देश-विदेश
जामनगर में वायुसेना का फाइटर प्लेन क्रैश: एक पायलट की मौत
गुजरात। जामनगर जिले में बुधवार रात भारतीय वायुसेना का एक जगुआर फाइटर प्लेन क्रैश हो गया है। विमान में दो पायलट थे, जिनमें से एक पायलट की मौत हो गई है, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल है।
यह घटना जामनगर के सुवर्णा रोड गांव के पास हुई, जहां प्लेन के क्रैश होने के बाद भीषण आग लग गई। चारों तरफ धुआं-धुआं नजर आने लगा। आग की लपटों से आस-पास के इलाके में डर का माहौल है। जिस जगह पर प्लेन क्रैश हुआ, वहां बड़ी संख्या में ग्रामीण और पुलिस-प्रशासन के अधिकारी मौजूद हैं।
जानकारी के अनुसार, क्रैश होने के बाद प्लेन कई टुकड़ों में बंट गया है। प्लेन के क्रैश होने के बाद घटनास्थल पर लोगों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई। इस क्रैश को लेकर वायुसेना की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
इससे पहले, हरियाणा के अंबाला जिले में 7 मार्च को वायुसेना का एक फाइटर जेट दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। हालांकि, पायलट ने समय रहते सुरक्षित इजेक्ट कर लिया। फाइटर जेट गिरने के कारण कोई बड़ी दुर्घटना नहीं हुई थी।
वायुसेना ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में बताया था कि नियमित प्रशिक्षण उड़ान के दौरान अंबाला में एक जगुआर विमान सिस्टम में खराबी आने से दुर्घटनाग्रस्त हो गया। सुरक्षित इजेक्ट करने से पहले पायलट विमान को आबादी से दूर ले गया। दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए भारतीय वायुसेना ने जांच के आदेश दिए थे।
कुछ ही देर में राज्यसभा में पेश होगा वक्फ संशोधन बिल, चर्चा के लिए 8 घंटे का समय
नई दिल्ली। मोदी सरकार 3.0 ने अपनी पहली परीक्षा डिस्टिंक्शन के साथ पास कर ली है। अब आज राज्यसभा में बिल पर चर्चा की जाएगी। लोकसभा में बिल के पक्ष में 288 सांसदों ने वोट किया वहीं बिल के विरोध में 232 वोट पड़े। वक्फ संशोधन बिल पर लोकसभा में 14 घंटे से ज्यादा चली गरमा गरम बहस हुई।
इस दौरान विपक्ष बिल को मुसलमानों के खिलाफ साबित करने में लगा रहा। विपक्ष के सांसदों ने चर्चा के दौरान बिल के खिलाफ 100 से ज्यादा संशोधन प्रस्ताव दिए। लेकिन वोटिंग के दौरान विपक्ष के सभी संशोधन गिर गए। विपक्ष का हर दावा फेल हो गया।
अब सभी की नजरें राज्यसभा पर टिकी हैं, जहां आज इस बिल पर चर्चा होने की उम्मीद है।
दिल्ली में पानी की किल्लत से निपटने के लिए खुदेंगे ट्यूबवेल, बढ़ेंगे टैंकर; जल मंत्री प्रवेश वर्मा ने बताया जलसंकट से निपटने की क्या है तैयारी
गर्मियों में दिल्लीवासियों को पानी की कमी का सामना न करना पड़े, इसके लिए दिल्ली सरकार ने व्यापक योजनाएं बनाई हैं. जल मंत्री प्रवेश वर्मा(Pravesh Verma) ने बुधवार को विधानसभा में इस संबंध में जानकारी साझा की. उन्होंने बताया कि जलसंकट से निपटने के लिए शहर में 239 नए ट्यूबवेल स्थापित किए जाएंगे और जल आपूर्ति में सुधार के लिए जल टैंकरों की संख्या बढ़ाकर 1327 की जाएगी. इसके अतिरिक्त, वर्मा ने यह भी बताया कि शहर को टैंकर मुक्त बनाने की दिशा में भी प्रयास किए जा रहे हैं. उन्होंने विभाग में 180 जूनियर इंजीनियरों की भर्ती और प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में मजदूरों की संख्या 10 से बढ़ाकर 20 करने की योजना की घोषणा की.
प्रवेश वर्मा ने जानकारी दी कि दिल्ली की मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार जल वितरण की निगरानी के लिए दिल्ली जल बोर्ड के कार्यालय में एक कमांड सेंटर की स्थापना की गई है, जिसका उद्घाटन आगामी एक-दो दिनों में मुख्यमंत्री गुप्ता द्वारा किया जाएगा. इसके अतिरिक्त, वर्मा ने बताया कि विभाग के कर्मचारियों की जवाबदेही बढ़ाने के लिए बायोमैट्रिक उपस्थिति को अनिवार्य किया जाएगा और टैंकरों की निगरानी के लिए उनमें जीपीएस प्रणाली भी स्थापित की जाएगी.
इस अवसर पर उन्होंने भाजपा विधायकों की कड़ी मेहनत की सराहना करते हुए कहा कि वे जनता की समस्याओं के प्रति इतने संवेदनशील हैं कि केवल 15 दिनों में ही वे चीफ इंजीनियर के स्तर तक पहुंच गए हैं. जलमंत्री का यह बयान इस कारण था कि उनके अनुसार, अधिकांश विधायकों को जल बोर्ड के अधिकारियों से भी अधिक जानकारी प्राप्त हो चुकी है.
विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता से बात करते हुए प्रवेश वर्मा ने कहा कि मैं अध्यक्षजी को एक बात के लिए बधाई देना चाहता हूं. हमारे कई सदस्य पहली बार विधायक बने हैं, लेकिन केवल 15 दिनों में ही वे सभी चीफ इंजीनियर की तरह काम कर रहे हैं. जब वे मेरे पास आते हैं, तो हमारे अधिकारियों को भी उतनी जानकारी नहीं होती, जितनी विधायकों को होती है. उन्हें यह पता है कि किस डाया की लाइन या पाइप डालनी है, उनकी चौड़ाई क्या होनी चाहिए, और कहां पर डिफेक्ट या लीकेज है. हर क्षेत्र और गली की पूरी जानकारी उनके पास है, जिससे अधिकारी भी हैरान हैं कि 15 दिनों में उन्हें यह सब कैसे पता चला.
उन्होंने आगे कहा कि विधायकों को यह जानकारी इस कारण मिली है कि वे प्रतिदिन सुबह दो से तीन घंटे जनता के बीच बिताते हैं, उनके साथ संवाद करते हैं और उनकी समस्याओं को सुनते हैं. वे गलियों का दौरा कर रहे हैं और वहां जाकर लोगों के बीच काम कर रहे हैं. सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि उनमें काम करने की सच्ची इच्छा है. वे केवल अपने होर्डिंग लगाकर प्रचारित नहीं होना चाहते, बल्कि वास्तविक कार्य करना चाहते हैं.
डिमांड और सप्लाई में 260 MGD पानी का अंतर
जल मंत्री प्रवेश वर्मा ने विधानसभा में जानकारी दी कि दिल्ली को प्रतिदिन 1250 मिलियन गैलन (MGD) पानी की आवश्यकता है, जबकि वर्तमान में केवल 990 MGD पानी उपलब्ध है. इसमें से 864 MGD पानी अन्य राज्यों से प्राप्त किया जाता है, जबकि 126 MGD ग्राउंड वाटर के रूप में लिया जाता है. इस कमी को पूरा करने के लिए, सरकार अगले तीन महीनों में 239 नए ट्यूबवेल स्थापित करने की योजना बना रही है, जिनमें से मई में 96, जून में 88 और जुलाई में 55 ट्यूबवेल कार्यशील हो जाएंगे.
