छत्तीसगढ़ / कोरबा
आरबीसी 6-4 के प्रकरणों को समय सीमा में निराकरण करने ऑनलाइन पोर्टल तैयार
पोर्टल में विभिन्न चरणों मे आवेदनों के निराकरण हेतु टाइम लाइन किया गया है निर्धारित
कोरबा। कलेक्टर अजीत वसंत के मार्गदर्शन में जिले में प्राकृतिक आपदा से हुए जनहानि के मामले में प्रभावितों को शीघ्रता से राहत पहुंचाने के लिए जिले के एनआईसी विभाग द्वारा ऑनलाइन पोर्टल तैयार किया गया है। साथ ही विभिन्न चरणों में आवेदनों के निराकरण हेतु टाइम लाइन निर्धारित की गई है। पोर्टल के माध्यम से जिले में आरबीसी 6-4 के प्रकरण के निराकरण में तेजी आएगी एवं इसका लाभ प्रभावित परिजनों को मिलेगा। पोर्टल में नए आवेदन के दर्ज होने के अधिकतम 2 माह के अंदर आवेदन का पूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा। साथ ही प्रकरण के चरणों मे लंबित स्थिति की जानकारी भी प्रदर्शित होगी जिसका उच्च अधिकारी द्वारा मॉनिटरिंग किया जाएगा। जिससे अधिकारी द्वारा प्रकरण का समय सीमा में निराकरण किया जाएगा।
कलेक्टर अजीत वसंत ने कहा कि प्राकृतिक आपदा से होने वाले आकस्मिक मृत्यु से पीड़ित परिवारों को जल्द से जल्द राहत दिलाने के लिए पोर्टल तैयार किया गया है । जिले में आगामी माह से पोर्टल के माध्यम से ही आरबीसी 6-4 प्रकरणो का निराकरण होगा। इस हेतु सभी राजस्व अधिकारी पोर्टल के उपयोग के सम्बंध में आवश्यक जानकारी प्राप्त कर लें एवं अपने कार्यालय में कर्मचारियों को भी पोर्टल उपयोग की जानकारी प्रदान करें। जिससे उन्हें पोर्टल के
उपयोग में किसी प्रकार को परेशानी नहीं हो। कलेक्टर ने पोर्टल के सफल क्रियान्वयन हेतु सभी अधिकारियों को विभागीय समन्वय से कार्य करने के निर्देश दिए। जिससे समय पर आवश्यक सभी दस्तावेज उपलब्ध हो सके। जनपद से मृत्यु प्रमाण पत्र, स्वास्थ्य विभाग से पोस्टमार्टम रिपोर्ट, पुलिस विभाग से अंतिम जांच रिपोर्ट समय पर उपलब्ध हो एवं आवेदन के निराकरण निर्धारित टाइम लाइन में हो सके। कलेक्टर ने सभी तहसील कार्यालयों में आरबीसी 6-4 के आफलाइन दर्ज सभी प्रकरणो को पोर्टल में एंट्री सुनिश्चित करने निर्देशित किया। साथ ही एसडीएम को पोर्टल में दर्ज आवेदनों की सतत मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए।
आरबीसी 6-4 के तहत परिजनों को मिलने वाली राशि के लिए उन्हें अनावश्यक परेशान नही होना पड़ेगा एवं कार्यालयों के चक्कर भी लगाने नही पड़ेंगे। ग्राम स्तर पर पटवारी द्वारा पोर्टल में आवेदन दर्ज किया जाएगा। पोर्टल में आवेदन की प्रक्रिया बहुत ही सरल है, जहां किसी व्यक्ति के मृत्यु होने के पश्चात सम्बंधित ग्राम के पटवारी द्वारा 7 दिवस के अंदर नया आवेदन दर्ज किया जाएगा। आवेदन के दर्ज होने के साथ ही प्रकरण तहसीलदार के सेक्शन में प्रदर्शित होगी। अधिकतम 10-15 दिवस में तहसीलदार को प्रकरण का निराकरण कर आगे एसडीएम स्तर पर निराकरण के लिए ऑनलाइन प्रेषित किया जाएगा। इसी प्रकार एसडीएम सेक्शन से आवेदन अपर कलेक्टर के सेक्शन में प्रेषित होगा। इस प्रकार आवेदनों का निराकरण में लगने वाले समय मे निश्चित ही कमी आएगी जिसका लाभ प्रभावितों के परिवार वालो को मिलेगा।
नशेड़ी ने किशोर के पेट पर घोंपा चाकू
कोरबा। नशे में एक युवक ने अपने रिश्तेदार के घर पहुंचे किशोर पर चाकू से हमला कर दिया। मामले में पुलिस ने हत्या के प्रयास का केस दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
बालकोनगर थाना अंतर्गत आजाद नगर निवासी संजय यादव (34) के घर रविवार शाम 7.30 बजे उसका 15 वर्षीय मौसेरा भाई पहुंचा था। इस दौरान संजय के घर के पास वार्ड के तेलगू मोहल्ले का क्रिस्टल निकलसन (29) नशे में लोगों से गाली-गलौज कर रहा था।
उसने किशोर पर एकाएक अपने पास रखे चाकू से हमला कर दिया। घटना में किशोर घायल हो गया। घटना की सूचना मिलते ही बालको पुलिस मौके पर पहुंची।
टैंकर से डीजल की अवैध सप्लाई
कोरबा। कुसमुण्डा पुलिस ने अवैध डीजल पर कार्यवाही की है। एसपी सिद्धार्थ तिवारी द्वारा क्षेत्र में हो रहे अवैध डीजल चोरी के विरुद्ध सख्त कार्यवाही के संबंध में दिये गये ।
