छत्तीसगढ़ / कोरबा
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का अंतिम मौकाः 31 जुलाई तक कराएं फसल बीमा
प्राकृतिक आपदा से फसल सुरक्षा के लिए कृषि विभाग की किसानों से अपील
कोरबा । प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना अंतर्गत जिले के किसानों के लिए अपनी अधिसूचित फसलों का बीमा कराने की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 निर्धारित की गई है। उप संचालक कृषि, कोरबा ने जिले के सभी किसानों से निर्धारित समयावधि के भीतर फसल बीमा कराने की अपील की है, ताकि प्राकृतिक आपदाओं से होने वाली संभावित फसल क्षति की स्थिति में उन्हें आर्थिक सुरक्षा मिल सके।
जिले में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत धान (सिंचित एवं असिंचित), मक्का, उड़द, तुअर, मूंग, कोदो, कुटकी, मूंगफली एवं रागी फसलें अधिसूचित हैं। योजना का लाभ ऋणी, अऋणी, भू-धारक, बटाईदार तथा वनपट्टाधारी किसान प्राप्त कर सकते हैं।
कृषि विभाग ने बताया है कि प्राकृतिक आपदा से फसल को नुकसान होने की स्थिति में किसान 72 घंटे के भीतर टोल फ्री नंबर 14447 पर सूचना देकर दावा प्रस्तुत कर सकते हैं। समय पर सूचना देने से दावा प्रक्रिया सुगमता से पूर्ण की जा सकेगी।
अऋणी किसान आवश्यक दस्तावेजों के साथ कॉमन सर्विस सेंटर, संबंधित बैंक, लोक सेवा केन्द्र अथवा प्रधानमंत्री फसल बीमा पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।
कृषि विभाग ने मौसम की अनिश्चितता को देखते हुए जिले के सभी किसानों से अपील की है कि वे अंतिम तिथि की प्रतीक्षा किए बिना शीघ्र अपनी फसलों का बीमा कराकर प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ सुनिश्चित करें।
सेवा सेतु से आमजन को मिल रही त्वरित और सुगम शासकीय सेवाएं’
महेत्तर राम को समय पर मिले जाति, निवास एवं आय प्रमाण पत्र, मुख्यमंत्री के प्रति जताया आभार’
कोरबा 27 जुलाई 2026
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सेवा सेतु पहल के माध्यम से शासन की नागरिक सेवाएं अब पहले से अधिक सरल, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से उपलब्ध हो रही हैं। इससे आम नागरिकों को शासकीय कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर लगाने से राहत मिल रही है तथा आवश्यक दस्तावेज निर्धारित समय-सीमा में सहजता से प्राप्त हो रहे हैं।
सेवा सेतु के माध्यम से शासन की विभिन्न नागरिक सेवाओं को एक ही स्थान पर उपलब्ध कराकर आमजन को त्वरित एवं सुगम सुविधा प्रदान की जा रही है। इस व्यवस्था से दस्तावेजों के लिए अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर लगाने की आवश्यकता समाप्त हो रही है तथा निर्धारित समय-सीमा में आवेदनों का निराकरण सुनिश्चित किया जा रहा है। सेवा वितरण की इस प्रभावी प्रणाली से शासन प्रशासन के प्रति लोगों का विश्वास लगातार मजबूत हो रहा है।
कोरबा जिले के भैंसमा तहसील अंतर्गत ग्राम तेन्ग्रीमार निवासी श्री महेत्तर राम को लंबे समय से जाति, निवास एवं आय प्रमाण पत्र की आवश्यकता थी। सेवा सेतु केंद्र के बारे में जानकारी मिलने पर उन्होंने भैंसमा स्थित सेवा सेतु केंद्र में पहुंचकर आवश्यक दस्तावेजों के लिए आवेदन किया। आवेदन प्रक्रिया के दौरान उन्हें आवश्यक मार्गदर्शन भी प्रदान किया गया। निर्धारित समय-सीमा में उनके आवेदन का निराकरण करते हुए उन्हें जाति, निवास एवं आय प्रमाण पत्र उपलब्ध करा दिए गए।
श्री महेत्तर राम ने बताया कि सेवा सेतु के माध्यम से आम नागरिकों को बड़ी सुविधा मिल रही है। पहले छोटे-छोटे कार्यों के लिए कई कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे, जिससे समय और श्रम दोनों की हानि होती थी। अब सेवा सेतु केंद्र में आवेदन करने के बाद पूरी प्रक्रिया सरल, पारदर्शी और परेशानी मुक्त रही तथा उन्हें समय पर आवश्यक दस्तावेज प्राप्त हो गए।
उन्होंने कहा कि शासन की इस जनहितैषी पहल से आम नागरिकों का भरोसा बढ़ा है और आवश्यक सेवाएं आसानी से उपलब्ध हो रही हैं। समय पर दस्तावेज मिलने से उनके कई महत्वपूर्ण कार्य भी सुगमता से पूरे हो सके। उन्होंने सेवा सेतु की इस प्रभावी व्यवस्था के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध हो रही है।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का अंतिम मौकाः 31 जुलाई तक कराएं फसल बीमा
