छत्तीसगढ़ / जशपुर
पीएम सूर्य घर योजना से घर-घर उजियारा, मुफ्त बिजली से मिल रहा आर्थिक संबल
जशपुरनगर । प्रधानमंत्री सूर्य घररू मुफ्त बिजली योजना आम नागरिकों के लिए बेहद लाभकारी साबित हो रही है। इस योजना के माध्यम से घरों की छतों पर सोलर पैनल लगाए जा रहे हैं, जिससे न केवल स्वच्छ ऊर्जा का उत्पादन हो रहा है, बल्कि लोगों के बिजली बिल में भी उल्लेखनीय कमी आई है। कई परिवारों का बिजली बिल अब लगभग शून्य हो गया है, जिससे उन्हें आर्थिक राहत मिल रही है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सुशासन की पहल के तहत विद्युत विभाग द्वारा जिलेभर में प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। लोगों को योजना की जानकारी देकर अधिक से अधिक लाभ लेने के लिए प्रेरित किया जा रहा है, ताकि वे बढ़ते बिजली बिल से राहत पा सकें और सौर ऊर्जा का उपयोग कर आत्मनिर्भर बन सकें।
प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के अंतर्गत घरों में सोलर पैनल लगाए जाते हैं, जो सूर्य के प्रकाश से बिजली का उत्पादन करते हैं। आवश्यकता से अधिक उत्पादित बिजली ग्रिड में भेजी जाती है, जिससे उपभोक्ताओं का बिजली बिल काफी कम हो जाता है या कई मामलों में शून्य तक पहुंच जाता है। इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ परिवारों को आर्थिक संबल भी मिल रहा है।
कुनकुरी निवासी संदीप कुमार गुप्ता ने बताया कि पहले उनके घर का बिजली बिल काफी अधिक आता था। लेकिन जब से उन्होंने प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत अपने घर में सोलर पैनल लगवाया है, तब से बिजली की नियमित खपत के बावजूद उनका बिजली बिल बहुत कम हो गया है। उन्होंने कहा कि इस योजना से उन्हें हर महीने अच्छी बचत हो रही है, जिससे परिवार की आर्थिक स्थिति भी मजबूत हुई है।
संदीप कुमार गुप्ता ने प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना आम लोगों के लिए अत्यंत लाभकारी है। उन्होंने विश्वास जताया कि सुशासन की इस पहल से आने वाले समय में अधिक से अधिक घर सौर ऊर्जा से जुड़ेंगे और हर घर उजियारा होगा।
राष्ट्रीय हस्तकरघा दिवस पर घोलेंग में पारंपरिक वेशभूषा में दिखी जशपुर की हस्तकरघा संस्कृति
जशपुरनगर ।राष्ट्रीय हस्तकरघा दिवस के अवसर पर आज जशपुर जिले के घोलेंग ग्राम पंचायत स्थित आजीविका परिसर में स्व सहायता समूह की महिलाओं द्वारा पारंपरिक वेशभूषा धारण कर हर्षाेल्लास के साथ राष्ट्रीय हस्तकरघा दिवस मनाया गया। कार्यक्रम में हस्तकरघा आधारित आजीविका से परंपरागत रूप से जुड़े लगभग 35 से 40 परिवारों की स्व सहायता समूह की महिलाओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
इस अवसर पर महिलाओं द्वारा हस्तकरघा से निर्मित शॉल, पारंपरिक आभूषण तथा बांस से निर्मित विभिन्न सामग्रियों की आकर्षक प्रदर्शनी भी लगाई गई। प्रदर्शनी के माध्यम से स्थानीय कारीगरों की पारंपरिक कला, कौशल और उत्पादों को प्रदर्शित किया गया।
जिला कलेक्टर रोहित व्यास के नेतृत्व एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत अभिषेक कुमार के मार्गदर्शन में घोलेंग स्थित आजीविका परिसर में हैंडलूम प्रशिक्षण एवं उत्पादन केंद्र का निर्माण कराया जा रहा है। इस केंद्र का उद्देश्य हस्तकरघा क्षेत्र से जुड़े परिवारों को आधुनिक मशीनरी एवं तकनीकी सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ उत्पादों की गुणवत्ता सुधारने, लैब टेस्टिंग, आधुनिक डिजाइन तथा बेहतर बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य करना है।
