छत्तीसगढ़ / कोरबा
गुरु घासीदास ने मानव को एक रहने का संदेश दिया : विष्णुदेव साय
कोरबा में आयोजित गुरु घासीदास जयंती समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री
कोरबा । सतनामी कल्याण समिति कोरबा के द्वारा तीन दिवसीय गुरु घासीदास जयंती समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बाबा गुरुघासीदास एक महान संत थे। 18वीं शताब्दी में उन्होंने जाति-पाति, ऊंच-नीच और समाज में व्याप्त असमानताओं, कुरीतियों को दूर करने के लिए कार्य किया। उन्होंने मनखे-मनखे एक समान का संदेश दिया। आज उनका यह संदेश मानव को एक दूसरे से जोड़ने का काम कर रहा है। हम सभी उनके सन्देश को अपनाते हुए मिलजुलकर रहे।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारी सरकार बाबा गुरु घासीदास के आशीर्वाद से छत्तीसगढ़ के विकास के लिए कार्य कर रही है। यहाँ प्रचुर मात्रा में बहुमूल्य खनिज, वन सम्पदा की बहुलता है साथ ही मेहनतकरने वाले लोग यहां रहते है। हम सभी के सहयोग से छत्तीसगढ़ को विकसित छत्तीसगढ़ बनाएंगे। उन्होंने समाज को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने, एकजुट रहने और छत्तीसगढ़ की खुशहाली के लिए विकास की राह में आगे बढ़ने की बात कहते हुए सभी को गुरु पर्व की बधाई और शुभकामनाएं दी और लगभग 90 लाख रुपए की लागत से सामुदायिक भवन का लोकार्पण किया और सतनामी समाज को रियायती दर पर जमीन आबंटन करने की घोषणा की।
सतनाम प्रांगण ट्रांसपोर्ट नगर में आयोजित गुरु घासीदास समारोह में मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह मेरा सौभाग्य है कि आज बाबा गुरुघासी दास की जयंती में जगह-जगह कार्यक्रम में शामिल होने का पुण्य अवसर मिल रहा है और यह भी सौभाग्य की बात है कि ऊर्जाधानी कोरबा से कार्यक्रम की शुरुआत हो रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी सबको साथ लेकर आगे चलते हैं। उनका नारा “सबका साथ, सबका विकास और सबका प्रयास“ है जिसे छत्तीसगढ़ की सरकार ने भी अपनाया है और इसी दिशा में सभी समाज को आगे बढ़ाने के लिए काम कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा गुरु घासीदास की तपोभूमि गिरौदपुरी से लेकर अन्य स्थानों को विकसित करने का कार्य पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह के कार्यकाल में किया गया। समाज का आशीर्वाद हमेशा बनी रहे और समाज आगे बढ़ता रहे यही हमारी कामना है। उन्होंने कहा कि अभी एक साल पूरे हुए हैं और हम जनादेश परब मना रहे हैं। एक साल के कार्यकाल में जो भी वादा था उसे पूरा किया गया है। उन्होंने कार्यक्रम स्थल पर सालिक निर्मल दिवाकर के पुस्तक “माँ की चाहत“ का विमोचन भी किया। इस दौरान मुख्यमंत्री साय सहित अन्य सभी अतिथि आरती और जैतखाम की पूजा कर ध्वजारोहण में शामिल हुए। इस दौरान मंच में उप मुख्यमंत्री अरुण साव, केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, कलेक्टर अजीत वसंत, समाज के अध्यक्ष यू आर महिलांगे, नारायण कुर्रे, उपाध्यक्ष विजय दिवाकर, सचिव जय कुमार लहरे, आर डी भारद्वाज ,आर पी खांडे, एस के बंजारा सहित वार्ड पार्षद ऋतु चौरसिया सहित अन्य समाज के पदाधिकारी भी उपस्थित थे।
चांदी का मुकुट पहनाकर किया अभिनन्दन
कोरबा में आयोजित समारोह में सतनामी समाज के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का गर्मजोशी से स्वागत अभिनन्दन किया। महामाला, बाबा गुरु घासीदास के तैल्य चित्र सहित गुलाब के फूल भेंट किए गए। इस दौरान समाज के लोगों ने मुख्यमंत्री साय को चाँदी का मुकुट पहनाकर अभिनन्दन किया।
शिक्षा को अपनाकर आगे बढ़े समाज : दयालदास बघेल
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम मंत्री दयालदास बघेल ने कहा कि बाबा गुरु घासीदास जी ने सभी मनुष्यों को एक समान मानव के रूप में देखा। जब वे अवतरित हुए तो ऊंच-नीच,छुआछूत का बोलबाला था। उन्होंने इन विषमताओं को दूर करते हुए जैतखाम की स्थापना कर सत्य का संदेश दिया। उन्होंने बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह के समय गिरौदपुरी सहित अन्य तीर्थ स्थलों का विकास हुआ। मंत्री बघेल ने समाज को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने और शासन की योजनाओं का लाभ उठाकर उद्योग-धंधे की ओर आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कोरबा के कार्यक्रम में आने पर खुद को गौरवान्वित बताते हुए कहा कि समाज की जो भी आवश्यकता है उसे पूरा करने का प्रयास किया जाएगा।
सभी के उत्थान के लिए काम कर रही है सरकार : लखनलाल देवांगन
समारोह को सम्बोधित करते हुए विशिष्ट अतिथि नगर विधायक व उद्योग, वाणिज्य और श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन ने कहा कि बाबा गुरु घासीदास का संदेश मनखे-मनखे एक समान वर्षों पहले दिया गया था जो आज साकार होता नजर आ रहा है। छत्तीसगढ़ की सरकार भी प्रदेश के विकास को लेकर कार्य कर रही है। सभी समाज को साथ लेकर राज्य का विकास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि गुरु घासीदास जयंती कार्यक्रम स्थल के विकास के लिए सभी प्रकार का सहयोग प्रदान किया जाएगा। यहाँ डोम निर्माण के लिए भी राशि जारी की गई है। आने वाले दिनों में भव्य डोम नजर आएगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य का विकास किया जा रहा है। मंत्री देवांगन ने इस जयंती स्थल के सम्बंध में जानकारी देते हुए बताया कि लगभग 50 साल से यहाँ जयंती मनाई जा रही है। यहाँ की जमीन कम दर पर समाज को मिले इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री को पूरी जानकारी दी है और समाज के हित के लिए निर्णय का अनुरोध किया है। मंत्री देवांगन ने सभी को गुरु पर्व की बधाई और शुभकामनाएं दी है।
थानों में जब्त किये गये मादक पदार्थ गांजा को 28 दिसंबर को किया जाएगा नष्ट
कोरबा । पुलिस अधीक्षक कोरबा के अन्तर्गत आने वाले थानों में जब्त किये गये मादक पदार्थ (गांजा) के नष्टीकरण हेतु जिला स्तरीय औषधि व्ययन समिति गठित की गई है। एनडीपीएस के प्रकरणों में नष्टीकरण हेतु समस्त कार्यवाही पूर्ण कर थाना के द्वारा नष्टीकरण योग्य प्रकरणों की सूची तथा मूल प्रपत्र समिति को प्रस्तुत की गई है।
समिति द्वारा नष्टीकरण योग्य मादक पदार्थों को 28 दिसंबर 2024 को दोपहर 12 बजे बाल्को पावर प्लांट के भट्ठी (Furnace) में विधिवत जलाकर नष्टीकरण किये जाने का निर्णय लिया गया है। उक्त तिथि को चयनित स्थल में मादक पदार्थों (गांजा) के नष्टीकरण की कार्यवाही समिति के सदस्यों के समक्ष पंचनामा तैयार कर की जाएगी।
