छत्तीसगढ़ / दुर्ग
जिले में खाद की पर्याप्त उपलब्धता
दुर्ग,। कृषकों को समय पर एवं पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध कराना कृषि विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। वर्तमान में जिले में यूरिया एवं अन्य उर्वरकों का वितरण शासन के निर्देशानुसार किया जा रहा है। विभाग द्वारा प्रत्येक समिति के स्टॉक की दैनिक स्तर पर कड़ाई से मॉनिटरिंग की जा रही है, ताकि किसी भी क्षेत्र में कृत्रिम किल्लत जैसी स्थिति निर्मित न हो सके। किसानों को उनकी पात्रता, जोत की भूमि और वास्तविक मांग के आधार पर पूरी पारदर्शिता के साथ खाद का वितरण किया जा रहा है।
उप संचालक कृषि के अनुसार अहिवारा विधानसभा क्षेत्र की सेवा सहकारी समिति कुम्हारी में गत वर्ष 283.89 मे.टन खाद वितरण की तुलना में इस वर्ष 780.21 मे.टन खाद भण्डारण कर 556.36 मे.टन खाद का वितरण किया गया है। इसीप्रकार सेवा सहकारी समिति गोंढ़ी में गत वर्ष 339.40 मे.टन खाद वितरण की तुलना में इस वर्ष 303.08 मे.टन खाद भण्डारण कर 266.61 मे.टन खाद का वितरण किया गया है। सेवा सहकारी समिति ओटेबंद में गत वर्ष 410.65 मे.टन खाद वितरण की तुलना में इस वर्ष 530.33 मे.टन खाद भण्डारण कर 479.19 मे.टन खाद का वितरण किया गया है। सेवा सहकारी समिति अहिवारा में गत वर्ष 418.60 मे.टन खाद वितरण की तुलना में इस वर्ष 420.28 मे.टन खाद भण्डारण कर 406.89 मे.टन खाद का वितरण किया गया है। सेवा सहकारी समिति अहेरी में गत वर्ष 467.44 मे.टन खाद वितरण की तुलना मंे इस वर्ष 360.00 मे.टन खाद भण्डारण कर 288.80 मे.टन खाद का वितरण किया गया है। उपरोक्त समितियों के गत वर्ष के कुल वितरण से इस वर्ष वर्तमान स्थिति में 473.92 मे.टन खाद अधिक भण्डारण कर 77.87 मे.टन खाद अधिक वितरण किया गया है। सहकारी समितियों के मांग के अनुसार उर्वरक भण्डारण कार्य लगातार किया जा रहा है। साथ ही जिले में खरीफ 2025 पूरे मौसम में 65132 मे.टन खाद का वितरण हुआ था जबकि खरीफ 2026 में 67880 मे.टन खाद वितरण का लक्ष्य रखा गया है जिसके विरुद्ध अद्यतन स्थिति में 69456 मे.टन खाद भण्डारण कर 48205 मे.टन खाद का वितरण किया जा चुका है।
विभाग द्वारा नकली एवं घटिया खाद की बिक्री को रोकने के लिये उड़नदस्ता टीम का गठन किया गया है जो निजी विक्रेताओं और समितियों की निरंतर जांच कर रही है, ताकि कृषकों को गुणवत्ता युक्त उर्वरक उपलब्ध कराया जा सके। अब तक जिले के 190 निजी एवं सहकारी केंद्रों का औचक निरीक्षण किया जा चुका है। जांच के दौरान स्टॉक संधारण में गड़बड़ी, उर्वरक नियंत्रण संबंधी नियमों के उल्लंघन करने जैसी अनियमितताएं पाए जाने पर 09 विक्रेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। एवं 06 विक्रय केंद्रों पर उर्वरक अनुज्ञप्ति में अतिरिक्त स्त्रोत समावेश किये बिना विक्रय करते पाये जाने एवं 02 विक्रय केन्द्रों को अधिक मूल्य पर विक्रय किये जाने पर उर्वरक जब्ती कर प्रकरण कलेक्टर न्यायालय में भेजा गया है। वहीं 13 विक्रय केंद्रों में अमानक उर्वरक का विक्रय किये जाने के कारण विक्रय प्रतिबंध कर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। 03 विक्रय केंद्रों पर एफ आई आर की कार्यवाही की गई है साथ ही 05 विक्रय केंद्रों के उर्वरक अनुज्ञप्ति निलंबित की गई है। तथा 04 विक्रय केंद्रों के उर्वरक अनुज्ञप्ति निरस्त की गई है।
कृषि विभाग के उप संचालक ने बताया कि किसानों को खाद/कीटनाशक की किल्लत पैदा करने वाले, कालाबाजारी करने वाले या बिना वैध दस्तावेजों के अमानक उर्वरक/कीटनाशक औषधि विक्रय करने वाले कृषि केन्द्रों पर उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985 एवं कीटनाशक अधिनियम 1968 के तहत कड़ी कार्यवाही की जा रही है। साथ ही सभी उर्वरक/कीटनाशक विक्रेताओं एवं समितियों को निर्देशित किया है कि किसानों को निर्धारित दर पर ही कृषि आदान सामग्री उपलब्ध कराएं तथा अधिक मूल्य वसूली की स्थिति में संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी। कृषि विभाग के अधिकारियों द्वारा खरीफ सीजन में उर्वरकों की उपलब्धता एवं वितरण व्यवस्था की सतत निगरानी की जा रही है। किसान भाई किसी भी प्रकार की कृषि आदान सामग्री वितरण में अनियमितता पाये जाने पर इसकी शिकायत नजदीकी कृषि विभाग के कार्यालय में कर सकते हैं।
मुख्य न्यायाधिपति रमेश सिन्हा ने दुर्ग में नवीन न्यायालय भवन के निर्माण के लिए किया भूमिपूजन
दुर्ग । जिला दुर्ग के न्यायिक इतिहास में आज एक महत्वपूर्ण एवं गौरवपूर्ण अध्याय जुड़ा, जब माननीय छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधिपति रमेश सिन्हा के कर कमलों से नवीन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायालय भवन, दुर्ग के निर्माण हेतु भूमिपूजन एवं Foundation Stone Laying Ceremony संपन्न हुई। इस अवसर पर न्यायिक गरिमा, आधुनिक न्यायिक अधोसंरचना, डिजिटल न्याय व्यवस्था तथा वैकल्पिक विवाद समाधान के क्षेत्र में जिले की महत्वपूर्ण पहलों का भी शुभारंभ एवं लोकार्पण किया गया।
इस अवसर पर मुख्य न्यायाधिपति महोदय के साथ माननीय न्यायाधिपति पी.पी. साहू, न्यायाधिपति नरेश कुमार चंद्रवंशी, न्यायाधिपति रवीन्द्र कुमार अग्रवाल, न्यायाधिपति विभु दत्त गुरु एवं माननीय न्यायाधिपति अमितेंद्र किशोर प्रसाद की गरिमामयी उपस्थिति रही।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, दुर्ग के. विनोद कुजूर के स्वागत उद्बोधन से हुआ। उन्होंने माननीय मुख्य न्यायाधिपति एवं उपस्थित न्यायाधीशगण का स्वागत करते हुए नवीन न्यायालय भवन की आवश्यकता, न्यायिक अधोसंरचना के विकास तथा भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप आधुनिक न्यायिक परिसर की परिकल्पना पर प्रकाश डाला। इसके पश्चात मुख्य न्यायाधिपति रमेश सिन्हा द्वारा नवीन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायालय भवन, दुर्ग के निर्माण हेतु विधिवत भूमिपूजन किया गया। प्रस्तावित नवीन भवन से न्यायिक कार्यों के लिए बेहतर, सुव्यवस्थित एवं आधुनिक वातावरण उपलब्ध होने के साथ-साथ न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं, कर्मचारियों तथा न्यायार्थियों के लिए सुविधाओं में व्यापक विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। कार्यक्रम में न्यायाधिपति पी.पी. साहू, न्यायाधिपति नरेश कुमार चंद्रवंशी सहित अन्य माननीय न्यायाधीशगण की गरिमामयी उपस्थिति रही।