प्राकृतिक आपदा से फसल सुरक्षा के लिए कृषि विभाग की किसानों से अपील
कोरबा, 27 जुलाई 2026
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना अंतर्गत जिले के किसानों के लिए अपनी अधिसूचित फसलों का बीमा कराने की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 निर्धारित की गई है। उप संचालक कृषि, कोरबा ने जिले के सभी किसानों से निर्धारित समयावधि के भीतर फसल बीमा कराने की अपील की है, ताकि प्राकृतिक आपदाओं से होने वाली संभावित फसल क्षति की स्थिति में उन्हें आर्थिक सुरक्षा मिल सके।
जिले में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत धान (सिंचित एवं असिंचित), मक्का, उड़द, तुअर, मूंग, कोदो, कुटकी, मूंगफली एवं रागी फसलें अधिसूचित हैं। योजना का लाभ ऋणी, अऋणी, भू-धारक, बटाईदार तथा वनपट्टाधारी किसान प्राप्त कर सकते हैं।
कृषि विभाग ने बताया है कि प्राकृतिक आपदा से फसल को नुकसान होने की स्थिति में किसान 72 घंटे के भीतर टोल फ्री नंबर 14447 पर सूचना देकर दावा प्रस्तुत कर सकते हैं। समय पर सूचना देने से दावा प्रक्रिया सुगमता से पूर्ण की जा सकेगी।
अऋणी किसान आवश्यक दस्तावेजों के साथ कॉमन सर्विस सेंटर, संबंधित बैंक, लोक सेवा केन्द्र अथवा प्रधानमंत्री फसल बीमा पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।
कृषि विभाग ने मौसम की अनिश्चितता को देखते हुए जिले के सभी किसानों से अपील की है कि वे अंतिम तिथि की प्रतीक्षा किए बिना शीघ्र अपनी फसलों का बीमा कराकर प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ सुनिश्चित करें।
कलेक्टर ने जनदर्शन में सुनी गई आम लोगो की समस्याएं
समय सीमा में निराकरण करने के दिए निर्देश
कुल 123 आवेदन हुए प्राप्त
कोरबा, 27 जुलाई 2026
कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत ने सभाकक्ष में आयोजित जनदर्शन में जिले के दूरस्थ ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों से आए आम लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुना। उन्होंने प्राप्त सभी आवेदनों को संबंधित अधिकारियों को प्रेषित कर जांच कर गंभीरता से समय सीमा के भीतर निराकरण के निर्देश दिए हैं। जनदर्शन में विभिन्न विभागों से कुल 123 आवेदन प्राप्त हुए, जिसके अंतर्गत नवीन अंत्योदय पात्रता कार्ड, वन पट्टे का एग्रीस्टेक पोर्टल में पंजीयन, सीपेट में प्रवेश, स्कॉलरशिप, प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने, स्कूलों में मानदेय शिक्षक की भर्ती में अनियमितता की शिकायत जांच, जमीन का सीमांकन, बैटरी ट्राई साइकिल, बिजली बिल अधिक आने की शिकायत, अतिक्रमण पर कार्यवाही , सड़क मरम्मत, पेंशन दिलाने, मुआवजा सहित अन्य विषयों के आवेदन प्राप्त हुए।
कलेक्टर ने सभी प्राप्त आवेदनों को संबंधित अधिकारियों को प्रेषित कर निराकरण के निर्देश दिए हैं। इस दौरान अपर कलेक्टर श्री देवेन्द्र पटेल, सहायक कलेक्टर श्री ईशांत जायसवाल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
डीएमएफटी कोरबा के सहयोग से जिले में 22 नवीन उप- स्वास्थ्य केंद्र भवनों का होगा निर्माण
ग्रामीण एवं खनिज प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थय सुविधाएं होंगी सुदृढ़, हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर मॉडल पर विकसित होंगे भवन
कोरबा 27 जुलाई 2026
जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफटी) कोरबा द्वारा जिले के ग्रामीण एवं खनिज प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य अधोसंरचना को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। इसके अंतर्गत जिले के विभिन्न ग्राम पंचायतों में 22 नवीन उप-स्वास्थय केंद्र भवनों का निर्माण कराया जाएगा। प्रत्येक भवन के निर्माण पर लगभग 39.95 लाख रूपये की लागत व्यय की जाएगी।
