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कॉमर्शियल एलपीजी गैस सिलेंडर 24 रुपए सस्ता
नई दिल्ली। सरकारी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों की ओर से रविवार को एलपीजी गैस सिलेंडर के नए रेट जारी कर दिए गए हैं। कंपनियों द्वारा 19 किलो वाले कमर्शियल एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमत में 24 रुपए की कटौती की गई है, जबकि घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमत में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
इंडियन ऑयल की वेबसाइट पर दी गई जानकारी के मुताबिक, दिल्ली में 19 किलो वाले कमर्शियल एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमत कम होकर 1,723.50 रुपए हो गई है, जो कि पहले 1,747.50 रुपए थी। वहीं, कोलकाता में 19 किलो वाले कमर्शियल एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमत घटकर 1,826 रुपए हो गई है, जो कि बीते महीने 1,851.50 रुपए थी।
देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में कमर्शियल एलपीजी गैस सिलेंडर का दाम घटकर 1,674.50 रुपए रह गया है, जो कि पहले 1,699 रुपए था। चेन्नई में 19 किलो के कमर्शियल एलपीजी गैस सिलेंडर का दाम घटकर 1,881 रुपए हो गया है, जो कि मई में 1,906 रुपए था।
घरेलू एलपीजी गैस के दाम यथावत बने हुए हैं और उनमें कोई भी बदलाव नहीं हुआ है। आखिरी बार घरेलू एलपीजी गैस की कीमतों में 8 अप्रैल 2025 को बदलाव किया गया था। उस दौरान 14.2 किलो वाले एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 50 रुपए का इजाफा किया गया था। घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमत दिल्ली में 853 रुपए, कोलकाता में 879 रुपए, मुंबई में 852.50 रुपए और चेन्नई में 868.50 रुपए है।
भारत घरेलू खपत का लगभग 60 प्रतिशत एलपीजी आयात करता है। देश में एलपीजी की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार से जुड़ी हुई है। इस कारण ऑयल मार्केटिंग कंपनियां समीक्षा के बाद हर महीने की पहली तारीख को नई कीमतें जारी करती हैं।
सरकार द्वारा संसद सत्र में पेश की गई जानकारी के अनुसार, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (पीएमयूवाई) के तहत सब्सिडी वाली एलपीजी पाने वाले लाभार्थियों की संख्या इस साल 1 मार्च तक 10.33 करोड़ हो गई है, जबकि भारत में कुल सक्रिय घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं की संख्या 32.94 करोड़ है।
कामिल इदरीस ने ली सूडान के प्रधानमंत्री पद की शपथ
खार्तूम। कामिल इदरीस ने सूडान के नये प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ले ली है। श्री इदरीश ने सत्तारूढ़ संक्रमणकालीन संप्रभु परिषद के प्रमुख अब्देल फत्ताह अल-बुरहान के समक्ष शनिवार को शपथ ली।
परिषद ने एक बयान में कहा कि शपथ ग्रहण समारोह के बाद श्री बुरहान और परिषद अन्य सदस्यों ने श्री इदरीस से मुलाकात की और सरकार की प्राथमिकताओं पर चर्चा की, जिसमें अर्थव्यवस्था को स्थिर करना, नागरिक आजीविका की रक्षा करना और राज्यों में व्यवस्था बहाल करना शामिल है।
केदारनाथ यात्रा में हादसा: छत्तीसगढ़ के दो यात्रियों की मौत, चार घायल
रुद्रप्रयाग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले से केदारनाथ यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं की गाड़ी पर उत्तराखंड के काकड़ागाड़ क्षेत्र में भारी बोल्डर गिरने से दो लोगों की मौत हो गई, जबकि चार अन्य घायल हो गए हैं। हादसा रुद्रप्रयाग शहर से करीब 30 किलोमीटर दूर हुआ।
मरने वालों में वाहन चालक और श्रद्धालु शामिल
मृतकों की पहचान राजेश रावत (वाहन चालक) और शैलेश कुमार यादव के रूप में हुई है, दोनों छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के निवासी थे। हादसा उस समय हुआ जब श्रद्धालुओं का वाहन केदारनाथ यात्रा मार्ग पर काकड़ागाड़ के पास से गुजर रहा था।
घायलों का इलाज अगस्त्यमुनि में जारी
घायलों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, अगस्त्यमुनि ले जाया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। डॉक्टरों के मुताबिक सभी घायलों की हालत स्थिर है, लेकिन वे अभी भी निगरानी में हैं।
यह दुखद हादसा केदारनाथ यात्रा मार्ग की खतरनाक भौगोलिक स्थितियों को फिर से उजागर करता है, जहां हर साल भारी बारिश और भूस्खलन जैसी प्राकृतिक आपदाएं यात्रा में बाधा बनती हैं।
