चुनाव से पहले अरविंद केजरीवाल को सता रहा एक और ‘डर’, कहा- यदि कम सीटों के साथ उनकी सरकार…
विधानसभा चुनाव से पहले दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) के संयोजक अरविंद केजरीवाल(Arvind Kejriwal) ने चिंता व्यक्त की है कि अगर उनकी सरकार कम सीटों से बनती है तो वह कामयाब नहीं होंगे. अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली की महिलाओं को आर्थिक सहायता देने वाली एक योजना की घोषणा करते हुए भाजपा पर नाम लिए बिना आरोप लगाया कि कम सीटें मिलने पर विधायकों को तोड़ दिया जाएगा और सरकार गिरा दी जाएगी.
महिलाओं को चुनाव के बाद 2100 रुपये मासिक देने का वादा करने वाले अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली की महिलाओं से अपील की कि वे एकजुट होकर उन्हें 60 से अधिक सीटें जितवा दें. पूर्व मुख्यमंत्री ने एक बार फिर मंच से कहा कि कुछ लोग कह रहे हैं कि उनकी सीटें कम हो सकती हैं.
केजरीवाल ने कहा, “आज-कल कई लोग कह रहे हैं आम आदमी पार्टी की सरकार तो बनेगी लेकिन कुछ सीटें कम हो सकती हैं. कुछ लोग कह रहे हैं 45-50 आएगी. मेरा मानना है कि एक-एक मां-बहनें लग गईं तो 65 से ज्यादा आएंगे.” आप लोगों की जिम्मेदारी है कि सभी लोग एकजुट होकर इतनी मजबूत सरकार बनाओ. ये (BJP) बहुत बदमाश हैं; वे कम सीटों से जीते ये सरकारों को तोड़ देंगे, विधायकों को तोड़ देंगे. सभी लोग एकजुट होकर 60 से अधिक सीटें दिलाना.
10 साल की एंटइनकंबेंसी के साथ चुनाव में उतरने वाली ‘AAP’ ने पिछले विधानसभा चुनाव में 67 सीटों पर जीत हासिल की थी, लेकिन 2015 में उसने 67 सीटों पर भाजपा-कांग्रेस को हराया था. 2013 में दूसरे स्थान पर रही पार्टी ने कांग्रेस के समर्थन से 49 दिन की सरकार बनाई थी. माना जा रहा है कि आम आदमी पार्टी को सड़कों की खराब हालत, गंदे पानी की सप्लाई और यमुना के प्रदूषण जैसे मुद्दों से नुकसान हो सकता है. पिछले दिनों अरविंद केजरीवाल ने एक इंटरव्यू में कहा कि वह अपने 3 वादों (सड़क, पानी और यमुना) को पूरा नहीं कर पाया है.
“AAP” ने एंटी इनकंबंसी फैक्टर को मात देने के लिए अपने अधिकांश विधायकों का टिकट काटने का निर्णय लिया है. पार्टी ने अभी तक 31 सीटों पर उम्मीदवारों का ऐलान किया है, इनमें से 18 में मौजूदा विधायकों की जगह नए उम्मीदवारों को मौका दिया गया है, जबकि कांग्रेस ने 21 सीटों पर उम्मीदवारों का ऐलान किया है.