'संधि सेतु' पुस्तक का विमोचन :
कार्यक्रम के अगले चरण में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग द्वारा सामुदायिक मध्यस्थता के विषय पर तैयार की गई पुस्तक 'संधि सेतु' का मुख्य न्यायाधिपति रमेश सिन्हा द्वारा विमोचन किया गया। 'संधि सेतु' पुस्तक का उद्देश्य सामुदायिक स्तर पर संवाद, सहमति एवं मध्यस्थता के माध्यम से विवादों के समाधान की अवधारणा को सामने लाना तथा विवाद-मुक्त एवं सौहार्दपूर्ण ग्रामीण समाज की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को दस्तावेजीकृत करना है। यह पहल न्याय को केवल न्यायालय तक सीमित न रखते हुए समाज के बीच संवाद एवं समझ के माध्यम से विवादों के समाधान की भावना को सशक्त करती है।
डिजिटल न्यायिक पहलों का शुभारंभ एवं वीडियो प्रस्तुतीकरण :
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय की सूचना प्रौद्योगिकी टीम द्वारा विकसित विभिन्न डिजिटल न्यायिक पहलों का Launch एवं Video Presentation भी किया गया। इनमें प्रमुख रूप से Cashless Fine Payment Facility, AFR Mobile Application (Android) एवं Court Fee Ticket Generation System का शुभारंभ / प्रस्तुतीकरण किया गया।
इन डिजिटल पहलों का उद्देश्य न्यायिक प्रक्रियाओं को अधिक सरल, पारदर्शी, सुलभ एवं तकनीक-सक्षम बनाना तथा न्यायालयीन सेवाओं के उपयोग में नागरिकों एवं न्यायिक हितधारकों को अधिक सुविधा प्रदान करना है।
मुख्य न्यायाधिपति का प्रेरणादायी उद्बोधन :
कार्यक्रम के मुख्य उद्बोधन में मुख्य न्यायाधिपतिरमेश सिन्हा द्वारा न्यायिक व्यवस्था में आधुनिक अधोसंरचना, तकनीकी नवाचार तथा जन-केंद्रित न्याय व्यवस्था के महत्व पर प्रकाश डाला गया। उन्होंने नवीन न्यायालय भवन के निर्माण को दुर्ग जिले की न्यायिक व्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप न्यायिक संस्थानों को और अधिक सुदृढ़ किए जाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने डिजिटल न्यायिक पहलों तथा सामुदायिक मध्यस्थता जैसे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि न्याय व्यवस्था की वास्तविक सफलता तभी है, जब न्याय अधिक सुलभ, सरल, पारदर्शी और जनसामान्य के निकट हो।
गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुआ कार्यक्रम :
कार्यक्रम के अवसर पर न्यायिक अधिकारीगण, जिला न्यायपालिका के अधिकारी एवं कर्मचारी, अधिवक्तागण, विधिक सेवा प्राधिकरण से जुड़े प्रतिनिधि, विभिन्न प्रशासनिक अधिकारी, पैरालीगल वॉलंटियर्स, सामाजिक प्रतिनिधि तथा प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय, दुर्ग सुमन एक्का द्वारा आभार प्रदर्शन (Vote of Thanks) किया गया। उन्होंने माननीय मुख्य न्यायाधिपति, माननीय न्यायाधीशगण, न्यायिक अधिकारियों, प्रशासनिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं, मीडिया प्रतिनिधियों एवं कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग प्रदान करने वाले सभी संबंधितों के प्रति आभार व्यक्त किया।
नवीन न्यायालय भवन का भूमिपूजन, 'संधि सेतु' का विमोचन तथा डिजिटल न्यायिक पहलों का शुभारंभ-तीनों आयोजन दुर्ग जिले की न्याय व्यवस्था को आधुनिक, सुलभ, तकनीक-सक्षम एवं जन-केंद्रित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में सामने आए। माननीय मुख्य न्यायाधिपति महोदय का जिला अधिवक्ता संघ, दुर्ग द्वारा आत्मीय एवं गरिमापूर्ण स्वागत किया गया। इस अवसर पर जिला दुर्ग से चयनित स्टेट बार काउंसिल के सदस्यों द्वारा भी मुख्य न्यायाधिपति महोदय का आत्मीय अभिनंदन किया गया।
24 घंटे राशन देने वाले 'अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम' से मजबूत हुई सार्वजनिक वितरण प्रणाली, हर लाभार्थी को मिल रहा पूरा अनाज
दुर्ग । सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) में तकनीक और पारदर्शिता को बढ़ावा देने की दिशा में दुर्ग जिले में अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम की शुरुआत की गई है। शासन एवं विश्व खाद्य कार्यक्रम के सहयोग से गदा चौक के पास अंबेडकर चौक, सुपेला भिलाई स्थित पुराने वैशाली नगर थाना भवन में 8 अगस्त 2026 को ग्रेन एटीएम की स्थापना की गई। इस सुविधा से राशनकार्डधारियों को पारंपरिक राशन दुकानों की कतारों और समय की पाबंदी से राहत मिल रही है।
ग्रेन एटीएम के माध्यम से दुर्ग जिले सहित अन्य स्थानों के राशनकार्डधारी अपनी सुविधानुसार चावल प्राप्त कर रहे हैं। मशीन से आधार आधारित बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के बाद निर्धारित मात्रा में चावल का वितरण किया जाता है। इससे हितग्राहियों को तौल में किसी तरह की कमी की आशंका नहीं रहती और पूरी मात्रा में राशन प्राप्त होता है। दुर्ग जिले व बाहर के राशनकार्डधारी ग्रेन एटीएम से चावल शत-प्रतिशत पारदर्शिता के साथ उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्हें तौल में बिना कमी के पूरी मात्रा प्राप्त हो रही है।
24 घंटे उपलब्ध है सुविधा