निर्देशों के परिपालन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यू.बी.एस चौहान व नगर पुलिस अधीक्षक विमल कुमार पाठक के मार्गदर्शन पर रात्रि गश्त पेट्रोलिंग के दौरान जरिये मुखबीर सूचना मिला कि टेंकर क्र. सीजी 14 एमपी 7478 में अवैध डीजल लेकर बल्गी मोड़ तरफ से आ रहा है।
जिस सूचना मिलने पर तत्काल सूचना तस्दीक हेतु बल्गी मोड़ जाकर उक्त वाहन टेंकर क्र. सीजी 14 एमपी 7478 को रुकवाने पर चालक द्वारा वाहन को रोककर के पश्चात् अंधेरे का फायदा उठाकर भाग गया।
टेंकर को चेक करने पर लगभग 800 लीटर डीजल भरा होना पाया गया जो अपराध से संबधित होने के संदेह पर धारा 102 जा.फौ. के तहत जप्त कर कब्जा पुलिस लिया है।
जो इश्तगासा क्रमांक 09/2024 धारा 106 बीएनएसएस कायम कर जांच विवेचना में लिया गया।
उपरोक्त कार्यवाही में निरीक्षक रुपक शर्मा, प्रधान आरक्षक 327 झाडू राम साहू, आरक्षक 507 अमर दिवाकर, आरक्षक 249 कैलाश कंवर व सैनिक 145 मिथलेश कुमार की भूमिका रही।
आपस में भिड़े ASI: एक का टूटा हाथ, दूसरे का दांत, दोनों लाइन अटैच...
कोरबा। कोरबा जिले में दो एएसआई के बीच जमकर मारपीट का मामला सामने आया है। बीती रात कोतवाली में ही पदस्थ एएसआई अजय सिंह ठाकुर और अश्वनी वर्मा के बीच मारपीट हुई। इस बीच अन्य अधिकारी और कर्मचारियों ने बीच बचाव किया।
जमकर हुई मारपीट में एक एएसआई का दांत और दूसरे का हाथ टूट गया है। वहीं इस मामले में एसपी सिद्धार्थ तिवारी ने कार्यवाही करते हुए दोनों को लाइन अटैच कर दिया है।
कोतवाली में भिड़े दो एएसआइ ने एक- दूसरे पर जमकर बरसाए बेल्ट-मुक्के
कोरबा। आम लोगों की सुरक्षा की जवाबदारी पुलिसकर्मियों की होती है। आपस में विवाद हो जाए तो पुलिस को सूचना दी जाती है। लेकिन कोरबा में पुलिस के दो सहायक उपनिरीक्षक (एएसआइ) आपस में भिड़ गए और बेल्ट से एक दूसरे की जम कर पिटाई कर दिए। इस घटना में एक अधिकारी के हाथ में गंभीर चोटें आई है। वहीं दूसरे के दांत में चोट लगी है। पुलिस अधीक्षक ने दोनों को लाइन अटैच कर दिया है।
यह घटना कोतवाली में बुधवार को शाम सात बजे हुई। बताया जा रहा है कि यहां पदस्थ एएसआइ अजय सिंह ठाकुर व एएसआइ अश्वनी वर्मा के बीच वर्चस्व को लेकर लंबे समय से मनमुटाव चल रहा था। गांजा जब्ती के एक पुराने प्रकरण में अजय ने सीतामणी निवासी एक व्यक्ति को पूछताछ के लिए थाना में बुलाया था। उसे देखते ही अश्वनी भड़क उठा और थाना में ही उसे कहने लगा कि मैने मना किया था, इसके बाद भी तूम यहां आ गए। इस पर अजय ने आपत्ति की और दोनों के बीच कहा सुनी शुरू हो गई।
बात इतनी बढ़ गई कि एक- दूसरे को बेल्ट से पीटने लगे। इस बीच वहां मौजूद आरक्षक नितेश मिश्रा भी अश्वनी का पक्ष लेते हुए विवाद में कूद पड़ा। थाना में मौजूद अन्य पुलिस कर्मियों की समझाइश के बाद भी तीनों आपस में काफी देर तक मारपीट करते रहे।
जानकारी मिलने पर कोरबा सीएसपी भूषण एक्का मौके पर पहुंचे और तीनों पुलिस कर्मियों को जमकर फटकार लगाई। मामले की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी को इस घटना से अवगत कराया। एसपी से निर्देशन पर थाना में हंगामा करने वाले तीनों पुलिस कर्मियों का जिला अस्पताल में रात को ही मुलाहजा कराया गया।
साथ ही तत्काल प्रभाव से दोनों एएसआइ को पुलिस लाइन हाजिर कर दिया गया है। नितेश पहले से ही पुलिस लाइन में पदस्थ रहते हुए कोर्ट मुहर्रिर की ड्यूटी कर रहा। इस घटना की प्राथमिक जांच के लिए रक्षित निरीक्षक अनथ राम पैंकरा को सौंपा गया है। तीन दिन के अंदर रिपोर्ट मांगी गई है। माना जा रहा है कि दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ एफआइआर की कार्रवाई भी की जा सकती है। अनुशासन के लिए पुलिस विभाग को आदर्श माना जाता है, ऐसे में इस घटना से पुलिस विभाग की छवि धूमिल हुई है।
लगातार बिगड़ती जा रही कोतवाली की व्यवस्था
इस बात से व्यापारी नाराज थे। चक्काजाम करने के बाद पुलिस ने बदमाश को गिरफ्तार किया। जिम्मेदार अफसरों की लुंजपूंज रवैय्या की वजह से अब कोतवाली की व्यवस्था ही पूरी तरह चरमरा गई है।
स्ताचल के सूर्य को अर्घ्य देने कोरबा के छठ घाटों में उमड़ा आस्था का रेला