केंद्र के माध्यम से पारंपरिक हस्तकरघा कला को आधुनिक तकनीक एवं बाजार की आवश्यकताओं से जोड़ते हुए स्थानीय परिवारों के लिए आजीविका के बेहतर अवसर सृजित करने का प्रयास किया जा रहा है। आदित्य बिरला समूह के प्रबंधन एवं सहयोग से प्रशिक्षण, उत्पादन, डिजाइन विकास तथा बाजार से जुड़ी गतिविधियों को और प्रभावी बनाने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है।
कार्यक्रम में बिहान के जिला दल से डीएमएम, डीपीएम, आदित्य बिरला समूह के परिसर प्रमुख एवं प्रशिक्षक सहित स्व सहायता समूहों से जुड़ी सैकड़ों दीदियां उपस्थित रहीं। महिलाओं ने पारंपरिक हस्तकरघा कला को संरक्षित करने तथा इसे आधुनिक बाजार से जोड़कर नई पहचान दिलाने के संकल्प के साथ कार्यक्रम में सहभागिता की।
राष्ट्रीय हस्तकरघा दिवस के अवसर पर आयोजित यह कार्यक्रम जशपुर की समृद्ध पारंपरिक कला एवं स्थानीय आजीविका को बढ़ावा देने तथा हस्तकरघा से जुड़े परिवारों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आया।
प्राकृतिक आपदा के 5 प्रकरणों में मृतकों के परिजनों को कुल 20 लाख रुपए की आर्थिक सहायता स्वीकृत
जशपुरनगर । छत्तीसगढ़ शासन, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 के प्रावधानों के अंतर्गत प्राकृतिक आपदा एवं नैसर्गिक विपत्तियों से होने वाली जनहानि पर प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। इसी के तहत प्राकृतिक आपदाओं में हुई मृत्यु के 5 प्रकरणों में कलेक्टर रोहित व्यास द्वारा कुल 20 लाख रुपए की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत की गई है।
अपर कलेक्टर प्रदीप साहू से प्राप्त जानकारी के अनुसार तहसील मनोरा के ग्राम गजमा निवासी स्व. अंश राम भगत की 2 अक्टूबर 2024 को गड्ढे के पानी में डूबने से मृत्यु हो गई थी। इस प्रकरण में मृतक के निकटतम वैध वारिस उनके पिता नरेश राम को 4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता अनुदान राशि स्वीकृत की गई है। इसी प्रकार तहसील जशपुर के ग्राम बरपानी निवासी स्व. ईश्वर राम की 17 मई 2025 को कलारू डेम में नहाने के दौरान डूबने से मृत्यु हो गई थी। इस प्रकरण में मृतक की निकटतम वैध वारिस उनकी पत्नी श्रीमती रिखमुनी बाई को 4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत की गई है। तहसील जशपुर के ग्राम आगडीह निवासी स्व. श्रवण बड़ाईक की 7 जून 2025 को सिरकीकोना बांध में नहाने के दौरान डूबने से मृत्यु हो गई थी। इस प्रकरण में मृतक के निकटतम वैध वारिस उनके पिता आनंद बड़ाईक को 4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता अनुदान राशि स्वीकृत की गई है। इसी प्रकार तहसील जशपुर के ग्राम मधुवनटोली, जशपुरनगर निवासी स्व. दिव्यांशी कुमारी की 6 जनवरी 2025 को कुएं के पानी में डूबने से मृत्यु हो गई थी। इस प्रकरण में मृतिका के निकटतम वैध वारिस उनके पिता अर्जुन राम को 4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत की गई है। वहीं तहसील सन्ना के ग्राम गायबुड़ा निवासी स्व. सुचिता बाई की 11 जून 2025 को सर्पदंश के बाद उपचार के दौरान अंबिकापुर अस्पताल में मृत्यु हो गई थी। इस प्रकरण में मृतिका के निकटतम वैध वारिस उनकी माता श्रीमती बिपति बाई एवं पिता सुरेश एदगे को संयुक्त रूप से 4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता अनुदान राशि स्वीकृत की गई है।
उल्लेखनीय है कि जिला प्रशासन द्वारा प्राकृतिक आपदा एवं आकस्मिक जनहानि के मामलों में प्रभावित परिवारों को समयबद्ध राहत उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कार्यवाही प्राथमिकता के साथ सुनिश्चित की जा रही है।
प्राकृतिक आपदा के 5 प्रकरणों में मृतकों के परिजनों को कुल 20 लाख रुपए की आर्थिक सहायता स्वीकृत
