छत्तीसगढ़ / कांकेर
छात्रावासों एवं आश्रमों में कार्यरत कर्मचारियों के बैंक खातों में 2 से 3 दिनों के भीतर अंतरित होगी राशि
उत्तर बस्तर कांकेर, 11 अक्टूबर 2026
छत्तीसगढ़ शासन की पहल पर त्योहारों के पूर्व दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को आर्थिक राहत प्रदान करने के उद्देश्य से आदिवासी विकास विभाग, कांकेर के अंतर्गत संचालित विभिन्न छात्रावासों एवं आश्रमों में कार्यरत दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों के लिए श्रम सम्मान राशि स्वीकृत कर दी गई है। कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार के अनुमोदन के पश्चात अप्रैल 2026 से जुलाई 2026 तक कुल चार माह की अवधि की राशि स्वीकृत की गई है। यह राशि आगामी 2 से 3 दिनों के भीतर कोषालय के माध्यम से संबंधित कर्मचारियों के बैंक खातों में सीधे अंतरित की जाएगी।
छत्तीसगढ़ शासन, वित्त विभाग, मंत्रालय महानदी भवन, नवा रायपुर अटल नगर के वित्तीय निर्देशों के अनुपालन में श्रम विभाग द्वारा निर्धारित दर पर दैनिक अथवा मासिक वेतन के आधार पर कार्यरत कर्मचारियों को 04 हजार रुपये प्रतिमाह की दर से श्रम सम्मान निधि प्रदान की जानी है। इसी क्रम में आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग से आबंटन प्राप्त होने के बाद पात्र कर्मचारियों के लिए चार माह की श्रम सम्मान राशि की स्वीकृति की कार्रवाई पूरी की गई है।
त्योहारों के पूर्व मिलेगी आर्थिक सहायता
त्योहारों को ध्यान में रखते हुए राशि का शीघ्र भुगतान सुनिश्चित किया जा रहा है, ताकि छात्रावासों एवं आश्रमों में सेवाएं दे रहे दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को आर्थिक सहायता मिल सके और वे त्योहार की तैयारियां कर सकें। बैंक खातों में सीधे राशि हस्तांतरित होने से कर्मचारियों को भुगतान प्राप्त करने में सुविधा होगी। छात्रावासों एवं आश्रमों में दैनिक सेवाएं प्रदान करने वाले कर्मचारियों के लिए यह पहल आर्थिक संबल और प्रोत्साहन का माध्यम बनेगी।
सेवा की कहानी : गांव में ही मिला बेहतर इलाज, मेगा स्वास्थ्य शिविर बना ग्रामीणों के लिए उम्मीद की किरण
कोडेकुर्से में निःशुल्क जांच, उपचार, चश्मा और दवाइयां मिलने से मरीजों को मिली बड़ी राहत
उत्तर बस्तर कांकेर 11 अक्टूबर 2026
सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच आसान बनाने के उद्देश्य से दुर्गूकोंदल विकासखंड के ग्राम कोडेकुर्से में आयोजित मेगा स्वास्थ्य शिविर ग्रामीणों के लिए राहत और उम्मीद की नई किरण बनकर सामने आया। शिविर में विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा मरीजों की जांच कर उन्हें आवश्यक परामर्श, निःशुल्क चश्मा और दवाइयां उपलब्ध कराई गईं। इससे लोगों को विशेष लाभ मिला, जिन्हें दूरी और अन्य परेशानियों के कारण इलाज के लिए शहर जाना मुश्किल होता है।
चार महीने से आंखों की समस्या से परेशान अशोक को मिली राहत
ग्राम चौरगांव निवासी अशोक कुमार गावरे पिछले करीब चार महीने से आंखों की समस्या से परेशान थे। लगातार परेशानी के बावजूद उन्हें उचित जांच और उपचार के लिए भटकना पड़ रहा था। ग्राम कोडेकुर्से में आयोजित मेगा स्वास्थ्य शिविर उनके लिए मददगार साबित हुआ। यहां नेत्र विशेषज्ञों ने उनकी आंखों की जांच की और आवश्यक परामर्श देते हुए उन्हें निःशुल्क चश्मा उपलब्ध कराया। इससे अशोक कुमार को काफी राहत मिली। उन्होंने कहा कि गांव के पास ही स्वास्थ्य शिविर आयोजित होने से उन्हें विशेषज्ञों से जांच कराने और निःशुल्क चश्मा प्राप्त करने का अवसर मिला।
सीने में दर्द की परेशानी, गांव में ही मिला उपचार
इसी तरह सिंगो बाई भी सीने में दर्द की समस्या से परेशान थीं। अस्पताल दूर होने के कारण शहर जाकर इलाज कराना उनके लिए कठिन था। ऐसे में गांव के नजदीक मेगा स्वास्थ्य शिविर आयोजित होने की जानकारी मिलने पर वे उपचार के लिए पहुंचीं। शिविर में डॉक्टरों ने उनकी जांच की और आवश्यक दवाइयां निःशुल्क उपलब्ध कराईं। सिंगो बाई ने बताया कि अस्पताल दूर होने के कारण इलाज कराने में काफी परेशानी होती थी, लेकिन गांव के पास ही शिविर लगने से उन्हें बड़ी राहत मिली। डॉक्टरों से जांच कराने और निःशुल्क दवाइयां मिलने पर उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।
सेवा की कहानी : गांव में ही मिली सोनोग्राफी की सुविधा, आशुबत्ती नेताम ने जताया मुख्यमंत्री और जिला प्रशासन का आभार
मांडाभार्री में आयोजित मेगा स्वास्थ्य शिविर ग्रामीणों के लिए बना राहत का माध्यम, विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाओं के साथ निःशुल्क जांच और दवाइयां भी
उत्तर बस्तर कांकेर 11 अक्टूबर 2026
सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच आसान बनाने के उद्देश्य से नरहरपुर विकासखंड के ग्राम मांडाभार्री में आयोजित मेगा स्वास्थ्य शिविर ग्रामीणों के लिए लाभकारी साबित हुआ है। शिविर में विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा स्वास्थ्य जांच एवं परामर्श देने के साथ जरूरतमंद मरीजों को निःशुल्क दवाइयां भी वितरित की गई। गांव में ही जांच और उपचार की सुविधा मिलने से ग्रामीणों को दूर शहर जाने की परेशानी से भी राहत मिली है।
