छत्तीसगढ़ / जशपुर
महतारी वंदन से हर माह महिलाओं को मिल रहा सम्मान और आर्थिक संबल
जशपुरनगर । मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण के लिए अनेक कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं।
इन्हीं योजनाओं में से एक महतारी वंदन योजना महिलाओं के जीवन में आर्थिक मजबूती और आत्मनिर्भरता का नया आधार बन रही है। महतारी वंदन योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर माह ₹1,000 की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। यह राशि महिलाओं के लिए केवल आर्थिक मदद नहीं, बल्कि उनके आत्मसम्मान और आत्मनिर्भरता को मजबूत करने का माध्यम भी बन रही है। महिलाएं इस राशि का उपयोग अपनी दैनिक जरुरतों, घरेलू सामान और अन्य आवश्यक खर्चों को पूरा करने में कर रही हैं।
कुनकुरी निवासी मंजू खनसारी भी महतारी वंदन योजना की लाभार्थी हैं। उन्हें हर माह योजना के तहत आर्थिक सहायता प्राप्त हो रही है। मंजू बताती हैं कि महतारी वंदन योजना से मिलने वाली राशि से उन्हें अपनी आवश्यकताओं को पूरा करने में काफी सहूलियत मिल रही है। पहले छोटी-छोटी जरूरतों के लिए परिवार पर निर्भर रहना पड़ता था, लेकिन अब योजना से मिलने वाली राशि उनके लिए आर्थिक सहयोग का मजबूत माध्यम बन गई है।
मंजू का कहना है कि सरकार की इस पहल से प्रदेश की महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत होने का अवसर मिल रहा है। हर महीने मिलने वाली सहायता राशि से महिलाएं अपनी जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। यह योजना महिलाओं के जीवन में खुशहाली लाने और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
महतारी वंदन योजना के माध्यम से सरकार का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाकर उन्हें अपने निर्णयों में अधिक सक्षम बनाना है। योजना से मिलने वाला नियमित आर्थिक संबल महिलाओं के आत्मविश्वास को बढ़ाने के साथ उनके परिवारों के जीवन में भी सकारात्मक बदलाव ला रहा है।
इस कल्याणकारी योजना के लिए मंजू खनसारी ने माननीय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का हृदय से आभार व्यक्त किया और कहा कि महिलाओं के हित में शुरू की गई यह योजना उनके लिए किसी उपहार से कम नहीं है।
जशपुर में ‘चेकमेट एट जशपुर 2026’: नेशनल लेवल चेस टूर्नामेंट की उल्टी गिनती शुरू
जशपुरनगर । जशपुर में पहली बार ‘चेकमेट एट जशपुर-अखिल भारतीय ओपन फिडे रेटेड शतरंज प्रतियोगिता 2026’ का आयोजन 29 अगस्त से 1 सितंबर तक पुरानी टोली स्थित कम्युनिटी हॉल में होगा।
जिला प्रशासन एवं खेल विभाग तथा जशपुर जिला शतरंज संघ द्वारा आयोजित प्रतियोगिता में देशभर के खिलाड़ी शामिल होंगे। प्रतियोगिता में कुल 2 लाख 50 हजार रुपये की पुरस्कार राशि रखी गई है। मुख्य श्रेणी में विजेता को 50 हजार रुपये एवं ट्रॉफी, उपविजेता को 30 हजार तथा तृतीय स्थान प्राप्त खिलाड़ी को 20 हजार रुपये एवं ट्रॉफी मिलेगी। इसके अलावा विभिन्न रेटिंग, महिला, वरिष्ठ, आयु वर्ग तथा जशपुर एवं सरगुजा संभाग के खिलाड़ियों के लिए भी विशेष पुरस्कार रखे गए हैं। प्रतियोगिता आठ चक्रों में फिडे स्विस प्रणाली के अनुसार होगी।
पिछले विजेताओं ने खिलाड़ियों को दिया न्योता :
पिछले वर्ष जशपुर में हुए शतरंज प्रतियोगिता के मुख्य श्रेणी विजेता स्पर्श खंडेलवाल ने खिलाड़ियों से जशपुर आने की अपील करते हुए कहा कि वे पिछले वर्ष के विजेता हैं और इस वर्ष भी 29 अगस्त से 1 सितंबर तक होने वाली प्रतियोगिता में सभी खिलाड़ियों से शामिल होकर आयोजन को सफल बनाने का आग्रह करते हैं। उन्होंने कहा कि जशपुर में हर वर्ष शतरंज प्रतियोगिता का आयोजन होना खुशी की बात है और उम्मीद है कि यह आयोजन लगातार और बड़ा होता जाएगा। पिछले वर्ष के प्रथम रनर-अप वी. विराट अय्यर ने भी खिलाड़ियों को जशपुर आने का न्योता देते हुए कहा कि पिछले वर्ष जशपुर में आयोजित राज्य स्तरीय ओपन शतरंज प्रतियोगिता में उन्हें प्रथम रनर-अप रहते हुए 21 हजार रुपये का पुरस्कार मिला था। उन्होंने इस वर्ष आयोजित अखिल भारतीय फिडे रेटेड शास्त्रीय शतरंज प्रतियोगिता में फिर शामिल होने की बात कहते हुए खिलाड़ियों से जशपुर आकर प्रतियोगिता का हिस्सा बनने की अपील की। उन्होंने कहा कि जशपुर की खूबसूरत वादियां, सुहाना मौसम और शानदार शतरंज का रोमांच खिलाड़ियों को यादगार अनुभव देगा।
ग्रैंडमास्टर, इंटरनेशनल मास्टर, महिला ग्रैंडमास्टर, महिला इंटरनेशनल मास्टर तथा 2200 या उससे अधिक फिडे रेटिंग वाले खिलाड़ियों के लिए प्रवेश निःशुल्क है। जशपुर के खिलाड़ियों के लिए प्रवेश शुल्क 200 रुपये, सरगुजा संभाग के लिए 800 रुपये और अन्य खिलाड़ियों के लिए 1,200 रुपये निर्धारित है। पंजीयन की अंतिम तिथि 24 अगस्त 2026 है। बाहर से आने वाले पहले 50 खिलाड़ियों के लिए निःशुल्क छात्रावासनुमा आवास की व्यवस्था भी की गई है। जिला प्रशासन ने देशभर के शतरंज खिलाड़ियों से ‘चेकमेट एट जशपुर 2026’ में शामिल होकर आयोजन को सफल बनाने की अपील की है।
कलेक्टर रोहित व्यास ने जनदर्शन में सुनी आमजन की समस्याएं