इन उप-स्वास्थय केंद्रों के निर्माण के लिए स्वास्थय विभाग द्वारा स्थानीय स्वास्थ्य आवश्यकताओं, सेवा अंतराल तथा क्षेत्रीय जरूरतों का विस्तृत आकलन कर स्थानों का चयन किया गया है। भवन निर्माण का कार्य ग्रामीण यांत्रिकी सेवा (आरईएस) को सौंपा गया है, जो निर्धारित गुणवत्ता मानकों एवं समय-सीमा के अनुरूप निर्माण कार्य सुनिश्चित करेगी।
निर्मित किए जाने वाले सभी उप- स्वास्थ्य केंद्र हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर मॉडल पर विकसित किए जाएंगे। इन केंद्रों में चौबीसों घंटे स्वास्थय सेवाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था रहेगी। साथ ही प्रत्येक केंद्र में दो स्वास्थयकर्मियों के आवास की सुविधा भी विकसित की जाएगी, जिससे स्वास्थय सेवाओं की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित होगी तथा आपातकालीन परिस्थितियों में भी ग्रामीणों को समय पर उपचार मिल सकेगा।
इस परियोजना के पूर्ण होने के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में प्राथमिक स्वास्थय सेवाओं की गुणवत्ता एवं पहुंच में उल्लेखनीय सुधार होगा। विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं, शिशुओं, वरिष्ठ नागरिकों तथा दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले ग्रामीणों को अपने क्षेत्र के समीप बेहतर एवं सुलभ स्वास्थ्य सुविधाएं प्राप्त होंगी। स्वास्थयकर्मियों की नियमित उपलब्धता से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं, टीकाकरण, गैर-संचारी रोगों की जांच, प्राथमिक उपचार तथा अन्य आवश्यक स्वास्थय सेवाओं का प्रभावी संचालन सुनिश्चित किया जा सकेगा।
जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफटी) कोरबा द्वारा खनिज प्रभावित क्षेत्रों के समग्र विकास के उद्देश्य से स्वास्थय, शिक्षा, पेयजल, अधोसंरचना तथा आजीविका जैसे विभिन्न क्षेत्रों में लगातार विकास कार्य कराए जा रहे हैं। 22 नवीन उप-स्वास्थय केंद्रों का निर्माण ग्रामीण स्वास्थय व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा प्रत्येक नागरिक तक गुणवत्तापूर्ण एवं सुलभ स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगा।
497.6 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज
कोरबा 27 जुलाई 2026
कोरबा जिले में एक जून से 27 जुलाई तक कुल 497.6 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई।
अधीक्षक भू-अभिलेख से मिली जानकारी के अनुसार उक्त अवधि में जिले की तहसील कोरबा में 521 मिलीमीटर, अजगरबहार 355.8, भैंसमा, 438.4, करतला 447.3, बरपाली 531.9, कटघोरा 501.1 दीपका 533.2, दर्री 644.3, पाली 518.8, हरदीबाजार 417.2, पोंड़ीउपरोड़ा 540.4, और पसान तहसील में 521.9 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई।
महामाया एफपीओ बना किसानों की समृद्धि का मजबूत आधार, 7 लाख के कारोबार से 1.96 करोड़ तक पहुंची सफलता की उड़ान
कोरबा, 27जुलाई 2026
करतला विकासखंड के नवापारा में स्थापित महामाया बहुउद्देशीय सहकारी समिति मर्यादित (महामाया एफपीओ) आज इस बात का जीवंत उदाहरण बन चुकी है कि यदि किसान संगठित होकर आधुनिक तकनीक, मूल्य संवर्धन और सामूहिक विपणन को अपनाएं, तो उनकी आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय बदलाव लाया जा सकता है। नाबार्ड के सहयोग और सहकारिता विभाग के मार्गदर्शन में शुरू हुई यह पहल आज क्षेत्र के सैकड़ों किसानों के लिए नई उम्मीद और समृद्धि की कहानी बन गई है।
वर्ष 2015-16 में मात्र 7.09 लाख रुपये के कारोबार से शुरू हुई इस किसान उत्पादक संगठन ने निरंतर विकास करते हुए वर्ष 2024-25 में अपना कारोबार बढ़ाकर 1.96 करोड़ रुपये तक पहुंचा दिया। यह उपलब्धि किसानों की एकजुटता, बेहतर प्रबंधन और योजनाबद्ध कार्यप्रणाली का परिणाम है।
एफपीओ से जुड़े 882 किसानों और बड़ी संख्या में महिला सदस्यों को सामूहिक विपणन, गुणवत्तायुक्त कृषि आदान, प्रशिक्षण और आधुनिक कृषि तकनीकों का लाभ मिला। पहले जहां किसान अपनी उपज स्थानीय व्यापारियों को कम कीमत पर बेचने के लिए मजबूर थे, वहीं अब सामूहिक विपणन के माध्यम से उन्हें बेहतर बाजार और उचित मूल्य मिल रहा है। इससे किसानों की मोलभाव करने की क्षमता भी बढ़ी है।