जलमंत्री बोले- दिल्ली में पानी की कमी नहीं
वर्मा ने बताया कि वर्तमान में 901 पानी के टैंकर कार्यरत हैं, जिन्हें बढ़ाकर 1327 किया जाएगा. उन्होंने टैंकरों को एक अस्थायी उपाय के रूप में वर्णित करते हुए कहा कि पानी की कमी के असली कारणों का समाधान करना आवश्यक है. जलमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि हमारे पास पर्याप्त जल संसाधन हैं, लेकिन हमें अपनी कमियों को दूर करना होगा, जिसमें लीकेज और चोरी को रोकना प्राथमिकता है.
पानी के टैंकरों में GPS व सेंसर लगाए जाएंगे
मंत्री ने जानकारी दी कि ‘सीवरों की सफाई के उद्देश्य से शीघ्र ही 32 नई सुपर सकर मशीनें स्थापित की जाएंगी, इसके साथ ही 30 अतिरिक्त मशीनों के लिए टेंडर को मंजूरी दी जाएगी, जिससे प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में एक मशीन उपलब्ध हो सके. उन्होंने यह भी बताया कि अगले चार महीनों में सभी प्रमुख नालों और सीवरों से गाद को हटाने का कार्य पूरा कर लिया जाएगा, और पानी के टैंकरों में सेंसर लगाए जाएंगे ताकि पानी के स्तर की सटीक निगरानी की जा सके.’
अगले 15 दिन में अटेंडेंस के लिए बायोमैट्रिक सिस्टम लगेंगे
वर्मा ने बताया कि दिल्ली जल बोर्ड के कार्यालय ‘वरुणालय’ में जवाबदेही को बेहतर बनाने के लिए अगले 15 दिनों में फिंगरप्रिंट और बायोमैट्रिक सिस्टम लागू करने के निर्देश दिए गए हैं. इसके साथ ही, उन्होंने यह भी जानकारी दी कि रखरखाव और परियोजना कार्य के लिए विभाग में 180 जूनियर इंजीनियरों की भर्ती की जाएगी, और प्रत्येक निर्वाचन क्षेत्र में मजदूरों की संख्या 10 से बढ़ाकर 20 करने का निर्णय लिया गया है.
वर्मा ने बताया कि शहर में जल संकट को हल करने के लिए वर्तमान में 901 पानी के टैंकर कार्यरत हैं, और इस वर्ष इनकी संख्या बढ़ाकर 1327 करने की योजना है. हालांकि, उन्होंने टैंकरों को एक अस्थायी उपाय के रूप में देखा और कहा कि जल संकट के मूल कारणों का समाधान आवश्यक है. जलमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि हमारे पास जल की कोई कमी नहीं है, बल्कि हमें अपनी कमियों को दूर करना होगा, जिसमें लीकेज और जल चोरी को रोकना शामिल है.
शादी की सालगिरह पर पत्नी को देना था गिफ्ट, पति ने दोस्त के साथ मिलकर की 8 लाख की चोरी
शादी की सालगिरह पर पत्नी को महंगा उपहार देने के लिए एक शख्स ने चोरी की योजना बनाई. उसने अपने एक साथी के साथ मिलकर 8 लाख रुपये की चोरी की, लेकिन दिल्ली पुलिस ने दोनों को पकड़ लिया. पुलिस ने इस मामले से संबंधित 100 से अधिक CCTV फुटेज की जांच की, जिससे अपराधियों की पहचान संभव हुई और उन्हें गिरफ्तार किया गया. गिरफ्तारी के दौरान उनके पास से चोरी के उपकरण और मूल्यवान सामान भी बरामद हुए हैं.
दिल्ली के द्वारका जिले की एंटी पीओ और जेल बेल सेल की टीम को डीसीपी द्वारका द्वारा जेल से रिहा हुए अपराधियों और संगठित अपराधों में संलिप्त बदमाशों की निगरानी करने का आदेश दिया गया था. इस दिशा में, टीम ने क्षेत्र में हुई घटनाओं की गहन जांच की. पुलिस ने 21-22 मार्च 2025 की रात ककरोला में हुई 8 लाख रुपये की चोरी के मामले में सीसीटीवी फुटेज की समीक्षा करने के बाद अपराधियों तक पहुंचने में सफलता प्राप्त की.
हरियाणा से दोनों आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने वीडियो फुटेज के आधार पर एक टैक्सी का पता लगाया, जिसका उपयोग अपराध में किया गया था. इसके परिणामस्वरूप, 28 मार्च को आरोपी अशोक कुमार, जो बापरोला विहार, नजफगढ़ का निवासी है, को गुरुग्राम से गिरफ्तार किया गया. उसके पास से उस वारदात में प्रयुक्त कार और चोरी के सामान मिले. इसके बाद, 30 मार्च को पुलिस ने दूसरे आरोपी मनोज कुमार, जो निशांत पार्क, द्वारका का निवासी है, को बहादुरगढ़ से पकड़ा और उसकी निशानदेही पर चार मोबाइल फोन बरामद किए.
पत्नी को शादी की सालगिरह पर गिफ्ट देने के लिए की चोरी
पुलिस की पूछताछ में दोनों आरोपियों ने आर्थिक कठिनाइयों और बुरी आदतों के चलते अपराध की दुनिया में प्रवेश करने की बात स्वीकार की. मनोज ने यह भी बताया कि वह अपनी पत्नी को शादी की सालगिरह पर चोरी के पैसे से एक मोबाइल फोन उपहार देना चाहता था. जांच के दौरान यह सामने आया कि दोनों आरोपी पहले भी चोरी, स्नैचिंग और लूटपाट जैसी लगभग दो दर्जन घटनाओं में शामिल रहे हैं. पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी के बाद कुल 12 मामलों का खुलासा किया है. उनके पास से वारदात में प्रयुक्त कार और घर में सेंध लगाने के उपकरण मिले हैं, साथ ही चोरी के पैसों से खरीदे गए दो नए मोबाइल फोन और दो अन्य चोरी किए गए मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं.
‘भाजपा आई, बिजली गई’: दिल्ली में बिजली कटौती के मुद्दे पर AAP का कश्मीरी गेट-कालकाजी में विरोध प्रदर्शन
दिल्ली में विपक्षी दल आम आदमी पार्टी(AAP) लगातार रेखा सरकार(Rekha Gupta Government) को बिजली कटौती के मुद्दे पर घेरने का प्रयास कर रही है. इस क्रम में, पार्टी के कुछ कार्यकर्ता गुरुवार को दिल्ली के विभिन्न क्षेत्रों जैसे कश्मीरी गेट, आईटीओ, बुराड़ी विधानसभा और कालकाजी में प्रदर्शन कर रहे हैं. इस प्रदर्शन के दौरान, आम आदमी पार्टी ने कई स्थानों पर मानव बैनर लगाए हैं, जिन पर लिखा है “भाजपा आई, बिजली गई”. कश्मीरी गेट में आप विधायक कुलदीप कुमार ने भी इस ह्यूमन बैनर के साथ विरोध प्रदर्शन में भाग लिया.
आईटीओ पर प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं को पुलिस ने वहां से हटा दिया है और बैनर भी हटा दिए गए हैं. आम आदमी पार्टी बिजली कटौती के मुद्दे पर बीजेपी को लगातार घेर रही है, जबकि पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी सोशल मीडिया पर इस विषय पर लगातार पोस्ट कर रही हैं.