ग्रेन एटीएम की सुविधा 24×7उपलब्ध होने से दैनिक वेतनभोगी, मजदूर, महिलाएं एवं अन्य राशनकार्डधारी अपनी सुविधा के अनुसार कभी भी राशन प्राप्त कर सकते हैं। पूरी प्रक्रिया में कम समय लगने से हितग्राहियों के समय की भी बचत हो रही है। आधार आधारित बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के जरिए राशन वितरण होने से वितरण प्रक्रिया अधिक सुरक्षित एवं पारदर्शी हुई है। साथ ही राशनकार्डधारियों की उचित मूल्य दुकान संचालकों पर निर्भरता भी कम हुई है। तकनीक आधारित व्यवस्था से चावल की कालाबाजारी पर अंकुश लगाने में भी मदद मिल रही है। शासन द्वारा अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम की सुविधा के संबंध में आम नागरिकों के बीच व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक राशनकार्डधारी इस आधुनिक सुविधा का लाभ उठा सकें। ग्रेन एटीएम को सार्वजनिक वितरण प्रणाली में पारदर्शिता, सुगमता और तकनीकी नवाचार की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
विकसित भारत जी-राम जी योजना : संभाग स्तरीय समीक्षा बैठक में कार्यों में तेजी और गुणवत्ता पर जोर
दुर्ग । विकसित भारत जी-राम जी योजना के प्रभावी क्रियान्वयन एवं प्रगति की समीक्षा के लिए संभाग स्तरीय समीक्षा बैठक का आयोजन संभाग आयुक्त सत्यनारायण राठौर की अध्यक्षता में किया गया। बैठक में राज्य कार्यालय से अपर विकास आयुक्त वी.पी. तिर्की, उपायुक्त नितेश उपाध्याय, उपायुक्त चंद्रप्रकाश पात्रे सहित संभाग के सभी जिलों के जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी तथा संबंधित विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
बैठक में संभाग आयुक्त राठौर ने ग्राम पंचायतों में वृहद स्तर पर वृक्षारोपण कार्य स्वीकृत करने के निर्देश दिए। उन्होंने सड़क किनारे, धान खरीदी केंद्रों तथा शासकीय एवं अतिक्रमणमुक्त भूमि पर फलदार एवं छायादार पौधे लगाने के लिए ग्राम पंचायतों से प्रस्ताव प्राप्त करने को कहा। बंद हैंडपंपों के आसपास सोक पिट निर्माण तथा सेमी क्रिटिकल एवं क्रिटिकल ब्लॉकों में जल संरक्षण से जुड़े अधिक से अधिक कार्य स्वीकृत करने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक के प्रथम चरण में विकसित भारत जी-राम जी योजना के अंतर्गत निर्माण कार्यों एवं कार्ययोजना की विस्तृत समीक्षा की गई। राज्य से प्राप्त राशि के अनुरूप कार्यों की स्वीकृति एवं पूर्णता की स्थिति की समीक्षा करते हुए उपलब्ध राशि का समयबद्ध एवं प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने को कहा गया। वित्तीय वर्ष के शेष लगभग सात माह की अवधि को ध्यान में रखते हुए कर्यो में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। मजदूरी एवं सामग्री मद में 60ः40 के अनुपात का पालन सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।
अपर विकास आयुक्त वी.पी. तिर्की ने कहा कि विकसित भारत जी-राम जी योजना पूर्णतः मांग आधारित योजना है। ग्राम सभा से प्राप्त प्रस्तावों के आधार पर कार्यों की स्वीकृति एवं संचालन किया जाए। उन्होंने पिछले वर्ष की तुलना में चालू वर्ष में मानव दिवस सृजन की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिक से अधिक मानव दिवस सृजित करने के निर्देश दिए। ग्राम पंचायत स्तर पर पर्याप्त कार्ययोजना तैयार करने के साथ बालिका शौचालय, मुक्तिधाम, डिफेक्टिव बोरवेल रिचार्ज एवं जल संरक्षण से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता से पूर्ण करने को कहा गया। लंबित एवं अपूर्ण निर्माण कार्यों को भी शीघ्र पूरा कराने के निर्देश दिए गए।
प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री आवास की भी हुई समीक्षा
बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण एवं मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत स्वीकृत आवासों की प्रगति की समीक्षा की गई। संभाग आयुक्त ने प्रथम किस्त प्राप्त हितग्राहियों के आवास निर्माण में तेजी लाने तथा द्वितीय किस्त प्राप्त एवं जारी राशि के अनुरूप आवासों को शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए। प्रधानमंत्री आवास के निर्माण में गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए राजमिस्त्रियों को प्रशिक्षण देने तथा अधिक से अधिक प्रशिक्षित राजमिस्त्रियों को आवास निर्माण से जोड़ने पर जोर दिया गया। प्रधानमंत्री आवास योजना का अन्य शासकीय योजनाओं से अभिसरण कर हितग्राहियों को अधिकाधिक लाभ दिलाने तथा आवास हितग्राहियों को पीएम सूर्य घर योजना से जोड़ने एवं इसके लिए प्रोत्साहित करने के निर्देश भी दिए गए।
कार्यालयीन व्यवस्था एवं निर्माण गुणवत्ता पर विशेष जोर
संभाग आयुक्त राठौर ने अधिकारियों को विभागीय फाइलों को निर्धारित प्रक्रिया एवं माध्यम से ही आगे बढ़ाने तथा सभी अधिकारी-कर्मचारियों की उपस्थिति बायोमेट्रिक अटेंडेंस के आधार पर दर्ज करना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष निगरानी रखने और समय पर कार्यों का मूल्यांकन कराने के निर्देश मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं संबंधित अधिकारियों को दिए। साथ ही सरपंच सदन, महतारी सदन सहित अन्य निर्मित परिसंपत्तियों की उपयोगिता एवं नियमित रखरखाव सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया, ताकि इन परिसंपत्तियों का ग्रामीणों को दीर्घकालीन लाभ मिल सके। बैठक में योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, मांग के अनुरूप कार्य स्वीकृति, समयबद्ध पूर्णता, मानव दिवस सृजन, आवास निर्माण, जल एवं पर्यावरण संरक्षण तथा निर्मित परिसंपत्तियों के बेहतर उपयोग एवं रखरखाव को लेकर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
सामान्य प्रशासन स्थायी समिति की बैठक 25 को
