छत्तीसगढ़ / रायपुर
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राज्यपाल श्री रमेन डेका से की सौजन्य भेंट
असम के बाढ़ पीड़ितों की सहायता के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने दिए 5 करोड़ रुपये
मुख्यमंत्री ने सहायता राशि का चेक राज्यपाल श्री रमेन डेका को सौंपा
रायपुर, 15 अगस्त 2026
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लोकभवन पहुंचकर राज्यपाल श्री रमेन डेका से सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री श्री साय ने राज्यपाल को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। राज्यपाल श्री डेका ने भी मुख्यमंत्री को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए प्रदेश की सुख-समृद्धि और निरंतर प्रगति की कामना की।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने असम में आई भीषण बाढ़ से प्रभावित लोगों की सहायता के लिए छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से 5 करोड़ रुपये की सहायता राशि का चेक राज्यपाल श्री रमेन डेका को सौंपा। यह सहायता राशि असम के बाढ़ प्रभावित परिवारों के राहत एवं पुनर्वास कार्यों में सहयोग के लिए प्रदान की गई है। उल्लेखनीय है कि राज्यपाल श्री रमेन डेका 16 अगस्त को असम के दौरे पर रहेंगे।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने असम में बाढ़ से हुई जन-धन की क्षति पर संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि प्राकृतिक आपदा की इस कठिन घड़ी में छत्तीसगढ़ की जनता असम के भाई-बहनों के साथ मजबूती से खड़ी है।
इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह और विधायक श्री पुरंदर मिश्रा उपस्थित थे।
स्वतंत्रता दिवस पर लोकभवन में आयोजित हुआ ‘स्वागत समारोह’
रायपुर, 15 अगस्त 2026




स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आज शाम लोकभवन में स्वागत समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों की हस्तियां शामिल हुईं। राज्यपाल श्री रमेन डेका ने सभी को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दी। राज्यपाल श्री डेका को मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर प्रथम महिला श्रीमती रानी डेका काकोटी उपस्थित थीं।
समारोह में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के मंत्री श्री टंकराम वर्मा, अनुसूचित जाति विकास मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब, सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, महासमुंद सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी, महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल श्री रमेश बैस, विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, श्री सुनील सोनी, श्री अनुज शर्मा, छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष श्री शशांक शर्मा, राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ ममता साहू, जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे। समारोह में पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित श्री भारतीबंधु, डॉ. राधेश्याम बारले, सुश्री उषा बारले एवं अन्य उपस्थित थे। स्वागत समारोह में शहीदों के परिजन, वीरता पुरस्कार से सम्मानित पुलिस के अधिकारी, विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली हस्तियां, ब्रम्हकुमारी बहनें मौजूद थीं। समारोह में देशभक्ति पूर्ण सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए।
समारोह में मुख्य सचिव श्री विकास शील, पुलिस महानिदेशक श्री अरूण देव गौतम, अपर मुख्य सचिव श्री सुब्रत साहू, श्री मनोज पिंगुआ, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, प्रमुख सचिव श्री सोनमणी बोरा राज्यपाल के सचिव डॉ. सी. आर. प्रसन्ना, पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला, रायपुर कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह, संचालक आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण श्रीमती हिना अनिमेष नेताम, राज्यपाल के विधिक सलाहकार श्रीमती सत्यभामा अजय दुबे, सहित वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी, सेना के वरिष्ठ अधिकारीगण, विश्वविद्यालयों के कुलपति, प्रेस-मीडिया कर्मी एवं अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने स्वर्गीय श्री कुशाभाऊ ठाकरे की जयंती पर उन्हें किया नमन