जशपुरनगर । कलेक्टर रोहित व्यास ने आज कलेक्टोरेट में आयोजित साप्ताहिक जनदर्शन कार्यक्रम में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे नागरिकों की समस्याएं सुनीं। कलेक्टर व्यास ने जनदर्शन में प्राप्त आवेदनों के निराकरण के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। जनदर्शन में आमजन ने अपनी व्यक्तिगत एवं सामुदायिक समस्याओं से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए। आज आयोजित जनदर्शन में कुल 36 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें मुख्य रूप से राजस्व संबंधी प्रकरण, पेयजल, सड़क, स्वच्छता, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ, अधोसंरचना विकास, आजीविका संवर्धन तथा विभिन्न शासकीय योजनाओं से जुड़ी मांगें एवं समस्याएं शामिल थीं।
कलेक्टर व्यास ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्राप्त सभी आवेदनों का प्राथमिकता के आधार पर परीक्षण कर उनका समयबद्ध, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि जनदर्शन शासन और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित करने का प्रभावी माध्यम है, इसलिए प्रत्येक आवेदन पर संवेदनशीलता एवं जवाबदेही के साथ कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि आवेदनों पर की गई कार्रवाई की जानकारी संबंधित आवेदकों को समय पर उपलब्ध कराएं, ताकि उन्हें अपने प्रकरण की स्थिति की स्पष्ट जानकारी मिल सके। कलेक्टर ने विशेष रूप से जनसुविधाओं से जुड़े मामलों जैसे पेयजल, सड़क, स्वच्छता तथा शासकीय योजनाओं के लाभ से संबंधित प्रकरणों पर गंभीरता से कार्रवाई करने पर जोर दिया।
कलेक्टर ने सिकल सेल के दो साल के कार्यों की समीक्षा, मरीजों को बेहतर इलाज की सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश
जशपुरनगर । जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, मेडिकल कॉलेज अंबिकापुर के सहयोग से संगवारी संस्था के द्वारा आज 25 अगस्त 2026 को कलेक्टर सभाकक्ष में सिकल सेल संगवारी संस्था के सिकल सेल रोग के क्षेत्र में दो वर्षों के कार्यकाल की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। कलेक्टर रोहित व्यास ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से सिकल सेल के कार्यों की विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने कहा कि जिले में सिकल सेल में अच्छा काम हो रहा है। छुटे हुए मरीजों का चिन्हांकन करके निःशुल्क स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
इस अवसर पर जिला चिकित्सालय से मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जी.एस. जात्रा, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. व्ही.के. इंदवार, सिकल सेल नोडल अधिकारी डॉ. ममता सिंह एवं सहायक नोडल अधिकारी देवेंद्र कुमार राठौर उपस्थित रहे। मेडिकल कॉलेज अंबिकापुर से कम्युनिटी मेडिसिन विभाग की एच ओ डी डॉ. आभा इक्का, डॉ. अमोस किंडो एवं डॉ. शुभम यादव ने बैठक में सहभागिता की। वहीं यूनिसेफ की ओर से स्टेट हेड डॉ. गजेंद्र सिंह ऑनलाइन माध्यम से जुड़े। सिकल सेल संगवारी संस्था की ओर से डॉ. योगेश्वर कालकोंडे एवं डॉ. बैद्यनाथ देवनाथ तथा जिला संगवारी टीम से जान्हवी ठाकुर, विक्रम प्रामाणिक एवं रीतू मंडल उपस्थित रहे। दो वर्षों के कार्यों एवं उपलब्धियों की प्रस्तुति
बैठक के दौरान सिकल सेल संगवारी टीम द्वारा विगत दो वर्षों में सिकल सेल रोग के क्षेत्र में किए गए कार्यों, प्रमुख उपलब्धियों एवं जमीनी स्तर पर किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी गई। जिला स्तर पर पंजीकृत सिकल सेल मरीजों के नियमित मासिक फॉलोअप, उपचार एवं दवा की उपलब्धता, आवश्यक स्वास्थ्य जांच, मरीजों एवं उनके परिवारों में जागरूकता, स्वास्थ्य सेवाओं से निरंतर जोड़ने सहित विभिन्न गतिविधियों की जानकारी साझा की गई। इसके साथ ही अनट्रैक एवं फॉलोअप से छूटे मरीजों की पहचान कर उन्हें पुनः स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने, नियमित उपचार सुनिश्चित करने तथा सिकल सेल मरीजों को दिव्यांग प्रमाण पत्र एवं अन्य पात्र शासकीय सुविधाओं से जोड़ने के लिए किए जा रहे प्रयासों पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में सिकल सेल मरीजों की सेवाओं को और अधिक प्रभावी एवं सुलभ बनाने, स्वास्थ्य विभाग एवं अन्य संबंधित संस्थाओं के बीच समन्वय को मजबूत करने, मरीजों के नियमित उपचार एवं फॉलोअप को बेहतर करने तथा आगामी समय में सिकल सेल रोग के नियंत्रण एवं उन्मूलन की दिशा में किए जाने वाले कार्यों की रूपरेखा पर भी विचार-विमर्श किया गया। कलेक्टर रोहित व्यास द्वारा सिकल सेल के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की समीक्षा करते हुए आवश्यक मार्गदर्शन एवं सुझाव प्रदान किए गए।
सीईओ अभिषेक ने नोडल अधिकारियों को आश्रम छात्रावास का निरीक्षण करने के निर्देश