दुर्ग । जिला पंचायत दुर्ग की सामान्य प्रशासन स्थायी समिति की बैठक 25 अगस्त 2026 को आयोजित की जाएगी। यह बैठक जिला पंचायत के सभाकक्ष में सुबह 11:30 बजे से शुरू होगी। इस संबंध में जिला पंचायत प्रशासन द्वारा समिति के सभी सदस्यों को बैठक में अनिवार्य रूप से उपस्थित होने का अनुरोध किया गया है। बैठक में सभापति की अनुमति से अन्य विविध एवं विकास कार्यों से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की जाएगी।
एसएसआईपीएमटी में ‘स्पार्क टू प्रॉफिट’ वर्कशॉप : विद्यार्थियों ने सीखे स्टार्टअप और प्रॉफिट मेकिंग के मूलमंत्र
भिलाई । विश्व उद्यमिता दिवस के अवसर पर एसएसआईपीएमटी कॉलेज, रायपुर में स्टूडेंट के लिए उद्यमिता एवं स्टार्टअप पर एक विशेष एवं अत्यंत संवादात्मक सत्र का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का विषय “स्पार्क टू प्रॉफिट: स्टूडेंट स्टार्टअप रोडमैप”रहा, जिसमें इन्नोवेदास एड टेक प्राइवेट लिमिटेड के सह-संस्थापक भिलाई निवासी अरिफ खान एवं कोमल व्यास शर्मा ने स्टूडेंट को आइडिया से लेकर स्टार्टअप के निर्माण, बाजार में लॉन्च और रेवेन्यू तक पहुंचने की पूरी प्रक्रिया को व्यावहारिक तरीके से समझाया।
सत्र के दौरान स्टूडेंट को बताया गया कि किसी भी सफल स्टार्टअप की शुरुआत केवल एक अच्छे आइडिया से नहीं, बल्कि किसी वास्तविक समस्या की पहचान और उसके लिए प्रभावी समाधान खोजने से होती है। इसके बाद आइडिया का मार्केट वैलिडेशन, कस्टमर डिस्कवरी, प्रोटोटाइप एवं एमवीपी (मिनिमम वाइएबल प्रोडक्ट) तैयार करना, बिजनेस मॉडल विकसित करना, रेवेन्यू स्ट्रीम तय करना, ब्रांडिंग और मार्केटिंग तथा अंततः बिजनेस को स्केल करने जैसे महत्वपूर्ण चरणों पर विस्तार से चर्चा की गई।
सत्र की सबसे खास बात स्टूडेंट की सक्रिय सहभागिता रही। बड़ी संख्या में स्टूडेंट ने उत्साहपूर्वक सवाल पूछे, अपने बिजनेस आइडिया प्रस्तुत किए तथा मौके पर ही अपने आइडिया की पिचिंग की। अरिफ खान ने स्टूडेंट से संवाद करते हुए कहा कि आज का स्टूडेंट केवल नौकरी पाने वाला नहीं, बल्कि रोजगार पैदा करने वाला उद्यमी भी बन सकता है। उन्होंने स्टूडेंट को सलाह दी कि वे अपने आसपास की समस्याओं को अवसर के रूप में देखें और छोटे स्तर पर प्रयोग करते हुए अपने विचार को वास्तविक व्यवसाय में बदलने की दिशा में आगे बढ़ें। वहीं कोमल व्यास शर्मा ने स्टार्टअप के शुरुआती चरण में तकनीक, प्रोटोटाइप और एमवीपी की भूमिका को समझाते हुए स्टूडेंट को बताया कि शुरुआत में परफेक्ट प्रोडक्ट बनाने की बजाय ग्राहक की वास्तविक जरूरत को समझना और तेजी से टेस्ट करना अधिक महत्वपूर्ण है।
शिव महापुराण कथा सुनने पहुंचे विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह
दुर्ग, ।जिले के भिलाई नगर स्थित जयंती स्टेडियम के समीप आयोजित शिव महापुराण कथा सुनने विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह पहुंचे। उन्होंने आम जनता के बीच बैठकर कथा श्रवण किया और महाआरती में शामिल होकर प्रदेश वासियों के खुशहाली के लिए भगवान भोले शंकर से कामना की। डॉ. सिंह ने प्रदेश की जनता की ओर से कथा वाचक पं. प्रदीप मिश्रा का भिलाई आगमन पर स्वागत किया। उन्होंने कहा कि मिनी इंडिया के नाम से प्रसिद्ध भिलाई के लोगों में सामप्रदायिक सामन्जस्य यहॉं की पहचान है। उन्होंने आयोजकों की सराहना करते हुए पवित्र श्रावण मास में कथा श्रवण हेतु उपस्थित शिव भक्तों के विशाल जनसमुदाय को बधाई एवं शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर सांसद विजय बघेल, छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल (श्रम विभाग) के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह, छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष सुश्री मोना सेन, पूर्व मंत्री ताम्रध्वज साहू, श्रीमती रमशीला साहू तथा श्रीमती कौशिल्या देवी साय, आयोजन समिति के दयासिंह सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।
सेवा सेतु से सेवा हुई सरल, समय पर मिले प्रमाण पत्र से साकार हुआ शिक्षा का सपना
दुर्ग । सेवा सेतु पोर्टल नागरिकों को समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से विभिन्न शासकीय सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित हो रहा है। इसका लाभ विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को भी मिल रहा है। समय पर आवश्यक प्रमाण पत्र एवं दस्तावेज मिलने से विद्यार्थियों को कॉलेज में प्रवेश के दौरान होने वाली परेशानियां आसान हो रही हैं।
भिलाई निवासी श्रद्धा कुमारी रामटेके, पिता रामकुमार के आधार कार्ड में नाम गलत दर्ज था। नाम में सुधार के लिए गजट प्रकाशन की आवश्यकता थी। पिता रामकुमार ने अपनी बेटी के नाम में सुधार के लिए सेवा सेतु केंद्र, जोन-3 के माध्यम से गजट प्रकाशन की प्रक्रिया पूरी कराई। ऑनलाइन सुविधा के माध्यम से उन्हें गजट प्रकाशन समय पर प्राप्त हुआ, जिसके बाद आधार में नाम संशोधन कराया जा सका। इससे उनकी बेटी के कॉलेज प्रवेश में आ रही समस्या समय रहते दूर हो गई। श्रद्धा कुमारी रामटेके ने बताया कि पहले गजट प्रकाशन की प्रक्रिया के लिए अलग-अलग स्थानों पर जाना पड़ता था, लेकिन सेवा सेतु के माध्यम से ऑनलाइन सुविधा मिलने से उनकी परेशानी काफी कम हुई। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन सुविधा होने से मेरा बहुत समय बचा और मुझे इधर-उधर नहीं जाना पड़ा। घर बैठे ही प्रमाण पत्र एवं आवेदन की जानकारी व्हाट्सएप और मैसेज के माध्यम से मिलती रही, जिससे मेरा काम आसानी से पूरा हो गया।
सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से नागरिकों को समयबद्ध सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध हो रही हैं। आवेदन प्रक्रिया में पारदर्शिता के साथ नागरिकों को अपने आवेदन की स्थिति की जानकारी भी आसानी से मिल रही है। ऑनलाइन सुविधा से समय और श्रम की बचत हो रही है तथा लोगों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे हैं। सेवा सेतु पोर्टल सरल सेवा और खुशहाल छत्तीसगढ़ की दिशा में एक मजबूत कदम है। समय पर प्रमाण पत्र और आवश्यक दस्तावेज मिलने से विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा के रास्ते आसान हो रहे हैं और नागरिकों को शासकीय सेवाओं का लाभ सहजता से मिल रहा है।