कोरबा। सूर्योपासना छठ पर्व को लेकर जिले भर में उल्लास का वातावरण बना हुआ है। चार दिन तक चलने वाले पूजन अनुष्ठान के प्रमुख क्षण में श्रद्धालुओं ने गुरूवार को नदी सरोवर के घाटों में अस्त होते सूर्य को अर्घ्य देकर छठ मईया से सुख समृद्धि की कामना की। आराधना के इस पावन अवसर पर शहर भर के छठघाट मांगलिक गीतों गुंजते रहे। पर्व के अंतिम दिन शुक्रवार की सुबह व्रती श्रद्धालु उदय होते सूर्य को अर्घ्य देंगे।
कार्तिक शुक्ल षष्ठी के अवसर पर छठघाटों में आस्था और श्रद्धा का उल्लास रहा। श्रद्धालुओं ने छठ मईया की विधि विधान से पूजन कर अस्त होते हुए सूर्य को अर्घ्य देते हुए परिवार के मंगल की आराधना की। घाटों में श्रद्धालुओं का आगमन शाम चार बजे से ही शुरू हो गया था। पूजा के लिए उपयुक्त सामानों को सूपा, टोकरी व अन्य पात्रों में भरकर नदी घाट की ओर श्रद्धालुओं को जाते हुए देखा गया। शाम होते ही अस्ताचल के सूर्य को अर्घ्य देने के लिए परिवार सहित श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। इस दौरान कोशी भरकर छठघाट में पारंपरिक विधि विधान से छठ मइया की पूजा की गई। पूजा के उपरांत शाम को अस्ताचल पर जाते हुए सूर्य देवता को अर्घ्य देने श्रद्धालु घाट से नदी में उतर पड़े। चार दिन तक चलने वाले पर्व के तीसरे दिन उल्लास अपने शीर्ष पर रहा। प्रवाहित जल में पारंपरिक पूजा अनुष्ठान का दृश्य देखते ही बन रहा था। शहर के मुख्य छठ घाट बेलगरी नाला, मानिकपुर सरोवर, सर्वमंगला पुल, तुलसीनगर छठ घाट, पुरानी बस्ती नदी घाट, मुड़ापार शारदा विहार स्थित तालाब, शिव मंदिर छठ घाट में श्रद्धालुओं की खासी भीड़ उमड़ी रही। मनोकामना लेकर व्रत करने वाले कई श्रद्धालुओं को कर नापते हुए छठ घाट आते देखा गया। पर्व के दौरान आतिशबाजी व बैंडबाजा की धुन में श्रद्धालु छठ घाट तक पूजन सामग्रियों को लेकर पहुंच रहे थे। आतिशबाजी का क्रम घाटों में पूजा व अर्ध्य के दौरान जारी रहा। पारंपरिक वेशभूषा में श्रृंगार किए व्रती महिलाओं का समूह छठ मईया को प्रसन्न करने के लिए मांगलिक गीतों का गान कर रही थीं। शहरी क्षेत्र के अलावा उपनगरीय क्षेत्र दीपका, कुसमुंडा, गेवरा, बालको, जमनीपाली, दर्री, कटघोरा, बांकीमोंगरा आदि स्थानों में भी छठपर्व में सूर्य भगवान की पूजा आराधना की गई।
तब सौ रुपए भी नहीं जोड़ पाती थीं मेंघनीबाई, अब एक हजार पाकर खुश है....
90 साल की मेंघई बाई के लिए महतारी वंदन की राशि है बहुत काम की
कोरबा। वैसे तो 90 साल की मेंघई बाई रोज सुबह उठ जाती है...आज भी वह रोज की भांति सुबह से उठ गई थीं.. कुछ माह पहले अपने खेत के मेढ़ पर उन्होंने जो तिल के पौधे लगाए थे...वह बड़ा होकर तोड़ने लायक हो गया था,सो उन्होंने तय किया कि आज उन पौधों को काटकर उसमे से सारा तिल इकट्ठा कर लिया जाए..।
सारे पौधे घर लाने के साथ ही घर की डेहरी पर कुछ घण्टो बाद पौधों के तने से वह तिल के एक-एक फलों को अलग कर रही थी...इस बीच बातों की शुरुआत होते ही वह बताती है कि तिल के अनगिनत फलों को इकट्ठा कर बहुत मुश्किल से कुछ किलो ही बीज निकाल पाती हैं.. यह बीज घर में ही लड्डू बनाकर खाने के लिए काम आता है.. इसे बेचने पर कुछ रुपए जरूर मिल जाते..लेकिन अब खाते में एक हजार रुपए हर महीने मिल जाते हैं, इसलिए इसे बेचने की जरूरत नहीं पड़ेगी...यह एक हजार उनके बहुत काम आती है...एक समय था जब वह सौ रूपए भी नहीं जोड़ पाती थीं।
करतला विकासखण्ड के अंतर्गत ग्राम कोथारी की रहने वाली नब्बे वर्षीय वृद्धा मेंघनी बाई ने बताया कि उन्होंने बीते दौर में पैसों की अहमियत को भलीभांति समझा है। पैसे, आने, रूपए यह सभी जल्दी से किसी के हाथ में नहीं होते थे। कुछ पैसा जोड़ने के लिए भारी-भरकम मेहनत करनी पड़ती थी। वृद्धा मेंघनी बाई ने बताया कि घर पर वह अपनी दिव्यांग बेटी के साथ निवास करती है और महतारी वदंन योजना से जो एक हजार की राशि मिलती है, उससे ही घर की कई जरूरी सामग्री खरीदती है। अपने जीवन में कई वसंत देख चुकी मेंघनी बाई ने बताया कि वह जैसे-तैसे चल-फिर लेती है। उनके नाम पर राशनकार्ड बना है और इससे खाद्यान्न मिल जाता है। इस उम्र में कुछ काम नहीं कर सकती, ऐसे में एक हजार रूपए हर माह मिलने से उसके लिए यह राशि बहुत काम आती है। उन्होंने छत्तीसगढ़ सरकार द्वाराहर महीने एक हजार रूपए महिलाओं को दिए जाने पर कहा कि यह राशि हम वृद्ध महिलाओं के लिए एक बड़ी राहत की तरह होती है।
