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लालकृष्ण आडवाणी की फिर बिगड़ी तबीयत, ICU में शिफ्ट, 7 महीने में चौथी बार तबीयत बिगड़ी; जानें ताजा हेल्थ अपडेट

देश के पूर्व उपप्रधानमंत्री और भारत रत्न (Bharat Ratna) से सम्मानित बीजेपी के सीनियर नेता लालकृष्ण आडवाणी (Lal Krishna Advani) की एक फिर से तबीयत बिगड़ गई है। उन्हें दिल्ली के अपोलो हॉस्पिटल (Apollo Hospital) के ICU में शिफ्ट किया गया है। अस्पताल ने उनका ताजा हेल्थ अपडेट जारी किया है, जिसमें उनकी हालत स्थिर बताई है। वह फिलहाल डॉक्टरों की निगरानी में हैं और उनका स्वास्थ्य स्थिर बताया जा रहा है। बीते दो सप्ताह से उनकी तबीयत ठीक नहीं चल रही थी, जिसके बाद उन्हें इंद्रप्रस्थ अपोलो में शनिवार (14 दिसंबर) को भर्ती कराया गया था।

इंद्रप्रस्थ अपोलो द्वारा शनिवार को जारी किए गए हेल्थ बुलेटिन के मुताबिक, भारत के पूर्व उप प्रधानमंत्री श्री लालकृष्ण आडवाणी जी को मेडिकल मैनेजमेंट और जांच के लिए इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया है। वे सीनियर न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. विनीत सूरी की देखरेख में हैं और फिलहाल उनकी हालत स्थिर है। हालांकि अस्पताल ने ये नहीं बताया कि उन्हें किस वजह से आईसीयू में एडमिट कराना पड़ा।

97 साल के आडवाणी को करीब दो दिन पहले अस्पताल लाया गया था। उनके परिवार ने बताया कि उन्हें सर्दी-खांसी की परेशानी हुई थी, जो पॉल्यूशन के चलते और बढ़ गई। फिलहाल उन्हें 48 घंटे के लिए न्यूरोलॉजी विभाग में डॉ. विनीत सूरी की देखरेख में रखा गया हैं। कल के बाद उन्हें डिस्चार्ज किया जा सकता है।

31 मार्च 2024 को मिला था भारत रत्न

बता दें कि लालकृष्ण आडवाणी को 31 मार्च 2024 को देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न दिया गया था। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उनके घर जाकर भारत रत्न से सम्मानित किया था। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, गृह मंत्री अमित शाह और पूर्व उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू भी मौजूद थे। प्रधानमंत्री मोदी ने 3 फरवरी को उन्हें भारत रत्न देने की घोषणा की थी। इससे पहले 2015 में आडवाणी को देश के दूसरे सबसे नागरिक सम्मान पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया था।

आडवाणी तीन बार रहे बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष 

बता दें कि लाल कृष्ण आडवाणी का जन्म 8 नवंबर, 1927 को कराची (जो वर्तमान पाकिस्तान में है) में हुआ था। उन्होंने बीते 8 नवंबर को अपना 97वां जन्मदिन मनाया था। आडवाणी 1942 में एक स्वयंसेवक के रूप में आरएसएस से जुड़े। वह 1986 से 1990 तक, फिर 1993 से 1998 तक और 2004 से 2005 तक भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे. आडवाणी भाजपा की स्थापना (6 अप्रैल, 1980) के बाद से सबसे लंबे समय तक पार्टी के अध्यक्ष के रूप में काम करने वाले नेता रहे हैं। उन्होंने अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में 1999 से 2005 तक भारत के गृह मंत्री और उप प्रधानमंत्री के रूप में कार्य किया। साल 2009 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने उन्हें प्रधानमंत्री पद का चेहरा घोषित किया था, लेकिन पार्टी को जीत नहीं मिली। लालकृष्ण आडवाणी को 30 मार्च, 2024 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा भारत रत्न से सम्मानित किया गया था।

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