जिले में अब तक 602.1 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज
दुर्ग, । जिले में 1 जून 2026 से 21 अगस्त 2026 तक 602.1 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गई है। कार्यालय कलेक्टर भू-अभिलेख शाखा से प्राप्त जानकारी के अनुसार 1 जून से अब तक सर्वाधिक वर्षा 752.4 मिमी तहसील पाटन में तथा न्यूनतम 432.1 मिमी तहसील धमधा में दर्ज की गई है। इसके अलावा तहसील दुर्ग में 697.8 मिमी, तहसील बोरी में 589.6 मिमी, तहसील भिलाई-3 में 657.7 मिमी और तहसील अहिवारा में 482.7 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। 21 अगस्त 2026 को तहसील दुर्ग में 12.4 मिमी, तहसील धमधा में 2.6 मिमी, तहसील पाटन में 5.4 मिमी, तहसील बोरी में 0.0 मिमी, तहसील भिलाई-3 में 4.1 मिमी और तहसील अहिवारा में 3.1 मिमी वर्षा दर्ज की गई है।
आरटीआई अधिनियम पर मास्टर ट्रेनर्स की दो दिवसीय प्रशिक्षण सह कार्यशाला आयोजित
दुर्ग, । छत्तीसगढ़ राज्य सूचना आयोग, नवा रायपुर के तत्वावधान एवं दुर्ग संभाग आयुक्त सत्य नारायण राठौर के निर्देशन में 20 एवं 21 अगस्त 2026 को क्षेत्रीय संचालक, कृषि प्रसार एवं प्रशिक्षण संस्थान, रूआबांधा भिलाई के सभागार में सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत दुर्ग संभाग के सभी जिलों के जिला स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स का दो दिन का प्रशिक्षण आयोजित किया गया है। उक्त प्रशिक्षण कार्यशाला में छत्तीसगढ़ राज्य सूचना आयोग से अतुल वर्मा, स्टाफ आफिसर तथा पी. एल. यादव, उपायुक्त दुर्ग संभाग विशेष रूप से उपस्थित रहे। अतुल वर्मा द्वारा सभी प्रशिक्षणार्थियों को सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत प्राप्त आवेदनों की समयसीमा में निष्पादन किये जाने के संबंध में बहुत ही व्यापक जानकारी प्रशिक्षणार्थियों को दी गई। वर्मा के द्वारा जन सूचना अधिकारी तथा प्रथम अपीलीय अधिकारी के कर्तव्यों को अधिनियम की धाराओं के तहत समझाते हुए प्रशिक्षणार्थियों की शंकाओं का समाधान भी किया गया। यादव, उपायुक्त के द्वारा सूचना का अधिकार अधिनियम में उल्लेखित सभी प्रावधानों का सूक्ष्मता एवं सजगता पूर्वक जानने एवं समझने के लिए सभी जिलों के प्रशिक्षणार्थियों को प्रेरित किया गया तथा सूचना का अधिकार अधिनियम की धाराओं का नियमित अध्ययन करते रहने पर जोर दिया गया। उक्त प्रशिक्षण कार्यशाला में राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स के. के. शुक्ला, सहायक संचालक, आर. के. चंद्रवंशी, सहायक संचालक एवं जे. पी. पाण्डेय, प्राचार्य के द्वारा सूचना का अधिकार अधिनियम में उल्लेखित प्रावधानों, जन सूचना अधिकारी तथा प्रथम अपीलीय अधिकारी के कर्तव्यों, सूचना का प्रकटन, प्राप्त आवेदनों का निष्पादन, आरटीआई ऑनलाइन पोर्टल पर पंजीयन तथा प्राप्त आवेदनों का निराकरण समय सीमा में किये जाने, शुल्क प्राप्ति एवं अन्य विषयों के संबंध सभी प्रशिक्षणार्थियों को जानकारी दी गई। उक्त प्रशिक्षण कार्यशाला में दुर्ग संभाग के 07 जिलों में से प्रत्येक जिले से 04 प्रतिभागी उपस्थित रहे। सभी प्रशिक्षणार्थियों की भी प्रशिक्षण में सक्रिय भागीदारी रही।
भाजपा सरकार की नीतियों ने आम जनता की कमर तोड़ी : जावेद खान
भिलाई । बढ़ती महंगाई, बिजली की बढ़ी हुई दरों और स्मार्ट मीटर की मार से तड़पती जनता के हक में आवाज उठाते हुए जिला कांग्रेस कमेटी भिलाई के प्रवक्ता जावेद खान ने भाजपा की केंद्र और छत्तीसगढ़ की डबल इंजन सरकार को आड़े हाथों लिया है। प्रवक्ता जावेद खान ने कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि राज्य में भाजपा सरकार आते ही आम आदमी का जीना मुहाल हो गया है। एक तरफ बिजली की दरें बढ़ा दी गई हैं, वहीं दूसरी ओर स्मार्ट मीटरों के कारण गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को बेतहाशा बिल का भुगतान करना पड़ रहा है। रसोई का बजट पूरी तरह से बिगड़ चुका है, जो शक्कर पहले 45 रुपये प्रति किलो मिलती थी, वह अब बढ़कर 65 रुपये हो चुकी है। पेट्रोल और रसोई गैस के दाम पहले से ही आसमान छू रहे हैं, और हाल ही में रोजाना के खाने वाले चावल के दाम में भी प्रति किलो 5 से 7 रुपये तक का इजाफा कर दिया गया है।
जावेद खान ने महतारी वंदन योजना पर सवाल उठाते हुए कहा कि के वाईसी के नाम पर छत्तीसगढ़ की हजारों जरूरतमंद महिलाओं के नाम योजना से काट दिए गए हैं। अब जो कुछ महिलाएं बची हैं, उन्हें केवल 1,000 रुपये की नाममात्र सहायता राशि दी जा रही है। आज के दौर में जब खाने-पीने की सभी चीजों की कीमतें आसमान छू रही हैं, तब यह सवाल उठता है कि क्या छत्तीसगढ़ के एक साधारण परिवार की महिला मात्र 1,000 रुपये में अपना और अपने परिवार का गुजर-बसर कर सकती है? उन्होंने महिलाओं और आम जनता से अपील की कि बढ़ती महंगाई और स्मार्ट मीटर की आड़ में की जा रही लूट के खिलाफ वे सामूहिक रूप से अपनी आवाज बुलंद करें। भाजपा सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ एकजुट होकर विरोध दर्ज कराना ही एकमात्र रास्ता बचा है। कांग्रेस पार्टी मांग करती है कि बिजली की बढ़ी हुई दरों और स्मार्ट मीटर से आ रहे बेतहाशा बिलों को तत्काल नियंत्रित किया जाए और खाद्य पदार्थों की बढ़ती कीमतों पर रोक लगाकर आम जनता को राहत दी जाए।
104 करोड़ की कथित अतिरिक्त वसूली का हिसाब दे निगम : भोजराज सिन्हा