भू- विस्थापितों ने बंद कराया सराईपाली खदान, आश्वासन पर हुआ खत्म
कोरबा। एसईसीएल कोरबा क्षेत्र अंतर्गत सराईपाली परियोजना में मध्य प्रदेश पुनर्वास निति के तहत अर्जन की प्रक्रिया पूरी की गई थी और उसी नीति के आधार पर हर खातेदार को एक रोजगार दिया जाना था। किंतु प्रशासन की मदद से एसईसीएल ने कोल इंडिया पालिसी के अनुसार रोजगार प्रदान किया जिससे छोटे खातेदारों को रोजगार से वंचित होना पड़ा। भू-विस्थापित परिवार को जमीन के बदले मात्र 1.24 लाख रुपये प्रति एकड़ की दर से मुआवजा दिया गया और अब बसाहट के एवज में तीन लाख रुपये दिया जा रहा है।
पिछले दो साल से आंदोलन कर रहे
सभी नियम हर खदान में लागू किया जाए
बोर्ड में प्रस्तुत कर लिया जाएगा अनुमोदन,खदान बंद कराने पर प्रबंधन ने वार्ता की पहल की।
धान का बढ़ा समर्थन मूल्य तो अरहर व चना घटा रकबा, दहल और तिलहन की उपज में तीस प्रतिशत की आई कमी इसकी भरपाई करने की तैयारी
कोरबा। धान का समर्थन मूल्य बढ़ने से खरीफ में दहल और तिलहन की उपज में 30 प्रतिशत की कमी आई है। इसे भरपाई करने के लिए जिला कृषि विभाग ने बीते वर्ष की तुलना में इस बार दोनों ही फसल के रकबा में भी बढोतरी की है। बीते साल 6,690 हेक्टयर में अरहर, तिवरा, और मूंग लगाई गई थी। इस साल 7,823 हेक्टेयर में बोआई का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
लक्ष्य के विरुद्ध 3267 हेक्टेयर में बोआई भी जा चुकी है। 100 से भी अधिक ग्राम पंचायतों में अमृत सरोवर निर्माण से सिंचित रकबा में वृद्धि हुई है।सिंचित जगहों को चिन्हांकित कर दलहन की खेती के लिए किसानों को प्रेरित किया जा रहा है। खास बात यह है कि इस वर्षा अधिक होने से फसल पकने के बाद भी खेतों में नमी बरकरार है। दलहन प्रजाति में तिवरा की बोआई किसानों ने बढ़चढ़ कर की है।
जिला कृषि विभाग की ओर से निशुल्क बीज प्रदान किए जाने रकबा में 932 हेक्टेयर रकबा में वृद्धि हुई है। अनुमान लगाया जा रहा है कि अनाज के बजाए दलहन फसल का उत्पादन रबी में बढ़ेगा। ठंड बढ़ने के साथ गेहूं की बोआई की जाती हैं। खेतोें में धान की फसल पूरी तरह से तैयार नहीं होने से कटाई रफ्तार नहीं पकड़ी है। पखवाड़े भर के भीतर धान कटाई पूरी हो जाएगी इसके बाद ही गेहूं की बोआई में तेजी आएगी। अभी तक 52 हेक्टयर में बोआई की जा चुकी है। मक्का बोआई के लिए इस बार 2,170 हेक्टयर रकबा तय किया गया है।
367 एकड़ रकबा में होगी मसूर की प्रदर्शन
दलहन खेती में किसानों की स्थिति मजबूत करने के लिए उन्हे मसूर खेती से जोड़ा जा रहा। जिले में 367 एकड़ भूमि में प्रदर्शन खेती की जाएगी। इतनी ही संख्या में चयनित किसानों को निश्शुल्क बीज प्रदान किया जाएगा। नवंबर माह से शुरू होने वाली खेती के लिए किसानों का चिन्हांकन होगा। कृषि भूमि में सिंचाई और फेंसिंग की सुविधा के आधार पर किसानों का चयन किया जा रहा है।
पौष्टिकता को मिलता है बढ़ावा
दलहन और तिलहन की बोआई से पौष्टिकता के विकल्प खुलते हैं। ग्रीष्म धान की तुलना में इसकी कीमत अधिक मिलती है। कृषि विज्ञान की दृष्टि से इन फसलों के उत्पादन से शरीर को प्रोटीन व विटामिन की आपूर्ति तो होती ही है, साथ खेतों में फसल चक्र परिवर्तन से यानी धान के बदले दलहन तैयार करने से बेहतर उपज मिलता है।
ग्रीष्म धान का रकबा किया शून्य
किसानों को कम पानी में अच्छी फसल को प्रेरित करने के लिये जिला कृषि विभाग ने इस बार भी रबी में धान के रकबा को शून्य कर दिया है। मक्का की बोआई के लिए जिले में इस बार 2170 हेक्टेयर रकबा निर्धारित किया गया है वहीं गेहूं के लिए 1940 हेक्टेयर रकबा निर्धारित है। निर्धारित रकबा के अनुसार खाद व बीज उपलब्ध कराई जा रही है। बीते वर्ष की तुलना में दोनों ही फसल के रकबा को 500-500 हेक्टेयर बढ़ाया गया है।
आधा दर्जन बदमाशों ने किया फैक्ट्री में हमला, तोड़फोड़- आगजनी
कोरबा। पोड़ी बहार में रहने वाले प्रफुल्ल गुप्ता कूलर व आलमारी की फैक्ट्री का संचालन करते हैं। सोमवार की रात को करीब 11 बजे वे फैक्ट्री से पास में ही स्थित निवास में चले गए।
