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बिहार के अस्पताल में युवक ने दुल्हन संग लिए सात फेरे

मुजफ्फरपुर।  बिहार के मुजफ्फरपुर में पोते ने दादी की अंतिम इच्छा को पूरा करने के लिए अस्पताल परिसर में शादी की। दरअसल, युवक की दादी की हालत सीरियस थी और वह आईसीयू में भर्ती थीं। दादी का कहना था कि उनके जीते जी पोते की शादी हो जाए। दादी की अंतिम इच्छा को पूरा करने के लिए अस्पताल में युवक ने दुल्हन संग सात फेरे लिए। शादी के बाद जैसे ही पति-पत्नी ने उनका आशीर्वाद लिया दो घंटे बाद दादी ने प्राण त्याग दिए। 

जानकारी के अनुसार, मिठनपुरा निवासी गीता देवी लंबे समय से बीमार थीं और ICU में भर्ती थीं। उनकी अंतिम इच्छा थी कि वे अपने पोते की शादी होते हुए देख सकें और अपनी बहू का स्वागत कर सकें। गीता देवी ने परिजनों के सामने अपनी अंतिम इच्छा रखी कि वे अपने पोते अभिषेक कुमार की शादी अपनी आंखों के सामने देखना चाहती हैं। जब डॉक्टरों ने परिजनों को बताया कि उनकी स्थिति गंभीर है और वे ज्यादा समय तक जीवित नहीं रह पाएंगी, तो परिवार ने तुरंत शादी करने का फैसला लिया। 

 
 

अभिषेक ने दुल्हन के परिवार से संपर्क किया और उन्हें अस्पताल बुलाया। परिवार के सभी सदस्यों की सहमति से इस अनोखी शादी की तैयारी शुरू की गई। अस्पताल परिसर में स्थित मंदिर में अभिषेक और उनकी दुल्हन ने शादी की रस्में पूरी कीं। विवाह समारोह में दोनों परिवारों के सदस्य, रिश्तेदार और अस्पताल के कुछ कर्मचारी भी मौजूद थे। जैसे ही शादी संपन्न हुई, नवविवाहित जोड़े ने आईसीयू में भर्ती गीता देवी के पास जाकर उनसे आशीर्वाद लिया।

शादी के दो घंटे बाद दादी का निधन

दंपति ने दादी के चरण छूकर आशीर्वाद लिए। अपनी आंखों के सामने पोते को दूल्हा बना देख गीता देवी की खुशी का ठिकाना नहीं था। शादी के बाद पोता अभिषेक और उसकी पत्नी को आशीर्वाद देने के दो घंटे बाद दादी की निधन हो गया। यह पल जितना खुशाहाल था उतना ही गमगीन भी क्योंकि शादी के महज दो घंटे बाद ही दादी का निधन हो गया।

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