त्रिस्तरीय पंचायत निर्वाचन अंतर्गत समस्त पदों के आरक्षण की कार्यवाही स्थगित
कोरबा। त्रिस्तरीय पंचायत आम निर्वाचन 2024-25 हेतु विकासखण्ड कोरबा/करतला/कटघोरा/पाली/पोड़ी-उपरोड़ा अंतर्गत पंचायतों के आम निर्वाचन के लिये जिला पंचायत सदस्य, जनपद पंचायत के सदस्य/अध्यक्ष एवं सभी ग्राम पंचायतों के सरपंच एवं वार्ड के पंच पदों के प्रवर्गवार एवं महिलाओं के प्रवर्गवार स्थानों के आबंटन/आरक्षण की कार्यवाही स्थगित की गई है।
कलेक्टर ने ली समय सीमा की बैठक, विभागीय कार्यों की हुई समीक्षा
कोरबा । कलेक्टर अजीत वसंत ने आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में समय सीमा की बैठक में विभागीय कार्यो एवं शासकीय योजनाओं के कार्य प्रगति समीक्षा की। उन्होंने योजनाओं के क्रियान्वयन में प्रगति लाने एवं समय सीमा के लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। उन्होंने जिले में चल रही धान खरीदी की प्रक्रिया को बिना किसी व्यवधान के सुचारू रूप से संचालित करने एवं एसडीएम को नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए।
आने वाले दिनों में उपार्जन केंद्रों में धान की आवक बढ़ने के दौरान किसी प्रकार की गड़बड़ी न हो इसके लिए सभी को सतर्क रहने और अवैध रूप से धान भण्डारण, परिवहन, टोकन का सत्यापन करने तथा गोडाउन, दुकानों में छापामार कार्यवाही करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि समिति में धान बेचने आए किसानो को किसी प्रकार की परेशानी नही होना चाहिए। सभी केंद्रों में बारदाने का पर्याप्त भंडारण हो सभी नोडल अधिकारी इस बात का विशेष ध्यान रखें। बैठक में वनमंडलाधिकारी कटघोरा कुमार निशांत, निगम आयुक्त आशुतोष पाण्डेय, जिला पंचायत सीईओ दिनेश कुमार नाग, अपर कलेक्टर अनुपम तिवारी सहित अन्य सभी अधिकारी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री गुरू घासीदास जयंती के अवसर पर सतनाम भवन में आयोजित कार्यक्रम में होंगे शामिल
कोरबा । मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय 18 दिसंबर को बाबा गुरू घासीदास जयंती के अवसर पर कोरबा के ट्रांसपोर्ट नगर स्थित सतनाम भवन में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री प्रातः 11ः45 बजे हेलीकॉप्टर से कोरबा पहुंचेंगे और 11ः50 से 12ः50 बजे तक बाबा गुरूघासीदास जयंती कार्यक्रम में शामिल होंगे वे 12ः55 बजे कोरबा से मुंगेली जिला के लिए प्रस्थान करेंगे।
जनता में विश्वास कायम कर विकास की राह में आगे बढ़ रहा है छत्तीसगढ़ : लखनलाल देवांगन
उद्योग मंत्री ने प्रेस वार्ता लेकर राज्य एवं जिले की उपलब्धियों को बताया
कोरबा । छत्तीसगढ़ सरकार के एक साल पूरे होने के उपलक्ष्य में ‘‘जनादेश परब‘‘ का आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में आज छत्तीसगढ़ शासन के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री तथा नगर विधायक लखनलाल देवांगन ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष मे ंपत्रकार वार्ता लेकर राज्य शासन की उपलब्धियों और आने वाले दिनों में प्रदेश के विकास के लिये तय किये गये लक्ष्यों को पत्रकारों के साथ साझा किया। उन्होंने कहा कि 13 दिसंबर को हमारी सरकार का एक साल पूरा हो गया है। इस बीच सरकार ने आम जनता की सहभागिता और विश्वास के साथ प्रदेश को विकास की राह में आगे बढ़ाया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में विकास के नये आयाम स्थापित किये हैं। उन्होंने कोरबा जिले में बीते एक वर्ष में हुए विकास कार्यों की भी जानकारी दी। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष शिवकला कंवर, नेता प्रतिपक्ष हितानंद अग्रवाल, नगर निगम आयुक्त आशुतोष पाण्डेय, जिला पंचायत सीईओ दिनेश कुमार नाग, एसडीएम कोरबा सरोज महिलांगे, राजीव सिंह उपस्थित थे।
मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि विगत एक साल में सामाजिक एवं आर्थिक रूप से पिछड़े हुए लोगों सहित सभी वर्गों के कल्याण के लिये सरकार ने काम किया। सुशासन की लक्ष्य को हासिल करने के लिये सुशासन एवं अभिसरण नाम से नया विभाग बनाया गया है। सुशासन की स्थापना के लिये तकनीकों का अधिक से अधिक इस्तेमाल किया जा रहा है। सरकार का प्रयास है कि आम नागरिकों को छोटे-छोटे कामों के लिये दफ्तरों का चक्कर न काटना पड़े। एक क्लिक में अथवा एक फोन में उनके काम हो जाये इस दिशा में कार्य किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की गारंटियों को पूरा करने में भी सरकार ने कोई कसर नहीं छोड़ी है। हमारी सरकार ने किसानों से किया गया वादा पूरा करते हएु 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर और 21 क्विंटल प्रति एकड़ के मान से धान की रिकॉर्ड खरीदी की। दो साल के बकाया धान बोनस की राशि 3716 करोड़ रुपए का अंतरण भी किया। महतारी वंदन योजना शुरू कर 70 लाख माताओं-बहनों को लाभान्वित किया जा रहा है। अब तक इस योजना की 10 किश्तों में 6530 करोड़ रुपए अंतरित किए जा चुके हैं। 18 लाख प्रधानमंत्री आवास उपलब्ध कराने की दिशा में कदम बढ़ाया और आवासों के निर्माण के लिए बड़ी राशि भी जारी की गई। प्रदेश के 68 लाख गरीब परिवारों को पांच साल तक मुफ्त राशन देने की योजना शुरू की। लोकतंत्र सेनानियों की पेंशन बहाल करने के साथ-साथ पांच साल के एरियर्स का भुगतान भी किया। सरकार ने प्रदेश के अंतिम व्यक्ति तक विकास को पहुंचाने के लिए लगातार काम किया है। हमारी सरकार ने राज्य के जनजातीय समाज के गौरव को फिर से ऊंचाई पर स्थापित करने में सफलता प्राप्त की है। उनकी आय और रोजगार में वृद्धि के लिए अनेक कदम उठाए गए। तेन्दूपत्ता संग्रहण दर 4 हजार रुपए मानक बोरा से बढ़ाकर 5 हजार 500 रुपए मानक बोरा कर दी गई।
जनजातीय क्षेत्रों में अधोसंरचना विकास, सड़क, रेल और हवाई सुविधाओं का विस्तार किया गया है। अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के विकास के लिए गठित प्राधिकरणों में जनप्रतिनिधित्व को और मजबूत किया गया है। साथ ही छत्तीसगढ़ जनजातीय सलाहकार परिषद का गठन भी किया गया है।