भिलाई । नगर पालिक निगम भिलाई में संपत्ति कर एवं विभिन्न शुल्कों की वसूली को लेकर नेता प्रतिपक्ष भोजराज सिन्हा ने महापौर नीरज पाल एवं निगम प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा है कि भिलाई की जनता से कर एवं शुल्क के नाम पर की जा रही प्रत्येक वसूली का वैधानिक आधार सार्वजनिक किया जाना चाहिए।
भोजराज सिन्हा ने कहा कि उपलब्ध जानकारी के अनुसार शिक्षा कर, पेनल चार्ज एवं यूजर चार्ज सहित विभिन्न मदों में नागरिकों से लगभग 1 अरब 4 करोड़ की राशि वसूल किए जाने का विषय सामने आया है। यह राशि सामान्य नहीं है; यह भिलाई के नागरिकों और व्यापारियों की मेहनत की कमाई है। इसलिए निगम प्रशासन को बताना होगा कि यह वसूली किस अधिनियम, नियम, राजपत्र, अधिसूचना अथवा सक्षम प्राधिकारी के आदेश के अंतर्गत की गई।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि जब संपत्ति कर में पहले से ही 18 प्रतिशत अधिभार लिया जा रहा है, तो उसके अतिरिक्त पेनल चार्ज लगाने औचित्य क्या है? उन्होंने कहा कि निगम प्रशासन का स्पष्ट करे कि एक। ही कर देयता पर 18 प्रतिशत अधिभार के अतिरिक्त पेनल चार्ज लगाने का वैधानिक प्रावधान क्या है? इसकी स्वीकृति किस सक्षम प्राधिकारी ने दी और इसकी वसूली किस नियम के अंतर्गत की गई? पहले 18 प्रतिशत अधिभार, फिर अलग से पेनल चार्ज भिलाई की जनता पर यह दोहरा आर्थिक भार किस नियम के तहत महापौर, जनता भाषण नहीं, अधिनियम और शासनादेश के आधार पर जवाब चाहती है।
भोजराज सिन्हा ने कहा कि नगर पालिक निगम भिलाई के स्वयं के विद्यालय नहीं होने की स्थिति में नागरिकों से शिक्षा कर वसूल किए जाने का वैधानिक आधार भी स्पष्ट किया जाना चाहिए। उन्होंने महापौर एवं निगम प्रशासन से मांग की कि शिक्षा कर की वसूली से संबंधित अधिनियम की धारा, शासनादेश, अधिसूचना, राजपत्र एवं सक्षम स्वीकृति सार्वजनिक की जाए। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि दुर्ग, रिसाली, भिलाई-चरोदा, रायपुर, बिरगांव, धमतरी, जगदलपुर, बिलासपुर, कोरबा, रायगढ़ एवं राजनांदगांव सहित अन्य नगर निगमों में पेनल चार्ज की व्यवस्था को लेकर भी निगम प्रशासन तथ्य सार्वजनिक करे।
उन्होंने कहा कि यदि अन्य नगरीय निकायों में ऐसी वसूली नहीं की जा रही है, तो भिलाई में पेनल चार्ज लागू करने का अधिकार किस अधिनियम अथवा शासन आदेश से प्राप्त हुआ? क्या भिलाई के लिए कोई पृथक अधिसूचना जारी की गई है? यदि हां, तो उसे सार्वजनिक किया जाए। यूजर चार्ज में राजपत्र की दर और वास्तविक वसूली में अंतर क्यों ? भोजराज सिन्हा ने कहा कि छत्तीसगढ़ राजपत्र, 2016 में निर्धारित यूजर चार्ज की दरों के अनुसार 500 वर्गफीट तक, 1000 वर्गफीट तक तथा 1000 वर्गफीट से अधिक क्षेत्रफल की आवासीय एवं व्यावसायिक संपत्तियों के लिए निर्धारित दरों का पालन किया जाना चाहिए। यदि निगम द्वारा इन निर्धारित दरों से अधिक राशि वसूल की गई है, तो अतिरिक्त वसूली किस सक्षम प्राधिकारी की स्वीकृति से हुई और किस आदेश के तहत की गई, यह स्पष्ट किया जाए। 1 अरब 4 करोड़ का मदवार हिसाब सार्वजनिक हो।
यादव कल्याण परिषद में अध्यक्ष पद को लेकर विवाद
भिलाई । यादव कल्याण परिषद में अध्यक्ष पद और चुनाव प्रक्रिया को लेकर विवाद एक बार फिर सामने आया है। परिषद के अध्यक्ष हरेंद्र राय ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए दावा किया है कि रामा यादव के खिलाफ चुनाव प्रक्रिया और परिषद से जुड़े विवाद को लेकर उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के सचिव के समक्ष अपील याचिका लंबित है। दोनों पक्षों को सुनवाई से संबंधित नोटिस भी जारी किए जाने की बात कही गई है।
चुनाव प्रक्रिया को लेकर लगाए गंभीर आरोप
हरेंद्र राय ने आरोप लगाया कि वर्ष 2020-21 तक परिषद के अधिकांश कार्य सर्वसम्मति से होते थे। उनके मुताबिक, बाद में परिषद के चुनाव की प्रक्रिया सामाजिक भवन के बजाय एक निजी व्यक्ति के घर पर कराई गई और इसमें नियमों का पालन नहीं किया गया।
उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव से जुड़े दस्तावेजों में कई लोगों के कथित रूप से फर्जी हस्ताक्षर किए गए। इस संबंध में पुलिस शिकायत के साथ तत्कालीन सहायक पंजीयक, फर्म्स एवं संस्थाएं, जिला दुर्ग के समक्ष दस्तावेजों के साथ शिकायत किए जाने का भी दावा किया गया है।
आदेश के खिलाफ अपील का दावा
हरेंद्र राय के अनुसार, तत्कालीन उप पंजीयक द्वारा रामा यादव के पक्ष में आदेश जारी किया गया था। इसके बाद उक्त आदेश के खिलाफ रायपुर स्थित पंजीयक, फर्म्स एवं संस्थाएं के समक्ष अपील की गई। वहां भी आदेश बरकरार रहने के बाद अब उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के समक्ष अपील प्रस्तुत किए जाने की बात उन्होंने कही है।
उन्होंने बताया कि मामले की आगामी सुनवाई 9 सितंबर को निर्धारित होने की जानकारी दी गई है। हालांकि, उपलब्ध बयान में सुनवाई के वर्ष को लेकर स्पष्टता नहीं है।
सुप्रीम कोर्ट तक लड़ाई ले जाने की बात
हरेंद्र राय ने कहा कि वे इस मामले को अंतिम स्तर तक ले जाने के लिए कानूनी लड़ाई जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर मामला छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक ले जाया जाएगा।
उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग यादव समाज के नाम पर निजी हित साधने और सामाजिक भवन का व्यक्तिगत व्यवसाय के लिए उपयोग करने का प्रयास कर रहे थे, जिसका उन्होंने विरोध किया।
भवन में सामाजिक कार्यक्रम जारी होने का दावा
हरेंद्र राय ने कहा कि यादव समाज के भवन में उनके नेतृत्व में लगातार सामाजिक गतिविधियां आयोजित हो रही हैं और जन्माष्टमी की तैयारियां भी चल रही हैं। उन्होंने कहा कि अध्यक्ष पद के लिए चुनाव समाज भवन में सार्वजनिक और पारदर्शी प्रक्रिया के तहत होना चाहिए।