जशपुरनगर। छत्तीसगढ़ शासन, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 के प्रावधानों के अंतर्गत प्राकृतिक आपदा एवं नैसर्गिक विपत्तियों से होने वाली जनहानि पर प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। इसी के तहत प्राकृतिक आपदाओं में हुई मृत्यु के 5 प्रकरणों में कलेक्टर रोहित व्यास द्वारा कुल 20 लाख रुपए की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत की गई है।
अपर कलेक्टर प्रदीप साहू से प्राप्त जानकारी के अनुसार तहसील मनोरा के ग्राम गजमा निवासी स्व. अंश राम भगत की 2 अक्टूबर 2024 को गड्ढे के पानी में डूबने से मृत्यु हो गई थी। इस प्रकरण में मृतक के निकटतम वैध वारिस उनके पिता नरेश राम को 4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता अनुदान राशि स्वीकृत की गई है। इसी प्रकार तहसील जशपुर के ग्राम बरपानी निवासी स्व. ईश्वर राम की 17 मई 2025 को कलारू डेम में नहाने के दौरान डूबने से मृत्यु हो गई थी। इस प्रकरण में मृतक की निकटतम वैध वारिस उनकी पत्नी श्रीमती रिखमुनी बाई को 4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत की गई है। तहसील जशपुर के ग्राम आगडीह निवासी स्व. श्रवण बड़ाईक की 7 जून 2025 को सिरकीकोना बांध में नहाने के दौरान डूबने से मृत्यु हो गई थी। इस प्रकरण में मृतक के निकटतम वैध वारिस उनके पिता आनंद बड़ाईक को 4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता अनुदान राशि स्वीकृत की गई है। इसी प्रकार तहसील जशपुर के ग्राम मधुवनटोली, जशपुरनगर निवासी स्व. दिव्यांशी कुमारी की 6 जनवरी 2025 को कुएं के पानी में डूबने से मृत्यु हो गई थी। इस प्रकरण में मृतिका के निकटतम वैध वारिस उनके पिता अर्जुन राम को 4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत की गई है। वहीं तहसील सन्ना के ग्राम गायबुड़ा निवासी स्व. सुचिता बाई की 11 जून 2025 को सर्पदंश के बाद उपचार के दौरान अंबिकापुर अस्पताल में मृत्यु हो गई थी। इस प्रकरण में मृतिका के निकटतम वैध वारिस उनकी माता श्रीमती बिपति बाई एवं पिता सुरेश एदगे को संयुक्त रूप से 4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता अनुदान राशि स्वीकृत की गई है।
उल्लेखनीय है कि जिला प्रशासन द्वारा प्राकृतिक आपदा एवं आकस्मिक जनहानि के मामलों में प्रभावित परिवारों को समयबद्ध राहत उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कार्यवाही प्राथमिकता के साथ सुनिश्चित की जा रही है।
मां भगवती मेडिकल स्टोर का लाइसेंस 15 दिवस के लिए निलंबित
जशपुरनगर । औषधि निरीक्षक योगेश कुमार परस्ते, खाद्य एवं औषधि प्रशासन, जिला जशपुर द्वारा प्राप्त शिकायत के आधार पर औषधि विक्रय प्रतिष्ठान माँ भगवती मेडिकल स्टोर, बिलडेगी लुड़ेग पत्थलगांव जिला जशपुर का दिनांक 03 अगस्त 2026 को निरीक्षण किया गया।
जांच प्रतिवेदन के अनुसार निरीक्षण के दौरान मेडिकल स्टोर परिसर में किसी भी मरीज का उपचार किया जाना, इंजेक्शन अथवा सलाइन लगाए जाने जैसी गतिविधि नहीं पाई । मरीजों के उपचार किये जाने संबंधी अवशेष निरीक्षण के दौरान नहीं मिले। हालांकि, निरीक्षण के दौरान क्तनहे - ब्वेउमजपबे त्नसमे, 1945 के त्नसम 65 के उपनियम 65(3) (2), 65(6), 65(16) के प्रावधानों का उल्लंघन पाया गया। संबंधित प्रतिष्ठान को कारण बताओ सूचना पत्र जारी कर स्पष्टीकरण प्राप्त किया गया। प्रस्तुत स्पष्टीकरण एवं उपलब्ध अभिलेखों का परीक्षण करने के उपरांत जवाब संतोषप्रद नहीं होने के कारण सक्षम प्राधिकारी द्वारा पारित आदेशानुसार संबंधित औषधि विक्रय अनुज्ञप्ति को 15 (पंद्रह) दिवस की अवधि के लिए निलंबित किया गया है।
नारायणपुर-लोखंडी रोड पर पुल टूटा के संबंध में सेतु निर्माण विभाग ने दिया स्पष्टीकरण