उन्होंने कहा कि पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। प्रदेश में श्री रामलला दर्शन योजना शुरू कर श्रद्धालुओं को अयोध्या धाम की निःशुल्क यात्रा कराई जा रही है। उद्योग मंत्री श्री देवांगन ने राज्य में लागू नई उद्योग नीति को रोजगार परक बताते हुए कहा कि इस नीति से प्रदेश की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। पर्यटन को उद्योग के रूप में शामिल करते हुए सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग को भी रियायत देने का प्रावधान है। राज्य में एमएसएमई को बढ़ावा देने के लिये मंत्रालय बनाने की घोषणा कर दी गई है। नई उद्योग नीति से अनुसूचित जाति, जनजाति, महिला उद्यमियों, सेवानिवृत्त, अग्निवीर, भूतपूर्व सैनिकों, नक्सल प्रभावित, आत्मसमर्पित नक्सलियों एवं तृतीय लिंग के उद्यमियों को प्रोत्साहन देने का प्रावधान है।
उन्होंने राज्य में नई शिक्षा नीति को रोजगार परक बताते हुए कहा कि प्रदेश में हाईटेक लाइब्रेरी निर्माण, सीजी पीएससी परीक्षा प्रणाली को बेहतर बनाने, नवा रायपुर को आईटी हब के रूप में विकसित करने के साथ ही स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण कार्य किया जा रहा है। उन्होंने डबल इंजन की सरकार होने से राज्य का तेजी से विकास होने की बात कही। मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि प्रदेश में सड़क नेटवर्क, रेल नेटवर्क को मजबूत करने का कार्य केन्द्र के सहयोग से किया जा रहा है।
प्रदेश की विकास में कोरबा जिले का भी है महत्वपूर्ण योगदान-
छत्तीसगढ़ सरकार के एक साल पूर्ण होने पर कोरबा जिले के उपलब्धियों को बताते हुए मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि बीते एक साल में प्रदेश के विकास में कोरबा जिले का महत्वपूर्ण योगदान रहा। शासन की योजनाओं का क्रियान्वयन पारदर्शिता के साथ किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि कोरबा जिले में कुल 02 लाख 95 हजार 706 महिलाओं को महतारी वंदन योजना का लाभ दिया जा रहा है। अभी तक 10 किश्त खाते में दिए जा चुके हैं। जिले में 14 नवंबर से धान खरीदी की प्रक्रिया जारी है। पंजीकृत लगभग 54 हजार किसानों से 03 लाख 20 हजार मीट्रिक टन धान खरीदी का लक्ष्य रखा गया है। किसानों से 3100 रूपए प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी जा रही है। जिले में 01 लाख 41 हजार घरों में जल जीवन मिशन के माध्यम से नल कनेक्शन प्रदान किया गया है। एकल ग्राम जल प्रदाय योजना मार्च 2025 तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। अभी तक 62 ग्रामों में हर घर जल का कार्य पूर्ण किया जा चुका है। समूह जल प्रदाय योजना अंतर्गत कोरबा जिले के पोड़ी-उपरोड़ा, कटघोरा, पाली विकासखण्ड के दूरस्थ क्षेत्रों के 245 ग्रामों तक पेयजल पहुंचाने का लक्ष्य है। इस योजना में हसदेव बांगो बांध ऐतमानगर से पानी लेकर पाईप के माध्यम से पहुंचाया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 70 वर्ष से अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिकों को मुफ्त उपचार की सुविधाएं मुहैया कराने वय वंदन योजना प्रारंभ की गई है। जिले में लगभग 70 हजार हितग्राहियों को वय वंदन योजना से लाभान्वित करने का लक्ष्य है। प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत जिले में 63 हजार आवास स्वीकृत किए गए। इस वर्ष 44 हजार पीएम आवास स्वीकृत किए गए हैं। प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत जिले के सभी पात्र हितग्राहियों को वनाधिकार पत्र का वितरण, आयुष्मान कार्ड बनाने का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। विशेष पिछड़ी जनजाति परिवार के पहाड़ी कोरवाओं, बिरहोरों के बसाहटों को पक्की सड़क से जोड़ने के लिए प्रधानमंत्री सड़क योजना के माध्यम से सड़कों की स्वीकृति प्रदान की गई है। इसके अलावा पीएम जनमन आवास भी बनाकर दिया जा रहा है। पीवीटीजी परिवारों को योजनाओं से लाभान्वित करने सभी के बैंक खाते खोले जा रहे हैं। वंचित परिवारों के राशन कार्ड एवं आधार कार्ड बनाए जा रहे हैं। पीएम जनमन अंतर्गत विशेष पिछड़ी जनजाति परिवारों पहाड़ी कोरवा, बिरहोर समुदाय, पीएम जनमन अंतर्गत पहली बार नगरीय क्षेत्र पाली नगरीय निकाय क्षेत्र में वनाधिकार पत्र भी दिया जा रहा है। श्री रामलला दर्शन योजना के माध्यम से जिले के 01 हजार से अधिक तीर्थ यात्री भगवान श्री राम की नगरी अयोध्या जाकर रामलला का दर्शन लाभ ले चुके हैं। प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना ऊर्जा संरक्षण के क्षेत्र में एक दूरगामी प्रयास है। इस योजना के तहत कुल 8633 पंजीयन किए गए हैं। जिसमें से 17 इंस्टॉलेशन किए जा चुके हैं। हमारी सरकार द्वारा वनोपज के न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि कर वनांचलों में रहने वाले परिवारों को लाभान्वित किया जा रहा है। जिले में 805 संग्राहकों से वनोपजों की खरीदी कर 46 लाख 26 हजार 161 रूपए का भुगतान किया गया है। पीएम विश्वकर्मा योजना अंतर्गत कुल प्राप्त 48906 आवेदनों मे से 5636 कारीगरों/ शिल्पकारों का चिंहांकन किया गया है। जिसमें से 3013 कारीगरों/शिल्पकारों को टेलर, बार्बर, राजमिस्त्री, लोहार, कुम्हार, बांस टोकरी निर्माण, झाड़ू निर्माण, बढ़ई आदि व्यवसायों मे प्रशिक्षण प्रदाय किया जा चुका है।
डीएमएफ के माध्यम से शिक्षा एवं स्वास्थ्य को बनाया जा रहा है बेहतर
मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि कोरबा जिले में जिला खनिज संस्थान न्यास को प्राप्त राशि से जिले का विकास किया जा रहा है। स्वास्थ्य एवं शिक्षा के क्षेत्र में इस राशि का सदुपयोग हो रहा है। उन्होंने बताया कि जिले में निवासरत पहाड़ी कोरवाओं एवं बिरहोर समुदाय के शिक्षित युवाओं को योग्यता के अनुसार नौकरी पर रखा गया है। जिले के सभी आंगनबाड़ी, स्कूल, आश्रम-छात्रावास में भोजन पकाने तथा रिफलिंग के लिये गैस सिलेंडर की व्यवस्था डीएमएफ से की गई है। इससे भोजन पकाने के दौरान रसोईयों को धुएं से मुक्ति मिली है। जिले के सभी शासकीय प्रायमरी एवं मिडिल स्कूलों में स्कूल खुलते ही स्थानीय उपलब्धता एवं बच्चों के पसंद के अनुसार नाश्ता देने की शुरूआत की गई है। जिले के शासकीय विद्यालयों से 10 वीं उत्तीर्ण 100 प्रतिभावान विद्यार्थियों को रायपुर के प्रतिष्ठित कोचिंग संस्था में नीट, जेईई की निःशुल्क तैयारी हेतु डीएमएफ से व्यवस्था की गई है। दिव्यांग एवं वृद्धजनों की शिक्षा एवं आवासीय सुविधा के लिए कोरबा शहर में 50 सीटर दिव्यांग विद्यालय एवं 60 सीटर वृद्धाश्रम तैयार किया गया है। शहर के संजय नगर रेलवे क्रासिंग में फाटक बंद होने पर आये दिन सुनालिया नहर मार्ग तक ट्रैफिक जाम की स्थिति बनती है। जिला प्रशासन द्वारा इन