संविधान दिवस पर सेंट्रल हॉल में पुराने साथियों के साथ दिखी गर्मजोशी, बीजेपी ने राहुल पर लगाया बड़ा आरोप
नई दिल्ली: सेंट्रल हॉल में भारत के संविधान के लागू होने के 75 साल पूरे मौके पर आयोजित एक कार्यक्रम में जहां एक ओर पुराने साथियों में गर्मजोशी दिखाई दी, वहीं अपने रुख को लेकर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी बीजेपी के निशाने पर आ गए हैं। बीजेपी ने उन पर राष्ट्रपति के अनादर का आरोप लगाया है। दरअसल, मामला कुछ यूं हुआ कि कार्यक्रम खत्म होने के बाद जब राष्ट्रपति द्रौपदी मूर्मु मंच मौजूद लोगों से अभिवादन स्वीकार कर रही थीं। उसी दौरान राहुल गांधी ने मंच से उतरना चालू कर दिया।
जब राहुल गांधी ने खरगे को दिया हाथ का सहारा
हालांकि राहुल गांधी के आगे राज्यसभा में उपसभापति हरिवंश थे, उनके पीछे-पीछे राहुल भी आगे बढ़ गए। वहीं सदन में राहुल गांधी अपने पार्टी के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को हाथ का सहारा देकर मंच की सीढ़ियां उतरने में मदद करते दिखाई दिए। आगे बढ़ चुके राहुल गांधी ने जब देखा कि खरगे पीछे रह गए हैं तो वह लपक कर आगे बढ़े और उन्हें अपना हाथ बढ़ाकर सीढ़ी उतारने में मदद करते दिखे। हालांकि सीढ़ियां उतरने के बाद कुछ पलों बाद खरगे ने फिर राहुल का हाथ पकड़कर आगे चलना शुरू कर दिया।
सिंधिया से मिले राहुल, हाथ भी मिलाया
दूसरी ओर सदन में कुछ पुराने साथी भी आपस में मिलते दिखाई दिए। जब राहुल खरगे का हाथ पकड़कर आगे बढ़े तो उनकी नजरें पहली लाइन में मौजूद ज्योतिरादित्य सिधिंया से टकराईं। राहुल ने उनसे न सिर्फ हाथ मिलाया, बल्कि कुछ पलों तक दोनों बात करते दिखे। हालांकि इस दौरान खरगे और प्रमोद तिवारी जैसे नेता पास ही खड़े थे, लेकिन सिधिंया को देखते हुए राहुल ने आगे बढ़कर उनका हाथ पकड़कर कुछ देर बात की।
सेंट्रल हॉल में दिखी बेहद खास तस्वीरें
सदन में सभी हैरान दिखे कि लंबे अर्से बाद दोनों दोस्त हाथ पकड़े बात कर रहे थे। सदन में ऐसे कई दृश्य दिखे, जहां दो विरोधी दल के सांसद आपस में गपशप करते रहे। बीजेपी के सांसद अनिल बलूनी आप के राघव चढ्ढा से बतियाते दिखे। हालांकि राहुल गांधी मंच पर कुछ कन्फ्यूज भी नजर आए। एक मौके पर राष्ट्रपति सहित जब सब लोग खड़े थे, तो वह अचानक बैठे नजर आए। इसी तरह से जब स्मारिका का सिक्का और डाक टिकट लॉन्च हुआ तो भी वह कुछ कन्फ्यूज दिखे और मोमेंटो का अलटते-पलटते दिखे।
राहुल गांधी पर बीजेपी का वार
दूसरी ओर संविधान दिवस के इस मौके पर राजस्थान से आने वाली क्षेत्रीय पार्टी बाप के सांसद राजकुमार रोत अपनी मांग को लेकर संसद परिसर में पोस्टर दिखाते और नारे लगाते नजर आए। उन्होंने मांग की कि आदिवासियों को लेकर संविधान में वर्णित 5वीं अनुसूची को लागू किया जाए। एनबीटी से बातचीत में उन्होंने कहा कि संविधान दिवस पर सरकार से हमारी मांग है कि इसकी पांचवीं अनुसूची को लागू किया जाए। उनका कहना था कि अपनी मांग को लेकर वह देश की राष्ट्रपति मुर्मु से भी मिल चुके हैं, जो खुद इस समुदाय से आती हैं, लेकिन अभी तक इस मामले में कुछ नहीं हुआ। इसके साथ ही वह जातिगत और समूहगत जनगणना की मांग उठाते भी नजर आए।