कौन हैं चीफ जस्टिस मनमोहन जो बन सकते हैं सुप्रीम कोर्ट के अगले जज, केंद्र सरकार को भेजी गई सिफारिश
नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट कलीजियम ने एकमत से प्रस्ताव पारित कर दिल्ली हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस मनमोहन को सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस के तौर पर नियुक्त करने की सिफारिश की है। सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस संजीव खन्ना की अगुवाई वाली पांच सीनियर जजों की कलिजियम ने जस्टिस मनमोहन के नाम की सिफारिश केंद्र सरकार को भेजी है। जस्टिस मनमोहन अभी दिल्ली हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस के तौर पर काम कर रहे हैं। वे प्रसिद्ध ब्यूरोक्रेट और राजनीतिक नेता जगमोहन के पुत्र हैं।
केंद्र को भेजा है प्रस्ताव
सुप्रीम कोर्ट कलीजियम ने एकमत से यह प्रस्ताव पारित कर केंद्र को भेजा है। चीफ जस्टिस खन्ना के अलावा कलिजियम में जस्टिस बीआर गवई, जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस हृषिकेश रॉय और जस्टिस एएस ओका शामिल हैं। सुप्रीम कोर्ट में कुल जजों की स्वीकृत संख्या 34 है, जिसमें चीफ जस्टिस भी शामिल हैं। फिलहाल चीफ जस्टिस समेत 32 जज कार्यरत हैं। हाल ही में जस्टिस हीमा कोहली और चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ रिटायर हुए हैं, जिसके बाद दो पद खाली हो गए हैं।
सुप्रीम कोर्ट कलीजियम ने कहा है कि हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस और अन्य सीनियर जस्टिस के नामों पर चर्चा की गई। सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस के तौर पर नियुक्ति के लिए इन नामों पर विचार किया गया। भारत में वरीयता सूची में जस्टिस मनमोहन का नाम दूसरे नंबर पर है, जबकि दिल्ली हाई कोर्ट में वे सबसे सीनियर जस्टिस हैं। इसके अलावा, देश भर के प्रतिनिधित्व में दिल्ली हाई कोर्ट के केवल एक ही जस्टिस सुप्रीम कोर्ट में हैं।
कौन हैं जस्टिस मनमोहन?
जस्टिस मनमोहन का जन्म 17 दिसंबर, 1962 को दिल्ली में हुआ था। उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा मॉडर्न स्कूल, बाराखंभा रोड से प्राप्त की थी। इसके बाद, दिल्ली विश्वविद्यालय के हिंदू कॉलेज से इतिहास में बीए (ऑनर्स) की डिग्री प्राप्त की। डीयू के कैंपस लॉ सेंटर से एलएलबी की डिग्री हासिल की और 1987 में दिल्ली बार काउंसिल में वकील के तौर पर रजिस्टर्ड हुए। वकालत के दौरान, उन्होंने मुख्य रूप से भारत के सुप्रीम कोर्ट और दिल्ली हाई कोर्ट में सिविल, आपराधिक, संवैधानिक, टैक्स, ट्रेडमार्क और सर्विस मामलों में प्रैक्टिस की। 18 जनवरी, 2003 को दिल्ली हाई कोर्ट ने उन्हें सीनियर एडवोकेट के रूप में नियुक्त किया।