जशपुरनगर । जिला पंचायत सीईओ अभिषेक कुमार ने कलेक्टोरेट सभाकक्ष में सोमवार को साप्ताहिक समय सीमा की बैठक में अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने सीएम हेल्पलाइन, मुख्यमंत्री जनदर्शन कलेक्टर जनदर्शन सहित सभी लंबित आवेदनों गहन समीक्षा की और अधिकारियों को आवेदन का निराकरण गंभीरता से करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर सभी एसडीएम ,जनपद पंचायत सीईओ और जिला स्तरीय अधिकारीगण उपस्थित थे। जिला पंचायत सीईओ ने जिले के आश्रम छात्रावास के लिए बनाए गए नोडल अधिकारी को निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं।
और ऑनलाइन प्रतिवेदन जमा करने के लिए कहा। जिला पंचायत सीईओ ने कहा कि आगामी 29 अगस्त से 1 सितंबर तक पुरानी टोली स्थिति कम्युनिटी हॉल में चेकमेट एट जशपुर 2026 प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है इसके लिए संबंधित अधिकारियों को तैयारी करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन एवं खेल विभाग तथा जशपुर जिला शतरंज संघ द्वारा आयोजित किया जा रहा है। प्रतियोगिता में देशभर के खिलाड़ी शामिल होंगे। प्रतियोगिता में कुल 2 लाख 50 हजार रूपए की पुरस्कार राशि रखी गई है।
मुख्य श्रेणी में विजेता को 50 हजार रुपए एवं ट्रॉफी उप विजेता को 30 हजार और तृतीय स्थान प्राप्त खिलाड़ी को 20 हजार रुपए एवं ट्रॉफी मिलेगा। इसके अलावा विभिन्न रेटिंग, महिला, वरिष्ठ, आयु वर्ग तथा जशपुर और सरगुजा संभाग के खिलाड़ियों के लिए भी विशेष पुरस्कार रखे गए हैं। जिला पंचायत सीईओ ने समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री की घोषणा के कार्यों की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने मंगल भवन, सामुदायिक भवन,सीसी रोड, सांस्कृतिक भवन,खेल मैदान,मिनी स्टेडियम,आदि प्रगतिरत निर्माण कार्यों की जानकारी ली।
कोकियाखार शासकीय उचित मूल्य दुकान की शिकायत पर खाद्य विभाग ने की जांच
जशपुरनगर । जिले के पत्थलगांव विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत कोकियाखार स्थित शासकीय उचित मूल्य दुकान में एक माह का चावल रोकने तथा निर्धारित दर से अधिक कीमत पर शक्कर विक्रय किए जाने की शिकायत पर के खाद्य विभाग द्वारा जांच की गई। खाद्य निरीक्षक, पत्थलगांव द्वारा शासकीय उचित मूल्य दुकान का निरीक्षण एवं जांच कर संचालन में पाई गई अनियमितताओं के संबंध में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), पत्थलगांव को प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया है। प्रकरण में नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
खाद्य अधिकारी ने बताया कि जांच के दौरान पाया गया कि ग्राम पंचायत कोकियाखार में कुल 787 राशन कार्ड धारी हितग्राही हैं, जिनमें से आज दिनांक तक 627 राशन कार्डधारियों को खाद्यान्न का वितरण किया जा चुका है। दुकान संचालक द्वारा बताया गया कि माह जुलाई एवं अगस्त 2026 का खाद्यान्न हितग्राहियों को वितरित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि खाद्य विभाग द्वारा शासकीय उचित मूल्य दुकानों में खाद्यान्न वितरण की व्यवस्था की सतत निगरानी की जा रही है तथा अनियमितता पाए जाने पर संबंधितों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
महतारी वंदन से हर माह महिलाओं को मिल रहा सम्मान और आर्थिक संबल
जशपुरनगर । मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण के लिए अनेक कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इन्हीं योजनाओं में से एक महतारी वंदन योजना महिलाओं के जीवन में आर्थिक मजबूती और आत्मनिर्भरता का नया आधार बन रही है।
महतारी वंदन योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर माह ₹1,000 की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। यह राशि महिलाओं के लिए केवल आर्थिक मदद नहीं, बल्कि उनके आत्मसम्मान और आत्मनिर्भरता को मजबूत करने का माध्यम भी बन रही है। महिलाएं इस राशि का उपयोग अपनी दैनिक जरुरतों, घरेलू सामान और अन्य आवश्यक खर्चों को पूरा करने में कर रही हैं।
कुनकुरी निवासी गुंजा भी महतारी वंदन योजना की लाभार्थी हैं। उन्हें हर माह योजना के तहत आर्थिक सहायता प्राप्त हो रही है। गुंजा बताती हैं कि महतारी वंदन योजना से मिलने वाली राशि से उन्हें अपनी आवश्यकताओं को पूरा करने में काफी सहूलियत मिल रही है। पहले छोटी-छोटी जरूरतों के लिए परिवार पर निर्भर रहना पड़ता था, लेकिन अब योजना से मिलने वाली राशि उनके लिए आर्थिक सहयोग का मजबूत माध्यम बन गई है।
गुंजा का कहना है कि सरकार की इस पहल से प्रदेश की महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत होने का अवसर मिल रहा है। हर महीने मिलने वाली सहायता राशि से महिलाएं अपनी जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। यह योजना महिलाओं के जीवन में खुशहाली लाने और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
महतारी वंदन योजना के माध्यम से सरकार का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाकर उन्हें अपने निर्णयों में अधिक सक्षम बनाना है। योजना से मिलने वाला नियमित आर्थिक संबल महिलाओं के आत्मविश्वास को बढ़ाने के साथ उनके परिवारों के जीवन में भी सकारात्मक बदलाव ला रहा है।