महामाया एफपीओ ने केवल उपज की बिक्री तक ही स्वयं को सीमित नहीं रखा, बल्कि काजू प्रसंस्करण, कोल्ड प्रेस्ड ऑयल, आम एवं जामुन पल्प जैसी प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना कर कृषि उत्पादों का मूल्य संवर्धन भी शुरू किया। इससे किसानों को अतिरिक्त आय के अवसर मिले और स्थानीय स्तर पर रोजगार का भी सृजन हुआ।
एफपीओ द्वारा संचालित कृषि इनपुट सेंटर के माध्यम से किसानों को समय पर खाद, बीज और दवाइयां बाजार से कम कीमत पर उपलब्ध कराई जा रही हैं। आधुनिक खेती की तकनीकों पर नियमित प्रशिक्षण से उत्पादन क्षमता बढ़ी है और खेती की लागत में कमी आई है।
महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में भी यह संगठन उल्लेखनीय कार्य कर रहा है। स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से 200 से अधिक महिलाओं को आय अर्जित करने के अवसर मिले हैं, जिससे उनकी आर्थिक एवं सामाजिक स्थिति मजबूत हुई है। किसानों की औसत आय में 50 हजार रुपये से लेकर 1.50 लाख रुपये तक की वृद्धि दर्ज की गई है।
महामाया एफपीओ आज आम, काजू, मूंगफली, जामुन, ब्लैक राइस, नींबू, तिल, सरसों सहित अनेक कृषि उत्पादों का संग्रहण और विपणन कर रहा है। शासन के सहयोग से अब 500 किलोग्राम प्रतिदिन क्षमता वाली उन्नत काजू प्रसंस्करण इकाई और 5 टन क्षमता के डीप फ्रीजर की सुविधा भी विकसित की जा रही है, जिससे उत्पादों का बेहतर भंडारण और वर्षभर विपणन संभव हो सकेगा।
महामाया एफपीओ की सफलता यह साबित करती है कि सहकारिता, आधुनिक कृषि तकनीक, मूल्य संवर्धन और सामूहिक प्रयासों के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूत बनाया जा सकता है। आज यह संगठन कोरबा जिले ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश के लिए एक प्रेरणादायक मॉडल बनकर उभरा है।
कोरबा में पीछे छूट गए मासूम बच्चे और रोती पत्नी! 11 केवी करंट से बुझ गया घर का इकलौता चिराग
घर के सामने लगे बिजली खंभे पर चढ़ा था हमाली मजदूर पत्नी-बच्चों पर टूटा दुखों का पहाड़, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार, पुलिस सभी पहलुओं की कर रही जांच 11 केवी करंट प्रवाहित तार छूकर जान देने की आशंका, खंभे के नीचे झुलसी मिली लाश
कोरबा: मानिकपुर चौकी क्षेत्र के डिपरापारा में रविवार तड़के एक ऐसा घटनाक्रम सामने आया, जिसने पूरे मोहल्ले को स्तब्ध कर दिया। घर के ठीक सामने लगे 11 केवी विद्युत खंभे के नीचे 40 वर्षीय लवकुश साहू का झुलसा हुआ शव मिला। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि वह जानबूझकर करंट प्रवाहित उच्चदाब तार के संपर्क में पहुंचा।
कोरबा में आकाशीय बिजली का कहर: खेत में काम कर रहे 3 किसानों की मौत
कोरबा । कोरबा जिले में मानसून की बारिश के बीच आकाशीय बिजली गिरने से बड़ा हादसा हो गया। कटघोरा थाना क्षेत्र के सलोरा छुरी गांव में खेत में काम कर रहे तीन किसानों की बिजली की चपेट में आने से मौत हो गई। घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है, जबकि परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
जानकारी के अनुसार, शनिवार शाम गांव के करीब 25 से 30 किसान रोज की तरह खेतों में काम कर रहे थे। इसी दौरान तेज आंधी-तूफान के साथ बारिश शुरू हो गई। बारिश के बावजूद किसान खेतों में डटे रहे। तभी अचानक तेज गर्जना के साथ आकाशीय बिजली गिरी, जिसकी चपेट में तीन किसान आ गए।
बिजली गिरते ही तीनों किसान गंभीर रूप से झुलसकर खेत में ही गिर पड़े। उन्हें बेसुध हालत में देख मौके पर अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों और परिजनों ने तत्काल तीनों को अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। एक साथ तीन किसानों की मौत से पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है। प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले खेतों और पेड़ों के नीचे जाने से बचने की अपील की है।
कोरबा में संदिग्ध मौत का मामला, मां ने प्रेम प्रसंग को बताया हत्या की वजह