AAP ने बिजली के मुद्दे पर BJP को घेरा
पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी ने हाल ही में एक्स पर दिल्ली के बिजली मंत्री आशीष सूद पर तीखा हमला किया. उन्होंने लिखा कि मंत्री जी के अपने विधानसभा क्षेत्र में बिजली की आपूर्ति ठप है. आतिशी लगातार एक्स पर बिजली कटने की शिकायतों को साझा कर रही हैं. 1 अप्रैल को उन्होंने एक वीडियो पोस्ट करते हुए कहा कि दिल्ली के लोग पिछले 40 दिनों से लंबे समय तक बिजली कटने से परेशान हैं, जबकि बिजली मंत्री समस्या का समाधान करने के बजाय विधानसभा में झूठ बोलकर अपनी सरकार की विफलता को छिपाने में लगे हैं. इसके साथ ही, उन्होंने बिजली मंत्री के तीन झूठ भी उजागर किए.
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि आशीष सूद का पहला गलत बयान यह है कि दिल्ली में केजरीवाल सरकार के दौरान 24 घंटे बिजली नहीं मिलती थी. वास्तविकता यह है कि 3 फरवरी 2025 को राज्यसभा में प्रस्तुत किए गए केंद्र सरकार के आंकड़े स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं कि दिल्ली में 24 घंटे बिजली उपलब्ध थी. दूसरा गलत बयान यह है कि दिल्ली में बिजली कटौती बीजेपी सरकार की असफलता नहीं, बल्कि शेड्यूल्ड कट हैं. तीसरा गलत बयान यह है कि आप कार्यकर्ता और बॉट्स झूठे बिजली कटौती के ट्वीट कर रहे हैं. सच्चाई यह है कि बीजेपी समर्थक स्वयं बिजली कटौती की शिकायत कर रहे हैं.
AAP ने विधानसभा में किया प्रदर्शन
1 अप्रैल को, बीजेपी द्वारा पॉवर कट के मुद्दे पर आम आदमी पार्टी के विधायकों ने विधानसभा परिसर में हाथों में पॉवर कट का मानचित्र लेकर प्रदर्शन किया. उन्होंने बीजेपी सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए 24 घंटे बिजली की आपूर्ति की मांग की.
BJP ने किया पलटवार
बीजेपी ने आपके द्वारा लगाए जा रहे आरोपों का जवाब दिया है. दिल्ली के बिजली मंत्री आशीष सूद ने 1 अप्रैल को बिजली कटौती के संबंध में गलत जानकारी फैलाने वालों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी. उन्होंने कहा कि हम फर्जी अकाउंट और उनके समर्थकों के खिलाफ सख्त कदम उठाएंगे. सूद ने इस मुद्दे पर ध्यानाकर्षण प्रस्ताव का जवाब देते हुए दिल्ली विधानसभा में स्पष्ट किया कि हम दोषियों के खिलाफ नागरिक कार्रवाई नहीं, बल्कि आपराधिक कार्रवाई करेंगे.
बिजली मंत्री ने दिल्ली में बिजली संकट के आरोपों को नकारते हुए स्पष्ट किया कि गर्मियों से पहले पॉवर ग्रिड की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए कटौती नियमित रखरखाव का एक हिस्सा है. उन्होंने कहा कि हमारी सरकार केवल 40 दिन पुरानी है, फिर भी कुछ लोग यह दावा कर रहे हैं कि हमने पिछले 10 वर्षों से सुचारू रूप से चल रहे सिस्टम में बाधा डाल दी है, जबकि वास्तव में पिछले एक दशक में कोई बिजली संकट नहीं आया है.
ममता बनर्जी को बड़ा झटका, SC ने बरकरार रखा 25000 नियुक्तियों को रद्द करने का फैसला
सुप्रीम कोर्ट(Suprem Court) ने गुरुवार को पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी(Mamta Banerjee) सरकार को एक महत्वपूर्ण झटका देते हुए कलकत्ता हाईकोर्ट के उस निर्णय को स्वीकार कर लिया, जिसमें 2016 में हुई शिक्षक और गैर-शिक्षक भर्ती में लगभग 25000 नियुक्तियों को रद्द किया गया था. यह मामला चर्चित ‘स्कूल जॉब्स फॉर कैश’ घोटाले से संबंधित है, जिसमें भर्ती प्रक्रिया में व्यापक हेरफेर और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए थे.
मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना और न्यायमूर्ति पीवी संजीव कुमार की पीठ ने स्पष्ट किया कि भर्ती प्रक्रिया में व्यापक धांधली और फर्जीवाड़ा हुआ है, जिससे इसकी वैधता और विश्वसनीयता समाप्त हो गई है. अदालत ने उच्च न्यायालय के निर्णय में हस्तक्षेप करने से मना करते हुए कहा, “हमने मामले के तथ्यों का अध्ययन किया है. चयन प्रक्रिया पूरी तरह से हेरफेर और धोखाधड़ी से प्रभावित है. इसमें हस्तक्षेप का कोई औचित्य नहीं है. इस प्रक्रिया के तहत चयनित उम्मीदवारों को हटाया जाना चाहिए, क्योंकि उनकी नियुक्तियां धोखाधड़ी के आधार पर हुई हैं.”
सुप्रीम कोर्ट ने यह स्पष्ट किया है कि अब तक नियुक्त उम्मीदवारों को अपने वेतन वापस करने की आवश्यकता नहीं है. अदालत ने यह भी आदेश दिया कि नई भर्ती प्रक्रिया तीन महीने के भीतर पूरी की जाए. इसके अलावा, सुप्रीम कोर्ट ने यह उल्लेख किया कि नई चयन प्रक्रिया में उन उम्मीदवारों को कुछ छूट दी जा सकती है जो इस घोटाले से प्रभावित नहीं हुए हैं.
क्या है ‘स्कूल जॉब्स फॉर कैश’ घोटाला?
यह घोटाला 2016 में पश्चिम बंगाल के सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में हुई भर्ती से संबंधित है. इस परीक्षा में 23 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने भाग लिया, लेकिन बाद में यह आरोप सामने आया कि OMR शीट्स का मूल्यांकन गलत तरीके से किया गया और कई अपात्र उम्मीदवारों को अनुचित रूप से नौकरी प्रदान की गई.
कलकत्ता हाईकोर्ट ने अप्रैल 2024 में 25,000 नियुक्तियों को अवैध मानते हुए रद्द कर दिया. कोर्ट ने यह स्पष्ट किया कि 23 लाख उत्तर पुस्तिकाओं में से किसकी जांच सही तरीके से हुई, यह सुनिश्चित नहीं है, इसलिए सभी की पुनः जांच आवश्यक है. इसके साथ ही, हाईकोर्ट ने सभी नियुक्त कर्मचारियों को अब तक प्राप्त वेतन लौटाने का निर्देश दिया, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इस आदेश को अस्वीकार कर दिया.
हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई थीं 126 अपीलें
सुप्रीम कोर्ट में इस निर्णय के खिलाफ 126 अपीलें प्रस्तुत की गई थीं, जिनमें से एक पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा दायर की गई थी. राज्य सरकार ने यह तर्क दिया कि उच्च न्यायालय ने केवल मौखिक तर्कों के आधार पर, बिना किसी हलफनामे के, नियुक्तियों को रद्द कर दिया. सरकार ने चेतावनी दी थी कि इस निर्णय के परिणामस्वरूप स्कूलों में शिक्षकों की गंभीर कमी उत्पन्न होगी.
घोटाले में शामिल नेताओं और अधिकारियों की गिरफ्तारी
इस भर्ती घोटाले में कई प्रमुख व्यक्तियों की संलिप्तता सामने आई है. इसमें पश्चिम बंगाल के पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी, तृणमूल कांग्रेस (TMC) के विधायक माणिक भट्टाचार्य और जीवन कृष्ण साहा को गिरफ्तार किया गया है. इसके अतिरिक्त, निलंबित टीएमसी नेता शांतनु कुंडू और कुन्तल घोष भी इस मामले में जेल की सजा काट रहे हैं.