छत्तीसगढ़ के श्रद्धालुओं के साथ हुई यह घटना बेहद दुखद है। केदारनाथ यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं को ऐसे हादसों से बचाने के लिए यात्रा मार्ग पर और अधिक सुरक्षा उपायों की आवश्यकता है। मृतकों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की गई है, वहीं घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की जा रही है।
NDA से 17 महिला कैडेट्स ने स्नातक की पढ़ाई पूरी की
पुणे। ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के बाद शुक्रवार को पुणे के खडकवासला स्थित एनडीए परिसर में हुई 148वीं पासिंग आउट परेड में 17 महिला कैडेट्स ने इतिहास रच दिया। दरअसल, एनडीए के इतिहास में पहली बार हुआ है जब महिला कैडेट्स ग्रेजुएट हुई। यहां 300 से अधिक पुरुष कैडेट्स के साथ 17 महिला कैडेट्स ने स्नातक की पढ़ाई पूरी की। अब यह महिला कैडेट्स देश की सेनाओं में जाकर देश की सेवा करेंगी।
परेड के दौरान मिजोरम के राज्यपाल जनरल विजय कुमार सिंह, पीवीएसएम, एवीएसएम, वाईएसएम (सेवानिवृत्त) ने कहा कि आज अकादमी के इतिहास में एक विशेष रूप से महत्वपूर्ण दिन है। आज एनडीए से महिला कैडेट्स का पहला बैच पास आउट हुआ है। यह सबसे बड़ी समावेशिता और सशक्तिकरण की दिशा में हमारी सामूहिक यात्रा में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है। ये युवा महिलाएं 'नारी शक्ति' का प्रतीक हैं, जो न केवल महिला विकास बल्कि महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास का प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि ये लड़कियों के लिए ट्रेनिंग का अंत नहीं है, बल्कि नई संभावनाओं की शुरुआत है।
उन्होंने सभी कैडेट्स के प्रदर्शन की प्रशंसा की और कहा कि यहां आना मेरे लिए सम्मान की बात है। एनडीए के बारे में आपको जो बात सबसे ज्यादा प्रभावित करती है, वह यह है कि कुछ भी नहीं बदला है, बल्कि सब कुछ बदल गया है। समय के साथ विकसित होते हुए भी इसके मूल मूल्य मजबूत बने हुए हैं। आज, 17 महिला कैडेट पास आउट हुईं, लेकिन आप उन्हें पहचान नहीं पाए। एनडीए ने उन्हें एकीकृत करने के लिए कितनी सहजता से काम किया है, इसकी खूबसूरती यही है। यह एक बदलाव की शुरुआत है जो उस समय के साथ तालमेल बिठाता है जिसमें हम आगे बढ़ रहे हैं।
इस अवसर पर वाइस एडमिरल गुरचरण सिंह भी मौजूद थे। एक औपचारिक फोटो सत्र आयोजित किया गया, जिसमें एनडीए से पास होने वाली पहली महिला कैडेट्स को दिखाया गया, जो राष्ट्रीय रक्षा में अधिक समावेशी भविष्य के प्रतीक के रूप में खड़ी थीं। परेड से पासआउट होने वाली यह महिलाएं भविष्य में उन महिलाओं के लिए एक उम्मीद के तौर पर उभरेंगी जो देश के लिए कुछ करने का जज्बा रखती हैं।
आतंकियों को मिट्टी में मिलाया,अपना वचन पूरा करने के बाद बिहार आया
सासाराम। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार में 48,520 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, आज मुझे इस पवित्र भूमि पर बिहार के विकास को नई गति देने का सौभाग्य मिला है। यहां करीब 50 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास हुआ है। आप सब बड़ी संख्या में हमें आर्शीवाद देने आए हैं। आपका ये स्नेह और बिहार का ये प्यार मैं इसे हमेशा सर आंखों पर रखता हूं।
मोदी ने कहा, अभी पहलगाम में आतंकी हमला हुआ था, हमारे कितने निर्दोष नागरिक मारे गए। इस जघन्य आतंकी हमले के एक दिन बाद मैं बिहार आया था और मैंने बिहार की धरती से देश से वादा किया था, वचन दिया था। बिहार की धरती से आंख में आंख मिलाकर हमने कहा दिया था कि आतंक और आतंक के आकाओं के ठिकानों को मिट्टी में मिला दिया जाएगा। बिहार की धरती से मैंने कहा था कि उन्हें कल्पना से भी बड़ी सजा मिलेगी। आज जब भी मैं बिहार आया हूं तो अपना वचन पूरा करने के बाद आया हूं।
नरेंद्र मोदी ने कहा, जिन लोगों ने पाकिस्तान में बैठकर हमारी बहनों का सिंदूर उजाड़ा था, हमारी सेना ने उनके ठिकानों को खंडहर में बदल दिया।भारत की बेटियों के सिंदूर की शक्ति क्या होती है ये पाकिस्तान ने भी देखा और दुनिया ने भी देखा! जिस पाकिस्तानी सेना की छत्रछाया में आतंकी खुद को सुरक्षित मानते थे। हमारी सेनाओं ने एक ही झटके में उनको भी घुटनों पर ला दिया। पाकिस्तान के एयरबेस, उनके सैन्य ठिकाने हमने कुछ ही मिनट में तबाह कर दिए। ये नया भारत है, ये नए भारत की ताकत है।
पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट, 4 की मौत, 20 से अधिक घायल