कोरबा । उरगा थाना क्षेत्र के ग्राम कनबेरी निवासी शंकर रोहिदास की मौत के मामले में नया मोड़ आ गया है। मृतक की मां नीराबाई रोहिदास ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर आरोप लगाया कि उनके बेटे ने आत्महत्या नहीं की, बल्कि उसकी हत्या कर शव को पेड़ पर लटका दिया गया। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
नीराबाई ने शिकायत में बताया कि शंकर 17 जून को काम पर जाने की बात कहकर घर से निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा। मोबाइल की घंटी बज रही थी, पर किसी ने फोन नहीं उठाया। सूचना मिलने पर पुलिस ने तलाश शुरू की और दो दिन बाद गांव से करीब 100 मीटर दूर परसा पेड़ पर उसका शव फंदे से लटका मिला। परिजनों का दावा है कि शव पर चोट के निशान और कपड़ों की स्थिति हत्या की आशंका को मजबूत करती है।
मृतक की मां के अनुसार, शंकर का एक रिश्तेदार की बेटी से प्रेम संबंध था। शादी का प्रस्ताव लेकर जाने पर युवती के परिजनों ने रिश्ता ठुकरा दिया और कथित रूप से बेटे को धमकियां देना शुरू कर दिया। उनका आरोप है कि घटना से एक दिन पहले युवती अपनी मां के साथ उनके घर आई थी और गाली-गलौज करते हुए जान से मारने तथा सबक सिखाने की धमकी दी थी, जिससे शंकर डरा हुआ था।
नीराबाई ने यह भी आरोप लगाया कि अंतिम संस्कार के बाद हुए विवाद के दौरान युवती के पिता ने हत्या की बात कही थी। उन्होंने दावा किया कि घटना से पहले भी कुछ नकाबपोश युवकों ने शंकर का अपहरण करने की कोशिश की थी। फिलहाल उन्होंने एसपी को शिकायत सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और आरोपियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
सौर सुजला योजना का सोलर पंप चालू होने से लौटी किसान के खेतों की रौनक
कोरबा । मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य शासन द्वारा जनसमस्याओं के त्वरित समाधान और किसानों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित योजनाओं का लाभ जमीनी स्तर तक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जा रहा है। इसी कड़ी में जिला कलेक्टर कुणाल दुदावत के मार्गदर्शन में सी.एम. हेल्पलाइन में प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जा रहा है।
जिला कोरबा के विकासखंड पोड़ी-उपरोड़ा अंतर्गत ग्राम अरसियां निवासी कृषक राम के खेत में सौर सुजला योजना के तहत स्थापित सोलर पंप अचानक तकनीकी खराबी के कारण बंद हो गया था। पंप के बंद होने से सिंचाई कार्य प्रभावित होने लगा और खेती-किसानी में परेशानी उत्पन्न हो गई। अपनी समस्या के समाधान के लिए राम ने सी.एम. हेल्पलाइन पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत प्राप्त होते ही जिला कलेक्टर कुणाल दुदावत के निर्देश पर क्रेडा के अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई की। तकनीकी दल को मौके पर भेजा गया, जहां सोलर पंप का निरीक्षण कर आवश्यक सुधार एवं मरम्मत कार्य किया गया। इसके बाद 16 जुलाई 2026 को सोलर पंप को सफलतापूर्वक पुनः चालू कर दिया गया।
सोलर पंप के पुनः सुचारु रूप से संचालित होने के बाद राम के खेतों में सिंचाई कार्य फिर से शुरू हो गया। समय पर सिंचाई की सुविधा मिलने से उनकी कृषि गतिविधियां सामान्य हो गईं और फसल की देखभाल में आने वाली कठिनाइयां दूर हो गईं। अपनी समस्या का त्वरित समाधान होने पर कृषक राम ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, जिला प्रशासन तथा क्रेडा के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सी.एम. हेल्पलाइन के माध्यम से उनकी समस्या का शीघ्र समाधान हुआ, जिससे उन्हें बड़ी राहत मिली।
क्रेडा के अधिकारियों ने बताया कि सौर सुजला योजना के अंतर्गत स्थापित सभी सोलर पंपों के संचालन एवं रखरखाव को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। किसानों से प्राप्त तकनीकी शिकायतों का तत्काल निराकरण सुनिश्चित किया जाता है, ताकि उन्हें सिंचाई कार्य में किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
यह सफलता की कहानी दर्शाती है कि शासन की जनहितकारी योजनाओं के साथ-साथ संवेदनशील प्रशासन और त्वरित कार्रवाई से आम नागरिकों की समस्याओं का प्रभावी समाधान संभव हो रहा है तथा किसानों का शासन के प्रति विश्वास लगातार मजबूत हो रहा है।