समस्याओं को दूर करने के लिये संजय नगर रेलवे क्रासिंग में अण्डरपास का निर्माण कराया जा रहा है। लगभग 31 करोड़ (30 करोड़ 96 लाख 89 हजार) की लागत से बनने वाले अण्डरपास से शहरवासियों को रेलवे स्टेशन जाने एवं रेलवे स्टेशन से आने के दौरान काफी राहत मिलेगी। शहर में यातायात का दबाव कम करने अग्रसेन तिराहा (राताखार) के पास नहर में पुल बनाते हुए वैकल्पिक सड़क का निर्माण भी कराया जायेगा। जिले में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने एवं दूरस्थ क्षेत्रों में शिक्षकों के आवास की कमी को देखते हुए आवास व्यवस्था हेतु रेसीडेन्सियल हास्टल का निर्माण की स्वीकृति प्रदान की गई है। जिले में स्वास्थ्य व्यवस्था को बेहतर बनाने एवं चिकित्सकीय स्टाफ के आवास की कमी को देखते हुए दूरस्थ क्षेत्रों के उप स्वास्थ्य केन्द्र परिसर में चिकित्सकीय स्टाफ हेतु आवास निर्माण की स्वीकृति प्रदान की गई है। जिले में विशेषज्ञ चिकित्सकों एवं तकनीकी विशेषज्ञों की भर्ती डीएमएफ से की जा रही है। जिले में लैब आन व्हील्स की शुरूआत की गई है। इसके माध्यम से दूरस्थ क्षेत्र के उप स्वास्थ्य केन्द्रों में होने वाले जांच को आसान बनाया गया है। रनिंग स्टाफ द्वारा उप स्वास्थ्य केन्द्रों से सेम्पल लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र कटघोरा लाया जाता है। यहां से जांच करने के पश्चात संबंधित को रिपोर्ट सौंप दी जाती है।
जनसंपर्क विभाग के छायाचित्र प्रदर्शनी का उद्योग मंत्री सहित अन्य अतिथियों ने किया अवलोकन
कोरबा । मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के कुशल नेतृत्व में प्रदेश सरकार के एक वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में जनादेश परब के अवसर पर जनसंपर्क कार्यालय द्वारा कलेक्ट्रेट परिसर में जिले के विकास कार्यों, उपलब्धियों एवं नवाचारों पर आधारित छायाचित्र प्रदर्शनी लगाई गई। छत्तीसगढ़ शासन के वाणिज्य उद्योग व श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन ने विभाग द्वारा प्रदर्शित फोटो प्रदर्शनी का अवलोकन किया। छायाचित्र प्रदर्शनी के माध्यम से केन्द्र व राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित हितग्राहियों के जीवन मे हुए सकारात्मक बदलाव सहित जिले के अनेक विकास कार्यों, उपलब्धियों, नवाचार के संबंध में छायाचित्र के माध्यम से प्रस्तुत की गई।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष शिवकला कंवर, नेता प्रतिपक्ष हितानंद अग्रवाल, आयुक्त नगर निगम आशुतोष पाण्डेय, सीईओ जिला पंचायत दिनेश कुमार नाग, एसडीएम सरोज महिलांगे, अपर आयुक्त विनय मिश्रा, डॉ राजीव सिंह, प्रेस क्लब अध्यक्ष राजेन्द्र प्रसाद जायसवाल, जिला जनसंपर्क अधिकारी कमलज्योति, सुरजीत सिंह चौहान, मनोज रजक, रावेन्द्र सिंह, आशुतोष गौरहा, मनीष यादव, नंदकुमार सूर्यवंशी, आर.के.कौशिक सहित अन्य जनप्रतिनिधियों, पत्रकारगण, अधिकारी-कर्मचारियों एवं आम नागरिकों ने भी प्रदर्शनी का अवलोकन किया। सभी अतिथियों ने विभाग द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का सराहना की। शिविर में आए सभी जनप्रतिनिधियों एवं आमजनो को जनमन, उदित छत्तीसगढ़, सुशासन के नवीन आयाम सहित अन्य पत्रिका का वितरण भी किया गया।
चैतराम के कच्चे आवास के संघर्षपूर्ण जीवन को मिला पक्के आवास का सुख
प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना
कोरबा । प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के तहत ऐसे कई परिवारों को अपना पक्का घर मिला है, जो पहले जीवन यापन के लिए अस्थिर और कच्चे मकानों में संघर्ष कर रहे थे। इस योजना ने न केवल आमजनों के आवास संकट को हल किया है, बल्कि इन परिवारों के लिए सामाजिक और आर्थिक विकास के रास्ते भी खोले हैं।
कटघोरा विकासखण्ड के ग्राम कुचैना के रहने वाले चैतराम, जो पहले एक कच्चे घर में अपने परिवार के साथ रहते थे, उनके लिए पक्के घर का सपना हमेशा दूर था। आर्थिक रूप से कमजोर और संसाधनों की कमी के कारण वह और उनका परिवार असुरक्षित और असुविधाजनक स्थितियों में जीवन निर्वाह कर रह रहे थे। प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना से चैतराम के जीवन में एक नई उम्मीद जागी। इस योजना के तहत चैतराम को उनका सपना साकार होने का मौका मिला। योजना के तहत उन्हें पक्के मकान के लिए आवेदन करने का अवसर मिला और कुछ ही समय में उनका नाम आवास के लिए चयनित हो गया। इस योजना ने उन्हें न केवल एक सुरक्षित आवास दिया, बल्कि एक नया जीवन दृष्टिकोण भी प्रदान किया। अपने नए पक्के घर में चैतराम को स्वच्छता, बिजली, पानी और उचित परिवहन जैसी सभी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हैं। जो पहले कच्चे घर में असंभव थीं। इस परिवर्तन ने न केवल उनके रहन-सहन को बेहतर किया, बल्कि उनके बच्चों को एक स्वस्थ और सुरक्षित माहौल भी मिला।
हितग्राही चैतराम ने बताया कि पहले उन्हें हर बारिश में अपने घर की छत से पानी टपकने की चिंता रहती थी और कच्चे घर में रहने से सांप कीटो का भी डर बना रहता था। जिससे वे एक सदैव एक मानसिक तनाव का अनिभव करते थे। अब, पक्के घर में रहने से वह तनाव मुक्त और सुरक्षित महसूस करते हैं। साथ ही उनकी सामाजिक स्थिति में भी सुधार हुआ है। अब वह गर्व से अपने परिवार के साथ पक्के घर में सुखमय जीवन व्यतीत कर रहे हैं, जो उनकी मेहनत और प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना का परिणाम है। चैतराम का कहना है कि प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना ने उनके परिवार को महज एक घर नहीं, बल्कि एक उज्जवल भविष्य की ओर कदम बढ़ाने का अवसर दिया है। अब वह अपने बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए और जीवन के अन्य पहलुओं में प्रगति के लिए अधिक प्रेरित और उत्साहित महसूस करते हैं।
धान उठाव में कोरबा जिला प्रदेश में पहले स्थान पर
अब तक 63 हजार 566 मीट्रिक टन धान की हुई खरीदी’