पंजाब। पंजाब के श्री मुक्तसर साहिब जिले में कल देर रात एक पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट में कम से कम चार लोगों की मौत हो गई, जबकि 20 से अधिक लोग घायल हो गए हैं। घायलों में कई की हालत गंभीर बताई जा रही है और उन्हें नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विस्फोट इतना तेज था कि फैक्ट्री की इमारत पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और आसपास के मकानों की खिड़कियां तक टूट गईं। धमाके के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। राहत और बचाव कार्य में जुटी टीमों ने मलबे से कई लोगों को बाहर निकाला।
स्थानीय प्रशासन और दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाने की कोशिश की गई। पुलिस ने फैक्ट्री मालिक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और जांच जारी है कि फैक्ट्री के पास वैध लाइसेंस था या नहीं।
पूर्व पीएम चौधरी चरण सिंह को पुण्यतिथि पर उपराष्ट्रपति ने दी श्रद्धांजलि
नई दिल्ली। भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की आज पुण्यतिथि है। चौधरी चरण सिंह की पुण्यतिथि के अवसर पर उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने गुरुवार सुबह नई दिल्ली में स्थित किसान घाट पर जाकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान उन्होंने चौधरी चरण सिंह को भी याद किया। उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने मीडिया से बात करते हुए कहा, किसान हमारे देश की रीढ़ हैं।
वे हमारी सामाजिक और आर्थिक व्यवस्था का मूल हैं। चौधरी चरण सिंह की पुण्यतिथि हमें इसकी याद दिलाती है। उनका पूरा जीवन किसानों और ग्रामीण समुदायों के कल्याण के लिए समर्पित था। 1939 में जब देश आजाद नहीं हुआ था, तो उस दौरान उन्होंने किसानों को सूदखोरों से मुक्त करने और उनका लोन माफ करने के लिए अहम भूमिका निभाई। उन्होंने कहा, चौधरी चरण सिंह का पूरा जीवन किसानों और गांवों के लिए समर्पित था। उन्होंने आजादी से पहले के भारत में भी किसानों के लिए काम किया।
उन्होंने उन किसानों को जमीन का मालिकाना हक दिलाने में अहम भूमिका निभाई, जो खेती करते थे, लेकिन उस पर उनका अधिकार नहीं था। उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने विकसित भारत की बात करते हुए कहा, आज जरूरत है कि जब हम विकसित भारत की बात करें, तो इसका मतलब ये न हो कि हमारी अर्थव्यवस्था किस रैंक पर है। विकसित भारत को परिभाषित करने और इसे जमीनी हकीकत बनाने के लिए सभी की आय को 8 गुना बढ़ाने की जरूरत है।
किसानों को दूरदर्शी होने की जरूरत है। आज हमारे किसान सिर्फ उत्पादन तक ही सीमित हैं, लेकिन मेरा उनसे अनुरोध है कि यही समय है कि वे सबसे बड़े व्यापार में शामिल हों, जो कृषि या पशुपालन से जुड़ा है। इसके अलावा, उपराष्ट्रपति के आधिकारिक एक्स हैंडल से कुछ तस्वीरें शेयर की गई हैं। उन्होंने एक्स पर लिखा, उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने आज नई दिल्ली के किसान घाट पर पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह को उनकी पुण्यतिथि पर पुष्पांजलि अर्पित की।
पूर्व केंद्रीय मंत्री सुखदेव सिंह ढींडसा का निधन
चंडीगढ़। शिरोमणि अकाली दल (टकसाली) के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री सुखदेव सिंह ढींडसा का बुधवार को निधन हो गया। 89 वर्षीय ढींडसा लंबे समय से बीमार चल रहे थे और राजनीतिक गतिविधियों से भी कुछ हद तक दूर हो चुके थे। उनके निधन से पंजाब की राजनीति में शोक की लहर दौड़ गई है।
सुखदेव सिंह ढींडसा का राजनीतिक जीवन बेहद समर्पण और सादगी से भरा रहा। वे लंबे समय तक शिरोमणि अकाली दल (एसएडी) से जुड़े रहे और पार्टी के वरिष्ठतम नेताओं में गिने जाते थे। पार्टी में उन्हें संरक्षक की भूमिका भी सौंपी गई थी। हालांकि, मतभेद के चलते उन्हें पिछले वर्ष पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में शिरोमणि अकाली दल से निष्कासित कर दिया गया था।
इसके बाद उन्होंने शिरोमणि अकाली दल (टकसाली) से नाता जोड़ा और एक बार फिर राजनीतिक मंच पर सक्रिय होने की कोशिश की। बीते कुछ वर्षों से ढींडसा की तबीयत लगातार खराब चल रही थी। वे कई बीमारियों से ग्रसित थे और इसी कारण उन्होंने सार्वजनिक जीवन से भी दूरी बना ली थी। बुधवार को उन्होंने अंतिम सांस ली।