इसी क्रम में ग्राम बांगाबारी निवासी आशुबत्ती नेताम ने शिविर में सोनोग्राफी की सुविधा का लाभ उठाया। उन्होंने बताया कि आसपास के क्षेत्र में सोनोग्राफी की सुविधा उपलब्ध नहीं होने के कारण इसके लिए शहर जाना पड़ता था। इससे समय और आने-जाने की परेशानी होती थी। लेकिन ग्राम मांडाभार्री में आयोजित मेगा स्वास्थ्य शिविर में ही सोनोग्राफी की सुविधा मिलने से उन्हें काफी सहूलियत मिली। आशुबत्ती नेताम ने अपना अनुभव साझा करते हुए बताया, पहले सोनोग्राफी कराने के लिए शहर जाना पड़ता था, लेकिन गांव के पास ही यह सुविधा मिलने से मैं बहुत खुश हूं। डॉक्टर ने बहुत अच्छी तरह से सोनोग्राफी की और मुझे रिपोर्ट भी प्रदान की। इसके लिए मैं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करती हूं।
गांव में ही मिली स्वास्थ्य सेवाएं
मेगा स्वास्थ्य शिविर के माध्यम से ग्रामीणों को विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाएं, आवश्यक स्वास्थ्य जांच और निःशुल्क दवाइयां उपलब्ध कराई गई। सोनोग्राफी जैसी महत्वपूर्ण जांच की सुविधा स्थानीय स्तर पर मिलने से ग्रामीणों को समय और यात्रा की परेशानी से राहत मिली।
सेवा की कहानी : पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना से रोशन हुआ हेमलता साहू का घर, बिजली बिल से मिली राहत
सोलर पैनल लगवाने के बाद बिजली बिल की चिंता हुई कम, स्वच्छ ऊर्जा की ओर बढ़ा परिवार
उत्तर बस्तर कांकेर 11 अक्टूबर 2026
शासन की जनकल्याणकारी योजनाएं आम लोगों के जीवन को सुविधाजनक बनाने के साथ आर्थिक बचत का माध्यम भी बन रही हैं। प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना ऐसी ही एक पहल है, जिसका लाभ लेकर ग्राम साल्हेटोला निवासी श्रीमती हेमलता साहू अपने घर में सौर ऊर्जा का उपयोग कर रही हैं। उन्होंने बताया कि पहले हमारे घर में 01 हजार रूपए से लेकर 16 सौ तक प्रत्येक महीना बिजली बिल आता था। फरवरी 2026 में अपने घर पर सोलर पैनल स्थापित करवाने के बाद उन्हें बिजली बिल से राहत मिली है।
सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत ग्राम मांडाभर्री में आयोजित सेवा सेतु एवं मेगा स्वास्थ्य शिविर के दौरान श्रीमती हेमलता साहू ने पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना से मिले लाभों को साझा किया। उन्होंने बताया कि योजना के तहत उन्होंने फरवरी 2026 में अपने घर पर सोलर पैनल लगवाया। इसके बाद से उनके घर बिजली बिल नहीं आ रहा है, जिससे उन्हें आर्थिक राहत महसूस हो रही है। हेमलता साहू के अनुसार, घर में सोलर पैनल लगने से बिजली की जरूरतों को पूरा करने में मदद मिल रही है। सौर ऊर्जा के उपयोग से पारंपरिक बिजली पर निर्भरता कम करने का अवसर मिला है। साथ ही, बिजली बिल की चिंता कम होने से परिवार को बचत का लाभ मिल रहा है।
स्वच्छ ऊर्जा से बचत की ओर बढ़ते कदम
प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का उद्देश्य घरों की छतों पर सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने को प्रोत्साहित करना है, ताकि परिवार स्वच्छ ऊर्जा का लाभ उठा सकें और बिजली खर्च में बचत कर सकें। श्रीमती हेमलता साहू का अनुभव दर्शाता है कि सौर ऊर्जा अपनाकर परिवार अपनी बिजली संबंधी जरूरतों को पूरा करने की दिशा में कदम बढ़ा सकते हैं।हेमलता साहू ने योजना का लाभ मिलने पर प्रसन्नता व्यक्त की। उनका अनुभव अन्य परिवारों को भी सौर ऊर्जा के प्रति जागरूक होने और उपलब्ध योजनाओं की जानकारी प्राप्त करने के लिए प्रेरित करता है। पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग के साथ घरेलू बिजली खर्च में राहत देने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
सेवा की कहानी : मेगा स्वास्थ्य शिविर में निःशुल्क जांच, परामर्श एवं उपचार से संबलपुर निवासी राजेंद्र कुमार को मिली राहत
उत्तर बस्तर कांकेर 11 अक्टूबर 2026
शासन की जनकल्याणकारी योजनाएं और सेवा संकल्प अभियान आम लोगों तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। भानुप्रतापपुर विकासखंड के ग्राम तरहुल में जिला स्तरीय सेवा सेतु अंतर्गत मेगा स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें ग्रामीणों को निःशुल्क जांच, परामर्श एवं उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई गई।
सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित इस शिविर में संबलपुर निवासी श्री राजेंद्र कुमार ने स्वास्थ्य जांच कराई। चिकित्सकों ने उनकी जांच कर आवश्यक परामर्श दिया और उपचार उपलब्ध कराया। शिविर में उन्हें निःशुल्क दवाइयां भी प्रदान की गईं। राजेंद्र कुमार ने बताया कि शिविर के माध्यम से उन्हें अपने गांव के नजदीक ही स्वास्थ्य जांच और चिकित्सकीय परामर्श की सुविधा मिली। उपचार के साथ निःशुल्क दवाइयां मिलने से उन्हें काफी राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि ऐसे शिविर ग्रामीणों के लिए बेहद उपयोगी हैं, क्योंकि इससे समय और धन दोनों की बचत होती है।
निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाओं से ग्रामीणों को राहत
ग्राम तरहुल में आयोजित जिला स्तरीय मेगा स्वास्थ्य शिविर में विभिन्न स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई गईं। ग्रामीणों की जांच कर उन्हें आवश्यक परामर्श, उपचार और दवाइयां प्रदान की गईं। शिविर का उद्देश्य दूरस्थ एवं ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को उनके नजदीक ही बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना था। राजेंद्र कुमार ने सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित शिविर के लिए शासन-प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।