कोरबा । छत्तीसगढ़ शासन द्वारा खरीफ वर्ष 2024-25 में जिले के 65 धान उपार्जन केन्द्रों में किसानों से धान की खरीदी की जा रही है। शासन द्वारा समर्थन मूल्य पर धान खरीदी होने से किसानों में हर्ष व्याप्त है। धान खरीदी केंद्रों में जिला प्रशासन द्वारा किसानों की उपज खरीदी के लिए ऑनलाइन टोकन वितरण, बारदाने की उपलब्धता, इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीन से तौलाई, शीघ्रता से भुगतान आदि की समुचित व्यवस्था की गई है। जिले में 55 हजार से अधिक किसान धान विक्रय के लिए पंजीकृत है। जिले में अब तक 63 हजार 566 मीट्रिक टन गुणवत्तायुक्त धान पंजीकृत किसानों से खरीदी की गई है। कोरबा जिले में अब तक 62 हजार 429 मीट्रिक टन का डीओ जारी हो चुका है और दस हजार 303 मीट्रिक टन धान का उठाव भी हो चुका है। डीओ जारी करने और धान उठाव के मामले में कोरबा जिला प्रदेश में पहले स्थान पर है। आज मिलर्स के हड़ताल के बाद भी हाथी प्रभावित केन्द्रों से धान उठाव कराया गया है। हड़ताल को ध्यान रखते हुए संग्रहण केन्द्रों की तैयारी शुरू कर दी गई है। सोमवार से संग्रहण हेतु परिवहन शुरू कर दिया जायेगा। किसानों को परेशानी न हो इसके लिये खरीदी केन्द्रों में धान की स्टैकिंग कराकर स्थान बनाया गया है।
जिसमे उपार्जन केंद्र अखरापाली में 12966.40 क्विंटल, उतरदा मे 14184.00 क्विंटल, बोईदा में 7458.80 क्विन्टल, कटघोरा में 10171.20, कनकी में 10945.60, करतला में 18404.40, केरवाद्वारी में 16739.60, कुल्हरिया में 9022.40, कोथारी मे 18714.00, कुदमुरा में 3244.00, कोरकोमा में 7592.00, चचिया 3810.00, कोरबी(पाली) में 18640.40, कोरबी (पोड़ी उपरोड़ा) में 19277.60, चैतमा 14887.20, चिकनीपाली 15607.60, लबेद 12888.40, छुरीकला 9105.20, सुमेधा 4130.40, जटगा 8737.60, तुमान (जटगा)3076.80, जवाली 13187.20, रंजना 5648.80, तुमान 20050.80, तिलकेजा 7629.60, दुरपा 6715.60, नवापारा 18774.40, बेहरचुआं 11432.00, निरधी 19839.60, पठियापाली 7249.20, पसान 7558.40, लैंगा 6944.00, नुनेरा 9006.40, पाली 9950, बकसाही 11607.20, पिपरिया 4000, कर्रानवापारा 2548.80, पोड़ी 11634.40, पोड़ी उपरोड़ा 1990.40, फरसवानी 10506.40, बरपाली(कोरबा) 13366.40, बरपाली(बरपाली) 22481.60, तानाखार 1703.20, बिंझरा 9076.80, कुदरमाल 6183.20, भैंसमा 18086.40, भिलाई बाजार 6292.00, मोरगा 2486.40, मदवानी 4655.20, रामपुर 12728.00, पोटापानी 2348.80, लाफा 5952.80, सपलवा 1308.80, चिर्रा 2664.80, लेमरू 2631.20, श्यांग 12920.80, उमरेली 8070.00, सुखरीकला 5412. 80, सिरमिना 18204.80, दादरखुर्द 7979.20, सोनपुरी 3819.60, कराईनारा 7699.60, सोहागपुर 15778.00, नोनबिर्रा 8841.20, हरदी बाजार में 9018.40 क्विंटल धान खरीदी हुई है। राज्य सरकार द्वारा किसानों से 3100 रूपए प्रति क्विंटल एवं प्रति एकड़ 21 क्विंटल की दर से धान खरीदी की जा रही है। धान विक्रय के 72 घंटे के भीतर किसानों के बैंक खातें में राशि प्राप्त हो रही है। जिससे किसानों में उत्साह व्याप्त है।
डीजल टैंकर से टकराई पिकअप, 1 की मौत, 4 घायल
कोरबा । बिलासपुर-अंबिकापुर मार्ग के मोरगा थाना क्षेत्र में शनिवार सुबह भीषण सड़क हादसा हो गया। तारा घाटी के पास पिकअप और डीजल ट्रक की आमने-सामने हुई टक्कर में पिकअप ड्राइवर की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। हादसे में पिकअप में सवार चार अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि ट्रक ड्राइवर को भी चोटें आई हैं। राहत की बात यह रही कि इस दुर्घटना में गाड़ियों में कोई आग नहीं लगी। टैंक में डीजल होने से बड़ी आगजनी भी होने की संभावना थी, जो टल गई।
घटना की सूचना मिलने के बाद मोरगा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा। इसके साथ ही मर्ग कायम कर मृतक के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया और आगे की कार्रवाई में जुट गई है।
सरकार ने धान विक्रय की प्रक्रिया बनाई है बहुत सरल
कोरबा । जिला के बुंदेली गाँव के किसान सोनाराम की मेहनत ने उसे खुशहाल बना दिया। किसान के परिवार ने इस वर्ष 05 एकड़ कृषि भूमि में मेहनत करके 60 क्विंटल धान का उत्पादन किया है। सोनाराम ने 60 क्विंटल धान बेचा और समर्थन मूल्य 3100 रुपये प्रति क्विंटल पर बेहतर मुनाफा कमाया। पहले जहां किसानों को खरीदी केंद्रों में भारी भीड़ और परेशानियों का सामना करना पड़ता था, वहीं अब सरकार की योजनाओं ने उसे काफी राहत दी है।
किसान सोनाराम ने बताया कि धान उपार्जन केंद्रों पर किसानों के लिए अब पेयजल, छांव और सुलभ शौचालय जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं, जो उनकी मेहनत को और भी आसान बनाती हैं। पहले जहां किसानों को धान बेचने की प्रक्रिया में कई कठिनाइयाँ आती थीं, अब सरकार ने इसे सरल बना दिया है। सोनाराम जैसे किसान अब घर बैठे मोबाइल से एंड्रॉयड ऐप “टोकन तुहर हाथ“ के माध्यम से टोकन प्राप्त कर सकते हैं, जिससे उन्हें केंद्र पर पहुंचने में समय की बचत होती है और प्रक्रिया में कोई कठिनाई नहीं आती।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि धान विक्रय का भुगतान अब किसानों को जल्दी और सही समय पर मिल रहा है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है। सोनाराम और उसके जैसे किसानों के चेहरे खुशी से खिल गए हैं, क्योंकि उन्हें उनका मेहनत का पूरा दाम मिल रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सुशासन में धान के सही दाम सही समय पर मिलने से किसान अब बेहतर भविष्य की ओर आशा से देख रहे हैं।
कोरबा जिला विकास की राह में आगे बढ़ रहा हैः विष्णुदेव साय
प्रदेश मे सांय-सांय विकास हो रहा हैः मुख्यमंत्री
कोरबा । मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सीएसईबी पूर्व फुटबॉल मैदान में आयोजित जनसभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि ऊर्जाजानी के पावन नगरी में 625 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों का भूमिपूजन और शिलान्यास किया गया। यह एक बड़ी राशि है और इस राशि से जिले के विकास का और गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि जिले को डीएमएफ से बड़ी राशि प्राप्त होती है और इस राशि से जिले में शिक्षा, स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के साथ अधोसंरचान्तमक विकास में खर्च किया जा रहा है। उन्होंने इसके लिए जिला प्रशासन को बधाई दी। मुख्यमंत्री ने महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आयोजित मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना से विवाह के बंधन में बंधने वाले 102 नव दांपत्य जोड़ों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि 13 दिसम्बर को हमारी सरकार के कार्यकाल को एक वर्ष पूरे हो जायेंगे। इस अवसर को हम जनादेश परब के रूप में मना रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ’’मोदी की गारंटी’’ पर काम करते हुए शपथ लेने के दूसरे दिन मंत्रिमंडल में निर्णय लिया और प्रधानमंत्री आवास निर्माण की स्वीकृति दी गई। आवास से वंचित हमारे प्रदेश के 18 लाख लोगों को आवास देने के लिए निर्णय लिया। आज भी आवास के हितग्राहियों को गृह प्रवेश कराया गया है। पीएम आवास के हितग्राहियों के पक्के मकान बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसानों से 21 क्विंटल प्रति एकड़ और 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी कर रहे हैं। 