स्वतंत्रता दिवस समारोह आयोजन के संबंध में बैठक 28 जुलाई को
कोरबा । कोरबा जिले में 15 अगस्त 2026 स्वतंत्रता दिवस समारोह को गरिमा पूर्वक मनाये जाने तथा उक्त आयोजन के सफलतापूर्वक संचालन हेतु कलेक्टर कुणाल दुदावत के अध्यक्षता में जिला स्तरीय बैठक का आयोजन 28 जुलाई को दोपहर 12 बजे कलेक्टोरेट सभाकक्ष में रखा गया है। सर्व विभाग प्रमुखों को उक्त बैठक में उपस्थित होना सुनिश्चित करने कहा गया है।
ऊर्जा आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ता कोरबा
प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना अपनाकर मंत्री लखनलाल देवांगन बने सौर ऊर्जा के प्रेरक
स्वच्छ एवं हरित भविष्य के लिए नागरिकों को किया प्रेरित
कोरबा । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ में प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। ऊर्जा आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करने वाली इस योजना के माध्यम से कोरबा जिले के अनेक परिवार स्वच्छ ऊर्जा को अपनाते हुए बिजली उपभोक्ता से ऊर्जा उत्पादक बनने की दिशा में अग्रसर हैं। इससे उन्हें बिजली बिल में उल्लेखनीय बचत होने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण योगदान देने का अवसर मिल रहा है।
इसी क्रम में प्रदेष के उद्योग, वाणिज्य, श्रम एवं आबकारी मंत्री लखनलाल देवांगन ने भी अपने कोहड़िया स्थित निवास पर योजना के अंतर्गत 10 किलोवाट क्षमता का सोलर रूफटॉप सिस्टम स्थापित कराया है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ऊर्जा आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करने तथा पारंपरिक बिजली पर निर्भरता कम करने के उद्देश्य से उन्होंने अपने निवास पर सोलर संयंत्र स्थापित कराया है।
मंत्री श्री देवांगन ने बताया कि सोलर पैनल स्थापित हुए लगभग एक माह हो चुका है और इसके सकारात्मक परिणाम अब स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगे हैं। इससे न केवल आर्थिक बचत हो रही है, बल्कि स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा के उपयोग से पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण योगदान मिल रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा प्रदान की जाने वाली सब्सिडी के कारण सोलर संयंत्र स्थापित करना आम नागरिकों के लिए अधिक सुविधाजनक और लाभकारी बन गया है। उन्होंने बताया कि घरेलू उपयोग के बाद बची हुई अतिरिक्त बिजली विद्युत वितरण कंपनी के ग्रिड में भेजी जाएगी, जिससे भविष्य में अतिरिक्त आय प्राप्त होने की भी संभावना रहेगी।
मंत्री लखनलाल देवांगन ने प्रदेश एवं कोरबा जिले के नागरिकों से इस योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना केवल एक योजना नहीं, बल्कि ऊर्जा आत्मनिर्भरता का जनआंदोलन है। यह लोगों को केवल बिजली उपभोक्ता नहीं, बल्कि ऊर्जा उत्पादक बनने का अवसर प्रदान कर रही है। उन्होंने नागरिकों से सोलर ऊर्जा अपनाकर स्वच्छ, सुरक्षित और आत्मनिर्भर भविष्य के निर्माण में सहभागी बनने का आह्वान किया।
उन्होंने इस जनकल्याणकारी पहल के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार की प्रतिबद्धता के कारण प्रदेश में अक्षय ऊर्जा को बढ़ावा मिल रहा है और विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को नई गति मिल रही है।
समय पर कृषि आदान सामग्री और नैनो उर्वरकों से खेती हुई अधिक लाभकारी
सुशासन सरकार की किसान हितैषी पहल से बढ़ा किसानों का आत्मविश्वास, नवाचार से खेती को मिल रही नई दिशा
कोरबा । मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार किसानों को समय पर खाद-बीज एवं कृषि आदान सामग्री उपलब्ध कराने के साथ-साथ आधुनिक कृषि तकनीकों को बढ़ावा दे रही है। इसका सकारात्मक प्रभाव किसानों की खेती और आय पर दिखाई दे रहा है। समय पर सुविधाएं मिलने से किसानों की चिंता अब आत्मविश्वास में बदल रही है और वे खेती को अधिक लाभकारी एवं समृद्ध बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