इस कल्याणकारी योजना के लिए गुंजा चिटनविष ने माननीय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का हृदय से आभार व्यक्त किया और कहा कि महिलाओं के हित में शुरू की गई यह योजना उनके लिए किसी उपहार से कम नहीं है।
छिपी खेल प्रतिभाओं को सामने लाने और उन्हें तराशने का सुनहरा अवसरर : कलेक्टर रोहित व्यास
जशपुरनगर । छत्तीसगढ़ शासन के खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा युवाओं की खेल प्रतिभाओं को पहचानने, उन्हें निखारने और भविष्य के लिए बेहतर खिलाड़ी तैयार करने के उद्देश्य से सरगुजा ओलंपिक 2026-27 का आयोजन किया जा रहा है। प्रतियोगिता के तहत कुल 12 खेल विधाओं में विकासखंड, जिला एवं संभाग स्तर पर विभिन्न खेल प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी।
कलेक्टर रोहित व्यास ने सरगुजा ओलंपिक को जिले के खिलाड़ियों के लिए एक महत्वपूर्ण एवं बेहतर मंच बताते हुए कहा कि यह आयोजन स्थानीय स्तर पर छिपी खेल प्रतिभाओं को सामने लाने और उन्हें तराशने का सुनहरा अवसर है। प्रतियोगिताओं में भाग लेने से खिलाड़ियों को प्रतिस्पर्धात्मक अनुभव मिलेगा और बड़े आयोजनों में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करने के लिए उनका आत्मविश्वास बढ़ेगा। उन्होंने अधिकारियों को सरगुजा ओलंपिक का व्यापक प्रचार-प्रसार करने तथा अधिक से अधिक युवाओं का पंजीयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। सरगुजा ओलंपिक के लिए खिलाड़ी निर्धारित ऑनलाइन पोर्टल https://sportsyw.cg.gov.in/sargujaOlympic पर जाकर पंजीयन कर सकते हैं। इसके अलावा क्यूआर कोड के माध्यम से भी पंजीयन की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
12 खेल विधाओं में होगी प्रतियोगिता :
सरगुजा ओलंपिक में एथलेटिक्स, तीरंदाजी, बैडमिंटन, फुटबॉल, हॉकी, कुश्ती, कराते, कबड्डी, खो-खो, वॉलीबॉल, बास्केटबॉल और रस्साकशी सहित कुल 12 खेल विधाओं को शामिल किया गया है। एथलेटिक्स में 100 मीटर, 200 मीटर एवं 400 मीटर लंबी कूद, ऊंची कूद, शॉटपुट, डिस्कस थ्रो, जैवलिन थ्रो तथा 4×100 मीटर रिले रेस आयोजित की जाएगी। तीरंदाजी में इंडियन राउंड 30 मीटर एवं 50 मीटर की स्पर्धाएं होंगी। इसके साथ ही बैडमिंटन और फुटबॉल सहित अन्य खेलों में भी खिलाड़ी अपनी प्रतिभा और कौशल का प्रदर्शन करेंगे।
जूनियर और सीनियर वर्ग में होंगे मुकाबले :
सरगुजा ओलंपिक में जूनियर वर्ग के लिए 14 से 17 वर्ष तथा सीनियर वर्ग के लिए 17 वर्ष से अधिक आयु निर्धारित की गई है। हॉकी एवं कुश्ती की प्रतियोगिताएं जिला स्तर पर आयोजित होंगी।
कुश्ती में जूनियर बालक-बालिका तथा सीनियर पुरुष-महिला वर्ग के लिए अलग-अलग भार वर्ग निर्धारित किए गए हैं। जूनियर बालकों के लिए 57, 65 एवं 74 किलोग्राम तथा जूनियर बालिकाओं के लिए 55, 62 एवं 68 किलोग्राम भार वर्ग होंगे। इसी प्रकार सीनियर पुरुष वर्ग में 57, 65 एवं 74 किलोग्राम तथा सीनियर महिला वर्ग में 55, 62 एवं 68 किलोग्राम भार वर्ग में मुकाबले होंगे।
कराते में आयु एवं भार वर्ग के अनुसार मुकाबले :
कराते प्रतियोगिता में भी आयु एवं भार वर्ग के अनुसार खिलाड़ियों को मुकाबले का अवसर मिलेगा। 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग के जूनियर बालकों के लिए 45 एवं 50 किलोग्राम तथा 16 से 17 वर्ष आयु वर्ग के लिए 55 एवं 61 किलोग्राम भार वर्ग निर्धारित हैं। जूनियर बालिकाओं के लिए 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग में 42 एवं 47 किलोग्राम तथा 16 से 17 वर्ष आयु वर्ग में 53 एवं 59 किलोग्राम भार वर्ग होंगे। सीनियर पुरुष वर्ग में 60 एवं 67 किलोग्राम तथा सीनियर महिला वर्ग में 55 एवं 61 किलोग्राम भार वर्ग में प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी।
कबड्डी, खो-खो, वॉलीबॉल और बास्केटबॉल जैसे लोकप्रिय खेलों में भी खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा। वहीं रस्साकसी को प्रदर्शनात्मक खेल के रूप में शामिल किया गया है, जिसमें केवल सीनियर महिला वर्ग की प्रतिभागी हिस्सा लेंगी। सरगुजा ओलंपिक के माध्यम से खेल प्रतिभाओं को अपनी क्षमता साबित करने का अवसर मिलेगा। प्रतियोगिता से युवाओं में खेल भावना, अनुशासन एवं प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता का विकास होने के साथ ही छिपी प्रतिभाओं को आगे बढ़ने के लिए बेहतर मंच प्राप्त होगा।
स्व-सहायता समूह से मिली नई राह, लखपति दीदी बनीं अंजू यादव
जशपुरनगर । मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। कुनकुरी की रहने वाली अंजू यादव कभी आर्थिक परेशानियों से जूझ रही थीं। परिवार की जरूरतों को पूरा करने और आय का स्थायी साधन जुटाने में उन्हें कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। ऐसे समय में स्व-सहायता समूह से जुड़ना उनके जीवन में बदलाव की शुरुआत बना।
स्व-सहायता समूह के माध्यम से अंजू यादव को ऋण प्राप्त हुआ। इस राशि का उपयोग उन्होंने बकरी पालन के साथ-साथ एक फैंसी दुकान शुरू करने में किया। मेहनत और लगन से उन्होंने अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाया, जिससे उनकी आमदनी में लगातार वृद्धि हुई और परिवार को आर्थिक मजबूती मिली।