सेवा सेतु शिविर बना राहत का सहारा, अमोदिनी विश्वास को निःशुल्क नेत्र जांच के साथ मिला चश्मा
उत्तर बस्तर कांकेर, 11 अक्टूबर 2026
सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत कोयलीबेड़ा विकासखंड के ग्राम माहला में आयोजित सेवा सेतु शिविर सह मेगा स्वास्थ्य शिविर जरूरतमंदों के लिए राहत और सुविधा का माध्यम बन रहा है। शिविर में पखांजूर तहसील के संगम बाजार पारा निवासी श्रीमती अमोदिनी विश्वास को निःशुल्क नेत्र जांच के साथ चश्मा प्रदान किया गया, जिससे उन्हें बेहतर दृष्टि की दिशा में सहायता मिली।
श्रीमती अमोदिनी विश्वास शिविर में संचालित नेत्र जांच काउंटर पर पहुंचीं, जहां विशेषज्ञों द्वारा उनकी आंखों की जांच की गई। जांच के बाद उन्हें आवश्यकतानुसार निःशुल्क चश्मा उपलब्ध कराया गया। शिविर में एक ही स्थान पर स्वास्थ्य जांच और आवश्यक सुविधा मिलने से उन्हें काफी सहूलियत मिली। श्रीमती अमोदिनी विश्वास ने बताया कि यदि उन्हें अपनी आंखों की जांच निजी चिकित्सक के पास जाकर करानी पड़ती, तो डॉक्टर की फीस और चश्मे के लिए पैसे खर्च करने पड़ते। लेकिन सेवा सेतु सह मेगा स्वास्थ्य शिविर में उनकी आंखों की जांच निःशुल्क हुई और उन्हें चश्मा भी बिना किसी खर्च के मिल गया। इससे उनके पैसे और समय दोनों की बचत हुई।
‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत सांसद, विधायक और कलेक्टर ने किया पौधरोपण, दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
उत्तर बस्तर कांकेर, 11 अक्टूबर 2026
सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत कोयलीबेड़ा विकासखंड के ग्राम माहला में आयोजित सेवा सेतु शिविर के अवसर पर ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान सांसद श्री भोजराज नाग, विधायक श्री विक्रम उसेंडी एवं कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार ने पौधे रोपकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
कार्यक्रम के दौरान सांसद श्री भोजराज नाग ने बरगद, विधायक श्री विक्रम उसेंडी ने कदम तथा कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार ने आम का पौधा रोपित किया। जनप्रतिनिधियों एवं जिला प्रशासन के अधिकारियों ने पौधरोपण के माध्यम से प्रकृति के संरक्षण, हरियाली बढ़ाने तथा भावी पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और स्वस्थ पर्यावरण सुनिश्चित करने का संदेश दिया। इस अवसर पर पौधों के संरक्षण एवं संवर्धन के महत्व पर जोर देते हुए पर्यावरण के प्रति जनभागीदारी बढ़ाने का आह्वान किया गया। ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के माध्यम से मातृत्व के प्रति सम्मान व्यक्त करने के साथ ही प्रकृति संरक्षण और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने की प्रेरणा दी गई।
ग्राम पंचायत सचिव भर्ती हेतु अंतिम चयन सूची जारी
जिले में ग्राम पंचायत सचिव के कुल 27 पदों पर भर्ती प्रक्रिया के अंतर्गत संशोधित मेरिट सूची एवं अंतिम चयन सूची जारी कर दी गई है।
उल्लेखनीय है कि ग्राम पंचायत सचिव भर्ती के लिए 08 अक्टूबर को औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई), माकड़ी में कौशल परीक्षा आयोजित की गई थी, जिसके उपरांत मेरिट सूची जारी की गई थी। कल दिनांक 09 अक्टूबर को अभ्यर्थियों के दस्तावेजों का पुनः सत्यापन किया गया। सत्यापन के उपरांत संशोधित मेरिट सूची तैयार करते हुए वर्गवार अंतिम चयन सूची एवं प्रतीक्षा सूची जारी की गई है।
मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री हरेश मंडावी ने बताया कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए मेरिट सूची के अनुसार अभ्यर्थियों के सभी दस्तावेजों का पुनः सत्यापन किया गया। इसके पश्चात संशोधित मेरिट सूची, वर्गवार अंतिम चयन सूची एवं प्रतीक्षा सूची जारी कर दी गई है।अभ्यर्थी जारी सूची का अवलोकन जिला उत्तर बस्तर कांकेर की आधिकारिक वेबसाइट kanker.gov.in पर कर सकते हैं। चयन सूची के अनुसार चयनित अभ्यर्थियों के पदस्थापना आदेश शीघ्र ही जारी किए जाएंगे।
मतदाता सूची में छूटे नामों के पुनः सत्यापन और नए मतदाताओं के पंजीकरण के लिए एक माह का विशेष अभियान
उत्तर बस्तर कांकेर । भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार जिले में विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान मतदाता सूची से विभिन्न कारणों से विलोपित नामों के पुनः सत्यापन तथा नए मतदाताओं के पंजीकरण के लिए एक माह का विशेष अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत बूथ लेवल अधिकारी घर-घर जाकर विलोपित प्रविष्टियों का पुनः सत्यापन करेंगे। साथ ही पात्र नए एवं युवा मतदाताओं का नाम मतदाता सूची में जोड़ने के लिए फार्म-6 भरवाया जाएगा। अभियान का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक पात्र मतदाता का नाम मतदाता सूची में शामिल करना तथा किसी भी अपात्र व्यक्ति का नाम सूची में दर्ज होने से रोकना है।
एसआईआर के दौरान 34,237 मतदाताओं के नाम विलोपित