ढींडसा ने 1972 में धनौला से अपना पहला विधानसभा चुनाव जीता था। इसके बाद वे 1977 में सुनाम, 1980 में संगरूर और 1985 में फिर से सुनाम से विधायक निर्वाचित हुए। वे पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में रसायन एवं उर्वरक मंत्री और खेल मंत्री के रूप में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके थे।
मस्क ने छोड़ा ट्रंप का साथ, सलाहकार पद से दिया इस्तीफा
वाशिंगटन । एलन मस्क ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के वरिष्ठ सलाहकार के रूप में अपनी भूमिका से हटने की घोषणा की है, जिससे सरकारी दक्षता विभाग (डीओजीई) के साथ विशेष सरकारी कर्मचारी के रूप में उनका कार्यकाल समाप्त हो जाएगा। टेस्ला और स्पेसएक्स के प्रमुख और अरबपति उद्यमी एलन मस्क को संघीय नौकरशाही को सुव्यवस्थित करने और बेकार सरकारी खर्च को कम करने के प्रयासों का नेतृत्व करने का काम सौंपा गया था।
बुधवार को एक्स पर हुए मस्क ने अपनी बात रखी। उन्होंने सेवा का अवसर देने के लिए आभार जताया। मस्क ने लिखा, "विशेष सरकारी कर्मचारी के रूप में मेरा निर्धारित कार्यकाल समाप्त हो रहा है, ऐसे में मैं राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को सरकारी खर्च को कम करने के दिए गए अवसर के लिए धन्यवाद देना चाहता हूं।
उन्होंने कहा, डीओजीई मिशन समय के साथ और मजबूत होता जाएगा। मस्क की यह घोषणा ट्रंप के विधायी एजेंडे की आधारशिला की सार्वजनिक रूप से आलोचना करने के ठीक एक दिन बाद आई है। सीबीएस के साथ एक साक्षात्कार में टेस्ला के सीईओ मस्क ने ट्रंप की ओर से कहे गए "बड़े सुंदर विधेयक" पर निराशा व्यक्त की, जिसमें व्यापक कर कटौती के साथ-साथ कठोर आव्रजन प्रवर्तन का प्रावधान है।
इस विधेयक को बहुत बड़ा व्यय विधेयक बताते हुए मस्क ने कहा कि यह उनके विभाग के लक्ष्यों के विपरीत है। उन्होंने कहा, इससे संघीय घाटा बढ़ता है और डीओजीई का काम कमजोर होता है। बिल की ब्रांडिंग पर कटाक्ष करते हुए मस्क ने कहा, मुझे लगता है कि एक बिल बड़ा भी हो सकता है और सुंदर भी। लेकिन मुझे नहीं पता कि यह दोनों भी हो सकता है या नहीं।
ट्रंप ने बुधवार को ओवल ऑफिस में पत्रकारों के साथ संक्षिप्त बातचीत के दौरान मस्क की आलोचना का जवाब दिया। विधेयक का बचाव करते हुए ट्रंप ने विधेयक पर बातचीत करने में आने वाली चुनौतियों को स्वीकार किया। उन्होंने कहा, मैं इसके कुछ पहलुओं से खुश नहीं हूं, लेकिन मैं इसके अन्य पहलुओं से रोमांचित हूं। उन्होंने सुझाव दिया कि विधेयक में अभी भी संशोधन हो सकते हैं। उन्होंने कहा, हम देखेंगे कि क्या होता है। इसे अभी बहुत आगे जाना है।
सेना-नौसेना-वायु सेना में एकीकृत सैन्य कमान के लिए नियम तय
नई दिल्ली। भारत-पाकिस्तान तनाव के बीच केंद्र सरकार ने सेना, नौसेना और वायु सेना में एकीकृत सैन्य कमान के लिए नियम अधिसूचित किए। सरकार ने यह कदम ऐसे वक्त उठाया है, जब 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत भारत ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में आतंकी ठिकानों को ध्वस्त कर दिया था। इसके बाद पकिस्तान ने भारत में नागरिक और सैन्य ठिकानों पर हमले की साजिश रची, जिसे भारतीय सशस्त्र बलों ने नाकाम कर दिया।
रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, सरकार ने अंतर-सेवा संगठन (कमांड, नियंत्रण और अनुशासन) अधिनियम 2023 के तहत नियमों को अधिसूचित किया है, जो सशस्त्र बलों में अधिक संयुक्तता और कमांड दक्षता को मजबूत करेगा। अंतर-सेवा संगठन (कमांड, नियंत्रण और अनुशासन) अधिनियम 2023 के तहत तैयार नियमों को राजपत्र अधिसूचना के माध्यम से अधिसूचित किया गया है। यह 27 मई से लागू हो गए हैं।
इस अहम कदम का मकसद अंतर-सेवा संगठनों (आईएसओ) के प्रभावी कमांड, नियंत्रण और कुशल कामकाज को बढ़ावा देना है। इससे सशस्त्र बलों के बीच संयुक्तता और तालमेल मजबूत होगा। हाल ही में लागू किया गया अधिनियम अंतर-सेवा संगठनों (आईएसओ) के कमांडर-इन-चीफ और वरिष्ठ अधिकारियों को अपने अधीन कर्मियों का नेतृत्व और प्रबंधन करने का अधिकार देता है। इससे सशस्त्र बलों की प्रत्येक शाखा पर लागू होने वाले विशिष्ट नियमों और शर्तों में बदलाव किए बिना अनुशासन और सुचारू प्रशासन बनाए रखने में मदद मिलती है।
अधिनियम 10 मई, 2024 से प्रभावी हुआ था
विधेयक को 2023 के मानसून सत्र के दौरान संसद के दोनों सदनों की ओर से पारित किया गया था। इसे 15 अगस्त, 2023 को राष्ट्रपति की स्वीकृति मिल गई थी। 8 मई 2024 की राजपत्र अधिसूचना के मुताबिक, यह अधिनियम 10 मई, 2024 से प्रभावी हुआ।
इससे क्या फायदा?