आज अंजू यादव न केवल अपने परिवार की जरूरतें बेहतर तरीके से पूरी कर रही हैं, बल्कि उन्होंने अपनी मेहनत और आय से खुद का पक्का मकान बनवाया और एक वाहन भी खरीदा। आर्थिक आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते हुए उनका जीवन अब दूसरों के लिए भी प्रेरणा बन गया है।
सरकार की इस पहल से अंजू यादव की आजीविका और आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार आया है। अपने जीवन में आए इस सकारात्मक बदलाव के लिए उन्होंने मुख्यमंत्री का तहेदिल से आभार व्यक्त करते हुए सरकार की जनकल्याणकारी पहल का स्वागत किया।
जश लर्न, जश क्वेस्ट, स्मार्ट क्लास सहित शैक्षणिक नवाचारों की प्रभावी क्रियान्वयन करें : कलेक्टर व्यास
जशपुरनगर । कलेक्टर रोहित व्यास ने आज कलेक्टरेट सभाकक्ष में स्कूल शिक्षा विभाग की बैठक लेकर जिले में विद्यार्थियों के शैक्षणिक विकास, सीखने की क्षमता बढ़ाने तथा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए संचालित नवाचारों एवं विभिन्न शैक्षणिक गतिविधियों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने और शिक्षा को अधिक प्रभावी एवं रुचिकर बनाने के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
बैठक में कलेक्टर ने जश लर्न, जश क्वेस्ट, स्मार्ट क्लासेस, संपर्क स्मार्ट शाला, संपर्क क्लासेस, अंतरिक्ष संगवारी के अंतर्गत एस्ट्रोनॉट ट्रेनिंग, नन्हे सितारे और विद्याधन छात्रवृत्ति सहित अन्य शैक्षणिक गतिविधियों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने सभी कार्यक्रमों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करते हुए अधिक से अधिक विद्यार्थियों तक इनका लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने छत्तीसगढ़ के आदिवासी बहुल सरगुजा संभाग में आयोजित सरगुजा ओलंपिक को खेल प्रतिभाओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के लिए महत्वपूर्ण मंच बताते हुए इसके बेहतर एवं व्यवस्थित क्रियान्वयन के लिए आवश्यक तैयारियां समय पर पूर्ण करने तथा अधिक से अधिक युवाओं की सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में कलेक्टर ने मैंडेटरी बायोमेट्रिक अपडेट, अपार आईडी तथा विद्यार्थियों को पुस्तक वितरण की भी समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को शेष कार्यों को प्राथमिकता के साथ निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए, ताकि छात्रों को योजनाओं एवं शैक्षणिक सुविधाओं का समय पर लाभ मिल सके।
कलेक्टर व्यास ने स्कूलों में संचालित स्मार्ट क्लासेस के तहत डैशबोर्ड के बेहतर संचालन के लिए विद्यार्थियों को भी प्रशिक्षित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक कक्षा में एक विद्यार्थी को आईटी मॉनिटर के रूप में पूर्ण रूप से प्रशिक्षित करें, ताकि वह आवश्यकता पड़ने पर अन्य विद्यार्थियों को भी तकनीकी जानकारी दे सके। उन्होंने स्मार्ट क्लास के सुचारू संचालन के लिए स्कूलों में आवश्यक इंटरनेट सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए।
जश लर्न के दूसरे चरण और जश क्वेस्ट के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर :
कलेक्टर ने जश लर्न कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए बताया कि विद्यालय समय के पश्चात शिक्षकों द्वारा विद्यार्थियों के अभिभावकों से फोन के माध्यम से संपर्क कर बच्चों के शैक्षणिक स्तर के अनुरूप जोड़, घटाव, गुणा और भाग जैसी आधारभूत गणितीय संक्रियाओं का उपचारात्मक शिक्षण किया जा रहा है। प्रथम चरण के सफल संचालन के बाद उन्होंने दूसरे चरण के कार्यक्रम को भी प्रभावी एवं उत्कृष्ट तरीके से संचालित करने के निर्देश दिए। इसी तरह कक्षा 6वीं से 8वीं तक के विद्यार्थियों को गणित एवं विज्ञान विषयों में दक्ष बनाने के उद्देश्य से शुरू होने वाली जश क्वेस्ट की जानकारी ली और इसके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए शिक्षकों के प्रशिक्षण कार्यक्रम पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी विज्ञान के विषयों को प्रायोगिक गतिविधियों के माध्यम से अधिक बेहतर ढंग से समझते हैं। व्यावहारिक एवं वैज्ञानिक सोच विकसित होने से विद्यार्थी भविष्य में वैज्ञानिक और रिसर्चर के रूप में आगे बढ़ सकते हैं तथा नई खोजों में योगदान दे सकते हैं।
एस्ट्रोनॉट ट्रेनिंग के लिए इसरो जाएंगे 50 प्रतिभावान विद्यार्थी :
बैठक में कलेक्टर ने अंतरिक्ष संगवारी कार्यक्रम के अंतर्गत 27 अगस्त से शुरू होने वाले एस्ट्रोनॉट ट्रेनिंग के लिए इसरो भेजे जाने वाले 50 प्रतिभावान विद्यार्थियों के चयन की तैयारियों की भी जानकारी ली। एस्ट्रोनॉट ट्रेनिंग के लिए विद्यार्थियों का चयन विभिन्न चरणों में आयोजित परीक्षाओं के माध्यम से किया जाएगा। उन्होंने चयन प्रक्रिया को व्यवस्थित एवं पारदर्शी तरीके से पूर्ण करने के निर्देश दिए।
नन्हे सितारे से विद्यार्थियों में विकसित होंगे जीवन कौशल :