राष्ट्रसेवा, संगठन निर्माण और जनकल्याण के प्रति समर्पित रहा कुशाभाऊ ठाकरे जी का संपूर्ण जीवन - मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय
सादगी, अनुशासन और कार्यकर्ताओं के प्रति आत्मीयता ने उन्हें बनाया सार्वजनिक जीवन का आदर्श : मुख्यमंत्री श्री साय
रायपुर, 15 अगस्त 2026

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में स्वर्गीय श्री कुशाभाऊ ठाकरे की जयंती पर उनके छायाचित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धापूर्वक नमन किया। मुख्यमंत्री ने श्री ठाकरे के व्यक्तित्व एवं कृतित्व का स्मरण करते हुए राष्ट्र और समाज के प्रति उनके योगदान को याद किया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि स्वर्गीय श्री कुशाभाऊ ठाकरे का संपूर्ण जीवन राष्ट्रसेवा, संगठन निर्माण और जनकल्याण के लिए समर्पित रहा। सादगी, अनुशासन, निष्ठा और सेवाभाव उनके व्यक्तित्व की विशिष्ट पहचान थी। उन्होंने अपने आचरण और कार्यशैली से सार्वजनिक जीवन में उच्च आदर्श स्थापित किए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने संगठन को मजबूत बनाने के साथ ही समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचकर उसकी सेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। यही कारण है कि आज भी उनका जीवन और विचार सार्वजनिक जीवन में कार्य करने वाले लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री कुशाभाऊ ठाकरे की जयंती हमें उनके आदर्शों और जीवन मूल्यों से प्रेरणा लेने का अवसर देती है। राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए जनकल्याण के लिए समर्पित भाव से कार्य करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने स्वर्गीय श्री कुशाभाऊ ठाकरे को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए प्रदेशवासियों से उनके सेवा, समर्पण और राष्ट्रनिष्ठा के आदर्शों को आत्मसात कर विकसित एवं समृद्ध भारत के निर्माण में अपना योगदान देने का आह्वान किया।
स्वतंत्रता दिवस समारोह: शालेय विद्यार्थियों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां
सांस्कृतिक प्रतिस्पर्धा में सरगुजा संभाग प्रथम और दुर्ग संभाग के विद्यार्थी द्वितीय स्थान पर रहे
रायपुर, 15 अगस्त 2026



राजधानी रायपुर के पुलिस परेड ग्राउण्ड, पर आयोजित राज्य स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह में लगभग साढ़े 800 स्कूली विद्यार्थियों ने छत्तीसगढ़ की लोककला और संस्कृति से ओत-प्रोत प्रस्तुतियां दी। इन प्रस्तुतियों के बीच हुई स्पर्धा में छत्तीसगढ़ उत्तर क्षेत्र सरगुजा संभाग के स्कूली विद्यार्थियों को पहला, छत्तीसगढ़ पश्चिम क्षेत्र दुर्ग संभाग के विद्यार्थियों को दूसरा और मध्य क्षेत्र रायपुर संभाग को तीसरा स्थान मिला। मुख्यमंत्री ने शील्ड-मेडल देकर सभी विजेताओं को सम्मानित किया।
छत्तीसगढ़ उत्तर क्षेत्र सरगुजा संभाग के 286 स्कूली छात्र-छात्राओं द्वारा वंदे मातरम, जय हिंद हम सबका अभिमान... जैसे रिमिक्स गीत पर देश भक्तिपूर्ण प्रस्तुति दी। इस नृत्य एवं गीत के माध्यम से छात्र-छात्राओं ने वंदे मातरम के 150 वर्षों की तपस्या और मातृभूमि के अनंत प्रेम की कहानी को प्रदर्शित किया, साथ ही युवा शक्ति से लेस होकर नई ऊंचाईयों को छूते भारत को भी आकर्षक अंदाज में प्रस्तुति के माध्यम से दिखाया।