अधिनियम आईएसओ के कमांडर-इन-चीफ और ऑफिसर-इन-कमांड को प्रत्येक सेवा की विशिष्ट व्यक्तिगत सेवा की शर्तों को बिना छेड़े, अनुशासन और प्रशासन को प्रभावी बनाए रखने के लिए अपने अधीन सेवारत सेवा कर्मियों पर नियंत्रण रखने का अधिकार देता है। इससे आईएसओ के प्रमुखों को सशक्त बनाकर कई कार्यवाहियों से बचाकर मामलों के शीघ्र निपटान का मार्ग प्रशस्त होगा। यह सशस्त्र बल कर्मियों के बीच अधिक एकीकरण और एकजुटता की दिशा में एक कदम है।
तीन दिन में पांच राज्यों का धुआंधार दौरा करेंगे पीएम मोदी
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार पांच राज्यों के दौरे पर रहेंगे। वह तीन दिन के अंदर पांच अलग-अलग राज्य जाएंगे, जहां कई रैलियां और सभाओं को संबोधित करेंगे। पीएम मोदी 29 मई को सबसे पहले सिक्किम जाएंगे, जहां वह ‘सिक्किमएट50: जहां प्रगति उद्देश्य से मिलती है और प्रकृति विकास को पोषित करती है’ कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे।
सिक्किम में प्रधानमंत्री मोदी कई विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे और उनका उद्घाटन करेंगे। इनमें नमची जिले में 750 करोड़ रुपए से अधिक की लागत वाला 500 बिस्तरों का नया जिला अस्पताल, गंगटोक जिले के संगखोला में अटल अमृत उद्यान में भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा की स्थापना, सिक्किम के 50 वर्ष पूरे होने पर स्मारक सिक्का, स्मृति सिक्का और डाक टिकट भी जारी किया जाएगा। इस दौरान प्रधानमंत्री एक सभा को भी संबोधित करेंगे।
इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी उसी दिन दोपहर 2:15 बजे अलीपुरद्वार और कूचबिहार जिलों में सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (सीजीडी) परियोजना की आधारशिला रखेंगे। इसके अलावा, बंगाल को कई अन्य योजनाओं की सौगात देने के बाद प्रधानमंत्री बिहार रवाना होंगे। यहां वह पटना में एयरपोर्ट से भाजपा मुख्यालय तक एक विशाल रोड शो करेंगे। 29 मई को शाम करीब 5:45 बजे पटना एयरपोर्ट के नए टर्मिनल भवन का उद्घाटन करेंगे। पटना में रात भर रुकने के बाद प्रधानमंत्री 30 मई की सुबह 11 बजे बिहार के काराकाट में 48,520 करोड़ रुपए की योजनाओं की सौगात देंगे। वे यहां एक सार्वजनिक समारोह को भी संबोधित करेंगे।
बिहार दौरे पर 48,520 करोड़ रुपए की कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन करने के बाद पीएम मोदी यूपी दौरे पर रवाना होंगे। यहां वह लगभग 20,900 करोड़ रुपए की कई परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे। पीएम मोदी कानपुर के सीएसए ग्राउंड में एक जनसभा भी करेंगे।
इसके अलावा, प्रधानमंत्री मोदी 31 मई को मध्य प्रदेश के दौरे पर जाएंगे। सीएम मोहन यादव ने एक्स पर एक पोस्ट शेयर कर बताया कि पीएम मोदी 31 मई को भोपाल में लोकमाता देवी अहिल्याबाई होलकर की 300वीं जयंती पर आयोजित महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम और महिला सम्मेलन में सहभागिता करेंगे।
मध्य प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के मुताबिक, 31 मई को पीएम मोदी का मध्य प्रदेश दौरा है। यहां वह वर्चुअली इंदौर मेट्रो ट्रेन की सौगात देंगे। सतना और दतिया में नव निर्मित एयरपोर्ट का उद्घाटन करेंगे।
न्यायपालिका ने न्याय किया : बृज भूषण सिंह
गोंडा। दिल्ली की अदालत द्वारा भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के पूर्व प्रमुख बृज भूषण शरण सिंह के खिलाफ एक नाबालिग पहलवान द्वारा दर्ज यौन उत्पीड़न के मामले को बंद करने के लिए दिल्ली पुलिस की रद्दीकरण रिपोर्ट को स्वीकार किए जाने के बाद, भाजपा नेता ने कहा, मैंने इस लड़ाई में कभी हार नहीं मानी और अब न्यायपालिका ने न्याय किया है।
दिल्ली की एक अदालत ने सोमवार को पूर्व डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष के खिलाफ एक नाबालिग पहलवान द्वारा दर्ज यौन उत्पीड़न के मामले को बंद करने के लिए दिल्ली पुलिस की रद्दीकरण रिपोर्ट को स्वीकार कर लिया। पटियाला हाउस कोर्ट की अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (एएसजे) गोमती मनोचा ने कहा, रद्दीकरण स्वीकार किया गया।