कलेक्टर व्यास ने विद्यार्थियों में भाषा कौशल, आत्मविश्वास एवं रचनात्मक अभिव्यक्ति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जिला प्रशासन जशपुर एवं ओपन लिंक्स फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में संचालित ‘नन्हे सितारे’ जीवन कौशल आधारित कार्यक्रम की भी समीक्षा की। उन्होंने कार्यक्रम में विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने तथा इसकी गतिविधियों को प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने विनोबा एप में रचनात्मक शैक्षणिक गतिविधियों की एंट्री समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए। इसके लिए अंतिम तिथि 31 अगस्त 2026 निर्धारित है।
विद्या धन छात्रवृत्ति से प्रतिभावान विद्यार्थियों को मिलेगा लाभ :
कलेक्टर ने विद्या धन छात्रवृत्ति के संबंध में भी अधिकारियों से जानकारी ली। योजना के तहत कक्षा 11वीं में अध्ययनरत ऐसे विद्यार्थी आवेदन कर सकते हैं, जिन्होंने कक्षा 10वीं में 80 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त किए हों तथा उनके परिवार की वार्षिक आय 2 लाख रुपये से कम हो। आवेदन की अंतिम तिथि 30 अगस्त 2026 है। चयनित विद्यार्थियों को कक्षा 11वीं एवं 12 वीं में 10-10 हजार रुपये की छात्रवृत्ति प्राप्त होगी। कलेक्टर ने पात्र विद्यार्थियों तक योजना की जानकारी पहुंचाने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए, ताकि कोई भी पात्र विद्यार्थी इस अवसर से वंचित न रहे।
संपर्क स्मार्ट शाला से प्राथमिक कक्षाओं में तकनीक आधारित शिक्षा को बढ़ावा :
कलेक्टर ने जिले में संचालित संपर्क स्मार्ट शाला कार्यक्रम की भी समीक्षा की। उन्होंने कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए। कार्यक्रम के तहत प्राथमिक कक्षाओं के बच्चों में गणित एवं अंग्रेजी की बुनियादी समझ को मजबूत करने के लिए रोचक तरीके से सिखाया जाता है। वर्तमान में यह कार्यक्रम जिले के 5 विकासखंडों के 71 प्राथमिक विद्यालयों में संचालित है। योजना के तहत 160 नए विद्यालयों को भी जोड़ने की तैयारी है। कार्यक्रम में संपर्क स्मार्ट टीवी एवं डिजिटल उपकरणों के माध्यम से बच्चों को खेल-खेल में पढ़ाया जाता है। साथ ही शिक्षकों को प्रभावी शिक्षण पद्धतियों, सही क्रम एवं सही ढंग से अध्यापन के लिए प्रशिक्षण दिया जाता है तथा विद्यार्थियों के लर्निंग आउटकम की नियमित निगरानी की जाती है। बैठक में प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी नरेंद्र सिन्हा, समस्त ब्लॉक शिक्षा अधिकारी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
जशपुर में 200 स्ट्रीट फूड विक्रेताओं को मिला निरूशुल्क फॉस्टेक प्रशिक्षण
जशपुरनगर । खाद्य एवं औषधि प्रशासन जिला जशपुर द्वारा विगत दिवस जिला पंचायत के संवाद सभागार कक्ष में फुटपाथ और सड़क किनारे खाद्य व्यापार करने वाले 200 स्ट्रीट फूड विक्रेताओं को निरूशुल्क फॉस्टेक (खाद्य सुरक्षा प्रशिक्षण एवं प्रमाणन) प्रशिक्षण दिया गया।
यह कार्यक्रम नेस्ले इंडिया एवं नासवी (नेशनल एसोसिएशन ऑफ स्ट्रीट वेंडर्स ऑफ इंडिया) के सहयोग से आयोजित किया गया।
खाद्य सुरक्षा मानक अधिनियम 2006 एवं विनियम 2011 के अनुसार सभी खाद्य कारोबारियों के लिए फॉस्टेक प्रशिक्षण लेना अनिवार्य है। इस प्रशिक्षण में चाय-नाश्ता-भोजन ठेला, टपरी, खोमचा, जलेबी-पकौड़ा-भजिया, चाट-गुपचुप-इडली-डोसा, भुंजा-फलीदाना, जूस-लस्सी-शेक, फास्ट फूड-मोमोज-चाइनीज और आइसक्रीम-फलूदा विक्रेताओं को शामिल किया गया।
प्रशिक्षण के दौरान विक्रेताओं को खाद्य पदार्थों को स्वच्छता से तैयार करने, परोसने और हाइजीन के मानकों के अनुरूप कार्य करने की जानकारी दी गई।
प्रमाण पत्र और हाइजीन किट का वितरण
प्रशिक्षण के बाद सभी 200 विक्रेताओं को फॉस्टैक प्रशिक्षण प्रमाण पत्र, स्ट्रीट फूड विक्रेता प्रमाण पत्र और हाईजीन किट निशुल्क दी गई। किट में खाना बनाने का एप्रन, सिर पर लगाने की टोपी, हेड कवर, हाथ के दस्ताने, किचन तौलिया, हाथ धोने का साबुन और गोल्डन रूल चार्ट दिया गया।
पाँच साल तक पंजीयन निःशुल्क
विभाग ने बताया कि भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) की योजना के तहत स्ट्रीट फूड विक्रेताओं को आवेदन करने पर पाँच साल के लिए खाद्य पंजीयन पूरी तरह से निशुल्क दिया जा रहा है।
इसके अलावा ईट राइट आंदोलन के तहत भोजन में कम तेल, कम नमक और कम शक्कर के उपयोग की सलाह दी गई। इस संबंध में शासन द्वारा जारी पोस्टर और पर्चे भी बांटे गए, ताकि विक्रेता अपनी दुकानों में लगाकर आम लोगों को जागरूक कर सकें।
अभिहित अधिकारी सागर दत्ता ने कहा कि जिले में लोगों को गुणवत्तापूर्ण, मानक और स्वच्छ खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के लिए विभाग प्रतिबद्ध है। इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम आगे भी लगातार जारी रहेंगे।
मेहनत और लगन से सिम्मी कुजूर ने बदली अपनी जिंदगी