जशपुरनगर । नारायणपुर-लोखंडी रोड पर पुल टूटा, 10 कि.मी. घूमकर जाना पड़ रहा के संदर्भ में लोक निर्माण विभाग (सेतु निर्माण) के अनुविभागीय अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि संबंधित मार्ग भारतमाला परियोजना के निर्माण कार्य के दौरान सामग्री के परिवहन की सुविधा के लिए अस्थायी रूप से तैयार किया गया था।
उन्होंने बताया कि लोक निर्माण विभाग (सेतु निर्माण) द्वारा शासन के प्रावधानों के अनुसार केवल 60 मीटर से अधिक लंबाई वाले पुलों का निर्माण कराया जाता है। उक्त अस्थायी मार्ग एवं संरचना का निर्माण विभाग द्वारा नहीं कराया गया है।
कलेक्टर ने महिला बाल विकास विभाग की ली समीक्षा बैठक
जशपुरनगर । कलेक्टर रोहित व्यास ने आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में महिला एवं बाल विकास विभाग के पोषण पुनर्वास केंद्र (छ.त्.ब्) को डिजिटल किए जाने के संबंध में समीक्षा बैठक ली। इस अवसर पर महिला बाल विकास विभाग के अधिकारी और परियोजना अधिकारी और सेक्टर सुपरवाइजर उपस्थित थे। कलेक्टर ने 17 परियोजना में प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना में प्रगति लाने के निर्देश दिए। तथा आंगनबाड़ी केंद्र के बच्चों का अपार और आभा प्क् निरंतर बनाए जाने के लिए कहा है। उन्होंने सभी बच्चों का आधार कार्ड अनिवार्य रूप से बनाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि बच्चों का आधार कार्ड बनाने के लिए सभी परियोजना अधिकारियों को नोडल बनाया गया है सभी 0 से 6 वर्ष के बच्चों का आधार कार्ड अनिवार्य रूप से और निरूशुल्क बनाया जाना सुनिश्चित करेंगे और आंगनबाड़ी के सुविधाओं से सभी पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित करने के लिए कहा है। उन्होंने शेष बचे हुए महिलाओं का महतारी वंदन योजना के तहत ई केवाईसी करवाने के निर्देश सेक्टर सुपरवाइजर और परियोजना अधिकारियों को दिए ।
जिला पंचायत सीईओ अभिषेक कुमार ने विभिन्न ग्राम पंचायतों का किया औचक निरीक्षण
जशपुरनगर । सीईओ जिला पंचायत अभिषेक कुमार ने विगत दिवस 4 अगस्त को विभिन्न ग्राम पंचायतों का आकस्मिक निरीक्षण किया और विकास कार्यों की जानकारी ली।उन्होंने निरीक्षण के दौरान स्वच्छ भारत मिशन की प्रगति की जानकारी कुनकुरी एवं बगीचा जनपद पंचायत के कुड़केला, साहीडांड, भीतघरा एवं सरडीह गांवों में स्वच्छता व्यवस्था का निरीक्षण करके स्व सहायता समूह की महिलाओं कोडोर-टू-डोर नियमित कचरा कलेक्शन करने के लिए कहा। उन्होंने महिलाओं को प्रोत्साहित करते हुए स्वच्छ भारत मिशन का बेहतर क्रियान्वयन करने के निर्देश दिए। जिला पंचायत सीईओ ने संबंधित जनपद पंचायत सीईओ और स्वच्छ भारत मिशन के जिला समन्वयक को ठोस कार्य योजना बनाने के दिए निर्देश। गांव में नियमित स्वच्छता अभियान चलाने के लिए कहा है।
जशपुर से 204 श्रद्धालु प्रभु श्री रामलला दर्शन के लिए अयोध्या रवाना
जशपुरनगर । मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में श्री रामलला दर्शन योजना के तहत श्रद्धालुओं को अयोध्या में प्रभु श्री रामलला जी का निःशुल्क दर्शन कराया जा रहा है। इसी कड़ी में 14वें चरण में जशपुर जिले के जनपद पंचायत, नगर पंचायत एवं सियानगुड़ी के कुल 204 यात्रियों को प्रभु श्री रामलला के दर्शन हेतु जनप्रतिनिधियों द्वारा हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया गया है।योजनान्तर्गत अब तक 2856 यात्रियों को लाभ प्राप्त हो चुका है। जनपद पंचायत अध्यक्ष गंगा राम भगत नगर पालिका अध्यक्ष अरविन्द भगत के द्वारा बस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।इस अवसर पर पिंकी गुप्ता और जिला पंचायत सदस्य,जनपद सदस्य और अन्य गणमान्य नागरिक गण उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि रामलला दर्शन योजना के तहत श्रद्धालुओं को आना जाना, रहना और भोजन का सम्पूर्ण खर्च छत्तीसगढ़ शासन द्वारा उठाया जाता है।