CBI जारी रखेगी जांच
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के अनुसार, केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) इस मामले की जांच को जारी रखेगा. अदालत के इस निर्णय ने पश्चिम बंगाल सरकार की स्थिति को कमजोर किया है और भर्ती घोटाले से प्रभावित हजारों उम्मीदवारों के भविष्य पर अनिश्चितता के बादल छा गए हैं.
डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर 26 प्रतिशत टैरिफ लगाया
वाशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रेसिप्रोकल टैरिफ की घोषणा कर दी है। उन्होंने सबसे पहले सभी तरह के विदेशी वाहनों पर 25 प्रतिशत टैरिफ का ऐलान किया है। इसके बाद उन्होंने भारत पर 26 प्रतिशत टैरिफ लगाने की घोषणा की है। व्हाइट हाउस के रोज गार्डन में ट्रंप ने संवाददाताओं के सामने इसका ऐलान किया है।
इस दौरान ट्रंप ने कहा कि आज का दिन अमेरिकी उद्योग जगत के पुनर्जन्म का दिन है। ट्रंप ने चीन 34 प्रतिशत, यूरोपीय संघ (EU) पर 20 प्रतिशत, वियतनाम पर 46 प्रतिशत, जापान पर 24 प्रतिशत, दक्षिण कोरिया पर 25 प्रतिशत, ब्रिटेन पर 10 प्रतिशत, थाईलैंड पर 36 प्रतिशत और स्विट्जरलैंड पर 31 प्रतिशत टैरिफ लगाने का ऐलान किया है। ट्रंप ने कहा कि टैरिफ दर की गणना अमेरिकी वस्तुओं पर किसी देश द्वारा लगाए गए संचयी टैरिफ, जिसमें गैर-मौद्रिक बाधाएं भी शामिल हैं, के आधार पर की गई है।
आधी रात वक्फ संशोधन विधेयक लोकसभा में पारित
नई दिल्ली। वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 गुरुवार को लोकसभा में पारित हो गया। अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने बुधवार को विधेयक सदन में पेश किया और चर्चा का जवाब देते हुए उन्होंने बताया कि यह मुस्लिम समुदाय के हित में है। विधेयक को 288 के मुकाबले 232 मतों से सदन की मंजूरी मिल गई। इस महत्वपूर्ण विधेयक को पारित कराने के लिए सदन की बैठक रात लगभग दो बजे तक चली। इसके अलावा, मुसलमान वक्फ अधिनियम, 1923 का निरसन करने वाला मुसलमान वक्फ (निरसन) विधेयक, 2024 भी सदन में ध्वनि मत से पारित हो गया।
चर्चा के बाद वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 पर विचार के लिए जब किरेन रिजिजू ने प्रस्ताव रखा, तो विपक्ष के कुछ सदस्यों ने मत विभाजन की मांग की। इसके पक्ष में 288 और विरोध में 232 मत पड़े। हालांकि, लॉबी क्लीयर करने के बाद कई सदस्यों को सदन में दाखिल होने देने को लेकर विवाद भी हुआ।
विपक्षी सदस्यों की आपत्तियों का जवाब देते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने स्पष्ट किया कि नए संसद भवन में शौचालय की व्यवस्था लॉबी में ही की गई है और सिर्फ लॉबी से ही सदस्यों को अंदर आने दिया गया है। किसी को भी बाहर से आने की अनुमति नहीं दी गई है।
वक्फ बोर्ड में दो गैर-मुस्लिम सदस्यों के प्रावधान को लेकर रिवॉल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी के सदस्य एन.के. प्रेमचंद्रन द्वारा प्रस्तुत एक संशोधन पर भी मत विभाजन हुआ। उनका संशोधन 231 के मुकाबले 288 मतों से अस्वीकृत हो गया। विपक्ष के अन्य सभी संशोधनों को सदन ने ध्वनिमत से खारिज कर दिया।
वहीं, सरकार की ओर से पेश तीन संशोधनों को सदन की स्वीकृति मिली और विधेयक में खंड 4ए तथा 15ए जोड़े गए। जिस समय विधेयक पर मतदान हो रहा था, सदन के नेता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी लोकसभा में मौजूद नहीं थे। चर्चा का जवाब देते हुए किरेन रिजिजू ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार समाज के हर वर्ग का ध्यान रखती है। उन्होंने विपक्षी सदस्यों के इन आरोपों पर आपत्ति जताई कि देश में अल्पसंख्यक सुरक्षित नहीं हैं। उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने स्पष्ट किया है कि इस विधेयक से किसी का नुकसान नहीं होगा। उन्होंने आज के दिन को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इस विधेयक से करोड़ों-करोड़ मुस्लिम महिलाएं और बच्चे लाभांवित होंगे।
चर्चा के दौरान सत्तापक्ष के सांसदों ने विधेयक को अत्यंत महत्वपूर्ण और सुधारात्मक कदम बताते हुए इसे भारतीय मुसलमानों के हित में बताया। सरकार ने दावा किया कि यह बिल वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में पारदर्शिता और जिम्मेदारी बढ़ाएगा, जिससे वक्फ संपत्तियों का बेहतर उपयोग किया जा सकेगा और उनका दुरुपयोग रोका जा सकेगा।
वहीं, विपक्ष ने इस विधेयक को लेकर कई आपत्तियां उठाईं। विपक्ष का कहना था कि यह वक्फ बोर्डों की स्वायत्तता में हस्तक्षेप करेगा और मुसलमानों के धार्मिक मामलों में सरकार का अतिक्रमण होगा। एआईएमआईएम के असदुद्दीन ओवैसी ने विधेयक का विरोध किया और अपनी बात रखने के बाद अंत में विधेयक की प्रति फाड़ दी।
पीएम मोदी की थाईलैंड और श्रीलंका यात्रा पर रवाना, चार दिन बाद लौटेंगे
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी गुरुवार को बैंकॉक में बिम्सटेक शिखर सम्मेलन में भाग लेने और दोनों देशों के साथ संबंधों को मजबूत करने के लिए थाईलैंड और श्रीलंका की चार दिवसीय यात्रा पर रवाना हुए।
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, अगले तीन दिनों में मैं थाईलैंड और श्रीलंका का दौरा करूंगा और इन देशों तथा बिम्सटेक देशों के साथ भारत के सहयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लूंगा। आज बाद में बैंकॉक में मैं प्रधानमंत्री पैतोंगतार्न शिनावात्रा से मिलूंगा और भारत-थाईलैंड मैत्री के सभी पहलुओं पर चर्चा करूंगा। कल मैं बिम्सटेक शिखर सम्मेलन में भाग लूंगा और थाईलैंड के राजा महा वजीरालोंगकोर्न से भी मुलाकात करूंगा।
पीएम मोदी ने एक अन्य एक्स पोस्ट पर लिखा, मेरी श्रीलंका यात्रा 4 से 6 तारीख तक होगी। यह यात्रा राष्ट्रपति अनुरा कुमार दिसानायके की भारत की सफल यात्रा के बाद हो रही है। हम बहुआयामी भारत-श्रीलंका मैत्री की समीक्षा करेंगे और सहयोग के नए अवसरों पर चर्चा करेंगे। मैं वहां होने वाली विभिन्न बैठकों की प्रतीक्षा कर रहा हूं।