जशपुरनगर । मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सार्थक पहल की जा रही है। इसी कड़ी में कुनकुरी की रहने वाली सिम्मी कुजूर भी कभी आर्थिक परेशानियों से जूझ रही थीं। परिवार की जरूरतों को पूरा करने के लिए उन्हें कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता था। ऐसे समय में स्व-सहायता समूह से जुड़कर उन्हें आगे बढ़ने का अवसर मिला।समूह के माध्यम से उन्होंने ऋण प्राप्त किया और उस राशि का उपयोग पशुपालन के लिए किया। मेहनत और लगन से पशुपालन को आगे बढ़ाते हुए उनकी आमदनी बढ़ने लगी। इससे परिवार को आर्थिक संबल मिला और उनकी आजीविका पहले की तुलना में बेहतर हुई। सिम्मी कुजूर की सफलता यहीं नहीं रुकी।
अपने अनुभव और आत्मविश्वास के साथ उन्होंने एक बार फिर ऋण लिया है। इस बार वह ईंट बनाने की मशीन लगाने जा रही हैं। उनका मानना है कि इस नए व्यवसाय से उन्हें रोजगार और आय का एक और मजबूत साधन मिलेगा तथा आर्थिक स्थिति में और सुधार आएगा।
सिम्मी कुजूर ने कहा कि स्व-सहायता समूह और सरकार की योजनाओं ने उन्हें अपने पैरों पर खड़े होने का अवसर दिया है। अपनी आर्थिक स्थिति में आए बदलाव के लिए उन्होंने प्रदेश सरकार का तहेदिल से धन्यवाद किया और कहा कि ऐसी योजनाएं महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
बिहान योजना बनी महिलाओं की आजीविका का बड़ा आधार, महिलाओं को मिल रहा आर्थिक संबल
जशपुरनगर । मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में चलाई जा रही बिहान योजना महिलाओं के लिए आजीविका का साधन बन रही है। यह योजना महिलाओं के लिए बेहद लाभदायक साबित हो रही है। योजना के माध्यम से न केवल महिलाएं आत्मनिर्भर हो रही हैं, बल्कि आर्थिक रूप से भी सशक्त बन रही हैं।
बिहान योजना के तहत कई महिलाओं ने समूह के माध्यम से ऋण लेकर अपना स्वयं का व्यवसाय शुरू किया है और अपनी आय का स्रोत बनाया है। यह योजना महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ी पहल है, जो महिलाओं को अपनी आजीविका का आधार मजबूत करने में मदद कर रही है।
जशपुर की रहने वाली सरिता यादव भी बिहान योजना से जुड़ी हैं। उन्हें पिछले वर्ष समूह के माध्यम से ऋण मिला, जिससे उन्होंने आटा चक्की सहित खाद्य सामग्री से जुड़ा व्यवसाय शुरू किया। इस व्यवसाय से उन्हें हर महीने लगभग 10 से 15 हजार रुपये की आमदनी हो जाती है। आज वह पूरी तरह आत्मनिर्भर हैं और अपने सभी खर्च स्वयं उठाने में सक्षम हैं।
सरिता यादव बताती हैं कि पहले वह अपने छोटे-मोटे खर्चों के लिए दूसरों पर निर्भर रहती थीं, लेकिन अब सरकार की इस योजना से वह अपने सभी खर्च खुद उठाती हैं और अपने भविष्य के लिए बचत भी करती हैं।
उन्होंने इस लाभकारी योजना के लिए सुशासन सरकार और हमारे प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जी का तहेदिल से आभार व्यक्त किया। उनका मानना है कि हर महिला को समान अधिकार और आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिलना चाहिए। सरकार की यह योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में बड़ा योगदान दे रही है।
प्राकृतिक आपदा से प्रभावित 4 परिवारों को कुल 16 लाख रुपए की मिलेगी आर्थिक सहायता
जशपुरनगर । छत्तीसगढ़ शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा जारी राजस्व पुस्तक परिपत्र खंड-6 क्रमांक-4 के प्रावधानों के तहत प्राकृतिक आपदाओं एवं नैसर्गिक विपत्तियों से होने वाली जनहानि के मामलों में प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। इसी क्रम में कलेक्टर रोहित व्यास ने प्राकृतिक आपदाओं में हुई मृत्यु के 4 प्रकरणों में प्रभावित परिजनों के लिए कुल 16 लाख रुपए की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत की है। यह सहायता राशि शासन के नियमानुसार पात्र हितग्राहियों को प्रदान की जाएगी।
अपर कलेक्टर प्रदीप साहू से प्राप्त जानकारी के अनुसार तहसील कांसाबेल के ग्राम तिलंगा निवासी स्वर्गीय विकास राम, पिता स्वर्गीय मनोज साय की 27 सितंबर 2025 को तालाब के पानी में डूबने से मृत्यु हो गई थी। इस प्रकरण में मृतक के निकटतम वैध वारिस उनकी माता लीलावती भगत को 4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता अनुदान राशि स्वीकृत की गई है। इसी प्रकार तहसील सन्ना के ग्राम छिछली (र) निवासी स्वर्गीय बंधन राम, पिता सुखू राम की 16 अगस्त 2025 को सांप काटने की वजह से मृत्यु हो गई थी। मृतक के निकटतम वैध वारिस उनकी पत्नी पुसनी बाई को 4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत की गई है।
इसी प्रकार से तहसील सन्ना के ग्राम भंवर निवासी स्वर्गीय विधिचंद बड़ाईक, पिता सगडू की 31 दिसंबर 2025 को ईब नदी में डूबने से मृत्यु हो गई थी। इस प्रकरण में मृतिक के निकटतम वैध वारिस उनकी पत्नी पति लक्ष्मी बाई को 4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता अनुदान राशि स्वीकृत की गई है। तहसील कांसाबेल के ग्राम तिलंगा निवासी स्वर्गीय शिवम राम, पिता शंकर राम भगत की 27 सितंबर 2025 को तालाब के पानी में डूबने से मृत्यु हो गई थी। मृतक के निकटतम वैध वारिस उनके पिता शंकर राम भगत को 4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत की गई है।