रायपुर : प्राकृतिक आपदा के चार मामलों में मृतकों के परिजनों को 16 लाख रुपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत
जशपुर जिले में प्राकृतिक आपदाओं से हुई जनहानि के चार मामलों में प्रभावित परिवारों को राहत प्रदान करते हुए कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने राजस्व पुस्तक परिपत्र (आर.बी.सी.) 6-4 के तहत कुल 16 लाख रुपये की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत की है। प्रत्येक प्रकरण में मृतकों के निकटतम वैध वारिसों को 4-4 लाख रुपये की अनुग्रह सहायता प्रदान की जाएगी।
अपर कलेक्टर श्री प्रदीप साहू से प्राप्त जानकारी के अनुसार, बगीचा तहसील के ग्राम ओंड़का निवासी स्वर्गीय भदवा राम की मधुमक्खी के काटने से हुई मृत्यु के प्रकरण में उनकी पत्नी श्रीमती सुमित्रा को 4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत की गई है।
इसी प्रकार बगीचा तहसील के ग्राम कुरडेग निवासी स्वर्गीय सुमित्रा पैंकरा की कुएं में डूबने से हुई मृत्यु के मामले में उनके पति श्री मनमोहन पैंकरा को 4 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई है।
मनोरा तहसील के ग्राम पकरीटोली निवासी स्वर्गीय बसिन्दर राम (प्रजापति) की नदी के बाढ़ के पानी में डूबने से हुई मृत्यु के प्रकरण में उनकी पत्नी श्रीमती लीलावती बाई को 4 लाख रुपये की अनुग्रह सहायता राशि स्वीकृत की गई है।
वहीं, सन्ना तहसील के ग्राम चटकपुर निवासी स्वर्गीय देवसिंह की तालाब में डूबने से हुई मृत्यु के मामले में उनकी पत्नी श्रीमती बनपति बाई तथा पुत्र अर्जुन कुमार एवं अरविन्द कुमार को संयुक्त रूप से 4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत की गई है।
जिला प्रशासन द्वारा प्राकृतिक आपदाओं एवं आकस्मिक जनहानि से प्रभावित परिवारों को समयबद्ध राहत उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कार्यवाही प्राथमिकता के साथ सुनिश्चित की जा रही है, ताकि संकट की घड़ी में पात्र परिवारों को शीघ्र आर्थिक संबल मिल सके।
रायपुर : प्राकृतिक आपदा के चार मामलों में मृतकों के परिजनों को 16 लाख रुपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत
जशपुर जिले में प्राकृतिक आपदाओं से हुई जनहानि के चार मामलों में प्रभावित परिवारों को राहत प्रदान करते हुए कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने राजस्व पुस्तक परिपत्र (आर.बी.सी.) 6-4 के तहत कुल 16 लाख रुपये की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत की है। प्रत्येक प्रकरण में मृतकों के निकटतम वैध वारिसों को 4-4 लाख रुपये की अनुग्रह सहायता प्रदान की जाएगी।
अपर कलेक्टर श्री प्रदीप साहू से प्राप्त जानकारी के अनुसार, बगीचा तहसील के ग्राम ओंड़का निवासी स्वर्गीय भदवा राम की मधुमक्खी के काटने से हुई मृत्यु के प्रकरण में उनकी पत्नी श्रीमती सुमित्रा को 4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत की गई है।
इसी प्रकार बगीचा तहसील के ग्राम कुरडेग निवासी स्वर्गीय सुमित्रा पैंकरा की कुएं में डूबने से हुई मृत्यु के मामले में उनके पति श्री मनमोहन पैंकरा को 4 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई है।
मनोरा तहसील के ग्राम पकरीटोली निवासी स्वर्गीय बसिन्दर राम (प्रजापति) की नदी के बाढ़ के पानी में डूबने से हुई मृत्यु के प्रकरण में उनकी पत्नी श्रीमती लीलावती बाई को 4 लाख रुपये की अनुग्रह सहायता राशि स्वीकृत की गई है।
