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'मोहन दास' पर रिसर्च करने पहुंची टीम, मिली मौत की खबर

नई दिल्ली : जिस मोहन दास उपन्यास पर प्रसिद्ध लेखक उदय प्रकाश को साहित्य अकादमी पुरस्कार मिला था, और जिसे उन्होंने वापस कर दिया था, उसके पात्र मोहन दास (शोभा लाल) की पिछले हफ्ते मौत हो गई। यह उपन्यास मध्य प्रदेश के जतहरी के पास रहने वाले एक शोभा लाल पर लिखा गया था। सोमवार को जब मोहन दास पर रिसर्च करने के लिए जर्मनी की हाइडलबर्ग यूनिवर्सिटी से आईं एक रिसर्चर रीका मैकग्रेथ उस मोहन दास (शोभा लाल) से मिलने पहुंचीं, तो उन्हें उनकी मौत की खबर मिली।

जानिए कैसे हुई शोभा लाल की मौत

रीका मैकग्रेथ ने बताया कि 23 नवंबर को कहानी के उस पात्र की मौत किडनी फेलियर से हो गई, जिसका नाम कहानी में मोहन दास था। इसी उपन्यास में मोहन दास की मदद एक वकील पात्र हर्षवर्धन सोनी ने की है, जिनका असली नाम विजेंद्र सोनी है। पेशे से वकील विजेंद्र सोनी ने बताया कि मोहन दास सिर्फ उनके एक पक्षकार ही नहीं थे, बल्कि वकालत के जीवन की पाठशाला भी थे। उन्होंने बताया कि टेलीफोन में उनके बेटे से हुई बात के बाद मन बहुत उदास है।

लेखक उदय प्रकाश ने क्या कहा

लेखक उदय प्रकाश ने बताया कि वो इस समय अपने गांव में हैं, जहां उनके साथ मोहन दास पर रिसर्च करने वाली रीका मैकग्रेथ भी हैं। उन्हें ‘मोहन दास’ से मिलने उनके गांव जाना था, लेकिन रात नौ बजे के आसपास यह स्तब्ध करने वाली सूचना उन्हें मिली। अब वह अपनी रिसर्च में मोहन दास के मौत के बाद की कहानी पर काम करेंगी, जिसमें उदय प्रकाश भी उनका साथ देंगे। बता दें कि उदय प्रकाश का उपन्यास मोहन दास जर्मनी की हाइडलबर्ग, अमेरिका के शिकागो, कोलंबिया और येल सहित दुनिया के कई विश्वविद्यालयों के साहित्यिक पाठ्यक्रम में शामिल है।

हालांकि उपन्यास में भी जिस तरह से मोहन दास की मौत हुई है, असली मोहन दास की मौत भी उससे ज्यादा अलग नहीं थी। उदय प्रकाश ने बताया कि मोहन दास को बहुत दिनों से किडनी में समस्या की शिकायत थी और इलाज कराने के लिए उन्हें कहीं से कोई मदद नहीं मिली। उन्होंने बताया कि यह एक ऐसी सूचना है, जो रचना, रचनाकार, पात्र और कथानक की अविभक्त या अविभाज्य अंतरसंबंध का एक उदाहरण है। 

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