नाबालिग पहलवान द्वारा लगाए गए आरोपों पर एफआईआर यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण (पोक्सो) अधिनियम के तहत दर्ज की गई थी, साथ ही भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की संबंधित धाराओं के तहत शील भंग करने के कृत्य के संबंध में दर्ज की गई थी।
पुलिस की निरस्तीकरण रिपोर्ट 15 जून 2023 को दाखिल की गई, जिसका शिकायतकर्ता ने विरोध नहीं किया, जो कथित घटना के समय नाबालिग थी। 1 अगस्त 2023 को पीड़िता और उसके पिता ने पुलिस जांच पर संतोष व्यक्त किया और मामले में पुलिस की रिपोर्ट पर कोई आपत्ति नहीं जताई। 4 जुलाई 2023 को अदालत ने पुलिस की निरस्तीकरण रिपोर्ट पर शिकायतकर्ता से जवाब मांगा।
पुलिस द्वारा पटियाला हाउस कोर्ट में दाखिल 550 पन्नों की रिपोर्ट में कहा गया था कि नाबालिग पहलवान द्वारा लगाए गए आरोपों में कोई पुष्ट सबूत नहीं मिला। सिंह ने कहा, 18 जनवरी 2023 को मैंने साफ कहा था कि यह झूठा मामला है। मुझे दूसरों से मतलब नहीं है। मैं जानता हूं कि मैं कौन हूं। अगर कोई वाकई अपने जीवन में ऐसी घटनाओं को समझना चाहता है तो एक मिनट भी काफी है। इसलिए मैंने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। मैं आज भी अपने उस बयान पर कायम हूं। मैंने कहा था कि अगर एक भी आरोप साबित हो जाए तो मैं फांसी लगाने को तैयार हूं।
पीएम मोदी की अध्यक्षता में 28 मई को होगी केंद्रीय कैबिनेट की बैठक
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट की बैठक बुधवार सुबह 11:00 बजे प्रधानमंत्री आवास पर होगी। इस बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसलों पर चर्चा हो सकती है। पीएम मोदी दो दिवसीय गुजरात दौरे पर हैं। यहां वह कई कार्यक्रमों में हिस्सा ले रहे हैं। गुजरात दौरे के बाद वह दिल्ली लौटेंगे और बुधवार को केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में हिस्सा लेंगे।
इससे पहले, 14 मई को केंद्रीय कैबिनेट की बैठक हुई थी, जिसमें इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (आईएसएम) के तहत उत्तर प्रदेश में सेमीकंडक्टर यूनिट की स्थापना को मंजूरी दी गई थी। इससे 3,700 करोड़ रुपए का निवेश आकर्षित होगा।
यह यूनिट एचसीएल और फॉक्सकॉन का संयुक्त उद्यम है। दोनों मिलकर यमुना एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट ऑथोरिटी (यीडा) क्षेत्र में जेवर हवाई अड्डे के पास प्लांट स्थापित करेंगे। यह प्लांट 20,000 वेफर्स प्रति माह के लिए डिजाइन किया गया है और डिजाइन आउटपुट क्षमता 36 मिलियन यूनिट प्रति माह है।
इस प्लांट में मोबाइल फोन, लैपटॉप, ऑटोमोबाइल, पीसी और डिस्प्ले वाले अन्य डिवाइस के लिए डिस्प्ले ड्राइवर चिप्स का निर्माण होगा। कैबिनेट नोट के अनुसार, भारत में लैपटॉप, मोबाइल, सर्वर, मेडिकल डिवाइस, पावर इलेक्ट्रॉनिक्स, रक्षा उपकरण और उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग के तेजी से विकास के साथ सेमीकंडक्टर की मांग बढ़ रही है, यह नई यूनिट प्रधानमंत्री मोदी के 'आत्मनिर्भर भारत' के दृष्टिकोण को और आगे बढ़ाएगी।
इसके अलावा, 7 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति (सीसीईए) ने संशोधित 'शक्ति' नीति के अंतर्गत केंद्रीय क्षेत्र, राज्य क्षेत्र और स्वतंत्र विद्युत उत्पादकों (आईपीपी) के ताप विद्युत संयंत्रों को नए कोयला लिंकेज प्रदान करने की मंजूरी दी थी।
आधिकारिक बयान में कहा गया कि इस मंजूरी के तहत कोयला लिंकेज को 'विंडो-I' में अधिसूचित कीमत पर केंद्रीय और राज्यों को दिया जाना है। वहीं, कोयला लिंकेज को 'विंडो-II' में अधिसूचित कीमत से प्रीमियम पर उत्पादन इकाइयों (जेनको) को दिया जाता है।
पलामू में मारा गया टॉप माओवादी नक्सली कमांडर तुलसी भुइयां
पलामू। झारखंड में नक्सलियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में पुलिस और सुरक्षाबलों को लगातार दूसरे दिन बड़ी सफलता मिली है। पलामू जिले के हुसैनाबाद अनुमंडल क्षेत्र में सोमवार रात से माओवादी नक्सलियों के सशस्त्र दस्ते के साथ जारी मुठभेड़ में पुलिस ने एक टॉप नक्सली कमांडर तुलसी भुइयां को मार गिराया है। मौके से एक एसएलआर राइफल भी बरामद की गई है। मुठभेड़ मंगलवार सुबह तक जारी है।