वहीं, सन्ना तहसील के ग्राम चटकपुर निवासी स्वर्गीय देवसिंह की तालाब में डूबने से हुई मृत्यु के मामले में उनकी पत्नी श्रीमती बनपति बाई तथा पुत्र अर्जुन कुमार एवं अरविन्द कुमार को संयुक्त रूप से 4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत की गई है।
जिला प्रशासन द्वारा प्राकृतिक आपदाओं एवं आकस्मिक जनहानि से प्रभावित परिवारों को समयबद्ध राहत उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कार्यवाही प्राथमिकता के साथ सुनिश्चित की जा रही है, ताकि संकट की घड़ी में पात्र परिवारों को शीघ्र आर्थिक संबल मिल सके।
पॉलीटेक्निक में प्रवेश प्रक्रिया शुरू, 10वीं पास विद्यार्थियों के लिए सुनहरा अवसर
जशपुरनगर । छत्तीसगढ़ राज्य की पॉलीटेक्निक संस्थाओं में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के डिप्लोमा इंजीनियरिंग पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए ऑनलाइन काउंसिलिंग एवं पंजीयन प्रक्रिया प्रारंभ हो गई है। सीजेआईटी जशपुर के प्राचार्य ने जानकारी देते हुए बताया कि सीजेआईटी जशपुर (पूर्व में शासकीय पॉलीटेक्निक जशपुर) में डिप्लोमा इंजीनियरिंग के अंतर्गत कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग, मैकेनिकल तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एंड टेलीकम्युनिकेशन शाखाओं का संचालन किया जा रहा है। प्रत्येक शाखा में 30-30 सीटें उपलब्ध हैं।
संस्था स्तर पर सीट आवंटन के लिए पंजीयन 31 जुलाई से 8 अगस्त 2026 तक किया जाएगा। इसके बाद 12 अगस्त 2026 को मेरिट सूची जारी होगी तथा 13 एवं 14 अगस्त 2026 को प्रवेश प्रक्रिया संपन्न की जाएगी। ऑनलाइन काउंसिलिंग, पंजीयन, संस्था एवं पाठ्यक्रम आवंटन संबंधी विस्तृत जानकारी https://cgdte.admissions.nic.in पर उपलब्ध है। वहीं प्रवेश नियम एवं अन्य जानकारी CGIT, जशपुर (पूर्व में शासकीय पॉलीटेक्निक जशपुर) की वेबसाइट www.gpjashpur.ac.in पर देखी जा सकती है। पंजीयन अथवा प्रवेश प्रक्रिया से संबंधित किसी भी प्रकार की जानकारी के लिए इच्छुक अभ्यर्थी 8821026945, 8109517732 एवं 7693890308 पर संपर्क कर सकते हैं। 10 वीं उत्तीर्ण विद्यार्थी समय-सीमा के भीतर पंजीयन कर इस अवसर का लाभ ले सकते हैं।
तुमला-मेंडर-ओडिशा सीमा सड़क निर्माण के लिए 27.73 करोड़ की स्वीकृति, वर्षा बाद शुरू होगा कार्य
जशपुरनगर । तुमला से भेलवा तक सड़क की स्थिति को लेकर प्रकाशित समाचार के संबंध में लोक निर्माण विभाग, संभाग पत्थलगांव ने तथ्यात्मक जानकारी जारी की है। विभाग ने बताया कि तुमला से मेंडर-ओडिशा सीमा तक 12.80 किलोमीटर सड़क निर्माण के लिए राज्य शासन द्वारा 27 करोड़ 73 लाख 31 हजार रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है। कार्यपालन अभियंता ने बताया कि नियमानुसार निविदा प्रक्रिया पूरी कर 5 जून 2026 को निर्माण एजेंसी को कार्यादेश जारी किया गया है तथा कार्य पूर्ण करने के लिए एक वर्ष की समय-सीमा निर्धारित है।
विभाग के अनुसार वर्तमान में वर्षा ऋतु के कारण डामरीकृत सड़क को उखाड़कर निर्माण कार्य प्रारंभ करना उचित नहीं है, क्योंकि इससे आवागमन और अधिक प्रभावित होगा। मौसम अनुकूल होते ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। लोक निर्माण विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिले की सड़कों के रखरखाव एवं निर्माण के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
कलेक्टर व्यास ने जनदर्शन में सुनी आमजन की समस्याएं