कोरबा जिले के ग्राम जपेली निवासी कृषक जयराजन सिंह लगभग 5 एकड़ 17 डिसमिल भूमि में धान की खेती करते हैं। लंबे समय से पारंपरिक खेती करने वाले सिंह ने पिछले वर्ष खेती की लागत कम करने और उत्पादन बढ़ाने के उद्देश्य से नैनो उर्वरकों का उपयोग शुरू किया। इसके सकारात्मक परिणाम मिलने के बाद उन्होंने इस वर्ष भी सहकारी समिति कनबेरी से समय पर खाद-बीज एवं अन्य कृषि आदान सामग्री के साथ नैनो उर्वरक प्राप्त कर लिया है।
सिंह ने बताया कि समय पर कृषि आदान सामग्री उपलब्ध होने से खेती की तैयारी बिना किसी परेशानी के पूरी हो गई। उन्होंने कहा कि नैनो उर्वरकों के उपयोग से फसल उत्पादन में सुधार के साथ लागत में कमी आई है तथा उर्वरकों की अनावश्यक बर्बादी भी नहीं होती। उनका मानना है कि कृषि क्षेत्र में नवाचार को अपनाना समय की आवश्यकता है और इससे खेती अधिक टिकाऊ एवं लाभकारी बन रही है।
उन्होंने अन्य किसानों से भी आधुनिक कृषि तकनीकों एवं नैनो उर्वरकों को अपनाने की अपील की। साथ ही किसानों के हित में समय पर कृषि सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया।
कक्षा 9वीं प्रवेश हेतु काउंसिलिंग 22 जुलाई से 5 अगस्त तक
कोरबा।
मुख्यमंत्री बाल भविष्य सुरक्षा योजनांतर्गत संचालित प्रयास आवासीय विद्यालयों में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए कक्षा 9वीं में प्रवेश हेतु आयोजित परीक्षा के परिणाम घोषित होने के उपरांत चयनित विद्यार्थियों की काउंसिलिंग 22 जुलाई से 5 अगस्त 2026 तक आयोजित की जाएगी। यह काउंसिलिंग विभागीय वेबसाइट पर प्रदर्शित सूची के अनुसार संबंधित आवंटित प्रयास आवासीय विद्यालयों में प्रतिदिन प्रातः 11 बजे से सायं 4 बजे तक संपन्न होगी।
सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास विभाग कोरबा ने बताया कि चयनित विद्यार्थियों एवं उनके पालकों को निर्धारित तिथि एवं स्थान पर सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ उपस्थित होना अनिवार्य होगा। अभ्यर्थियों को कक्षा 8वीं की अंकसूची, अध्ययनरत होने का प्रमाण-पत्र, जाति प्रमाण-पत्र तथा शासन द्वारा निर्धारित अन्य आवश्यक प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करने होंगे। विशेष श्रेणी के अभ्यर्थियों को संबंधित श्रेणी का प्रमाण-पत्र भी साथ लाना होगा।
उन्होंने बताया कि काउंसिलिंग के उपरांत प्रवेश के लिए पात्र पाए गए विद्यार्थियों को तीन दिवस के भीतर जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा हस्ताक्षरित स्थानांतरण प्रमाण-पत्र तथा जिला चिकित्सा अधिकारी द्वारा जारी सिकल सेल जांच प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। विद्यार्थियों एवं पालकों से निर्धारित समय पर उपस्थित होकर प्रवेश प्रक्रिया पूर्ण करने की अपील की गई है। अधिक जानकारी के लिए मो.नं. 7859096888 पर संपर्क किया जा सकता है।
संभाग स्तरीय युवा संसद का आयोजन
कोरबा ।
लोकतांत्रिक मूल्यों, संसदीय परंपराओं एवं युवाओं में संसदीय प्रणाली के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से वित्तीय वर्ष 2026-27 में प्रदेश के सभी संभागों में संभाग स्तरीय युवा संसद प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। इस संबंध में संसदीय कार्य विभाग द्वारा सभी संभागायुक्तों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
जारी निर्देशों के अनुसार संभाग स्तरीय युवा संसद प्रतियोगिता का आयोजन संबंधित संभागायुक्त के मार्गदर्शन में किया जाएगा। प्रतियोगिता का संचालन संसदीय कार्य मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा प्रकाशित युवा संसद संबंधी पुस्तिका में वर्णित दिशा-निर्देशों के अनुरूप किया जाएगा। प्रत्येक संभाग में विभिन्न जिलों के मध्य अंतरजिला युवा संसद प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी, जिसके लिए आयोजन स्थल, पारितोषिक तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं संबंधित संभागायुक्त द्वारा सुनिश्चित की जाएंगी।