एसआईआर से पूर्व जिले में 5,69,601 मतदाता पंजीकृत थे। पुनरीक्षण के दौरान विभिन्न कारणों से 34,237 मतदाताओं के नाम विलोपित किए गए। इनमें 12,720 मृत मतदाता, 14,399 स्थायी रूप से स्थानांतरित, 2,269 अन्यत्र पंजीकृत, 4,606 अनुपस्थित तथा 243 अन्य श्रेणी के मतदाता शामिल हैं। 23 दिसंबर 2025 को प्रकाशित प्रारंभिक मतदाता सूची में 5,35,364 मतदाता थे। इसके बाद अंतिम प्रकाशन में 4,909 मतदाताओं की वृद्धि हुई। 21 फरवरी 2026 की स्थिति में जिले की अंतिम मतदाता सूची में कुल 5,40,273 मतदाता दर्ज थे।
बुधवार और गुरुवार को लगेंगे विशेष शिविर
अभियान के अंतर्गत बूथ लेवल अधिकारियों द्वारा प्रत्येक सप्ताह बुधवार एवं गुरुवार को मतदान केंद्र स्तर पर कार्यालयीन समय में विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे। वहीं, शुक्रवार एवं शनिवार को पॉलिटेक्निक, कॉलेज, आईटीआई, हाई स्कूल, हायर सेकेंडरी स्कूल तथा अन्य उच्च शैक्षणिक संस्थानों में मतदाता साक्षरता क्लब के माध्यम से विशेष शिविर लगाए जाएंगे। इन शिविरों में युवा एवं भावी मतदाताओं का पंजीकरण किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, बीएलओ अन्य दिनों में घर-घर जाकर सर्वे करेंगे और पात्र मतदाताओं का फार्म-6 भरवाकर उनका नाम मतदाता सूची में शामिल करने की प्रक्रिया पूरी करेंगे।
जिले की वेबसाइट पर उपलब्ध है विलोपित मतदाताओं की सूची
.एसआईआर के दौरान विभिन्न कारणों से विलोपित मतदाताओं की सूची जिले की आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड कर दी गई है। अभियान के माध्यम से मतदाता सूची का पुनः सत्यापन कर पात्र नागरिकों को पंजीकरण का अवसर प्रदान किया जाएगा, ताकि कोई भी पात्र मतदाता अपने मताधिकार से वंचित न रहे।
सेवा की कहानी : सेवा सेतु शिविर से मिली आत्मनिर्भरता की राह, 8 हितग्राहियों को शत-प्रतिशत अनुदान पर मिले उन्नत नस्ल के नर बकरे
बकरी पालन से ग्रामीण परिवारों के लिए अतिरिक्त आय उपलब्ध कराने की नई पहल
उत्तर बस्तर कांकेर, अक्टूबर 2026
सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित किए जा रहे सेवा सेतु शिविर ग्रामीणों के लिए शासकीय योजनाओं का लाभ प्राप्त करने और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने का माध्यम बन रहे हैं। इन शिविरों के जरिए दूरस्थ एवं ग्रामीण क्षेत्रों के पात्र हितग्राहियों को विभिन्न विभागों की योजनाओं से जोड़कर उनकी आजीविका को सशक्त बनाने की पहल की जा रही है।
कभी नक्सलवाद से प्रभावित रहा जिले के दूरस्थ क्षेत्र कोयलीबेड़ा में आयोजित जिला स्तरीय सेवा सेतु शिविर में पशुधन विकास विभाग द्वारा नियद नेल्लानार योजना के तहत 08 हितग्राहियों को उन्नत नस्ल के स्वस्थ ग्रेडेड नर बकरे शत-प्रतिशत अनुदान पर वितरित किए गए। प्रत्येक हितग्राही को 8,000 रुपये की इकाई लागत के अनुसार बकरा प्रदान किया गया। इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को बकरी पालन के लिए प्रोत्साहित करना और उनके लिए आय के अतिरिक्त अवसर उपलब्ध कराना है।
बकरी पालन से बढ़ेगी आजीविका की संभावनाएं
ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालन आजीविका का एक महत्वपूर्ण साधन है। बकरी पालन के माध्यम से परिवार अपनी उपलब्ध संसाधनों का उपयोग कर आय अर्जित करने की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं। उन्नत नस्ल के स्वस्थ नर बकरों का वितरण हितग्राहियों को बकरी पालन गतिविधियों से जोड़ने तथा उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। शत-प्रतिशत अनुदान पर बकरा मिलने से चयनित हितग्राहियों को बकरी पालन शुरू करने के लिए आर्थिक सहायता मिली है, इससे उन्हें स्वरोजगार की संभावनाओं को आगे बढ़ाने और परिवार की आय में वृद्धि के अवसर तलाशने में मदद मिलेगी।
सेवा से समृद्धि और आत्मनिर्भरता की ओर
सेवा संकल्प अभियान के तहत सेवा सेतु शिविरों के माध्यम से शासन की योजनाओं को दूरस्थ अंचलों तक पहुंचाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। कोयलीबेड़ा में 08 हितग्राहियों को बकरों का वितरण किया गया। इस पहल से ग्रामीण परिवारों को आजीविका के नए अवसरों से जोड़ने और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने का मार्ग प्रशस्त हुआ है। जिला प्रशासन की मंशा है कि शासकीय योजनाओं का लाभ जरूरतमंद एवं पात्र हितग्राहियों तक पहुंचे, ताकि वे आर्थिक रूप से सशक्त बनकर अपने परिवार के जीवन स्तर को बेहतर बना सकें।
धान की फसल में पेनिकल माइट एवं गर्दन झुलसा रोग से बचाव के लिए किसानों को दी गई सामयिक सलाह
उत्तर बस्तर कांकेर, 09 अक्टूबर 2026
धान की फसल में पेनिकल माइट (मकड़ी) एवं गर्दन झुलसा रोग के प्रकोप से उत्पादन और गुणवत्ता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। इससे बचाव के लिए किसानों को फसल की नियमित निगरानी करने, संतुलित उर्वरकों का उपयोग करने तथा समय पर उचित प्रबंधन उपाय अपनाने की सलाह दी गई है। कृषि विज्ञान केंद्र, कांकेर के विषय वस्तु विशेषज्ञ (पौध रोग विज्ञान) उपेन्द्र कुमार नाग ने किसानों को इन समस्याओं के लक्षणों की पहचान कर समय पर नियंत्रण के उपाय अपनाने की जानकारी दी है।
पेनिकल माइट के लक्षण एवं नुकसान