फैक्ट्री में अनीश सिंह बाल्मिकी मौजूद था। वह मालवाहक वाहन भी चलाता है। प्रफुल्ल के पास रात करीब एक बजे कर्मचारी ने मोबाइल पर सूचना दी कि कुछ लोग बलपूर्वक फैक्ट्री का मेन दरवाजा तोड़ कर अंदर घुस आए हैं और तोड़ फोड़ कर सामानों को क्षतिग्रस्त कर रहे हैं। यह सुन प्रफुल्ल तत्काल घर से निकल कर फैक्ट्री पहुंचे। इस बीच उन्होंने देखा कि कुछ अज्ञात लोग फैक्ट्री के पास से एक कार में सवार होकर तेज रफ्तार में भाग रहे हैं।
फैक्ट्री पहुंचने पर संचालक ने देखा कि कूलर और कुछ अन्य फर्नीचर में आग भी बदमाशों ने लगा दिया था। किसी तरह आग को बुझा कर और अधिक हानि होने से बचाने का प्रयास कर्मचारी व कुछ अन्य लोगों के सहयोग से किया। इस घटना की सूचना पर मंगलवार को सिविल लाइन रामपुर थाना से पुलिस के अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। भागने से पहले बदमाश फैक्ट्री में लगे सीसीटीवी कैमरा भी तोड़ दिए। अज्ञात आरोपितों के खिलाफ पुलिस ने आगजनी व तोड़फोड का अपराध दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
बार- बार पूछते रहे तुम अभी वाहन चलाकर आए हो ना
कर्मचारी अनीश सिंह ने पुलिस को बताया है कि हमलावर उसकी पिटाई करने जैसे आगे बढ़े, वह एक कमरे में खुद को सुरक्षित बंद कर लिया। दरवाजा तोड़ने का भी प्रयास हमलावरों ने किया, पर वे असफल रहे। उसके बाद तोड़फोड कर फैक्ट्री में नुकसान पहुंचाना शुरू कर दिया। आरोपित बार- बार पूछ रहे थे कि यह मालवाहक वाहन तुम चलाते है, अभी तुम सामान लेकर आए हो। अनीश का कहना है कि वह रात 10 बजे आखिरी बार सामान की आपूर्ति कर वाहन लेकर फैक्ट्री पहुंचा था, पर इस बात पर हमलावर विश्वास नहीं किए।
सीसीटीवी में नजर आ रहे करीब सात संदिग्ध
पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी का फुटेज खंगाला तो कार में पहुंचे हमलावर नजर आए। इसके माध्यम से आरोपितों तक पहुंचने का प्रयास पुलिस कर रही है। कार में पांच लोग पहुंचे थे, जबकि एक स्कूटी में कुछ लोग घटनास्थल पर नजर आए। संचालक प्रफुल्ल ने बताया कि करीब दो लाख से अधिक का नुकसान तोडफोड़ व आगजनी की वजह से हुआ है। हमलावरों में एक महिला के शामिल होने की आशंका संचालक ने जताई है। उनका कहना है कि कर्मचारी जब मोबाइल पर उनसे बात कर रहा था, तब महिला की आवाज आ रही थी।
ट्रेलर की चपेट में आने से युवा कलाकर की मौत
कोरबा। कोरबा जिले के उरगा थाना क्षेत्र में तेज रफ्तार ट्रेलर वाहन ने सड़क किनारे खड़े युवक को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। वहीं ट्रेलर का ड्राइवर मौके से फरार हो गया। युवक को अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। बताया जा रहा है कि गेवरा बस्ती नराईबोध से माजदा वाहन में सवार होकर 12 लोग भौसमा गांव में होने वाली डांस प्रतियोगिता में शामिल होने जा रहे थे। इस दौरान 20 वर्षीय धीरज पटेल की तबीयत खराब हो गई।
वह उल्टी करने लगा। माजदा वाहन के चालक ने सड़क किनारे वाहन खड़ा किया। युवक सड़क किनारे खड़ा होकर उल्टी कर रहा था, इस दौरान पीछे से आ रही ट्रेलर ने युवक को टक्कर मार दी। बताया जा रहा है कि ओवरटेक के चक्कर में यह हादसा हुआ है।
मृतक धीरज पटेल के बड़े पिताजी अश्वनी पटेल ने बताया कि धीरज को बचपन से ही डांस का शौक था गांव में ही रहने वाले युवकों ने एक डांस ग्रुप बनाया गया था। मृतक 12वीं का छात्र था।फिलहाल घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और फरार ड्राइवर की तलाश में जुटी है।
रेलवे लाइन निर्माण के दौरान मजदूर की मौत
कोरबा। जिले के गेवरा में रेलवे लाइन निर्माण के दौरान एक और दर्दनाक हादसा हो गया, जिसमें मिट्टी धसकने से एक मजदूर की मौत हो गई और दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया. इस हादसे ने कार्य के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
फिलहाल सूचना पर पर पहुंची पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। जानकारी के मुताबिक, त्रिवेणी कंस्ट्रक्शन कंपनी के दो ठेका मजदूर, विशाल नायक (26 वर्ष) निवासी-झारखंड, और दशरथ नायक (30 वर्ष), निवासी-झारखंड, गेवरा में एबी कोल स्टॉक के पास रेलवे साइडिंग गेवरा में ड्रेनेज का काम कर रहे थे।