मिली जानकारी के मुताबिक, इस यात्रा के दौरान भारत और श्रीलंका के बीच 10 समझौतों पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद है, जिसमें 1980 के दशक के अंत में द्वीपीय देश के गृह युद्ध के दौरान भारतीय शांति सेना (आईपीकेएफ) के हस्तक्षेप के बाद पहली बार रक्षा सहयोग को नवीनीकृत करने के लिए एक महत्वपूर्ण समझौता भी शामिल है।
बैंकॉक में होने वाले बिम्सटेक शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस के बीच पहली द्विपक्षीय वार्ता हो सकती है। रोहिंग्या और प्राथमिकता वाले मुद्दों पर मुख्य सलाहकार के उच्च प्रतिनिधि खलीलुर रहमान ने बुधवार को कहा कि बिम्सटेक सदस्य देशों के नेता, यूनुस के साथ भविष्य के कार्यों पर चर्चा करेंगे।
एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए रहमान ने कहा, हमने भारत से यह वार्ता (दोनों देशों के नेताओं के बीच) आयोजित करने का अनुरोध किया है। इस बैठक के होने की पर्याप्त संभावना है।
बिम्सटेक शिखर सम्मेलन 2-4 अप्रैल तक बैंकॉक, थाईलैंड में आयोजित किया जा रहा है। 4 अप्रैल को बिम्सटेक की अध्यक्षता आधिकारिक तौर पर बांग्लादेश को सौंप दी जाएगी। 4 अप्रैल को होने वाले इस शिखर सम्मेलन की मेजबानी बिम्सटेक के वर्तमान अध्यक्ष थाईलैंड कर रहा है। यह पीएम मोदी की थाईलैंड की तीसरी यात्रा होगी।
यह 2018 में नेपाल के काठमांडू में आयोजित चौथे बिम्सटेक शिखर सम्मेलन के बाद बिम्सटेक नेताओं की पहली आमने-सामने की बैठक भी होगी। 5वां बिम्सटेक शिखर सम्मेलन, मार्च 2022 में कोलंबो, श्रीलंका में वर्चुअली आयोजित किया गया था।
अमेरिकी सीनेटर ने नॉन-स्टॉप भाषण देकर बनाया नया रिकॉर्ड
न्यूयॉर्क। सीनेट में लगातार 25 घंटे से अधिक समय तक राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ बोलते हुए एक डेमोक्रेट सीनेटर ने कांग्रेस में सबसे लंबे भाषण का रिकॉर्ड बनाया है। सीनेटर कोरी बुकर ने सोमवार शाम को अपना भाषण शुरू किया और मंगलवार शाम को इसे समाप्त किया। बिना किसी ब्रेक के, एक व्याख्यान-पीठ पर खड़े होकर दिए गए भाषण में असाधारण सहनशक्ति का प्रदर्शन किया।
उन्होंने सीनेट के उस नियम का लाभ उठाया जो सीनेटरों को ट्रंप की नीतियों के खिलाफ अभियान चलाने और उनकी छवि बनाने के लिए समय सीमा के बिना बोलने की अनुमति देता है। उन्होंने 2020 में डेमोक्रेटिक पार्टी के राष्ट्रपति पद के नामांकन के लिए असफल रूप से भाग लिया और अंततः पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन का समर्थन किया।
साथी डेमोक्रेट्स ने नियमों के तहत अनुमति के अनुसार उनसे सवाल भी पूछे। उन्होंने 1957 में एक नस्लवादी सीनेटर स्ट्रोम थरमंड द्वारा बनाए गए रिकॉर्ड को तोड़ दिया, जिन्होंने नागरिक अधिकार अधिनियम को पारित होने से रोकने के लिए सीनेट में 24 घंटे और 18 मिनट तक का भाषण दिया था, जिसने अमेरिकियों के लिए मतदान के अधिकार की गारंटी दी।
थरमंड के भाषण समाप्त होने के कुछ घंटों बाद सीनेट ने ऐतिहासिक नागरिक अधिकार कानून पारित कर दिया और राष्ट्रपति ड्वाइट आइजनहावर ने इसे कानून में हस्ताक्षरित कर दिया। जब उन्होंने अपना मैराथन भाषण दिया, तब थरमंड एक डेमोक्रेट थे। 1964 में थरमंड रिपब्लिकन पार्टी में चले गए, तब तक दोनों पार्टियों ने अपनी नीतियां बदल ली थीं।
बुकर ने थरमंड के बारे में कहा, "उनसे नफरत करना गलत है, और आगे कहा, मैं उनके भाषण के कारण यहां नहीं हूं। मैं उनके भाषण के बावजूद यहां हूं। मैं यहां इसलिए हूं क्योंकि वे जितने शक्तिशाली थे, लोग उससे कहीं अधिक शक्तिशाली थे। अपने भाषण में कई जगहों पर नागरिक अधिकार नेता जॉन लुईस का हवाला देते हुए, उन्होंने अंत में अपने शब्दों को दोहराया, अच्छी परेशानी में पड़ो, जरूरी परेशानी में पड़ो, और अमेरिका की आत्मा को बचाने में मदद करो।
थरमंड के विपरीत, बुकर कानून में देरी करने की कोशिश नहीं कर रहे थे, बल्कि केवल ट्रंप के विरोध में ही खड़े थे। 55 वर्षीय बुकर स्टैंडफोर्ड विश्वविद्यालय के एथलीट रहे हैं। वे अमेरिकी फुटबॉल चैंपियन थे और विश्वविद्यालय से उन्होंने स्नातक और मास्टर की डिग्री प्राप्त की। उन्होंने रोड्स स्कॉलरशिप अर्जित की, ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय में अध्ययन किया और येल से कानून की डिग्री प्राप्त की।
न्यू जर्सी का प्रतिनिधित्व करने वाले सीनेटर ने ट्रंप की आलोचना करते हुए पूछा कि क्या अमेरिकी अब बेहतर स्थिति में हैं या ट्रंप के पदभार संभालने से 72 दिन पहले थे? उन्होंने आगे कहा, अब कीमतें अधिक हैं, शेयर बाजार जहां कई अमेरिकी अपनी सेवानिवृत्ति निधि रखते हैं, नीचे चला गया है और उपभोक्ता विश्वास घटा है।
उन्होंने कहा कि कीमतें कम करने के अपने चुनावी वादे को पूरा करने के बजाय, ट्रंप टैरिफ बढ़ाने जैसी नीतियों का पालन कर रहे हैं जो केवल कीमतों को बढ़ाएंगे, जबकि कनाडा पर हमला करते हैं और ग्रीनलैंड पर कब्जा करने की बात करते हैं।
इजरायल ने अमेरिकी आयात पर सभी शुल्क रद्द किए
तेल अवीव। इजरायल सरकार ने अमेरिका से आयातित वस्तुओं पर सभी सीमा शुल्क रद्द कर दिए हैं। इजरायल के प्रधानमंत्री कार्यालय ने यह जानकारी दी। कार्यालय ने एक बयान में कहा, प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू, वित्त मंत्री बेजेल स्मोट्रिच और अर्थव्यवस्था एवं उद्योग मंत्री नीर बरकत के निर्देश पर इजरायल ने अमेरिका, इजरायल के सबसे बड़े व्यापारिक साझेदार से आने वाले उत्पादों पर अब तक लगाए गए सभी सीमा शुल्क रद्द कर दिए हैं।
बयान में कहा गया कि अमेरिका और इजरायल के बीच 1985 के मुक्त व्यापार समझौते के तहत अमेरिका से आयातित 99 प्रतिशत वस्तुओं को सीमा शुल्क से छूट दी गई थी। सरकार का मौजूदा फैसला बहुत सीमित संख्या में उत्पादों, ज्यादातर आयातित खाद्य और कृषि उत्पादों से संबंधित होगा।