13 लाख से अधिक किसानों के दो साल का बकाया धान बोनस राशि 3716 करोड़ का भुगतान भी किया है। आदिवासियों के आमदनी का मुख्य जरिया तेंदूपत्ता की पारिश्रमिक दर 04 हजार से बढ़ाकर 5 हजार 500 रुपये किया है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी सरकार प्रदेश में सुशासन की दिशा में काम कर रही है और इसके लिए हम वचनबद्ध है। सरकार बनने के बाद पीएससी घोटाले की सीबीआई जांच जारी है। जो भी दोषी होंगे, उन्हें बख्शा नहीं जायेगा। हमने प्रदेश में सुशासन देने का काम किया है। उन्होंने कहा कि कोरबा कोयले का भण्डार वाला क्षेत्र है। पहले डीएमएफ में भी गड़बड़ी होती थी। अभी गड़बड़ी करने वाले जेल में हैं। उन्होंने कहा कि सरकार डिजीटल, पारदर्शी व्यवस्था की दिशा में काम कर रही है, इस व्यवस्था से भ्रष्टाचार के लिए कोई जगह नहीं बचेगी। मुझे खुशी है कि डीएमएफ की राशि का सदुपयोग किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री साय ने डीएमएफ से हाईस्कूल के मेघावी छात्रों को प्रशिक्षण के लिए बाहर भेजे जाने, आठवीं तक के स्कूली विद्यार्थियों को सुबह नाश्ता दिए जाने और चिकित्सकों एवं शिक्षकों की व्यवस्था तथा जिले में किए गए नवाचार के लिए जिला प्रशासन के कार्यों की प्रशंसा की। मुख्यमंत्री श्री साय ने जिले के विशेष पिछड़ी जनजाति परिवारों को वन अधिकार पत्र, नगरीय निकाय क्षेत्र पाली के 32 हितग्राहियों को वन अधिकार पत्र दिए जाने की बात कहते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी द्वारा पीवीटीजी क्षेत्रों के विकास के पीएम जनमन योजना शुरू की गई। इस योजना से जिले के पीवीटीजी परिवारों को बिजली, पानी, सड़क सहित अन्य बुनियादी सुविधाएं मिल रही है।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत आदिवासी समुदाय के लोगों के विकास के लिए बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य, शिक्षा और आजीविका में सुधार करने के लिए 80 हजार करोड़ रुपए का बजट रखा है, इस योजना में छत्तीसगढ़ के 6 हजार 500 गांव भी शामिल है और इस क्षेत्र के परिवारों को भी लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदेश में लागू नई उद्योग नीति के विषय में जानकारी देते हुए कहा कि इस नीति से प्रदेश के अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति युवाओं, अग्निवीर की सेवा देने वाले सहित अन्य को लाभ मिलेगा। सिंगल विण्डो सिस्टम से एक जगह से आवेदन करने की सुविधा होगी।
उप मुख्यमंत्री एवं छत्तीसगढ़ शासन में नगरीय विकास विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री अरूण साव ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा आज का दिन ऐतिहासिक दिन है कि इतनी बड़ी 625 करोड़ रूपये की राशि से अधिक की राशि का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया गया है। उन्होंने कहा कि यह श्री विष्णु देव साय की सरकार है। जनता के पैसे का उपयोग जनता के लिये किया जा रहा है। हमारी प्रतिबद्धता जनता एवं विकास कार्यों के प्रति है। प्रदेश में सांय-सांय विकास कार्य हो रहे हैं।
नगर विधायक एवं उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि मोदी की गारंटी के तहत जो घोषणाएं हुई थी उसे अल्प समय में ही पूरा कर लिया गया। महतारी वंदन योजना के माध्यम से महिलाओं की खाते में एक हजार प्रतिमाह डाले जा रहे हैं। 31 सौ रूपये प्रति क्विंटल की दर से धान की खरीदी की जा रही है। प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी की जा रही है। 18 लाख पीएम आवास की स्वीकृति प्रदान कर हितग्राहियों के खाते में आवास निर्माण के लिये पैसे भेजे जा रहे हैं। उन्होंने सरकार के एक साल पूर्ण होने पर कोरबा वासियों को बधाई देते हुए आभार भी प्रकट किया।
कलेक्टर श्री अजीत वसंत ने स्वागत भाषण में जिले में शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन और डीएमएफ की राशि के माध्यम से पारदर्शिता के साथ जिले में कराये जा रहे विकास कार्यों की जानकारी दी। इस दौरान जिले में डीएमएफ से कोरबा जिले में कराए गए विकास कार्यों पर आधारित एक लघु फ़िल्म का प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, विधायक प्रेमचंद पटेल, महापौर राजकिशोर प्रसाद, जिला पंचायत अध्यक्ष शिवकला कंवर, पूर्व मंत्री ननकी राम कंवर आदि जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने हसदेव नदी पर रपटा निर्माण सहित अन्य कार्यों की घोषणा की -
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नगर विधायक और उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन की मांग पर जिले में विभिन्न विकास कार्यों की घोषणा की। उन्होंने सर्वमंगला हसदेव नदी रपटा सहित, पुरानी बस्ती रानी रोड की ओर एप्रोच रोड निर्माण की घोषणा की। उन्होंने कोरबा मुख्यालय में नया सर्किट हाउस निर्माण, झगरहा में माध्यमिक शाला का हाई स्कूल में उन्नयन और कोरबा नगर निगम के विभिन्न वार्डो में विकास कार्यो के लिए 23 करोड़ रुपये प्रदान करने की घोषणा की।
सपलवा के नए विद्यालय भवन का हुआ लोकार्पण
सपलवा सहित आसपास के विद्यार्थियों को सकारात्मक वातावरण में मिलेगा अध्ययन का लाभ
कोरबा । मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज अपने कोरबा प्रवास के दौरान जिले के पाली विकासखण्ड के वनांचल में स्थित सपलवा में नव-निर्मित हाईस्कूल भवन का लोकार्पण किया। उन्होंने क्षेत्रवासियों को विकास कार्य की शुभकामनाएं दी। यह नया हाई स्कूल भवन सपलवा सहित आसपास गांव के विद्यार्थियों की आगे की पढ़ाई के लिए अहम भूमिका निभाएगा। अब यहां के बच्चों को अपनी आगे की शिक्षा के लिए बाहर नही जाना पड़ेगा एवं उन्हें गांव में ही सकारात्मक वातावरण में अध्ययन का लाभ मिलेगा।