पश्चिम क्षेत्र दुर्ग संभाग के 277 विद्यार्थियों ने सजता, संवरता, निखरता ये देश... गीत पर मनमोहक नृत्य प्रस्तुत किया। इस नृत्य एवं गीत के माध्यम से अनेक अवसरों पर होने वाले नृत्यों की भी सुन्दर छाप दर्शकों के बीच पेश की। स्कूल के बच्चों ने इस प्रस्तुति के माध्यम से अपने भावों को अपने कदमों की लय और ऊर्जा में पिरो कर राष्ट्र प्रेम की अटूट झलक भी प्रस्तुत की।
मध्य क्षेत्र रायपुर संभाग के 280 बच्चों द्वारा संकल्प बोल के हम तो निकल पड़े...फ्यूजन गीत पर मनोरम प्रस्तुति दी गई। इस नृत्य एवं गीत के माध्यम से छात्र-छात्राओं ने सैनिकों के शौर्य, उनके त्याग और बलिदान की गाथा को जीवंत किया।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के करकमलों से उत्कृष्ट सेवा के लिए सम्मानित हुए पुलिस एवं नगर सेना के अधिकारी-कर्मचारी
पदक व राज्य स्तरीय पुरस्कारों से हुए अलंकृत
धमतरी के एएसआई रामावतार सिंह राजपूत को राष्ट्रपति विशिष्ट सेवा पदक
आईजी श्री रामगोपाल सहित 10 अधिकारियों को भारतीय पुलिस पदक
रायपुर, 15 अगस्त 2026



स्वतंत्रता दिवस के 80वें पावन अवसर पर आज राजधानी रायपुर स्थित पुलिस परेड ग्राउंड में आयोजित गरिमामय राज्य स्तरीय मुख्य समारोह में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के करकमलों से छत्तीसगढ़ पुलिस एवं नगर सेना के अधिकारियों तथा जवानों को उनकी कर्तव्यनिष्ठा, असाधारण कार्यकुशलता और विशिष्ट सेवाओं के लिए प्रतिष्ठित पदकों तथा राज्य स्तरीय पुरस्कारों से अलंकृत किया गया।
समारोह में रक्षित केन्द्र धमतरी के सहायक उप निरीक्षक श्री रामावतार सिंह राजपूत को उनकी 36 वर्षों से अधिक की निष्ठावान सेवा और आधारभूत प्रशिक्षण में उत्कृष्ट योगदान हेतु देश के सर्वाेच्च ’राष्ट्रपति के विशिष्ट सेवा पदक-2026’ से सम्मानित किया गया।
सराहनीय सेवाओं, अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था एवं आधुनिक नवाचारों के लिए भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारियों सहित कुल 10 पुलिसकर्मियों को ’सराहनीय सेवा हेतु भारतीय पुलिस पदक-2026’ प्रदान किया गया। इस पदक से अलंकृत होने वालों में पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर रेंज श्री रामगोपाल (भा.पु.से.), वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रायगढ़ श्री शशिमोहन सिंह (भा.पु.से.), पुलिस अधीक्षक एटीएस नवा रायपुर श्रीमती राजश्री मिश्रा (भा.पु.से.), पुलिस अधीक्षक रायपुर ग्रामीण श्रीमती श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा (भा.पु.से.), सेनानी 7वीं वाहिनी छ.स.बल भिलाई श्रीमती निवेदिता पॉल, सेनानी 20वीं वाहिनी छ.स.बल महासमुंद श्रीमती मनीषा ठाकुर रावटे, पुलिस उपायुक्त रायपुर श्री तारकेश्वर पटेल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विशेष आसूचना शाखा नवा रायपुर सुश्री उनैजा खातून अंसारी, सहायक सेनानी प्रथम वाहिनी छ.स.बल भिलाई श्री जयलाल मरकाम तथा प्लाटून कमाण्डर 20वीं वाहिनी छ.स.बल महासमुंद श्री हजारी लाल साहू शामिल हैं।
आपदा प्रबंधन, राहत कार्यों और जनसेवा में अद्वितीय भूमिका निभाने के लिए नगर सेना राजनांदगांव के नायक श्री उत्तम कुमार साहू को शिवनाथ नदी में बाढ़ बचाव कार्य तथा नगर सेना रायपुर के लांस नायक श्री जोगेश्वर कुमार धीवर को उत्कृष्ट गोताखोरी व प्रशिक्षण कार्यों के लिए ’गृह रक्षक तथा नागरिक सुरक्षा सराहनीय सेवा पदक-2026’ प्रदान किया गया।
कमजोर वर्गों, अनुसूचित जाति-जनजाति तथा महिला एवं बाल सुरक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिस अधिकारियों को वर्ष 2025 के राज्य स्तरीय एवं पुलिस महानिदेशक पुरस्कारों से नवाजा गया। इसके तहत जांजगीर-चांपा के सहायक उप निरीक्षक श्री रामेश्वर प्रसाद यादव को ’गुरु घासीदास पुरस्कार’ (50 हजार रुपये नकद व बिलासपुर रेंज को रनिंग शील्ड) प्रदान किया गया। कमजोर वर्गों एवं महिला-बाल संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए रायपुर की निरीक्षक श्रीमती अर्चना धुरंधर को ’राज्यपाल पुरस्कार’ एवं ’रानी सुबरन कुंवर पुरस्कार’ (प्रत्येक में 50 हजार रुपये नकद व रायपुर रेंज को रनिंग शील्ड) से अलंकृत किया गया। गरियाबंद की अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) सुश्री निशा सिन्हा को पीडि़तों को त्वरित न्याय दिलाने हेतु ’मुख्यमंत्री पुरस्कार’ (50 हजार रुपये नकद व रायपुर रेंज को रनिंग शील्ड), अजाक थाना बिलासपुर के निरीक्षक श्री उत्तम साहू को उत्कृष्ट थाना संचालन हेतु ’शहीद वीरनारायण सिंह पुरस्कार’ (50 हजार रुपये नकद व बिलासपुर रेंज को रनिंग शील्ड) तथा उप पुलिस अधीक्षक (अजाक) बिलासपुर श्री डी.आर. टंडन को ’पुलिस महानिदेशक पुरस्कार’ (25 हजार रुपये नकद एवं प्रशंसा पत्र) से सम्मानित किया गया।