कार्यालय ने कहा, सीमा शुल्क में कमी से वास्तव में अमेरिका-इज़रायल व्यापार समझौते का विस्तार होगा और द्विपक्षीय रणनीतिक संबंध मजबूत होंगे। इस कटौती से अमेरिका से खाद्य और कृषि उत्पादों के आयात में संभावित विस्तार के साथ जीवन यापन की लागत में संभावित कमी के रूप में इज़रायली उपभोक्ताओं को आश्वासन भी मिलेगा जिसे शून्य सीमा शुल्क दर से लाभ होगा।
अमेरिका इज़रायल का सबसे करीबी सहयोगी और उसका सबसे महत्वपूर्ण व्यापार भागीदार है। इजरायल ने 2024 में अमेरिका को 17.3 अरब डॉलर मूल्य के सामान और 16.7 अरब डॉलर मूल्य की सेवाओं का निर्यात किया।
भारत, चिली ने लिया कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने का निर्णय
नई दिल्ली। भारत और लैटिन अमेरिकी देश चिली ने समग्र आर्थिक साझीदारी समझौते (सीपा) के लिए बातचीत शुरू करने तथा रक्षा उत्पादन, खनन, कृषि, डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे, नवीकरणीय ऊर्जा, रेलवे, अंतरिक्ष आदि क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने का निर्णय लिया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चिली के राष्ट्रपति ग्रेबियल बोरिच फाॅन्ट के साथ यहां हैदराबाद हाउस में हुई द्विपक्षीय बैठक में ये फैसले किये। इस मौके पर दोनों पक्षों के बीच चार दस्तावेजों पर हस्ताक्षर के बाद आदान-प्रदान किया गया। इनमें अंटार्कटिका सहयोग पर आशय पत्र, भारत-चिली सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम, आपदा प्रबंधन पर चिली के राष्ट्रीय आपदा रोकथाम और प्रतिक्रिया सेवा और भारत के राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के बीच समझौता ज्ञापन तथा बहुमूल्य खनिजों के खनन के क्षेत्र में कोडेल्को और हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड (एचसीएल) के बीच समझौता ज्ञापन शामिल है।
बैठक के बाद प्रधानमंत्री श्री मोदी ने अपने प्रेस वक्तव्य में कहा है कि राष्ट्रपति बोरिच के भारत के लिए जो मित्रता का भाव, और संबंधों को मजबूत करने के लिए उनकी प्रतिबद्धता है, वह अद्भुत है। इसके लिए वह उनका विशेष अभिनन्दन करते हैं।
उन्होंने कहा कि भारत के लिए चिली लैटिन अमेरिका में एक महत्वपूर्ण मित्र और साझीदार देश है। आज की चर्चाओं में हमने आने वाले दशक में सहयोग बढ़ाने के लिए कई नई पहलों की पहचान की। आपसी व्यापार और निवेश में वृद्धि का हम स्वागत करते हैं। हम सहमत हैं, कि इसमें और अधिक सहयोग की अपार क्षमता भी है। आज हमने एक पारस्परिक लाभकारी समग्र आर्थिक साझीदारी समझौते पर चर्चा शुरू करने के लिए अपनी टीमों को निर्देश दिए हैं।
श्री मोदी ने कहा कि बहुमूल्य खनिजों के क्षेत्र में साझीदारी को बल दिया जाएगा। सतत आपूर्ति और मूल्यवर्धन श्रृंखलाओं को स्थापित करने के लिए काम किया जाएगा। कृषि के क्षेत्र में, एक दूसरे की क्षमताओं को जोड़ कर, खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सहयोग किया जाएगा। डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे, नवीकरणीय ऊर्जा, रेलवे, अंतरिक्ष तथा अन्य क्षेत्रों में भारत अपना सकारात्मक अनुभव चिली के साथ साझा करने के लिए तैयार है।
बस और एसयूवी की टक्कर में 5 की मौत, 24 घायल
बुलढाणा। महाराष्ट्र के बुलढाणा में बुधवार सुबह हुए भीषण सड़क हादसे में पांच लोगों की मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि बुधवार सुबह पूर्वी महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले में एक बस और स्पोर्ट्स यूटिलिटी व्हीकल (एसयूवी) की टक्कर में 5 लोगों की मौत हो गई। जबकि 24 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आगे की कार्रवाई शुरू कर दी। घायलों का इलाज खामगांव के सरकारी अस्पताल में चल रहा है। हादसा इतना भीषण था कि तीनों वाहन चकनाचूर हो गए।
अदालतों के पास ब्याज दर तय करने का अधिकार, सुप्रीम कोर्ट ने कराया 52 साल लंबी कानूनी लड़ाई का खात्मा
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कहा कि अदालतों को ब्याज दर तय करने और यह कब से देय होगा तय करने का अधिकार है। यह अधिकार हर मामले के तथ्यों पर निर्भर करता है कि ब्याज मुकदमा दायर करने की तारीख, या इससे पहले या डिक्री की तिथि से देय होगा।
52 साल लंबी कानूनी लड़ाई का हुआ खात्मा
जस्टिस जेबी पार्डीवाला और जस्टिस आर महादेवन की पीठ ने यह टिप्पणी 52 साल लंबी कानूनी लड़ाई का खात्मा करने के दौरान आदेश में की, जिसमें राजस्थान सरकार बनाम आइके मर्चेंट्स प्राइवेट लिमिटेड समेत निजी पक्षों के बीच राज्य सरकार को दिए गए शेयर के मूल्यांकन पर विवाद था।
लागू ब्याज दरों को भी संशोधित किया
पीठ ने शेयरों के मूल्य को लेकर भुगतान में की गई देरी पर लागू ब्याज दरों को भी संशोधित किया। 32 पन्नों के फैसले में जस्टिस महादेवन ने कहा कि यह पूरी तरह साफ है कि अदालतों के पास कानून के अनुसार सभी तथ्यों और परिस्थितियों पर विचार करते हुए उचित ब्याज दर निर्धारित करने का अधिकार है।
निजी फर्म ने कलकत्ता हाई कोर्ट के आदेश के खिलाफ अपील दायर की थी, जिसमें मेसर्स रे एंड रे द्वारा शेयरों के 640 रुपये प्रति शेयर की कीमत को बरकरार रखते हुए पांच प्रतिशत प्रति वर्ष का साधारण ब्याज दर प्रदान किया था। निजी फर्म ने ब्याज में बढ़ोतरी की मांग की, तो राज्य सरकार ने कीमत को चुनौती दी।
1973 में दायर किया गया था मुकदमा
1973 के इस विवाद में राजस्थान राज्य खान और खनिज लिमिटेड के शेयर अपीलकर्ताओं द्वारा राज्य को हस्तांतरित किए गए थे। सुप्रीम कोर्ट ने भुगतान में देरी पर विचार किया और आदेश दिया कि अपीलकर्ता ब्याज के रूप में उचित मुआवजे के हकदार हैं।
छह प्रतिशत साधारण ब्याज देने का आदेश दिया था