सपलवा में हाई स्कूल संचालन की सालों से मांग थी, विगत 2016 में सपलवा के मिडिल स्कूल का हाई स्कूल में उन्नयन हुआ था। तत्पश्चात् नए हाईस्कूल भवन की ग्रामीणों द्वारा मांग की जा रही थी। समय के साथ नए भवन की स्वीकृति मिली एवं निर्माण कार्य प्रारम्भ हुआ एवं 15 नवम्बर 2024 को नया विद्यालय भवन शिक्षा विभाग को सुपुर्द किया गया है। सपलवा का यह नया विद्यालय भवन 62.83 लाख की लागत से निर्मित किया गया है। विद्यालय में 06 अध्ययन कक्ष, 01 बड़ा हॉल, प्राचार्य व स्टाफ कक्ष, प्रयोगशाला, पेयजल शौचालय और खेल मैदान जैसी सुविधाएं हैं, जो विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में सहायक बन रहे हैं। अब नए हाई स्कूल भवन के निर्माण से विद्यार्थियों को एक स्थिर और उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा मिल रही है।
पाली विकासखण्ड के दूरस्थ वनांचल में स्थित सपलवा में नए हाई स्कूल भवन बन जाने से न केवल शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार हुआ है, बल्कि छात्रों को स्कूल जाने के लिए लंबी यात्रा की थकान से भी राहत मिली है। सपलवा के आस-पास कोई हाईस्कूल विद्यालय नहीं होने से आसपास के गांव के छात्र-छात्राओं को आगे की पढ़ाई के लिए गांव से 20 से 25 किलोमीटर की लंबी दूरी तय कर चैतमा, माखनपुर जाना पड़ता था, जिससे उनका समय और ऊर्जा दोनों खर्च होते थे साथ ही अत्याधिक दूरी होने के कारण कई विद्यार्थियों में आगे शिक्षा के प्रति रुचि कम होने लगी थी। विशेषकर बालिकाओं को गांव से बाहर अन्यत्र पढ़ने जाने में बड़ी कठिनाई का सामना करना पड़ता था। इस कारण सपलवा जैसे दूरस्थ इलाके में हाई स्कूल भवन की विशेष आवश्यकता थी। सपलवा हाईस्कूल में क्षेत्र के पहाड़गांव, तेलसरा, उड़ान, बारीउमराव, राहा, रामाकछार जैसे अन्य गांव के बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं। वर्तमान में विद्यालय की कुल दर्ज संख्या 114 है। जिसमे कक्षा 9वीं में 63 व कक्षा 10वीं में 51 छात्र अध्ययन कर रहे है। अब सपलवा के आस पास के बच्चों को अपने गांव के पास ही उच्च शिक्षा प्राप्त हो रही है, जिससे उनकी पढ़ाई में रुझान भी बढ़ा है।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मंशानुरूप जिला प्रशासन द्वारा दूरस्थ क्षेत्रों में शिक्षण सुविधाओं की कमी को दूर करने एवं शैक्षणिक संसाधनों के विकास हेतु सतत प्रयास किया जा रहा है। जिसमें नए विद्यालय भवन निर्माण, पुराने भवनों का जीर्णोद्धार, शैक्षणिक संस्थानों में शिक्षकों की पर्याप्त उपलब्धता एवं आवश्यक संसाधनों की पूर्ति की जा रही है। जिससे छात्रों को एक बेहतर शैक्षिक अनुभव मिले और वे अपनी पूरी लगन से पढ़ाई कर सकें।
दिव्यांग प्रतिभा ने व्हीलचेयर में लिए सात फेरे
अश्विनी साहू ने थामा हाथ
कोरबा । तारीख 12-12-2024 कुछ लोगो के लिए भले ही खास हो न हो पर यह दिन दिव्यांग प्रतिभा के लिए न सिर्फ खास बन गया अपितु समाप्ति की ओर अग्रसर इस साल के खास दिन और तारीख में उसके जिंदगी की नई शुरुआत आज से ही हुई। वर्षो से अपने हाथ पीले होने और माथे पर सिंदूर सजाने की ख्वाहिश पाली प्रतिभा को लगता था कि उसके जैसे दिव्यांग का दामन भला कौन थामेगा! लेकिन कहते है जोड़ियां आसमान पर बनती है लेकिन रिश्ते जमीन पर निभाये जाते हैं.. शायद प्रतिभा की जोड़ी भी इन्हीं कहावतों को सच साबित करती हुई जमी पर नजर आई और उन्होंने अपने जीवनसाथी के साथ विवाह के बंधन में बंधते हुए व्हील चेयर पर सात फेरे लिए।
कोरबा के बालको की रहने वाली प्रतिभा बचपन से ही दिव्यांग है। दोनों पैर से लाचार प्रतिभा को लगता था कि पता नहीं उसके साथ कोई शादी करेगा भी या नहीं! शादी की यह ख्वाहिश एक दिन हकीकत में बदल गई जब चाम्पा निवासी अश्विनी साहू ने प्रतिभा का हाथ जीवन भर थामने का निर्णय लिया। दोनों के घर वालों की सहमति बनी और आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने पर दोनों का विवाह मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना अंतर्गत आज सीएसईबी पूर्व खेल मैदान में आयोजित सामूहिक विवाह समारोह में सम्पन्न हुआ। व्हीलचेयर के सहारे प्रतिभा ने सात फेरे लिए और पति अश्विनी ने उनके माथे पर सिंदूर भरा। दोनों परिवार की सहमति और दूल्हे के रजामंदी के साथ विवाह हुआ। इस दौरान महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों ने विवाह की सम्पूर्ण औपचारिकता निभाई। परिजनों ने मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना से मिले सहयोग की प्रशंसा की और इसे गरीब परिवारों के लिए वरदान बताते हुए कहा कि सामूहिक विवाह का आयोजन होते रहना चाहिए ताकि गरीब परिवारो को आर्थिक बोझ न सहना पड़े। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने भी आज 102 जोड़ो को आशीर्वाद प्रदान कर नव दाम्पत्य जीवन में प्रवेश पर बधाई दी।
तिहारो बाई की पूरी होगी आस, जल्द ही पूरा होगा पक्का आवास
पीएम आवास में नाम आने के बाद शुरू हुआ निर्माण
कोरबा । बेवा तिहारो बाई को लगता था कि वह कभी पक्का आवास नहीं बनवा पायेगी। उन्हें कच्चे मकान में ही जिंदगी गुजारनी होगी। पक्के आवास का सपना देखती आई तिहारो बाई का सपना उस समय हकीकत के रूप में बदलने लगा जब उनका भी नाम पीएम आवास हितग्राहियों की सूची में आया। सूची में नाम आने के बाद तिहारो बाई ने संपर्क किया और अपने संबंध में सभी प्रकार की जानकारी अधिकारियों को दी। आवश्यक दस्तावेज जमा करने के पश्चात आखिरकार तिहारो बाई के खाते में पहली किश्त आई। अब पहली किश्त की राशि के साथ निहारो बाई ने खुशी-खुशी अपने सपनो के मकान का नीव का निर्माण शुरू कर दिया है।
पाली ब्लॉक के ग्रामपंचायत अलगीडाँड़ के नेवारियापारा में रहने वाली बेवा तिहारो बाई ने बताया कि पक्के मकान का सपना किसे नहीं रहता। पति के जीवित रहते भी यह सपना था। लेकिन यह पूरा नहीं हो पाया। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने हम जैसी गरीब महिलाओं को पक्का मकान देने की पहल की है, निश्चित ही इससे हमारा सपना हकीकत में बदल जायेगा। उन्होंने बताया कि वह अपने नाती के साथ रहती है। पक्का मकान बनने के बाद उन्हें अपनी झोपड़ी में परेशानी नहीं सहनी पड़ेगी। उन्होंने बताया कि बारिश के बाद उनका कच्चा मकान कई जगह क्षतिग्रस्त होने लगा है। इसकी मरम्मत कर वह इसमे रह रही है। आने वाले दिनों में आवास का काम पूरा होने के बाद वह बेफिक्र होकर पक्के पीएम आवास में रहेगी। गौरतलब है कि प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सरकार बनते ही 18 लाख पीएम आवास के निर्माण के लिए निर्णय लिया और हितग्राहियों के खाते में राशि जारी कर पारदर्शिता के साथ आवास निर्माण समय पर करने के निर्देश दिए हैं।