जशपुरनगर । कलेक्टर रोहित व्यास ने आज कलेक्टोरेट में आयोजित साप्ताहिक जनदर्शन कार्यक्रम में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे नागरिकों की समस्याएं सुनीं। कलेक्टर व्यास ने जनदर्शन में प्राप्त आवेदनों के निराकरण के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
जनदर्शन में आमजन ने अपनी व्यक्तिगत एवं सामुदायिक समस्याओं से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए। आज आयोजित जनदर्शन में कुल 48 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें मुख्य रूप से राजस्व संबंधी प्रकरण, पेयजल, सड़क, स्वच्छता, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ, अधोसंरचना विकास, आजीविका संवर्धन तथा विभिन्न शासकीय योजनाओं से जुड़ी मांगें एवं समस्याएं शामिल थीं।
कलेक्टर व्यास ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्राप्त सभी आवेदनों का प्राथमिकता के आधार पर परीक्षण कर उनका समयबद्ध, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि जनदर्शन शासन और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित करने का प्रभावी माध्यम है, इसलिए प्रत्येक आवेदन पर संवेदनशीलता एवं जवाबदेही के साथ कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि आवेदनों पर की गई कार्रवाई की जानकारी संबंधित आवेदकों को समय पर उपलब्ध कराएं, ताकि उन्हें अपने प्रकरण की स्थिति की स्पष्ट जानकारी मिल सके। कलेक्टर ने विशेष रूप से जनसुविधाओं से जुड़े मामलों जैसे पेयजल, सड़क, स्वच्छता तथा शासकीय योजनाओं के लाभ से संबंधित प्रकरणों पर गंभीरता से कार्रवाई करने पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय बगिया बना दिव्यांगजनों के लिए सहारा
जशपुरनगर । मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय बगिया लोगों की उम्मीदों का केंद्र बन गया है। जहां आम नागरिक अपनी मांगों और समस्याएं लेकर जाते है और लोगों की समस्याओं का गंभीरता से निराकरण किया जा रहा है।
इसी कड़ी में रामपति बाई की पुत्री दिव्यांग श्रवण बाधित का हुआ त्वरित समाधान जशपुर जिले के रामपति बाई ग्राम गिरहलडीह पोस्ट लोधमा तहसील कुनकुरी के निवासी अपने दिव्यांग श्रवण बाधित बेटी के (कान से कम सुनना) के कारण मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय बगिया में उपस्थित होकर श्रवण यंत्र की मांग की गई थी।
आवेदन में बताया गया कि मेरी बेटी दिपीका कुमारी जो कि ठीक से सुन नही पा रही थी जिसके कारण पढ़ाई में बाधा आ रही है। ये आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम विद्यालय ग्राम पतराटोली विकासखण्ड दुलदुला में कक्षा 9 वीं में पढ़ाई करती है।
मांग दर्ज होते ही समाज कल्याण विभाग ने संज्ञान में लेते हुए मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत दुलदुला जिला जशपुर को दिपीका कुमारी को श्रवण यंत्र प्रदान करने के लिए कहा गया।
दिपीका कुमारी को श्रवण यंत्र प्राप्त हो जाने पर बताया गया कि पहले कक्षा में शिक्षक के द्वारा पढ़ाया गया विषय अच्छे से सुनाई नहीं देता था। अब श्रवण यंत्र मिल जाने के कारण कक्षा में पढ़ाया गया विषय समझ में आ रहा है। इसके लिए दीपिका कुमारी ने मुख्यमंत्री को दिया धन्यवाद।
IDBI बैंक की सीएसआर से जशपुर के 8 सरस्वती शिशु मंदिरों में स्मार्ट क्लास शुरू, कलेक्टर ने किया शुभारंभ
जशपुरनगर । कलेक्टर रोहित व्यास ने जिले में डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए IDBI बैंक की कॉर्पाेरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) योजना के तहत आठ सरस्वती शिशु मंदिर विद्यालयों में स्मार्ट क्लास पैनल स्थापित किए गए हैं। सोमवार को सरस्वती शिशु मंदिर, जशपुर में आयोजित कार्यक्रम में कलेक्टर रोहित व्यास ने स्मार्ट क्लास का शुभारंभ किया।
