, लेकिन अब कह रहे हैं कि संभागीय आयुक्त इसकी जांच करेंगे, पता नहीं सरकार क्या चाहती है। उन्होेंने कहा कि जांच इस बात की होनी चाहिए कि ये घटना क्या जानबूझ कर की गई? या किसे फायदा पहुंचाने के लिए माहौल खराब किया गया?
निष्पक्ष परिणाम तो न्यायिक जांच से ही आएगा
पायलट ने सरकार और मंत्री किरोड़ी लाल को घेरते हुए निशाना बनाया। उन्होंने कहा कि सरकार अब संभागीय आयुक्त से जांच करवाने की बात कर रही है, लेकिन इसकी सही जांच तो न्यायिक जांच से ही होगी। उन्होंने कहा कि संभागीय आयुक्त की जांच का कोई परिणाम सामने आने वाला नहीं है। पायलट ने संभागीय आयुक्त की जांच पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकारी अधिकारी अपने ही अधिकारियों की करतूत की क्या जांच करेंगे। इसलिए निष्पक्ष परिणाम तो न्यायिक जांच से ही आएगा। उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा कि चाहे कोई भी हो, किसी भी पार्टी से हो हिंसा करना गलत है। मैंने पहले भी कहा था, दोबारा कह रहा हूं हिंसा करने वाले के साथ नहीं हूं।