उन्होंने दावा किया कि समाज के चुनाव में सभी सदस्यों की भागीदारी होती है और जो भी व्यक्ति अध्यक्ष बनना चाहता है, उसे निर्धारित चुनाव प्रक्रिया में शामिल होकर निर्वाचित होना चाहिए।
कई पदाधिकारियों ने समर्थन का किया दावा
हरेंद्र राय ने वीरेंद्र यादव, भागवत यादव, जयराम यादव, रामेश्वर यादव, हरेन्द्र यादव, दिग्विजय यादव, कामराज यादव, प्रेमचंद यादव, रमाकांत यादव, रामविलास यादव, राजेंद्र यादव दुर्ग, धर्मेंद्र यादव दुर्ग और दिलीप यादव सहित कई लोगों के समर्थन का दावा किया है।
भिलाई पावर हाउस रेलवे स्टेशन सलाहकार समिति के अध्यक्ष बने तुषार देवांगन
भिलाई । दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, रायपुर मंडल द्वारा जारी आदेश के अनुसार तुषार देवांगन को भिलाई पावर हाउस रेलवे स्टेशन की सलाहकार समिति का अध्यक्ष मनोनीत किया गया है। रेलवे की ओर से जारी पत्र में बताया गया है कि रायपुर मंडल के हितग्राहियों के लिए रेलवे सलाहकार समिति का गठन दो वर्षों की अवधि के लिए किया गया है।
रेलवे मंडल वाणिज्य प्रबंधक कार्यालय, रायपुर से जारी पत्र के अनुसार तुषार देवांगन को रायपुर मंडल सलाहकार समिति का सदस्य भी मनोनीत किया गया है। उनका कार्यकाल 10 अगस्त से 9 अगस्त 2028 तक रहेगा। रेलवे सलाहकार समिति का उद्देश्य यात्रियों और हितग्राहियों से जुड़े मुद्दों, सुविधाओं तथा रेलवे से संबंधित सुझावों को सामने रखना है। समिति के सदस्यों से अपेक्षा की गई है कि वे निर्धारित एजेंडे के अनुसार बैठकों में शामिल होकर उपयोगी सुझाव दें और बैठक की कार्यवाही में सहयोग करें।
रेलवे सलाहकार समिति की बैठक में तुषार देवांगन भी शामिल हुए। बैठक में रेलवे से जुड़ी सुविधाओं, यात्रियों की आवश्यकताओं और क्षेत्र से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई। रेलवे सलाहकार समिति में मिली इस जिम्मेदारी के बाद भिलाई क्षेत्र के यात्रियों और स्थानीय नागरिकों से जुड़े मुद्दों को रेलवे के समक्ष प्रभावी ढंग से रखने की उम्मीद जताई जा रही है।
नौनिहालों के सुरक्षित भविष्य की ओर बढ़ा कदम, पाटन में 28.38 लाख के निर्माण कार्य मंजूर
दुर्ग ।कलेक्टर अभिजीत सिंह के मार्गदर्शन में जिला दुर्ग के जनपद पंचायत पाटन के ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों के लिए सुरक्षित एवं बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। नौनिहालों के लिए आवश्यक आधारभूत सुविधाओं के विस्तार हेतु सोनपुर, करेला एवं केसरा में कुल 28.38 लाख रुपये के निर्माण कार्यों को प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है।
स्वीकृत कार्यों के तहत सोनपुर में अतिरिक्त कक्ष निर्माण के लिए 5 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है। वहीं करेला एवं केसरा में अभिसरण के तहत नवीन आंगनबाड़ी भवनों के निर्माण के लिए प्रत्येक भवन हेतु 11.69 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। इन कार्यों में विकसित भारत रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन के तहत 8 लाख रुपये तथा डीएमएफ के तहत 2 लाख रुपये सहित अन्य मदों से राशि का अभिसरण किया गया है।
रोजगार के साथ मजबूत होगा ग्रामीण अधोसंरचना का आधार
जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी बजरंग कुमार दुबे ने बताया कि विकसित भारत रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन अधिनियम, 2025 के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन के साथ आवश्यक आधारभूत संरचनाओं के विकास को प्राथमिकता दी जा रही है। पाटन क्षेत्र के सोनपुर, करेला और केसरा में स्वीकृत निर्माण कार्यों से बच्चों को सुरक्षित एवं बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी। साथ ही निर्माण कार्यों के दौरान स्थानीय स्तर पर ग्रामीणों को रोजगार के अवसर भी प्राप्त होंगे। उन्होंने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में विभिन्न योजनाओं के अभिसरण के माध्यम से ऐसी परिसंपत्तियों का निर्माण किया जा रहा है, जिनका सीधा लाभ ग्रामीण समुदाय को मिले। बच्चों के लिए सुरक्षित एवं सुविधाजनक भवन उपलब्ध कराने के साथ इन कार्यों से ग्रामीण अधोसंरचना को भी मजबूती मिलेगी।
आंगनबाड़ी केंद्रों में मिलेगा बेहतर वातावरण
नवीन आंगनबाड़ी भवनों के निर्माण से बच्चों को सुरक्षित, व्यवस्थित और सुविधाजनक वातावरण मिलेगा। इन केंद्रों में बच्चों के लिए प्रारंभिक शिक्षा, पोषण एवं देखभाल से जुड़ी गतिविधियों का संचालन अधिक सुविधाजनक तरीके से किया जा सकेगा। साथ ही आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और बच्चों के लिए आवश्यक स्थान एवं सुविधाएं उपलब्ध होंगी। निर्माण कार्यों से स्थानीय श्रमिकों को रोजगार मिलने के साथ गांवों में सार्वजनिक सुविधाओं का विस्तार होगा। इससे एक ओर बच्चों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, वहीं दूसरी ओर ग्रामीण परिवारों के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। जिला प्रशासन द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों की सुरक्षा, शिक्षा, पोषण और आवश्यक सुविधाओं को प्राथमिकता देते हुए आधारभूत संरचनाओं के विकास पर लगातार जोर दिया जा रहा है। नौनिहालों के सुरक्षित भविष्य के लिए बेहतर वातावरण तैयार करने के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और विकास को गति देना प्रशासन की प्राथमिकता है।
फर्जी वेबसाइट से खाद्य लाइसेंस के नाम पर ठगी, कारोबारियों को सावधान रहने की अपील
दुर्ग,। खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने खाद्य कारोबारियों को फर्जी वेबसाइटों और अधिक राशि वसूलने वाले बिचौलियों से सावधान रहने की अपील की है। विभाग के संज्ञान में आया है कि फर्जी वेबसाइट foodlicenseportalorg के जरिए खाद्य पंजीयन/लाइसेंस के नाम पर राशि लेकर ठगी की जा रही है। ग्राम हिंगना निवासी हरजिंदर सिंह भी इस वेबसाइट के माध्यम से आवेदन कर 2 हजार रुपये का भुगतान कर धोखाधड़ी का शिकार हुए।