कोर्ट ने 8 जुलाई 1975 से डिक्री की तारीख तक छह प्रतिशत साधारण ब्याज देने का आदेश दिया। इसने आगे कहा कि भुगतान प्राप्ति तक डिक्री तिथि से नौ प्रतिशत प्रतिवर्ष साधारण ब्याज का भुगतान किया जाएगा। राजस्थान सरकार दो महीने के भीतर बढ़ी हुई मूल्यांकन राशि का भुगतान करे।
घरों को मनमाने ढंग से गिराना अमानवीय और गैरकानूनी : सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने प्रयागराज में बिना उचित प्रक्रिया का पालन किए घरों को गिराने की कार्रवाई पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए इसे अमानवीय और गैरकानूनी करार दिया है।
शीर्ष कोर्ट ने कहा कि इस प्रकार की बुलडोजर कार्रवाई ने हमारे आत्मा को झकझोर दिया है। विकास प्राधिकरणों को याद रखना चाहिए कि आश्रय का अधिकार और कानून की उचित प्रक्रिया भी कोई चीज होती है।
पीड़ितों को 10-10 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश
कोर्ट ने प्रयागराज विकास प्राधिकरण को निर्देश दिया है कि वह छह सप्ताह के भीतर उन छह पीड़ितों को 10-10 लाख रुपये मुआवजा प्रदान करे, जिनके घर मार्च 2021 में अवैध निर्माण के नाम पर ढहा दिए गए थे।
वक्फ बिल पर उद्धव ठाकरे की पार्टी का क्या है स्टैंड? विपक्षी नेताओं की संयुक्त बैठक में बना सीक्रेट प्लान
नई दिल्ली। विपक्षी आइएनडीआइए गठबंधन वक्फ संशोधन विधेयक पर लोकसभा में बुधवार को सियासी संग्राम के लिए तैयार है। वक्फ संशोधन बिल पेश करने की सरकार की घोषणा के बाद संसद में विपक्षी दलों के नेताओं की मंगलवार शाम हुई बैठक में तय हो गया कि संसदीय समिति में अपने खारिज हुए प्रस्तावों को विपक्ष सदन के पटल पर बिल में संशोधन के लिए देगा।
आइएनडीआइए गठबंधन वक्फ बिल का विरोध करेगा
भाजपा-एनडीए सरकार सदन में विपक्षी सांसदों के संशोधनों को स्वीकार नहीं करेगी तो स्वाभाविक रूप से आइएनडीआइए गठबंधन वक्फ बिल का विरोध करेगा। कांग्रेस समेत विपक्ष के कई दलों ने अपने सांसदों को अगले तीन दिनों तक सदन में उपस्थित रहने का व्हिप जारी कर साफ संकेत दे दिया है कि इस मसले पर आइएनडीआइए गठबंधन सरकार को आसान राह नहीं देगा।
आइएनडीआइए के दलों ने संयुक्त बैठक के बाद ताल ठोकते हुए कहा है कि वक्फ बिल पर मोदी सरकार के विभाजनकारी एजेंड़े को परास्त करने के लिए पूरा विपक्ष एकजुट है।
सरकार द्वारा ला जा रहे वक्फ बिल पर अपने विपक्षी दलों ने अपना एतराज जाहिर करते हुए साफ कहा है कि अल्पसंख्यक मुस्लिम समुदाय के धार्मिक मामलों में सरकारी हस्तक्षेप बढ़ाते हुए वक्फ पर नियंत्रण के मकसद से सरकार संशोधन बिल को पारित करना चाहती है।
विपक्षी नेताओं ने बैठक में बनाई रणनीति
संसदीय कार्यमंत्री की ओर से वक्फ बिल लोकसभा में पेश करने की आधिकारिक घोषणा के बाद कांग्रेस अध्यक्ष तथा राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की अध्यक्षता में संसद परिसर में विपक्षी नेताओं की शाम को संयुक्त रणनीति बनाने के लिए बैठक हुई।
बजट सत्र के दूसरे चरण में विपक्षी दलों की संसद में संयुक्त रणनीति के लिए यह पहली बैठक थी जिसमें वक्फ बिल पर आइएनडीआइए के दलों ने दोनों सदनों में पूरे समन्वय के साथ एकजुट होकर बिल के मौजूदा पारूप का विरोध करने का फैसला किया।
मल्लिकार्जुन खरगे ने एक्स पर पोस्ट कर साधा निशाना
विपक्षी नेताओं की बैठक के बाद मल्लिकार्जुन खरगे ने एक्स पोस्ट में इसका एलान करते हुए कहा 'सभी विपक्षी दल एकजुट हैं और वक्फ संशोधन विधेयक पर मोदी सरकार के असंवैधानिक और विभाजनकारी एजेंडे को हराने के लिए संसद में मिलकर काम करेंगे।'
विपक्षी नेताओं के संग वक्फ बिल पर विस्तृत चर्चा हुई
राहुल गांधी ने बैठक के बाद एक पोस्ट में केवल इतना कहा कि विपक्षी नेताओं के संग वक्फ बिल पर विस्तृत चर्चा हुई। विपक्षी पार्टियों की इस बैठक में लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी, समाजवादी पार्टी के रामगोपाल यादव, तृणमूल कांग्रेस के नदीम उल हक, द्रमुक के टीआर बालू, राजद के मनोज झा, शिवसेना यूबीटी की प्रियंका चुतर्वेदी समेत आइएनडीआइए के लगभग सभी घटक दलों के नेता शामिल हुए।
दिल्ली-यूपी, राजस्थान समेत इन राज्यों में पारा 40 के पार, कुछ में आंधी-बारिश का अलर्ट; पढ़ें IMD का अपडेट
नई दिल्ली। देशभर में मौसम का मिजाज बदल रहा है। कहीं तेज हवा, कहीं गर्मी, कहीं बूंदाबांदी तो कहीं लू देखने को मिल रही है। वहीं मौसम विभाग ने गर्मी को लेकर अपडेट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार 2 अप्रैल 2025 को उत्तर भारत के कई हिस्सों में गर्मी बढ़ने का अनुमान है।
दिल्ली NCR के लोगों पर गर्मी का सितम बढ़ रहा है। तापमान 2 से 3 डिग्री तक बढ़ सकता है। दिल्ली समेत उत्तर प्रदेश,राजस्थान और बिहार जैसे राज्यों में अगले कुछ दिनों में पारा 30 ही नहीं बल्कि 40 डिग्री तक जा सकता है, जिसके चलते अप्रैल में ही लोगों को भीषण गर्मी का सामना करना पड़ सकता है। महाराष्ट्र, गोवा, केरल समेत 6 राज्यों में तेज बारिश की संभावना है।
इन राज्यों में चलेंगी तेज हवाएं
अगले 24 घंटे के दौरान विदर्भ, मध्य प्रदेश, कर्नाटक, तेलंगाना, महाराष्ट, गोवा, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और आंध्र प्रदेश में 40-60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी।
इनमें से कई राज्यों में तेज बारिश का अलर्ट जारी किया गया है, वहीं 3-6 अप्रैल के बीच केरल और कर्नाटक में भारी बारिश हो सकती है।
यूपी में गर्मी ने दिखाए तेवर
उत्तर प्रदेश में धीरे-धीरे गर्मी बढ़ती जा रही है। आने वाले दिनों में अधिकतम तापमान में बढ़ोतरी होने से दिन के समय गर्मी और बढ़ सकती है। बुधवार को भी प्रदेश में मौसम साफ रहने के कारण गर्मी पड़ सकती है। हालांकि 24 घंटे बाद प्रदेश का मौसम पूरी तरह से बदल सकता है।
दो दिन में होगी बारिश
