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नागपुर में हिंसा के बाद इलाकों में कर्फ्यू, 65 उपद्रवी हिरासत में, 25 पुलिसवाले घायल

नागपुर.  नागपुर में औरंगजेब की कब्र को लेकर हुए विवाद ने सोमवार को हिंसक रूप ले लिया. नागपुर के महाल में सोमवार रात दो गुटों के बीच हिंसा भड़क गई थी. महाल के बाद देर रात हंसपुरी में भी हिंसा हुई. अज्ञात लोगों ने दुकानों में तोडफ़ोड़ की और वाहनों में आग लगा दी. प्रशासन ने हिंसा के बाद कई इलाकों में कर्फ्यू लगा दिया गया है. महाल में हुई हिंसा में कई लोग घायल हुए. इनमें पुलिसकर्मी भी शामिल हैं. उग्र भीड़ ने 25 से अधिक बाइक और 3 कारों को आग के हवाले कर दिया. अब तक 60 से 65 दंगाइयों को हिरासत में लिया गया है जबकि 25 से 30 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं.

यह हिंसा समभाजी नगर में औरंगजेब की कब्र को लेकर विवाद के बीच हुई. बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद ने इस कब्र को ध्वस्त करने की मांग की थी. दोनों समूहों ने सोमवार सुबह नागपुर में भी प्रदर्शन किया था, इसके कुछ ही घंटों बाद हिंसा भड़क उठी. नागपुर पुलिस का कहना है कि अफवाहों की वजह से झड़प हुई. नागपुर पुलिस के डीसीपी (ट्रैफिक) अर्चित चांडक ने बताया कि घटना गलतफहमी की वजह से हुई लेकिन स्थिति अब नियंत्रण में है. पत्थरबाजी हो रही थी, इसलिए हमने बल प्रयोग किया और आंसू गैस का भी इस्तेमाल किया. अपराधियों की पहचान करने के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाली जा रही है. नागपुर के पुलिस आयुक्त डॉ. रविंदर सिंघल ने आश्वस्त किया है कि हालात नियंत्रण में हैं. वहीं सीएम फडणवीस ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है.

हिंसा भड़कने के बाद नागपुर के कई इलाकों में कर्फ्यू लगा दिया गया है. भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 163 लागू की गई है. यह कर्फ्यू कोतवाली, गणेशपेठ, तहसील, लकडग़ंज, पचपाओली, शांतिनगर, शक्करदारा, नंदनवन, इमामवाड़ा, यशोधरानगर और कपिलनगर में लागू किया गया है.

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