इसी दौरान अचानक मिट्टी धसकने से दोनों मलबे में दब गए. घटना के बाद दोनों को रेस्क्यू कर बाहर निकाला गया और तुरंत गेवरा के विभागीय हॉस्पिटल (NCH) ले जाया गया, जहां डॉक्टर्स ने विशाल नायक को मृत घोषित कर दिया। वहीं दूसरे घायल मजदूर का उपचार किया गया। फिलहाल घायल मजदूर की हालत स्थिर है।
सभी अधिकारी-कर्मचारी जनता के सेवक, जनता के हित में काम करना हमारा कर्तव्य : कलेक्टर
कोथारी में जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर का किया गया आयोजन
कोरबा। शासन की योजनाओं का आमजनों को लाभ पहुंचाने के लिए तथा योजनाओं की जानकारी देते हुए शिकायतों का निराकरण आज करतला विकासखण्ड के ग्राम पंचायत कोथारी में जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में कलेक्टर अजीत वसंत, पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी सहित सभी अधिकारियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हुए ग्रामीणों को योजनाओं की जानकारी प्रदान की। इस दौरान ग्रामीणों से आवेदन भी प्राप्त किए गए। शिविर में प्राप्त मांग संबंधी आवेदनों का परीक्षण कर समस्या का निराकरण के निर्देश दिए गए। कुल 268 आवेदन प्राप्त हुए, जिसमें से 82 आवेदन का शिविर स्थल पर निराकरण कर दिया गया। कलेक्टर ने ग्रामीणों को जागरूक करते हुए कहा कि कुछ दिनों पहले ही पीएम आवास के हितग्राहियों को प्रथम किश्त की राशि जारी हुई है, आप सभी उस राशि का सदुपयोग करें एवं शीघ्रता से अपना आवास पूर्ण कराए। आवास निर्माण या किसी भी शासकीय कार्य के लिए किसी शासकीय अशासकीय व्यक्ति द्वारा पैसे की मांग करने पर उसकी शिकायत पुलिस या जिला प्रशासन को करें, उस पर तत्काल कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने सभी शासकीय अधिकारी एवं कर्मचारियों को जनता का सेवक बताते हुए कहा कि जनहित का कार्य करना सभी अधिकारी-कर्मचारियों का कर्तव्य है। कलेक्टर ने वन-टू-वन चर्चा कर ग्रामीणों की समस्याओं को सुना और संबंधित अधिकारियों को निराकरण के निर्देश दिए।
कलेक्टर श्री वसंत ने शिविर में प्राप्त आवेदन के संबंध में कहा कि जो भी मांग आई है उसका परीक्षण कराकर निराकरण किया जाएगा। शिकायत संबंधी आवेदन की जांच कराकर समय सीमा में निराकृत किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों में डीएमएफ अंतर्गत पूर्ण हो चुके कार्यों के भुगतान के संबंध में जनपद सीईओ को डिमाण्ड के लिए निर्देशित किया गया है। पूर्ण कार्यों का शीघ्र ही भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने अन्य कार्यों के संबंध में शासन से आबंटन आने पर भुगतान की कार्यवाही की बात कही। कलेक्टर ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर कोरबा जिले के सभी जर्जर आंगनबाड़ी एवं स्कूल भवन के बदले भवन स्वीकृत किए गए हैं। 04 नवंबर से करतला विकासखण्ड सहित अन्य क्षेत्रों में भी विद्यार्थियों को सुबह का नाश्ता प्रदान किया जाएगा और डीएमएफ से स्कूल तथा आंगनबाड़ी में भोजन पकाने के लिए गैस की व्यवस्था की जा रही है। गैस उपलब्ध होने पर आंगनबाड़ी तथा स्कूलों में भोजन पकाने के दौरान लकड़ी का उपयोग नहीं होगा और रसोईयों को धुंए से मुक्ति मिलेगी।
पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी ने शिविर में आए आमजनो से ऑनलाइन ठगी, इनाम, लॉटरी जीतने के नाम पर होने वाले साइबर क्राइम से भी सावधान रहने एवं किसी भी अंजान व्यक्ति को ओटीपी, पासवर्ड, पिन नंबर नहीं देने के लिए कहा। श्री तिवारी ने कहा कि कोरबा पुलिस आपकी सहायता के लिए है। आम नागरिक अपनी समस्याओं के समाधान के लिए बेझिझक नजदीकी थानों एवं एसपी कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं। उन्होंने लोगों यातायात नियमों का पालन करने दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट अनिवार्य रूप से पहनने का आग्रह किया।
शिविर में उपस्थित ग्रामीणों को जनपद अध्यक्ष सुनीता कंवर एवं गांव की सरपंच ने भी संबोधित किया और कहा कि यह खुशी की बात है कि कोथारी में शिविर लगाकर समस्याओं का निराकरण किया जा रहा है। शिविर में एसडीएम सरोज महिलांगे सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।