पेनिकल माइट के प्रकोप से धान की पर्णच्छद (लीफ शीथ) का रंग भूरा पड़ने लगता है तथा पत्तियों पर छोटे-छोटे भूरे धब्बे दिखाई देते हैं। अधिक प्रकोप होने पर दाने अनियमित आकार के हो जाते हैं। दानों में दूध भराव नहीं होने से वे पोचे या बदरा रह जाते हैं। कई बार दाने तोते की चोंच जैसे आकार के दिखाई देते हैं, जिसे वैज्ञानिक भाषा में ‘पैरट बीकिंग’ कहा जाता है। यह सूक्ष्म मकड़ी धान की पत्ती के भीतर पर्णच्छद में छिपकर रस चूसती है। इसके कारण पर्णच्छद पर दालचीनी रंग के या भूरे-चॉकलेटी चकत्ते बन जाते हैं। पत्ती के बाहरी आवरण को खोलकर इसकी उपस्थिति की पहचान की जा सकती है। दानों में दूध भरने की अवस्था में इसका प्रकोप अधिक नुकसान पहुंचाता है। प्रभावित स्थानों पर फफूंद का संक्रमण भी हो सकता है, जिससे दानों का विकास बाधित होता है और बालियों में बदरा दानों की संख्या बढ़ जाती है।
पेनिकल माइट के प्रबंधन के उपाय
किसानों को पेनिकल माइट के नियंत्रण के लिए सलाह देेते हुए बताया गया है कि नत्रजन उर्वरकों सहित सभी उर्वरकों का संतुलित मात्रा में उपयोग करें। बीज दर उचित रखें तथा पौधों के बीच लगभग 15 से 15 सेंटीमीटर की दूरी बनाए रखें। फसल की कटाई के बाद अवशेषों को मिट्टी में दबाएं। लगातार धान की फसल लेने के बजाय फसल चक्र अपनाएं। विशेषकर दलहनी एवं तिलहनी फसलों को शामिल करना लाभकारी हो सकता है। फसल की नियमित निगरानी करें तथा पर्णच्छद को खोलकर माइट की उपस्थिति की जांच करें। रासायनिक नियंत्रण के लिए पंजीकृत एवं अनुशंसित कीटनाशक या माइटनाशक का ही उपयोग करें। दवा का चयन, मात्रा और छिड़काव का समय स्थानीय कृषि विशेषज्ञ की सलाह तथा उत्पाद के लेबल के अनुसार निर्धारित करें।
गर्दन झुलसा रोग के लक्षण
धान में गर्दन झुलसा रोग का संक्रमण पत्तियों, पर्णच्छद, तने के गांठ वाले हिस्से, बाली की गर्दन तथा बाली के अन्य भागों पर दिखाई दे सकता है। प्रारंभ में पत्तियों पर छोटे, लगभग 1 से 3 मिलीमीटर के धब्बे बनते हैं। ये धब्बे आंख या नाव के आकार के होते हैं। इनका मध्य भाग धूसर तथा किनारे भूरे या गाजरी-भूरे रंग के होते हैं। तने और बाली की गर्दन पर संक्रमण होने से नुकसान अधिक होता है। बाली की गर्दन प्रभावित होने पर दानों में आधा या बिल्कुल भी भराव नहीं हो पाता, जिससे बालियां बदरा रह जाती हैं। कई बार बालियां पकने से पहले ही संक्रमित स्थान से टूट जाती हैं। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
गर्दन झुलसा रोग का प्रबंधन
गर्दन झुलसा रोग की रोकथाम के लिए रोग प्रतिरोधी या सहनशील किस्मों का चयन सबसे प्रभावी उपायों में से एक है। किसानों को धान की कर्मामासुरी, दन्तेश्वरी, इंदिरा सोना एवं आईआर-64 जैसी किस्मों के संबंध में स्थानीय कृषि विशेषज्ञ से उपयुक्तता की पुष्टि कर खेती करने की सलाह दी गई है। रोग के नियंत्रण के लिए एजोक्सीस्ट्रोबिन 18.2 प्रतिशत $ डाइफेनोकोनाजोल 11.4 प्रतिशत जैसे कवकनाशी का उल्लेख किया गया है। हालांकि, किसी भी दवा का उपयोग करने से पहले धान में संबंधित रोग के लिए उसके वर्तमान पंजीकरण, लेबल पर दी गई मात्रा, प्रतीक्षा अवधि और स्थानीय कृषि विभाग की अनुशंसा की पुष्टि करना आवश्यक है। छिड़काव निर्धारित सुरक्षा उपायों के साथ ही करें तथा अलग-अलग दवाओं को बिना विशेषज्ञ की सलाह के न मिलाएं।
किसानों से नियमित निगरानी की अपील
कृषि विज्ञान केंद्र, कांकेर के विषय वस्तु विशेषज्ञ (पौध रोग विज्ञान) उपेन्द्र कुमार नाग ने किसानों से अपील की है कि वे धान की फसल में पेनिकल माइट एवं गर्दन झुलसा रोग के शुरुआती लक्षणों पर ध्यान दें और समय पर प्रबंधन उपाय अपनाएं। नियमित निगरानी, संतुलित उर्वरक प्रबंधन, फसल चक्र तथा उपयुक्त किस्मों का चयन करके फसल को होने वाले नुकसान को कम किया जा सकता है।
मतदाता सूची में छूटे नामों के पुनः सत्यापन और नए मतदाताओं के पंजीकरण के लिए एक माह का विशेष अभियान
घर-घर जाकर होगा पुनः सत्यापन, पात्र मतदाताओं का फार्म-6 भरकर किया जाएगा पंजीकरण
उत्तर बस्तर कांकेर, 9 अक्टूबर 2026
भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार जिले में विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान मतदाता सूची से विभिन्न कारणों से विलोपित नामों के पुनः सत्यापन तथा नए मतदाताओं के पंजीकरण के लिए एक माह का विशेष अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत बूथ लेवल अधिकारी घर-घर जाकर विलोपित प्रविष्टियों का पुनः सत्यापन करेंगे। साथ ही पात्र नए एवं युवा मतदाताओं का नाम मतदाता सूची में जोड़ने के लिए फार्म-6 भरवाया जाएगा। अभियान का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक पात्र मतदाता का नाम मतदाता सूची में शामिल करना तथा किसी भी अपात्र व्यक्ति का नाम सूची में दर्ज होने से रोकना है।
एसआईआर के दौरान 34,237 मतदाताओं के नाम विलोपित
एसआईआर से पूर्व जिले में 5,69,601 मतदाता पंजीकृत थे। पुनरीक्षण के दौरान विभिन्न कारणों से 34,237 मतदाताओं के नाम विलोपित किए गए। इनमें 12,720 मृत मतदाता, 14,399 स्थायी रूप से स्थानांतरित, 2,269 अन्यत्र पंजीकृत, 4,606 अनुपस्थित तथा 243 अन्य श्रेणी के मतदाता शामिल हैं। 23 दिसंबर 2025 को प्रकाशित प्रारंभिक मतदाता सूची में 5,35,364 मतदाता थे। इसके बाद अंतिम प्रकाशन में 4,909 मतदाताओं की वृद्धि हुई। 21 फरवरी 2026 की स्थिति में जिले की अंतिम मतदाता सूची में कुल 5,40,273 मतदाता दर्ज थे।
बुधवार और गुरुवार को लगेंगे विशेष शिविर