महतारी वंदन योजना की राशि से हो जाते हैं जरूरी काम
संतोषी को जरूरत के समय किसी से पैसे मांगने की नहीं पड़ती जरूरत
कोरबा। विकासखण्ड पाली अंतर्गत ग्राम भण्डारखोल की संतोषी बाई को कुछ माह पहले तक अपनी छोटी-छोटी जरूरतों की पूर्ति के लिए कुछ लोगों से पैसे मांगने की आवश्यकता पड़ती थी। कई बार कुछ रूपए के लिए उन्हें लंबा इंतजार भी करना पड़ता था। अब जबकि महतारी वंदन योजना से हर महीने खाते में 01 हजार रूपए समय पर मिल जाते हैं तो संतोषी बाई को किसी के आगे रूपए के लिए हाथ फैलाने जैसी नौबत नहीं आती है। अपने घर के सामने धान को अलग करने में व्यस्त ग्राम भंडार खोल की संतोषी बाई ने बताया कि उम्र के साथ ही उन्हें कुछ भी काम करने में परेशानी है वह किसी तरह छोटे-मोटे घरेलू काम कर लेती है। उन्होंने बताया कि विगत माह महतारी वंदन योजना से प्राप्त राशि का आहरण किया है। इस राशि का उपयोग घर की आवश्यकताओं की पूर्ति में किया है।
उन्होंने बताया कि महतारी वंदन योजना को छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा लागू किए जाने के बाद हम जैसी वृद्ध महिलाओं के लिए यह वरदान साबित हो रही है। हर महीने खाते में 01 हजार की राशि प्राप्त हो जाती है, इससे छोटी-मोटी जरूरतें हम पूरी कर लेते हैं। उन्होंने महतारी वंदन योजना लागू किए जाने से ग्रामीण क्षेत्र की गरीब और जरूरतमंद महिलाओं को बहुत लाभ पहुंचने की बात कही और इस योजना के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय सरकार के प्रति आभार भी प्रकट किया।
आंगनबाड़ी केंद्रों और स्कूल-आश्रमों में मिली धुँए से मुक्ति
लकड़ी की जगह गैस से पकता है नाश्ता और खाना
कोरबा । कुछ माह पहले तक जिले के अन्तिमछोर के ग्राम डोकरमना की प्राथमिक शाला में विद्यार्थियों के लिए खाना पकाने वाली कामता बाई को चूल्हा जलाने के लिए न जाने क्या से क्या मशक्कत नहीं करनी पड़ती थी। पहले सूखी लकड़ियों का इंतजाम फिर उसे फूंक मार-मार कर जलाना और जलते हुए लकड़ी का फिर से बुझ जाने पर छोटे से कमरे में भरे हुए धुँए के बीच आँखों से आसुंओं को बहाते हुए कभी आँसू पोछना तो कभी कड़ाही पर करछुल चलाना पड़ता था। बात यहीं तक ही सीमित नहीं थीं। चूल्हा जले या बुझे..खाना समय पर बनाकर तैयार करना भी जरूरी होता था, क्योंकि स्कूल तो अनुशासन से चलता है। क्लास लगने से लेकर नाश्ते और भोजन का समय भी निर्धारित है। ऐसे में कामता बाई भूल कर भी इधर से उधर नहीं कर सकती थीं, क्योंकि उन्हें तो समय पर खाना बनाना और परोसना भी जरूरी था। ऐसे में किचन में लकड़ी के धुँए से आँखों को जलाते हुए कामता बाई अक्सर खाना बनाती आ रही थीं। उन्हें यह काम मुसीबत भरा तो लगता था, लेकिन उनकी यह मजबूरी भी थी कि ऐसी ही परिस्थितियों में अपना काम करें। यह कहानी सिर्फ रसोइए कामता बाई की ही नहीं थीं बल्कि जिले के सभी स्कूल,आंगनबाड़ी केंद्रों और आश्रमों में खाना पकाने वाले रसोइयों का दुःख-दर्द भी था, जो कि अब बीते दिनों की बात हो गई है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर जिला प्रशासन द्वारा जिले के सभी आंगनबाड़ी, आश्रमों, छात्रावासों और प्राइमरी तथा मिडिल स्कूलों में नाश्ता, भोजन पकाने के लिए चूल्हें में लकड़ी की जगह गैस सिलेंडर की व्यवस्था की गई है। अब गैस से नाश्ता और भोजन पकाए जाने से रसोइयों को लकड़ी का इंतजाम करने, धुँए को सहते हुए आँसू बहाने और आँख जलाने से छुटकारा मिल गई है।
जिले में संचालित सभी प्राथमिक शाला,माध्यमिक शाला,आंगनबाड़ी केंद्र और आश्रम-छात्रावास में बीते माह से गैस सिलेंडर के माध्यम से भोजन पकाने की प्रक्रिया जारी है। जिले में कुल 2598 आंगनबाड़ी केंद्र है,जिसमें 2095 केंद्रों में जलाऊ लकड़ी से चूल्हें जलाकर खाना पकाया जाता था। इसी तरह 189 आश्रम-छात्रावासों और 2030 विद्यालयों में भी गैस की व्यवस्था नहीं थी। यहाँ लड़की जलाकर चूल्हे से खाना बनता था। इस दौरान भोजन पकाने वाली रसोइयों को किचन में धुँए से बहुत परेशानी उठानी पड़ती थी। कई बार जलाऊ लकड़ी उपलब्ध नहीं होने या बारिश के दिनों में लकड़ी गीली होने की वजह से भी खाना समय पर नहीं बन पाता था। लकड़ी भीगी होने से ठीक से जलती भी नहीं थी और किचन का कमरा धुँए से भर जाता था। इससे रसोईये सहित आंगनबाड़ी के बच्चों,स्कूली विद्यार्थियों के सेहत पर भी विपरीत असर पड़ता था। मुख्यमंत्री के दिशा निर्देशन में कलेक्टर ने इस समस्या को दूर करने की दिशा में बड़ा फैसला लेते हुए आंगनबाड़ी केंद्रों, प्राइमरी, मिडिल स्कूलों और आश्रम-छात्रावासों में गैस सिलेंडर कनेक्शन देने की पहल की। उन्होंने नए कनेक्शन और इसके रिफलिंग के लिए डीएमएफ से राशि स्वीकृत की। परिणाम स्वरूप अब भोजन पकाने के लिए जलाऊ लड़की के स्थान पर गैस का इस्तेमाल किया जाने लगा है। इस व्यवस्था से जहाँ लकड़ी की जरूरत नहीं होगी वहीं ईंधन के रूप में गैस का इस्तेमाल होने से धुँए से भी राहत मिलेगी। पोड़ी उपरोड़ा ब्लॉक के सीमावर्ती ग्राम पतुरियाडाँड़ आंगनबाड़ी केंद्र में बच्चों के लिए भोजन पकाने वाली कार्यकर्ता और सहायिका रामबाई, रूप कुंवर ने बताया कि लड़की से चूल्हा जलाने में परेशानी तो है। समय पर बच्चों को भोजन के लिए पहले से ही चूल्हा जलाना जरूरी है। इस बीच धुँए से अलग तकलीफ है। अब गैस से भोजन पकाने में सभी को राहत मिलेगी। जब भोजन पकाना होगा, बस गैस ऑन करना होगा और बर्तन भी काले नहीं होंगे,भोजन भी जल्दी पकेगा। ग्राम मोरगा के जुनापारा आंगनबाड़ी केंद्र की कार्यकर्ता ऊषा जायसवाल ने बताया कि उनके केंद्र में 30 बच्चे हैं। आंगनबाड़ी में गैस मिलने खाना पकाना बहुत आसान हो गया है। यहाँ प्राथमिक शाला में भोजन पकाने वाली संतोषी स्व सहायता समूह की महिलाओं ने बताया कि नाश्ता, भोजन के लिए लकड़ी का इंतजाम करना आसान नहीं है। बहुत कोशिश के बाद लकड़ी जलती है और बीच-बीच में बुझ जाती है,जिससे कमरे में धुँए भर जाते हैं। आसपास बच्चे भी रहते हैं, उन्हें भी बहुत परेशानी उठानी पड़ती है। अब गैस से भोजन पकाने से इन समस्याओं से राहत मिलेगी। पाली विकासखंड के ग्राम निरधी बेलपारा में संचालित प्राथमिक शाला में जागृति स्व सहायता समूह की राजकुमारी कश्यप ने बताया कि लकड़ी से चूल्हा जलाना जद्दोजहद से कम नहीं है। गैस की व्यवस्था होने से अब बस समय पर सब्जी साफ करना,काटना पड़ता है। गैस से खाना झटपट बन जाता है। कमरे में धुँए भी नहीं भरते और आँख से आँसू भी नहीं बहता।