नन्हे शिशुओं को कराया गया अन्नप्राशन एवं बच्चों को दी गई सुपोषण टोकरी -
महिला एवं बाल विकास द्वारा शिविर में विभागीय योजनाओं के तहत 05 नन्हें शिशुओं का अन्नप्राशन कराया गया। जिसके अंतर्गत स्वाति, आर्यन, रोनित, जियांशी, खुशीका शामिल है। इसी प्रकार 04 बच्चे अलीशा, ध्रुवेश, आशीष, नित्या को सुपोषण टोकरी भी अतिथियों द्वारा प्रदान किया गया।
शासकीय योजनाओं पर आधारित जनमन पत्रिका का किया गया वितरण -
शिविर में जनसंपर्क विभाग द्वारा ग्रामीणों को शासन की योजनाओं की जानकारी प्रदान कर शासकीय योजनाओं का लाभ लेने हेतु प्रेरित किया गया साथ ही शासकीय योजनाओं के संबंधित जनमन पत्रिका का वितरण भी किया गया।
मोटर पंप पाकर हितग्राही सुरेश, जगतराम और जगेश्वर के चेहरे में छाई खुशी
जनसमस्या निवारण शिविर किसान के लिए हुआ लाभदायक
कोरबा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर सभी जिलों में जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया जा रहा है। शिविर में विभागीय योजनाओं की जानकारी के साथ ही विभाग की योजनाओं से ग्रामीणों को लाभान्वित किया जा रहा है। इसी कड़ी में कोरबा जिले में शिविर लगाए जा रहे हैं और योजना से ग्रामीणों को लाभ पहुंचाया जा रहा है। आज करतला विकासखण्ड के ग्राम कोथारी में जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें ग्रामीणों को विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित किया गया।
शिविर में कृषि विभाग द्वारा किसानों को शाकाम्भरी योजना अंतर्गत सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने हेतु ग्राम सुखरीखुर्द के किसान सुरेश कुमार, साजापानी के किसान जगत राम एवं रीवापार के किसान जगेश्वर को 15 हजार से अधिक की लागत का 1.5 एचपी का विद्युतकृत मोटर पंप प्रदान किया गया। जिसमे किसान का अंशदान 7000 रुपये है एवं शेष राशि का सब्सिडी प्रदान किया जाएगा। मोटर पंप पाकर किसानों के चेहरे पर खुशी की लहर दौड़ गई। उन्होंने कहा कि सिंचाई सुविधा मिलने से उनके कृषि कार्य मे सहायता मिलेगी। उत्पादन में बढ़ोत्तरी होगी साथ ही फसलों की सिंचाई के लिए परेशानी नहीं होगी। उन्होंने बताया कि उनके परिवार का जीविकोपार्जन कृषि पर ही आश्रित है। फसलों के अच्छे उत्पादन के लिए अच्छी सिंचाई की समय समय पर आवश्यकता होती है। इस हेतु यह मोटर पंप उनके उपज बढ़ाने में बहुत मददगार साबित होगा। साथ ही धान की फसल के बाद रवि फसल गेंहू चने की खेती एवं साग सब्जी उत्पादन में भी सहायक होगा। इससे उनकी परिवारिक आय में बढ़ोत्तरी होगी।
इसी प्रकार सबमिशन योजना के तहत परदेशी राम, ललित कुमार, लीलाधर व शंकर लाल को कृषि सहायक उपकरण हैंड हो प्रदान किया गया। राजस्व विभाग द्वारा सलिहा भांठा के किसान श्री राम प्रसाद श्रीवास व श्री रामचन्द्र श्रीवास को किसान किताब प्रदान किया गया। मत्स्य विभाग द्वारा जय मां संतोषी मेला स्वसहायता समूह ग्राम बीरतराई को तालाब में मछली पालन के लिए आइस बॉक्स एवं जाल वितरण किया गया।
मछली बेचने के व्यवसाय से जुड़े सभी लोगों को कराना होगा एनएफडीपी पोर्टल पर पंजीयन
कोरबा। केन्द्र शासन द्वारा प्रधानमंत्री मत्स्य किसान समृद्धि राह योजना के तहत विभिन्न घटकों का लाभ प्राप्त करने के लिए एन.एफ.डी.पी. पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य किया गया है। एन.एफ.डी.पी. पंजीयन का मुख्य उद्देश्य सभी मत्स्य पालक /मत्स्य पालन समूहों एवं मत्स्य समितियों के लिए कार्य आधारित पहचान के डेटाबेस निर्माण के माध्यम से भारतीय मत्स्य पालन को औपचारिक रूप देना है। भविष्य में प्रधानमंत्री मत्स्य किसान समृद्धि सह योजना के तहत् मत्स्य पालन अंतर्गत संचालित समस्त योजनाओं के लाभ प्राप्त करने हेतु एन.