चीन पर नकेल कसने को अमेरिका तैयार, गुआम में तैनात की नई परमाणु पनडुब्बी, टेंशन में पीएलए
वॉशिंगटन:अमेरिका ने डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति चुने जाते ही चीन पर नकेल कसनी शुरू कर दी है। इसके लिए अमेरिका ने गुआम में परमाणु ऊर्जा से चलने वाली फास्ट अटैक पनडुब्बी को तैनात किया है। यह अपनी क्लास की पहली पनडुब्बी है, जो रणनीतिक रूप से काफी महत्वपूर्ण गुआम नेवल बेस पर तैनात हुई है। इसे चीन के साथ बढ़ती प्रतिद्वंद्विता के बीच अमेरिका की तैयारियों से जोड़ा जा रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, 2022 से हवाई में तैनात वर्जीनिया क्लास की पनडुब्बी यूएसएस मिनिसोटा मंगलवार को अपने नए होम पोर्ट गुआम पहुंची। इसे अमेरिकी नौसेना ने "इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में नौसेना बलों के लिए अपनी रणनीतिक लेडाउन योजना" के रूप में वर्णित किया गया है।
गुआम में पनडु्ब्बी से चीन की बढ़ेगी टेंशन
यूएसएस मिनिसोटा लॉस एंजिल्स-क्लास की तेज गति से हमला करने वाली पनडुब्बियों के सबमरीन स्क्वाड्रन 15 के बेड़े में शामिल हो गई है। इस स्क्वाड्रन में शामिल सभी पनडुब्बियों को 1990 के दशक की शुरुआत में कमीशन किया गया था। स्क्वाड्रन के कमांडर नील स्टीनहेगन के अनुसार, यूएसएस मिनेसोटा गुआम में पहले से तैनात पनडुब्बियों के बेड़े में एक "असाधारण शक्ति" है। मंगलवार को जारी अमेरिकी नौसेना के बयान में उन्होंने कहा, "इसकी मौजूदगी हमारी परिचालन क्षमताओं को बढ़ाएगी और पूरे हिंद-प्रशांत क्षेत्र में निवारक प्रयासों को और मजबूत करेगी।"
यूएसएस मिनिसोटा पनडुब्बी को जानें
2013 में कमीशन की गई यूएसएस मिनिसोटा अमेरिकी नौसेना के वर्जीनिया-क्लास बेड़े की 10वीं पनडुब्बी है, जिसे पुराने लॉस एंजिल्स-क्लास जहाजों की जगह लेने के लिए डिजाइन किया गया था। लगभग 140 के चालक दल के साथ, यूएसएस मिनिसोटा विभिन्न मिशनों को अंजाम दे सकती है, जिसमें पनडुब्बी रोधी और सतह रोधी जहाज युद्ध, साथ ही खुफिया, निगरानी और टोही के साथ-साथ हमला करने वाले अभियान शामिल हैं।