अभियान के अंतर्गत बूथ लेवल अधिकारियों द्वारा प्रत्येक सप्ताह बुधवार एवं गुरुवार को मतदान केंद्र स्तर पर कार्यालयीन समय में विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे। वहीं, शुक्रवार एवं शनिवार को पॉलिटेक्निक, कॉलेज, आईटीआई, हाई स्कूल, हायर सेकेंडरी स्कूल तथा अन्य उच्च शैक्षणिक संस्थानों में मतदाता साक्षरता क्लब के माध्यम से विशेष शिविर लगाए जाएंगे। इन शिविरों में युवा एवं भावी मतदाताओं का पंजीकरण किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, बीएलओ अन्य दिनों में घर-घर जाकर सर्वे करेंगे और पात्र मतदाताओं का फार्म-6 भरवाकर उनका नाम मतदाता सूची में शामिल करने की प्रक्रिया पूरी करेंगे।
जिले की वेबसाइट पर उपलब्ध है विलोपित मतदाताओं की सूची
एसआईआर के दौरान विभिन्न कारणों से विलोपित मतदाताओं की सूची जिले की आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड कर दी गई है। अभियान के माध्यम से मतदाता सूची का पुनः सत्यापन कर पात्र नागरिकों को पंजीकरण का अवसर प्रदान किया जाएगा, ताकि कोई भी पात्र मतदाता अपने मताधिकार से वंचित न रहे।
एसएसबी के नागरिक कल्याण कार्यक्रम के तहत ग्रामीण युवकों को दिया कृषि एवं पशुपालन का प्रशिक्षण
पांच दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण में आधुनिक कृषि तकनीक, मुर्गीपालन, बकरीपालन एवं कृषि यंत्रीकरण की दी गई जानकारी
उत्तर बस्तर कांकेर, 09 अक्टूबर 2026
33वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल केंवटी द्वारा नागरिक कल्याण कार्यक्रम के अंतर्गत जिले के अंतागढ़ विकासखंड के ग्रामीण युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने एवं स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पांच दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कृषि विज्ञान केंद्र, कांकेर में 5 से 9 अक्टूबर तक आयोजित इस प्रशिक्षण में ग्राम कोलर, कुम्हारी, कोहकाटोला, सरंगीपाल, डेंगरू, फुलपाड़, टेमरूगांव, भैंसगांव एवं बर्चे के ग्रामीण युवकों ने भाग लिया।
प्रशिक्षण में 33वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल के कमांडेंट श्री प्रियव्रत शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने अपने उद्बोधन में प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले युवाओं को आधुनिक तकनीक अपनाकर व्यावसायिक खेती करने तथा कृषि एवं संबद्ध गतिविधियों को आजीविका का बेहतर माध्यम बनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने युवाओं से शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेकर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने का आह्वान किया। समापन अवसर पर प्रशिक्षणार्थियों से प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त ज्ञान, अनुभव तथा भविष्य में अपनाई जाने वाली कार्ययोजना पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
पांच दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान युवाओं को कृषि उत्पादन की आधुनिक तकनीकों, मुर्गीपालन, बकरीपालन, पशुपालन, उद्यानिकी फसलों के उत्पादन, ग्राफ्टेड पौधों के उत्पादन तथा कृषि यंत्रीकरण की विस्तृत जानकारी दी गई। कृषि विज्ञान केंद्र की विभिन्न प्रदर्शन इकाइयों में प्रायोगिक प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया, जिससे प्रशिक्षणार्थियों को आधुनिक कृषि पद्धतियों को समझने और उन्हें व्यावहारिक रूप से अपनाने का अवसर मिला। इसके साथ ही कृषि, पशुपालन, उद्यानिकी एवं नाबार्ड विभाग के अधिकारियों द्वारा विभिन्न विभागीय योजनाओं, स्वरोजगार के अवसरों तथा बैंक ऋण प्राप्त करने की प्रक्रिया की जानकारी दी गई। प्रशिक्षण के समापन पर सशस्त्र सीमा बल की ओर से सभी प्रशिक्षणार्थियों को कृषि आदान वितरित किए गए, ताकि वे प्रशिक्षण में सीखी गई तकनीकों को अपने गांवों में अपनाकर कृषि एवं संबद्ध गतिविधियों को आगे बढ़ा सकें।
समापन समारोह में सशस्त्र सीमा बल के डिप्टी कमांडेंट डॉ. पंकज तेवतिया, पशुपालन विभाग के डॉ. एस.आर. चंद्राकर एवं डॉ. धर्मेंद्र कुर्रे, कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. बीरबल साहू तथा वैज्ञानिक डॉ. नरेंद्र हरिदास तायडे, डॉ. डी. सूर्यम दोरा, डॉ. चंदू लाल ठाकुर, डॉ. कोमल सिंह केराम, डॉ. उपेंद्र नाग एवं डॉ. गरिमा दीवान उपस्थित रहे।
समान नागरिक संहिता पर सामूहिक चर्चा एवं परिचयात्मक बैठक 15 अक्टूबर को
उत्तर बस्तर कांकेर, 09 अक्टूबर 2026
छत्तीसगढ़ राज्य में समान नागरिक संहिता लागू किए जाने तथा इसके प्रारूप को अंतिम रूप दिए जाने के लिए शासन द्वारा गठित उच्चस्तरीय समिति के सदस्यों की उपस्थिति में एक सामूहिक चर्चा एवं परिचयात्मक बैठक का आयोजन 15 अक्टूबर दिन गुरूवार को दोपहर 12 बजे से जिला पंचायत कांकेर के सभाकक्ष में आयोजित किया गया है। उक्त बैठक में राजनीतिक दलों, सर्वसमाज प्रमुख एवं प्रतिष्ठित नागरिकों, विशिष्ट नागरिकों, गणमान्य नागरिकों, सभी धार्मिक संगठन प्रमुख एवं सभी संगठन प्रमुखों को उक्त बैठक मे शामिल होने का अनुरोध किया गया है।
सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत ‘सेवा के रंग, राष्ट्र के संग’ रंगोली प्रतियोगिता का आयोजन
पीजी कॉलेज कांकेर को प्रथम, कृषि विभाग को द्वितीय और एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय कांकेर को मिला तृतीय पुरस्कार
जल संरक्षण, डिजिटल इंडिया, नक्सल मुक्त भारत, महिला सशक्तिकरण और विकसित भारत की थीम पर प्रतिभागियों ने उकेरे आकर्षक रंग
कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार ने विद्यार्थियों से किया संवाद, शिक्षा, संस्कार और संवेदनशीलता को बताया सफल जीवन का आधार
उत्तर बस्तर कांकेर, 09 अक्टूबर 2026
सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आज कांकेर के न्यू बस स्टैंड स्थित डोम परिसर में ‘सेवा के रंग, राष्ट्र के संग’ रंगोली प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में जिले के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों, शासकीय विभागों एवं बिहान समूह की महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतिभागियों ने रंगोलियों के माध्यम से शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं, सामाजिक जागरूकता, जनभागीदारी और राष्ट्र निर्माण से जुड़े विषयों को आकर्षक रूप में प्रस्तुत किया। प्रतियोगिता में पीजी कॉलेज कांकेर ने प्रथम, कृषि विभाग ने द्वितीय तथा एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय कांकेर ने तृतीय स्थान प्राप्त कियज्ञं कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों ने विभिन्न रंगोलियों का अवलोकन किया तथा प्रतिभागियों की रचनात्मकता और प्रयासों की सराहना की। रंगोलियों के माध्यम से जल संरक्षण, स्वच्छता, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, महिला सशक्तिकरण, डिजिटल इंडिया, आत्मनिर्भर भारत, नक्सल मुक्त भारत और विकसित भारत जैसे विषयों को प्रभावशाली ढंग से प्रदर्शित किया गया।
लोक स्वास्थ्य यंत्रिकी विभाग द्वारा जल जीवन मिशन, आरसीसी ओवरहेड टैंक, जल संरक्षण थीम, सोलर टैंक जैसे विषयों को रंगोली के माध्यम से प्रदर्शित किया। स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम मॉडल कॉलेज द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा नीति तथा भानुप्रतापपुर पीजी कॉलेज द्वारा नक्सल मुक्त भारत की थीम पर रंगोली तैयार की गई। इसमें ‘हिंसा का अंत, सुरक्षा की जीत’ के संदेश के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, समृद्धि और खुशहाली के माध्यम से विकास की परिकल्पना को दर्शाया गया। इदरु केंवट कन्या महाविद्यालय कांकेर द्वारा विकसित भारत और डिजिटल इंडिया, आईटीआई कांकेर द्वारा स्किल इंडिया, एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय द्वारा प्रधानमंत्री जनमन योजना तथा विष्णुप्रसाद शर्मा विद्यालय गोविंदपुर द्वारा हर घर बिजली की पहुंच थीम पर रंगोली बनाई गई। शासकीय विधि महाविद्यालय द्वारा महिला सशक्तिकरण, शासकीय महिला आईटीआई द्वारा आत्मनिर्भर भारत तथा सेंट माइकल स्कूल द्वारा वर्तमान शिक्षा व्यवस्था, डिजिटल शिक्षा और पीएम श्री विद्यालयों की अवधारणा को प्रदर्शित किया गया।
इसी तरह खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा बस्तर ओलंपिक, श्रम विभाग द्वारा प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना, स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्वस्थ भारत-समृद्ध भारत तथा प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से संबंधित विषयों पर रंगोलियां बनाई गईं। सड़क से समृद्धि और गांवों को विकास की राह से जोड़ने का संदेश भी प्रस्तुत किया गया। कृषि विभाग द्वारा प्रधानमंत्री की कृषि संबंधी योजनाओं और किसान सम्मान निधि सहित विभिन्न कृषि कल्याणकारी योजनाओं को प्रदर्शित किया गया। बिहान समूह की महिलाओं ने लखपति दीदी की अवधारणा को रंगोली के माध्यम से दर्शाया, जबकि संगम महिला क्लस्टर हल्बा की महिलाओं ने भी सहभागिता की। कमला नेहरू पब्लिक स्कूल द्वारा स्वच्छ भारत की थीम पर रंगोली बनाई गई।
सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित इस प्रतियोगिता ने विद्यार्थियों, युवाओं और महिला समूहों को अपनी रचनात्मक प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान किया। साथ ही, रंगोलियों के माध्यम से जनकल्याणकारी योजनाओं, सामाजिक दायित्वों और विकसित भारत के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाने का संदेश दिया।
कलेक्टर ने विद्यार्थियों को दिया शिक्षा, संस्कार और संवेदनशीलता का संदेश
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार ने सभी प्रतिभागियों की सराहना करते हुए कहा कि सभी ने बहुत ही सुंदर और संदेशपरक रंगोलियां बनाई हैं। उन्होंने कहा कि आज प्रदेशभर में कांकेर जिले में सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित विभिन्न जनकल्याणकारी गतिविधियों की चर्चा हो रही है। चाहे ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम हो या सुदूर वनांचलों में आयोजित मेगा स्वास्थ्य शिविर, जिले में जनभागीदारी के माध्यम से सेवा और विकास के नए प्रयास किए जा रहे हैं। स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से दूरस्थ क्षेत्रों में भी सोनोग्राफी जैसी विशेषज्ञ स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री के निर्देश अनुरूप संचालित इस अभियान में सभी विभाग सराहनीय कार्य कर रहे हैं। कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार ने उपस्थित छात्र-छात्राओं से आत्मीय संवाद करते हुए शिक्षा, संस्कार और जीवन में अनुशासन के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों को समझाया कि जिस प्रकार बिना नाविक के जहाज अपनी सही दिशा तय नहीं कर सकता, उसी प्रकार जीवन में सही मार्गदर्शन और