एफ. डी. पी. पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य होगा। उक्त कार्य अंतर्गत मछली पालन/मत्स्याखेट एवं मछली बेचने के व्यवसाय से जुड़े सभी लोगों का पंजीयन कॉमन सर्विस सेन्टर (च्वाईस सेन्टर) के माध्यम से किया जाना है। यदि परिवार के सभी सदस्य मछली पालन कार्य में संलग्न है तो सभी का पंजीयन व्यक्तिगत रूप से किया जावेगा। पंजीयन के पश्चात मत्स्य विभाग से सत्यापन पश्चात उनके बैंक खाते में 80/- रुपये शासन की ओर से प्राप्त होंगे तथा कॉमन सर्विस सेंटर (च्वाईस सेंटर) को प्राप्त होगा। पंजीयन हेतु मत्स्य कृषकों उनके प्रत्येक एन्ट्री पर 18/- रुपये कमीशन के रूप को अपना आधार कार्ड, बैंक पासबुक, तथा आधार लिंक मोबाइल नंबर के साथ कॉमन सर्विस सेंटर (च्वाईस सेंटर) में एंट्री कार्य कराया जाना है। पंजीयन हेतु आधार लिंक मोबाइल नंबर पर प्राप्त ओ.टी.पी. अनिवार्य होगा। पंजीयन पश्चात प्रारंभ में अस्थायी प्रमाण पत्र प्राप्त होगा तथा कृषकों का मत्स्य विभाग सत्यापन पश्चात स्थायी प्रमाण पत्र जारी किया जावेगा। कोरबा जिले में पंजीयन का कार्य प्रारंभ हो चुका है तथा कॉमन सर्विस सेंटर (च्वाईस सेंटर) द्वारा 151 मत्स्य कृषकों का पंजीयन किया जा चुका है। कोरबा जिले के सहायक संचालक मछली पालन द्वारा सभी मत्स्य कृषकों को अधिक से अधिक पंजीयन कराने की अपील की गई है। अधिक जानकारी के लिए 9424221201 में संपर्क किया जा सकता है।
एनआरएलएम के कैडर और ग्रामीणों को दी गई निःशुल्क प्रशिक्षण की जानकारी
कोरबा। जिला कौशल विकास प्राधिकरण जिला कोरबा द्वारा आयोजित कौशल पखवाड़ा के तहत जनपद पंचायत पोड़ी उपरोड़ा के क्लस्टर भवन में राष्ट्रीय आजीविका मिशन के कैडर, दीदी पीआरपी और ग्रामीणों को जिले में संचालित विभिन्न कौशल योजनाओं के निःशुल्क आवासीय प्रशिक्षण के विषय में जानकारी दी गई। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना एवं मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के अंतर्गत संचालित लाईवलीहुड कॉलेज,आई.टी.आई. परिसर, कोरबा में विभिन्न कौशल योजनाओं का निःशुल्क आवासीय प्रशिक्षण संचालित किया जा रहा है। प्रशिक्षण के संबंध में जानकारी दी गई. इस दौरान सीईओ जनपद पंचायत पोड़ी उपरोड़ा लाईवलीहुड कॉलेज के प्राचार्य, बीपीएम, एनआरएलएम और अनिल एबीपीफ उपस्थित थे।
आवास मेले में उपमुख्यमंत्री ने 404 हितग्राहियों को बांटे वनाधिकार पत्र
67 पहाड़ी कोरवाओं और 36 बिरहोरों सहित 303 अनुसूचित जनजाति परिवार को दिया गया वनाधिकार पत्र
कोरबा। टीपी नगर के राजीव गांधी आडिटोरियम में आयोजित प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) अंतर्गत आवास मेला समारोह में कल मुख्य अतिथि प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री अरूण साव, प्रदेश के उद्योग, वाणिज्य व श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन, विधायक कटघोरा प्रेमचंद पटेल, कलेक्टर अजीत वसंत एवं प्रभारी जिला पंचायत सीईओ प्रतिष्ठा ममगाई की उपस्थिति में हितग्राहियों को वनाधिकार पत्र का वितरण किया गया। जिसमें विशेष पिछड़ी जनजाति समुदाय अंतर्गत पहाड़ी कोरवा को 67, बिरहोर को 36 तथा अनुसूचित जनजाति के 303 हितग्राहियों सहित कुल 404 हितग्राहियों को वनाधिकार पत्र का वितरण किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि श्री साव ने कहा कि वनांचल क्षेत्रों में कई दशकों से जीवन यापन कर रहे परिवारों को वनाधिकार पत्र प्राप्त होने पर उन्हें बेदखली के भय से मुक्ति मिलेगी।
उल्लेखनीय है कि जिला प्रशासन के निर्देशन में कोरबा जिले के विशेष पिछड़ी जनजाति बाहुल्य वाले इलाकों में प्रधानमंत्री जनमन अंतर्गत शिविर लगाए गए। शिविर के माध्यम से पहाड़ी कोरवाओं तथा बिरहोर जनजाति समाज के लोगों को जागरूक करने के साथ ही शासन की योजनाओं का लाभ उठाने प्रेरित किया गया। शिविर के माध्यम से पीवीटीजी के पात्र हितग्राहियों का वनाधिकार पत्र, आयुष्मान कार्ड, आधार कार्ड, राशन कार्ड, बैंक खाता खोलने एवं प्रधानमंत्री आवास के लिए आवेदन प्राप्त कर लाभान्वित किया जा रहा है। कोरबा जिले में मुख्यमंत्री के निर्देश पर विशेष पिछड़ी जनजाति समुदाय के परिवारों, अनुसूचित जनजाति सहित अन्य हितग्राहियों को वनाधिकार अधिनियम 2006 यथा संशोधित नियम 2012 अंतर्गत वनाधिकार पत्र वितरित किए जा रहे हैं। जिले में 56,711 वनाधिकार पत्रों का वितरण किया गया है।