3 अप्रैल को प्रदेश के दोनों हिस्सों में बूंदाबांदी के साथ ही हल्की बारिश होने की संभावना जताई गई है। लेकिन इसके बाद फिर से प्रदेश में गर्मी का सिलसिला जारी हो सकता है।
वक्फ संशोधन बिल लोकसभा में आज होगा पेश, विरोध की तैयारी में विपक्ष; जानिए क्या-क्या होंगी चुनौतियां
नई दिल्ली। सभी दलों से व्यापक विमर्श के बाद वक्फ संशोधन विधेयक बुधवार को लोकसभा में पेश किया जाएगा। लगभग तय माना जा रहा है कि यह बुधवार को ही पारित हो जाएगा। इस दौरान भारी हंगामा होने के आसार हैं, क्योंकि विपक्ष के कई दल इसके पक्ष में नहीं हैं।
जदयू-तेदेपा सरकार के साथ
हालांकि सत्तारूढ़ राजग के प्रमुख सहयोगी जनता दल यूनाइटेड (जदयू) एवं तेलुगु देसम पार्टी (तेदेपा) समेत अन्य पार्टियां भी सरकार के साथ मजबूती से खड़ी हैं और विधेयक के समर्थन में मतदान करेंगी। सदन में सत्ता पक्ष के पास संख्या भी पर्याप्त है। ऐसे में माना जा रहा है कि विधेयक को दोनों सदनों में आसानी से पारित करा लिया जाएगा।
संसदीय कार्य एवं अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरण रिजिजू ने कहा कि विधेयक के समर्थन में राजग के सभी दल पूरी तरह एकजुट हैं। यहां तक कि उन्होंने विपक्ष के भी कई सांसदों का समर्थन प्राप्त होने का दावा किया। रिजिजू ने बताया कि 12 बजे प्रश्नकाल समाप्त होने के तुरंत बाद वह विधेयक पेश करेंगे।
गृह मंत्री अमित शाह रहेंगे सदन में मौजूद
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला की अध्यक्षता में मंगलवार को सदन की कार्यमंत्रणा समिति की बैठक में इस विधेयक पर आठ घंटे चर्चा के लिए सहमति बनी है, जिसे सदन की भावना के अनुरूप बढ़ाया भी जा सकता है। हालांकि कांग्रेस एवं कई अन्य विपक्षी दलों ने अपनी आवाज दबाने का आरोप लगाते हुए बैठक से बहिर्गमन किया। सूत्रों के अनुसार केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह समेत भाजपा के कई वरिष्ठ नेता विधेयक पर चर्चा में हिस्सा ले सकते हैं।
सरकार ने पिछले वर्ष आठ अगस्त को वक्फ संशोधन विधेयक लोकसभा में पेश किया था, लेकिन विपक्ष के विरोध के कारण इसे जगदंबिका पाल के नेतृत्व में बनी संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के पास विचारार्थ भेज दिया गया था। वक्फ संशोधन विधेयक में जेपीसी ने राजग के सहयोगी दलों द्वारा दिए गए सुझावों को शामिल किया है।
सांसदों के लिए व्हिप भी जारी
इसी का नतीजा है कि तेदेपा, जदयू, शिवसेना, लोजपा (रामविलास) हम, रालोद जैसे सभी सहयोगी दलों ने विधेयक के समर्थन की घोषणा कर दी है और अपने-अपने सांसदों के लिए व्हिप भी जारी कर दिए हैं। जेपीसी ने मूल वक्फ संशोधन विधेयक में कुल 14 बदलावों का सुझाव दिया था, जिन्हें नए संशोधन विधेयक में शामिल कर लिया गया है।
संशोधनों के बाद अब इसे फिर लोकसभा में पेश किया जा रहा है। चूंकि यह सामान्य विधेयक है, इसलिए सत्ता पक्ष को इसे पारित कराने के लिए सदन में उपस्थित सदस्यों के सिर्फ बहुमत की ही जरूरत होगी।
आजाद समाज पार्टी के चंद्रशेखर का मत स्पष्ट नहीं
सदन में सदस्यों की संख्या के हिसाब से राजग के पक्ष में स्पष्ट बहुमत दिख रहा है। लोकसभा में कुल सदस्यों की संख्या अभी 542 है, जबकि एक सीट रिक्त है। सदन में अकेले भाजपा के 240 सदस्य हैं और सहयोगी दलों को मिलाकर कुल 293 सदस्य हैं। जबकि विपक्षी खेमे के सदस्यों की संख्या सिर्फ 237 है। कुछ ऐसे भी दल और निर्दलीय सदस्य हैं, जिन्होंने अभी तक अपना पक्ष स्पष्ट नहीं किया है। इनमें आजाद समाज पार्टी के चंद्रशेखर शामिल हैं।
वॉकआउट कर सकता है विपक्ष
भाजपा का दावा है कि इनमें से भी अधिकतर का समर्थन उसे हासिल है। देखना रोचक होगा कि विपक्षी दलों में संख्या कितनी पहुंचती है क्योंकि माना जा रहा है कि विपक्ष के कुछ सदस्य सदन से वॉकआउट कर सकते हैं। विधेयक पेश करने की सरकार की घोषणा के बाद विपक्षी नेताओं ने मंगलवार शाम संसद भवन में एक बैठक की।
आइएनडीआइए के दलों ने संयुक्त बैठक के बाद कहा कि वक्फ संशोधन विधेयक पर मोदी सरकार के विभाजनकारी एजेंडे को परास्त करने के लिए पूरा विपक्ष एकजुट है। कांग्रेस समेत विपक्ष के कई दलों ने अपने सांसदों को अगले तीन दिनों तक सदन में उपस्थित रहने का व्हिप जारी कर दिया है।
राज्यसभा में गुरुवार को हो सकता है पेश
लोकसभा से पारित होने के बाद राज्यसभा में विधेयक गुरुवार को पेश किए जाने की संभावना है। उच्च सदन की कार्यमंत्रणा समिति की बैठक में भी इस पर चर्चा के लिए आठ घंटे निर्धारित किए गए हैं। राज्यसभा में वर्तमान में कुल 236 सदस्य हैं। विधेयक पारित कराने के लिए सत्ता पक्ष को कुल 119 सदस्यों के समर्थन की जरूरत होगी।
भाजपा के 98 सदस्य
भाजपा के 98 सदस्य हैं, जबकि सहयोगी दलों के 19 सदस्य हैं। इसके अतिरिक्त छह मनोनीत सदस्य हैं। दो निर्दलीय सदस्यों का भी समर्थन भाजपा के पक्ष में है। इस तरह सत्तापक्ष को कुल 125 सदस्यों का समर्थन प्राप्त है, जो बहुमत से छह ज्यादा हैं। दूसरी ओर विपक्षी खेमे में कांग्रेस के 27 सदस्य हैं और अन्य दलों के 60 सदस्य हैं।
विपक्ष की संख्या पहुंच रही 88
एक निर्दलीय को मिलकर कुल संख्या 88 तक ही पहुंच पा रही है। इसके अतिरिक्त वाईएसआर के सात, बीजद के नौ एवं अन्य छोटे दलों के सात सदस्यों ने अभी अपना पक्ष स्पष्ट नहीं किया है। उधर, कैथोलिक बिशप्स कान्फ्रेंस ऑफ इंडिया के बाद चर्च ऑफ भारत ने भी मंगलवार को विधेयक को अपना समर्थन दे दिया।
लोकसभा में वर्तमान सदस्य -542
सत्ता पक्ष
दल सदस्यों की संख्या
भाजपा 240
तेदेपा 16
जदयू 12
शिवसेना 07
लोजपा(आर) 05
जदएस 02
जनसेना 02
रालोद 02
अन्य 07
कुल 293
विपक्ष
दल सदस्य
कांग्रेस 99
समाजवादी पार्टी 37
तृकां 28
द्रमुक 22
शिवसेना (यूबीटी) 09
वामदल 08
राकांपा (शरद) 08
राजद 04
आप 03
झामुमो 03
आइयूएमएल 03
नेशनल कान्फ्रेंस 02अन्य- 11
कुल- 237
(कुल दलों ने अभी पक्ष या विपक्ष में जाने का निर्णय नहीं लिया है। उनकी संख्या 12 है।)