सहायक जनसंपर्क अधिकारी बिसे कुमार रात्रे जिला जनसंपर्क कार्यालय गरियाबंद के लिए कार्यमुक्त
जशपुरनगर । जनसंपर्क विभाग मंत्रालय, महानदी भवन, अटल नगर, नवा रायपुर के आदेश के तहत जिला जनसंपर्क कार्यालय जशपुर में पदस्थ सहायक जनसंपर्क अधिकारी बिसे कुमार रात्रे का जिला जनसंपर्क कार्यालय गरियाबंद स्थानांतरण होने पर आज 21 अगस्त 2026 को अपराह्न में नवीन पदस्थापना स्थल के लिए कार्यमुक्त किया गया।
इस अवसर पर सहायक संचालक नूतन सिदार सहित जिला जनसंपर्क कार्यालय जशपुर के अधिकारी-कर्मचारियों द्वारा रात्रे को नवीन पदस्थापना के लिए शुभकामनाएं दी गईं। नूतन सिदार एवं सहकर्मियों ने उनके कार्यकाल के दौरान मिले सहयोग एवं सौहार्दपूर्ण व्यवहार को याद करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। बिसे कुमार रात्रे अब जिला जनसंपर्क कार्यालय गरियाबंद में अपनी सेवाएं देंगे।
जिला प्रशासन की पहल रंग लाई, होमस्टे के विकास से ग्रामीणों को मिला रोजगार के बेहतर अवसर
जशपुरनगर । जिले में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल एवं कलेक्टर रोहित व्यास और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभिषेक कुमार के मार्गदर्शन एवं दूरदर्शी प्रयासों के परिणाम स्वरूप जिले में पर्यटन को एक नया आयाम मिला है। प्रशासन द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों और पर्यटन स्थलों पर शुरू की गई होम स्टे विकास योजना स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए वरदान साबित हो रही है।
जिले के प्रमुख पर्यटन स्थल देश देखा के समीप स्थित केरे गांव में ग्रामीण पर्यटन के अंतर्गत विकसित होम-स्टे का 4 फरवरी 2026 को अंतरिक्ष यात्री एवं अशोक चक्र से सम्मानित ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने और 04 अप्रैल 2026 को राज्यपाल रमेन डेका ने अवलोकन कर सराहना की। दोनों अतिथियों ने देशदेखा समूह की महिलाओं द्वारा पारंपरिक विधि से तैयार व्यंजनों का स्वाद चखा और स्थानीय आदिवासी संस्कृति, जनजीवन और आतिथ्य परंपरा का अनुभव लिया।
जशपुर जिले में Homestays of India टीम द्वारा जिला प्रशासन के साथ मिलकर ग्रामीण एवं सामुदायिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण कार्य किया जा रहा है। 25 जनवरी 2026 को Homestays of India, छत्तीसगढ़ सरकार एवं जशपुर जिला प्रशासन के बीच हुए समझौते के तहत केरे गांव को मॉडल कम्युनिटी टूरिज्म विलेज के रूप में विकसित करने की पहल की गई है। जिले में वर्तमान में केरे, छिछली र, दनगरी, मयाली, घोघरा (बलाझार) जैसे स्थानों में होम स्टे सूचीबद्ध हैं।
परिणामस्वरूप देश-विदेश से आने वाले पर्यटक अब बड़े होटलों के बजाय स्थानीय संस्कृति, खान-पान और ग्रामीण जीवनशैली का अनुभव करने के लिए इन होम स्टे का रुख कर रहे हैं। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती, महिला सशक्तिकरण, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और पलायन पर रोक जैसे लाभ मिल रहे हैं।
जिले में वर्तमान में मयाली में बनफूल होम स्टे नेल्सन मिंज मो.नं. 6261364164, केरे-देशदेखा में महुआ होमस्टे विश्वनाथ राम, अमराई होम स्टे शिवचरण राम एवं बीजा होमस्टे सुखमनी बाई मो.नं. 9302184255, खुड़ियारानी (छिछली र) में गेंदा फूल होमस्टे देवनारायण यादव मो.नं. 7974408577, दनगरी में पलाश होमस्टे मतरू राम मो.नं. 9009192294 एवं घोघरा (बालाझार) में कुमुद होम स्टे मनोज कुमार पैंकरा मो.नं. 8889969617 विकसित किये गये हैं। यहां पर्यटकों के लिए ट्रेकिंग, नेचर वॉक, बर्ड वॉचिंग, कैंपिंग, रॉक क्लाइंबिंग, ग्राम भ्रमण, कृषि कार्य, पारंपरिक भोजन और जनजातीय संस्कृति के अनुभव जैसी गतिविधियां उपलब्ध हैं।
सफलता की कहानी : पक्की छत के साथ मिली आजीविका की नई राह
जशपुरनगर । जिले के तपकरा निवासी घुरा राम के जीवन में प्रधानमंत्री आवास योजना ने एक बड़ा बदलाव लाया है। कभी घुरा राम अपने परिवार के साथ छोटे से कच्चे मकान में रहने को मजबूर थे। बारिश और मौसम की मार के बीच पक्के और सुरक्षित घर का सपना उनके लिए दूर की बात थी।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ जब घुरा राम तक पहुंचा, तो उनका यह सपना साकार हुआ। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत उन्हें पक्का मकान मिला। आज उनका परिवार अपने स्वयं के सुरक्षित और सुविधाजनक घर में खुशहाल जीवन जी रहा है।
घुरा राम के लिए यह मकान केवल रहने की जगह नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता का आधार भी बन गया है। उन्होंने इसी मकान में अपनी छोटी-सी दुकान शुरू कर ली है। जिससे उन्हें नियमित आय का साधन प्राप्त हो रहा है। अब उनका घर परिवार के लिए आशियाना होने के साथ-साथ आजीविका का केंद्र भी बन गया है।
घुरा राम बताते हैं कि योजना ने उन्हें केवल सिर पर पक्की छत ही नहीं दी, बल्कि सम्मान के साथ जीवन जीने और अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने का अवसर भी दिया। सरकार की योजनाओं का यही उद्देश्य है-हर परिवार को सुरक्षित आवास के साथ आत्मनिर्भरता की नई राह देना।