उप संचालक खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि खाद्य पंजीयन एवं लाइसेंस के लिए आवेदन केवल FSSAI के अधिकृत पोर्टल foscos.fssai.gov.in से ही करें। खाद्य पंजीयन का निर्धारित शुल्क 100 रुपये वार्षिक तथा खाद्य लाइसेंस का शुल्क 5 हजार रुपये है। कारोबारियों से अपील की गई है कि अनधिकृत वेबसाइट, व्यक्ति या च्वाइस सेंटर को व्यक्तिगत जानकारी अथवा निर्धारित शुल्क से अधिक राशि न दें।
नागरिक सुविधाओं और विकास कार्यों में तेजी लाने आयुक्त ने ली समीक्षा बैठक
भिलाईनगर । नगर पालिक निगम भिलाई की आयुक्त सुरूचि सिंह ने शहर के विकास को गति देने तथा नागरिकों से जुड़ी मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने के उद्देश्य से अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना, ऑनलाइन शिकायत, दुकानों एवं भवनों का किराया, डॉग हाउस, निर्माण कार्य, लेफ्ट फ्री, हाइजेनिक फूड जोन, मतदान केन्द्र, गौशाला, ईंधन खपत, पम्प संधारण, पाइप लाइन, सिविल कार्य, वाहन संधारण, उद्यान सहित विभिन्न विकास एवं मरम्मत कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई।
आयुक्त ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत निर्माणाधीन आवासों को 30 सितम्बर तक पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गरीबों के लिए उपलब्ध निधि का उपयोग उनकी मूलभूत सुविधाओं में वृद्धि के लिए किया जाए। विकास शुल्क से होने वाले निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूरा किया जाए। शहर में पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, सड़क, नाली एवं सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए अधिकारी नियमित रूप से कार्यों की निगरानी करें। आयुक्त ने निगम के ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज होने वाली नागरिक शिकायतों की समीक्षा करते हुए कहा कि शिकायतों का त्वरित एवं समयबद्ध निराकरण किया जाए। नागरिकों को उनकी शिकायतों के निराकरण के लिए अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़े, इसके लिए संबंधित अधिकारी शिकायतों को प्राथमिकता से लेते हुए मौके पर जाकर कार्रवाई करें।
बैठक में निगम क्षेत्र की दुकानों एवं भवनों के किराया निर्धारण की भी समीक्षा की गई। आयुक्त ने निर्देशित किया कि दुकानों एवं भवनों का नियमानुसार किराया निर्धारित किया जाए, जिससे निगम की आय में वृद्धि हो सके। निगम की आय के स्रोतों को मजबूत करने के लिए राजस्व से जुड़े कार्यों में तेजी लाने पर भी जोर दिया गया। कुरूद में स्थापित डॉग हाउस की व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए आयुक्त ने आवश्यक सुविधाओं को और बेहतर करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि डॉग हाउस को एक सप्ताह के भीतर प्रारंभ किया जाए तथा वहां आवश्यक संसाधन, साफ-सफाई और संचालन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। नगरोत्थान योजना के तहत समग्र शिक्षा एवं स्वामी आत्मानंद स्कूलों में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के संबंध में भी चर्चा की गई। आयुक्त ने कहा कि स्कूलों में ऐसी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं, जिससे बच्चों की पढ़ाई में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो। आवश्यक सिविल एवं मूलभूत कार्यों को प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश दिए गए।
शहर के प्रमुख चौराहों पर यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए किए जा रहे लेफ्ट फ्री कार्यों को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए। आयुक्त ने कहा कि इससे वाहन चालकों को सुगम आवागमन की सुविधा मिलेगी और प्रमुख मार्गों पर यातायात का दबाव कम करने में मदद मिलेगी। बैठक में चंद्रा-मौर्या के सामने प्रस्तावित हाइजेनिक फूड जोन के निर्माण एवं आबंटन के संबंध में भी चर्चा की गई। आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक तैयारी पूर्ण करने के निर्देश दिए, ताकि फूड जोन को सुव्यवस्थित रूप से विकसित कर इसका लाभ लोगों को मिल सके। आयुक्त ने मूलभूत मद से होने वाले पम्प, पाइप लाइन, सिविल कार्य, वाहनों, उद्यानों के संधारण सहित अन्य मरम्मत कार्यों को प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने मतदान केन्द्रों में आवश्यक संधारण कार्य कराने तथा वहां नागरिकों के लिए जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को कहा।
गौशाला के संचालन एवं रखरखाव की समीक्षा करते हुए आयुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए कि व्यवस्थाओं में किसी भी प्रकार की कमी नहीं होनी चाहिए। गौशाला में साफ-सफाई, रखरखाव एवं आवश्यक सुविधाओं की नियमित निगरानी की जाए। निगम के वाहनों में होने वाली ईंधन खपत की भी समीक्षा की गई। आयुक्त ने वाहनों के उपयोग एवं संचालन की नियमित निगरानी करते हुए ईंधन की खपत कम करने के निर्देश दिए। साथ ही वाहनों के संधारण पर भी विशेष ध्यान देने को कहा, ताकि वाहन बेहतर स्थिति में रहें और अनावश्यक खर्च को नियंत्रित किया जा सके। बैठक में अपर आयुक्त राजेंद्र कुमार दोहरे, उपायुक्त नरेंद्र बंजारे, डी के कोसरिया, अधीक्षण अभियंता वेशराम सिन्हा, जोन आयुक्त अमरनाथ दुबे, कुलदीप गुप्ता, लेखाधिकारी, कार्यपालन अभियंता, सहायक अभियंता, स्वास्थ्य अधिकारी, राजस्व अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। आयुक्त ने सभी अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए विकास एवं नागरिक सुविधाओं से जुड़े कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।