संसदीय कार्य विभाग ने निर्देश दिए हैं कि प्रतियोगिता का कार्यक्रम पूर्व निर्धारित कर इसकी सूचना विभाग को उपलब्ध कराई जाए, ताकि यथासंभव विभाग का प्रतिनिधि कार्यक्रम में शामिल हो सके। कार्यक्रम के उद्घाटन अथवा समापन समारोह में मंत्री, संसदीय कार्य विभाग अथवा विभाग के सचिव को भी आमंत्रित किया जा सकेगा।
युवा संसद प्रतियोगिता के आयोजन हेतु प्रत्येक संभाग को उनके संबंधित डी.डी.ओ. क्रमांक में 12 लाख रुपये की राशि उपलब्ध कराई जाएगी। प्रतियोगिता के दौरान संसदीय कार्य विभाग के प्रचार-प्रसार को सुनिश्चित करते हुए सभी बैनरों एवं प्रचार सामग्री में विभाग का उल्लेख अनिवार्य रूप से किया जाएगा।
प्रतियोगिता के सफल आयोजन के उपरांत संबंधित संभागायुक्त द्वारा संसदीय कार्य विभाग को विस्तृत प्रतिवेदन, उपयोगिता प्रमाण पत्र, कार्यक्रम के फोटोग्राफ, सी.डी./पेनड्राइव सहित अन्य आवश्यक अभिलेख उपलब्ध कराना होगा।
संसदीय कार्य विभाग ने यह भी निर्देशित किया है कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में युवा संसद कार्यक्रम आयोजित करने के बावजूद जिन संभागों द्वारा अब तक व्यय की गई राशि का उपयोगिता प्रमाण पत्र, मदवार व्यय विवरण, कार्यक्रम का प्रतिवेदन तथा फोटोग्राफ एवं वीडियोग्राफ उपलब्ध नहीं कराया गया है, वे उक्त समस्त जानकारी तत्काल विभाग को प्रेषित करना सुनिश्चित करें।
18 अगस्त को जिले में आयोजित होगी राष्ट्रीय नशा विरोधी शपथ
कलेक्टर ने जनभागीदारी की अपील की
भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा संचालित नशा मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत अभियान के छठे वर्ष में प्रवेश के अवसर पर 18 अगस्त 2026 को जिलेभर में “राष्ट्रीय नशा विरोधी शपथ कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस संबंध में संचालनालय, समाज कल्याण विभाग, रायपुर के निर्देशानुसार जिले के सभी संबंधित विभागों, शैक्षणिक संस्थानों एवं कार्यालयों को आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए गए हैं।
जारी निर्देशों के अनुसार जिले के सभी शासकीय एवं निजी विद्यालयों, महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों, सार्वजनिक एवं निजी संस्थानों तथा शासकीय कार्यालयों में राष्ट्रीय नशा विरोधी शपथ का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं एवं आमजन को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करते हुए नशा मुक्त समाज के निर्माण के लिए जनभागीदारी बढ़ाना है।
निर्देशों में कहा गया है कि जिले की कुल जनसंख्या के कम से कम 10 प्रतिशत नागरिकों को 18 अगस्त को राष्ट्रीय नशा विरोधी शपथ दिलाई जाए तथा अधिकतम जनसहभागिता सुनिश्चित करने के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाए। विद्यार्थियों, युवाओं, महिलाओं, शासकीय अधिकारियों-कर्मचारियों तथा आम नागरिकों को नशा मुक्त भारत अभियान की वेबसाइट पर उपलब्ध ई-शपथ लेने एवं सहभागिता प्रमाण-पत्र डाउनलोड करने के लिए भी प्रोत्साहित किया जाएगा।
भारत सरकार द्वारा 18 अगस्त को आयोजित होने वाले राष्ट्रीय कार्यक्रम में जिला मुख्यालय से वर्चुअल माध्यम से सहभागिता भी की जाएगी। वर्चुअल बैठक का लिंक एवं अन्य आवश्यक जानकारी पृथक से उपलब्ध कराई जाएगी।
कार्यक्रम के प्रचार-प्रसार के दौरान नशा मुक्त भारत अभियान का लोगो, शुभंकर (मैस्कॉट), हेल्पलाइन नंबर 14446 तथा अन्य सूचना, शिक्षा एवं संचार सामग्री का उपयोग किया जाएगा। साथ ही शपथ लेने वाले सभी नागरिकों की संख्या एनएमबीए पोर्टल एवं मोबाइल एप पर अनिवार्य रूप से दर्ज की जाएगी।
कार्यक्रम के सफल आयोजन के उपरांत निर्धारित प्रारूप में प्रतिवेदन, फोटोग्राफ एवं समाचार पत्रों की कतरनों सहित विवरण 18 अगस्त 2026 को उप संचालक, समाज कल्याण विभाग, कोरबा की विभागीय ई-मेल पर प्रेषित किया जाएगा।
कलेक्टर कुणाल दुदावत ने सभी विभागों, शैक्षणिक संस्थानों एवं संबंधित अधिकारियों से इस महत्वाकांक्षी अभियान में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करते हुए अधिक से अधिक लोगों को नशा विरोधी शपथ दिलाने तथा नशा मुक्त समाज के निर्माण में अपना प्रभावी योगदान देने की अपील की है।