IDBI बैंक, जशपुर शाखा ने यह पहल की है। इसके तहत जशपुर, बगीचा, दुलदुला, तपकरा, लोधमा, कुनकुरी, पत्थलगांव सहित जिले के आठ प्रमुख सरस्वती शिशु मंदिर विद्यालयों में स्मार्ट क्लास पैनल लगाए गए हैं। इनसे विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक आधारित गुणवत्तापूर्ण एवं रोचक शिक्षा उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
इस अवसर पर कलेक्टर रोहित व्यास ने बैंक की सामाजिक पहल की सराहना करते हुए कहा कि डिजिटल शिक्षा समय की आवश्यकता है। स्मार्ट क्लास के माध्यम से विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता में वृद्धि होगी और उन्हें आधुनिक शैक्षणिक संसाधनों का लाभ मिलेगा। कार्यक्रम में IDBI बैंक जशपुर के शाखा प्रबंधक ऋषिकेश महतो, रामनिवास अग्रवाल, सरस्वती शिशु मंदिर के प्राचार्य संजय यादव, IDBI बैंक के राहुल गुप्ता तथा कलेक्टर कार्यालय से अभिषेक दुबे सहित विद्यालय परिवार एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
कलेक्टर ने स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र के बच्चों का आधार केन्द्र प्राथमिकता से बनाने के दिए निर्देश
जशपुरनगर । कलेक्टर रोहित व्यास ने सोमवार को कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आधार निगरानी समिति (DLAMC) की बैठक आयोजित ली और आधार से संबंधित विभिन्न विषयों पर हुई विस्तृत समीक्षा की उन्होंने जिले में आधार नामांकन एवं अद्यतन कार्य की प्रगति, लंबित मामलों तथा आधार सेवाओं से संबंधित प्रकरणों की जानकारी ली।
बैठक में स्कूल शिक्षा विभाग को निर्देशित किया गया कि MBU (Mandatory Biometric Update) के लिए लंबित विद्यार्थियों का आधार अपडेट कार्य प्राथमिकता से पूर्ण कराया जाए तथा अद्यतन उपरांत सभी विद्यार्थियों की जानकारी UDISE पोर्टल पर निर्धारित समय-सीमा में अनिवार्य रूप से अपडेट की जाए। इसी प्रकार महिला एवं बाल विकास विभाग को निर्देशित किया गया कि शेष छोटे बच्चों के आधार नामांकन का कार्य CHiPS एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के आधार ऑपरेटरों के माध्यम से शत-प्रतिशत पूर्ण कराया जाए, ताकि कोई भी पात्र बच्चा आधार सुविधा से वंचित न रहे। बैठक में जिले में कार्यरत सभी आधार ऑपरेटरों को UIDAI के निर्धारित नियमों एवं दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए आधार केंद्रों का सुचारू एवं पारदर्शी संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही स्पष्ट किया गया कि आधार कार्य में किसी भी प्रकार की अनियमितता अथवा नियम विरुद्ध गतिविधि में किसी ऑपरेटर की संलिप्तता पाए जाने पर नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
कलेक्टर ने आधार संबंधित मशीन की उपलब्धता की भी जानकारी ली। पंडरापाठ, सोन क्यारी और जिन स्थानों पर आधार केन्द्र की आवश्यकता है वहां केन्द्र खोलने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ने अधिकारियो को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि आधार केन्द्र के आपरेटर लापरवाही और गड़बड़ी करते हैं तो कार्रवाई निश्चित करें इसमें किसी भी तरह की लापरवाही नहीं चलेगी।
बैठक में जिला पंचायत सीईओ अभिषेक कुमार अपर कलेक्टर प्रदीप कुमार साहू सभी एसडीएम और जनपद पंचायत सीईओ, जिला स्तरीय अधिकारीगण UIDAI के सहायक प्रबंधक सूरज वैष्णव, आधार जिला समन्वयक विवेक सिंह, पुलिस विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, स्कूल शिक्षा विभाग, श्रम विभाग, LDM, समाज कल्याण विभाग सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।