लक्ष्य के बिना आगे बढ़ना कठिन होता है। उन्होंने कहा कि बच्चों के भविष्य को संवारना माता-पिता, शिक्षकों और समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। विद्यार्थियों को अपने माता-पिता की बात मानने, गुरुजनों का सम्मान करने तथा जरूरतमंद और वंचित लोगों के प्रति दया, संवेदना एवं सहयोग की भावना रखने की सीख दी। उन्होंने विद्यार्थियों को मोबाइल का सीमित उपयोग करने सोशल मीडिया से दूरी बनाये रखने और आमने-सामने संवाद की आदत विकसित करने के लिए प्रेरित किया। कलेक्टर ने कहा कि अपने विचारों को स्पष्ट रूप से व्यक्त करना, दूसरों की बात ध्यान से सुनना और सकारात्मक संवाद करना व्यक्तित्व विकास के लिए आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि यह समय सीखने, पढ़ने और अपने भविष्य को गढ़ने का है। पाठ्यपुस्तकों के साथ-साथ छुट्टियों में ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायक पुस्तकें भी पढ़ें, ताकि उनकी सोच का विस्तार हो और वे जीवन में बेहतर निर्णय ले सकें।
कार्यक्रम कों सम्बोधित करते हुए श्री महेश जैन ने कहा कि विद्यार्थियों ने रंगोलियों के माध्यम से अपने सपनों और कल्पनाओं को सुंदर रंगों में साकार किया है। इन रंगोलियों में केवल कलात्मक प्रतिभा ही नहीं, बल्कि समाज और देश के प्रति उनकी सोच भी दिखाई देती है। ऐसे आयोजन बच्चों की रचनात्मकता को प्रोत्साहित करने के साथ ही उन्हें सामाजिक सरोकारों से जोड़ने का कार्य करते हैं। कार्यक्रम में नगर पालिका कांकेर के अध्यक्ष श्री अरुण कौशिक, पूर्व विधायक श्रीमती सुमित्रा मारकोले, जनपद सदस्य सुश्री शिल्पा साहू सहित एल्डरमेन, अन्य जनप्रतिनिधि, विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, प्राध्यापक, शिक्षक एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
सेवा की कहानी : सेवा सेतु शिविर बना दिव्यांग बच्ची के लिए मददगार, यमुना कावड़े का तत्काल हुआ आधार पंजीयन
संवेदनशील पहल से आसान हुई शासकीय योजनाओं तक पहुंच की राह
उत्तर बस्तर कांकेर, 09 अक्टूबर 2026
शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना और जरूरतमंदों की समस्याओं का त्वरित निराकरण करना सेवा संकल्प अभियान का प्रमुख उद्देश्य है। इसी उद्देश्य को साकार करते हुए जिले के दूरस्थ क्षेत्रों में आयोजित किए जा रहे सेवा सेतु शिविर आम नागरिकों के लिए राहत और सुविधा का माध्यम बन रहे हैं। इन शिविरों के जरिए लोगों को उनकी जरूरत के अनुसार विभिन्न शासकीय सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार के मार्गदर्शन में जिले में आयोजित किए जा रहे सेवा सेतु शिविर शासन और आम जनता के बीच सीधा संपर्क स्थापित कर रहे हैं। इन शिविरों के माध्यम से पात्र हितग्राहियों की समस्याओं का निराकरण कर उन्हें आवश्यक शासकीय सेवाएं उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
भानुप्रतापपुर विकासखण्ड के ग्राम तरांदुल में आयोजित सेवा सेतु शिविर में दिव्यांग बच्ची यमुना कावड़े का तत्काल आधार पंजीयन कराया गया। आधार पंजीयन की सुविधा मिलने से बच्ची और उसके परिवार को बड़ी राहत मिली। शिविर में प्रशासन ने बच्ची की आवश्यकता को प्राथमिकता देते हुए संवेदनशीलता के साथ त्वरित कार्रवाई की और मौके पर ही आधार पंजीयन की प्रक्रिया पूरी कराई। आधार कार्ड आज विभिन्न शासकीय योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ प्राप्त करने के लिए एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है। ऐसे में दिव्यांग बच्ची का आधार पंजीयन समय पर होना उसके लिए भविष्य में विभिन्न योजनाओं और सुविधाओं तक पहुंच आसान बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। दूरस्थ क्षेत्र में ही यह सुविधा उपलब्ध होने से परिवार को आधार पंजीयन के लिए अन्य स्थानों पर भटकने की आवश्यकता से भी राहत मिली। सेवा संकल्प अभियान के तहत सेवा सेतु शिविर न केवल शासकीय योजनाओं का लाभ आमजन तक पहुंचा रहे हैं, बल्कि सुगम, सुलभ और जनोन्मुखी प्रशासन की भावना को भी साकार कर रहे हैं।
घोषणा से हकीकत तक : अमाबेड़ा को मिली 108 एम्बुलेंस की सौगात
उत्तर बस्तर कांकेर । अतागढ़ विकास खण्ड के ग्राम अमाबेड़ा में बुधवार को आयोजित सेवा सेतु सह मेगा स्वास्थ्य शिविर में ग्रामीणों को बेहतर और त्वरित स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से अंतागढ़ विधायक विक्रम देव उसेंडी ने शिविर के दौरान ही स्वास्थ्य मंत्री से फ़ोन के माध्यम से एम्बुलेंस उपलब्ध कराने के संबंध में चर्चा की थी। ग्रामीणों की आवश्यकता को देखते हुए स्वास्थ्य मंत्री द्वारा त्वरित पहल करते हुए उसी रात आमाबेड़ा के लिए 108 एम्बुलेंस रवाना कर दी गई।
आज आमाबेड़ा पहुंची 108 एम्बुलेंस का विधायक विक्रम देव उसेंडी ने स्वागत करते हुए शुभारंभ किया। अब क्षेत्र के ग्रामीणों को आपातकालीन स्थिति में 108 एम्बुलेंस की सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे मरीजों को समय पर स्वास्थ्य केंद्र और अस्पताल तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।
आमाबेडा में आयोजित स्वास्थ्य शिविर में हुई घोषणा का महज कुछ ही समय में क्रियान्वयन होना यह दर्शाता है कि जनप्रतिनिधियों की पहल और शासन की त्वरित संवेदनशीलता से दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को लगातार मजबूत किया जा रहा है।