बताया जा रहा है कि मुठभेड़ में कुछ अन्य नक्सलियों को गोली लगी है। पुलिस और सुरक्षा बलों की टीम पूरे इलाके में सर्च ऑपरेशन चला रही है। पलामू की एसपी रिष्मा रमेशन सहित सीआरपीएफ के बड़े अधिकारी भी मौके पर मौजूद हैं। पुलिस के आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि मोहम्मदगंज और हैदरनगर थाने की सीमावर्ती क्षेत्र सीताचुआं में 15 लाख के इनामी माओवादी नितेश के दस्ते के मूवमेंट की सूचना मिली थी। इस दस्ते में 10 लाख का इनामी संजय गोदराम भी शामिल है। सूचना के आधार पर पलामू पुलिस ने सुरक्षा बलों के साथ सर्च अभियान शुरू किया तो जंगल में छिपे नक्सलियों ने गोलीबारी शुरू कर दी।
इसके बाद पुलिस ने भी घेराबंदी कर जवाबी फायरिंग की। इसके पहले सोमवार को पड़ोसी जिले लातेहार के नेतरहाट थाना क्षेत्र में पुलिस ने पांच लाख का इनामी भाकपा माओवादी नक्सली कमांडर मनीष यादव को मार गिराया था। इसके साथ ही 10 लाख के इनामी नक्सली कुंदन खरवार को गिरफ्तार किया गया। 24 मई को भी लातेहार के इचवार जंगल में हुई मुठभेड़ में 10 लाख का इनामी पप्पू लोहरा और पांच लाख का इनामी प्रभात लोहरा मारे गए थे, जबकि एक घायल नक्सली को गिरफ्तार किया गया था।
इसके पहले, 21 अप्रैल को झारखंड के बोकारो जिला अंतर्गत ललपनिया स्थित लुगू पहाड़ी इलाके में सुरक्षा बलों एवं पुलिस के साथ मुठभेड़ में एक करोड़ का इनामी माओवादी कमांडर प्रयाग मांझी सहित आठ नक्सली मारे गए थे।
रेलवे मालवाहन में नई क्रांति: दाहोद में 9 हजार हॉर्सपावर इंजन निर्माण की शुरुआत
दाहोद। भारतीय रेलवे ने माल परिवहन के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक छलांग लगाई है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 26 मई को गुजरात के दाहोद स्थित रोलिंग स्टॉक वर्कशॉप में देश के पहले 9,000 हॉर्सपावर इलेक्ट्रिक मालवाहक इंजनों के निर्माण केंद्र का उद्घाटन किया। यह कदम भारत के लॉजिस्टिक्स सेक्टर को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करने और ‘मेक इन इंडिया’ तथा ‘मेक फॉर द वर्ल्ड’ अभियानों को मजबूती देने वाला है।
उच्च शक्ति, कम लागत
यह नया लोको निर्माण केंद्र हर साल 1,200 अत्याधुनिक इलेक्ट्रिक मालवाहक इंजन बनाएगा, जो 4,500 से 5,000 टन तक के माल को कठिन भू-भाग पर भी खींचने में सक्षम होंगे। यह इंजन ऊर्जा दक्ष IGBT तकनीक पर आधारित है और कम शोर, कम कंपन तथा अधिक पर्यावरणीय अनुकूलता जैसी खूबियों से लैस है।
दक्षता में क्रांति
अब तक भारतीय रेलवे में 4,500 और 6,000 हॉर्सपावर क्षमता वाले इंजन प्रचलन में थे। नया इंजन न केवल सबसे शक्तिशाली एकल इकाई इलेक्ट्रिक इंजन है, बल्कि इसकी एकीकृत डिजाइन लॉजिस्टिक्स लागत, यात्रा समय और ट्रिप की संख्या – तीनों को घटाएगी। इससे भीड़भाड़ कम होगी, ऊर्जा और मानव संसाधन की बचत होगी, और रेलवे नेटवर्क की समग्र दक्षता में सुधार होगा।
टिकाऊ निर्माण, स्मार्ट ऑपरेशन
इस इंजन का निर्माण ग्रीन मैन्युफैक्चरिंग सुविधा में किया जा रहा है, जहां ऊर्जा का बड़ा हिस्सा नवीकरणीय स्रोतों से आता है। इसमें रीजनरेटिव ब्रेकिंग है, जो ब्रेक लगाते समय ऊर्जा को वापस ग्रिड में भेजती है। ‘कवच’ सुरक्षा प्रणाली, वातानुकूलित केबिन, चारों ओर लगे कैमरे, और इलेक्ट्रॉनिक लॉक से लैस शौचालय जैसे फीचर्स इसे सबसे सुरक्षित और आधुनिक बनाते हैं।
स्थानीय रोजगार और वैश्विक पहुंच
यह प्रोजेक्ट न सिर्फ तकनीकी क्रांति है, बल्कि स्थानीय विकास की रीढ़ भी बन रहा है। 85% नौकरियां स्थानीय युवाओं को मिली हैं और वर्चुअल ट्रेनिंग मॉडल के ज़रिए उन्हें उच्च तकनीकी कौशल दिया जा रहा है। निर्माण केंद्र ब्रॉड गेज के साथ-साथ स्टैंडर्ड गेज इंजन भी बना सकेगा, जिससे भारत वैश्विक रेल निर्माण बाज़ार में अपनी हिस्सेदारी और बढ़ा सकेगा।
9,000 हॉर्सपावर वाला यह नया इंजन न सिर्फ रेलवे की मालवाहन क्षमता को बढ़ाएगा, बल्कि भारत को टिकाऊ, आधुनिक और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी लॉजिस्टिक्स राष्ट्र बनने की दिशा में मजबूत करेगा। दाहोद में शुरू हुई यह पहल रेलवे, उद्योग, तकनीक और युवाओं – सभी को साथ लेकर चलने वाली असली ‘गति शक्ति’ का प्रतीक बन चुकी है।
मलेशिया में आसियान शिखर सम्मेलन शुरू
कुआलालंपुर। मलेशिया की राजधानी कुआलालंपुर में दक्षिण पूर्व एशियाई राष्ट्रों के संगठन (आसियान) का 46वां शिखर सम्मेलन सोमवार को शुरू हुआ। सम्मेलन में क्षेत्रीय एकीकरण और व्यापार तथा आर्थिक व्यवधानों के विरुद्ध लचीलापन एजेंडे में शीर्ष पर रहा।
मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने पूर्ण अधिवेशन के उद्घाटन समारोह में बोलते हुए आसियान सदस्यों से बदलती विश्व व्यवस्था द्वारा लाई गई चुनौतियों का सामना करने के लिए मिलकर काम करने का आग्रह किया ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सतत और न्यायसंगत विकास का एजेंडा दरकिनार न हो।
उन्होंने कहा, आसियान के लिए हमारी शांति, स्थिरता और समृद्धि अक्सर एक खुली, समावेशी, नियम-आधारित अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था पर निर्भर रही है जो व्यापार, पूंजी और लोगों के मुक्त प्रवाह पर आधारित है। इन आधारों को अब मनमानी कार्रवाई के बल पर खत्म किया जा रहा है।
उन्होंने कहा, वास्तव में भू-राजनीतिक व्यवस्था में बदलाव हो रहा है और हाल ही में अमेरिका द्वारा एकतरफा टैरिफ लगाए जाने के कारण वैश्विक व्यापार प्रणाली और भी दबाव में है। संरक्षणवाद फिर से उभर रहा है क्योंकि हम बहुपक्षवाद को टूटते हुए देख रहे हैं।
श्री अनवर ने समूह के मित्रवत भागीदारों के साथ सहयोग को मजबूत करने के महत्व पर भी जोर दिया। उन्होंने पहले आसियान-चीन-खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) शिखर सम्मेलन के महत्व को ध्यान में रखा जो क्षेत्र के सबसे बड़े आर्थिक भागीदार चीन और जीसीसी के साथ समूह को एक साथ लाता है।
मलेशिया 2025 के लिए आसियान का अध्यक्ष है और 'समावेशीपन और स्थिरता' विषय के तहत आसियान शिखर सम्मेलन और संबंधित शिखर सम्मेलनों की मेजबानी कर रहा है। 1967 में स्थापित इस समूह में ब्रुनेई, कंबोडिया, इंडोनेशिया, लाओस, मलेशिया, म्यांमार, फिलीपींस, सिंगापुर, थाईलैंड और वियतनाम शामिल हैं।
कोरोना फिर पकड़ रहा रफ्तार: देश में एक्टिव केस 1000 के पार
JN.1 वैरिएंट बना सबसे बड़ी वजह
नई दिल्ली। देश में एक बार फिर कोरोना संक्रमण की रफ्तार बढ़ती दिख रही है। स्वास्थ्य मंत्रालय की ताज़ा रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में एक्टिव कोरोना मामलों की संख्या 1000 के पार पहुंच चुकी है। केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली सबसे ज्यादा प्रभावित राज्य हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, ओमिक्रॉन सब-वैरिएंट JN.1 अभी भी भारत में संक्रमण का प्रमुख कारण बना हुआ है।
किन राज्यों में कितने केस?
केरल: 430 एक्टिव केस
महाराष्ट्र: 209 केस
दिल्ली: 104 केस
गुजरात: 83 केस (76 नए)
कर्नाटक: 47 केस (34 नए)
राजस्थान: 13 केस (11 नए)
पश्चिम बंगाल: 12 केस (11 नए)
हरियाणा: 9 केस (8 नए)
उत्तर प्रदेश: 15 नए केस
कई राज्य अब भी कोरोना-मुक्त हैं, जिनमें सिक्किम, अंडमान-निकोबार, बिहार और असम शामिल हैं। पुडुचेरी में एक मरीज के ठीक हो जाने के बाद एक्टिव केस घटकर 9 रह गए हैं।
स्वास्थ्य विभाग की सख्ती
दिल्ली सहित कुछ राज्यों ने भीड़-भाड़ वाली जगहों से बचने की सलाह दी है। स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है और संभावित खतरों के लिए पूरी तैयारी है।
नए वेरिएंट्स पर नजर
WHO के अनुसार, कोविड के मामलों में बढ़ोतरी के पीछे LF.7 और NB.1.8 जैसे नए सब-वैरिएंट की भूमिका हो सकती है। ये वेरिएंट चीन और एशिया के कुछ हिस्सों में भी मामलों के बढ़ने की वजह बने हैं।
भारत में गुजरात में LF.7 के चार मामले और तमिलनाडु में NB.1.8.1 का एक मामला अप्रैल-मई में सामने आ चुका है।
लेकिन फिलहाल JN.1 वैरिएंट ही 53% मामलों के लिए जिम्मेदार है।
इसके बाद BA.2 (26%) और अन्य ओमिक्रॉन सब-वेरिएंट (20%) का स्थान है।
अभी घबराने की जरूरत नहीं, लेकिन सतर्कता जरूरी
हालांकि NB.1.8 और LF.7 वेरिएंट ज्यादा गंभीर बीमारी का कारण नहीं बनते, लेकिन ये अधिक संक्रामक हैं। संक्रमितों में अधिकतर लक्षण सामान्य सर्दी या हल्के फ्लू जैसे पाए गए हैं।
वैक्सीन अब भी दे रही सुरक्षा
कोविड वैक्सीन गंभीर संक्रमण से बचाने में अब भी प्रभावी साबित हो रही है। ऐसे में जिन लोगों ने अभी तक टीका नहीं लगवाया है, उन्हें तत्काल वैक्सीनेशन कराने की सलाह दी गई है।
कोरोना की नई लहर अभी शुरुआती चरण में है, लेकिन यदि लापरवाही बरती गई तो हालात तेजी से बिगड़ सकते हैं। मास्क पहनना, हाथ धोना और भीड़ से बचना फिर से ज़रूरी हो गया है। स्वस्थ रहें, सतर्क रहें।