समारोह में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक श्री विवेकानंद (भा.पु.से.) के संपूर्ण प्रभार तथा नगर पुलिस अधीक्षक दर्री (कोरबा) श्री विमल कुमार पाठक (भा.पु.से.) के नेतृत्व में भव्य परेड का आयोजन किया गया। परेड में केंद्रीय अर्धसैनिक बलों, छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल, जिला पुलिस बल, जेल पुलिस, नगर सेना, एन.सी.सी. तथा विशेष शाखाओं की टुकडि़यों ने अनुशासित एवं आकर्षक मार्च पास्ट प्रस्तुत किया।
अटल जी के संकल्प और दूरदर्शी नेतृत्व ने छत्तीसगढ़ को दी नई पहचान, सुशासन और अंत्योदय की राह पर आगे बढ़ रहा प्रदेश : मुख्यमंत्री श्री साय
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने भारत रत्न श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर किया नमन
रायपुर, 16 अगस्त 2026

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न श्रद्धेय स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास परिसर में उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धापूर्वक नमन किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने अटल जी के विराट व्यक्तित्व, राष्ट्रसेवा और छत्तीसगढ़ निर्माण में उनके ऐतिहासिक योगदान का स्मरण किया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल के अध्यक्ष श्री अनुराग सिंहदेव भी उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि श्रद्धेय अटल जी छत्तीसगढ़ के निर्माता और प्रदेशवासियों की भावनाओं को सम्मान देने वाले महान राष्ट्रनायक थे। छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण उनके दूरदर्शी नेतृत्व, दृढ़ संकल्प और संवेदनशील सोच का परिणाम है। उन्होंने इस अंचल की भौगोलिक विशिष्टताओं, विकास की आवश्यकताओं और पृथक राज्य की वर्षों पुरानी जनआकांक्षा को समझा तथा प्रधानमंत्री के रूप में उसे साकार किया। छत्तीसगढ़ को पृथक राज्य के रूप में पहचान दिलाने वाला उनका यह ऐतिहासिक निर्णय प्रदेश के इतिहास में सदैव स्वर्णाक्षरों में अंकित रहेगा।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अटल जी का छत्तीसगढ़ से रिश्ता केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि गहरा आत्मीय और भावनात्मक था। छत्तीसगढ़ और यहां के लोगों के प्रति उनके मन में विशेष स्नेह था। श्री साय ने अटल जी के साथ अपनी स्मृतियों को साझा करते हुए कहा कि उन्हें स्वयं भी श्रद्धेय अटल जी का स्नेह, आशीर्वाद और मार्गदर्शन प्राप्त करने का सौभाग्य मिला। उनके साथ जुड़ी अनेक आत्मीय स्मृतियां आज भी मन में जीवंत हैं। अटल जी का स्नेह और उनका मार्गदर्शन उनके जीवन की अमूल्य स्मृतियों में है, जो उन्हें जनसेवा के पथ पर निरंतर प्रेरित करता है।
’राजनीति में संवेदनशीलता, संवाद और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रतीक थे अटल जी’
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि श्रद्धेय अटल जी का व्यक्तित्व बहुआयामी था। संवेदनशील कवि, प्रखर पत्रकार, ओजस्वी वक्ता और दूरदर्शी राजनेता के रूप में उन्होंने भारतीय जनमानस पर अमिट छाप छोड़ी। वे ऐसे सर्वस्वीकार्य राजनेता थे, जिन्हें दलगत सीमाओं से ऊपर उठकर सभी वर्गों का सम्मान और स्नेह प्राप्त हुआ। वैचारिक दृढ़ता के साथ विनम्रता, संवेदनशीलता और संवाद उनके सार्वजनिक जीवन की विशेषता थी।राष्ट्रहित उनके लिए सदैव सर्वाेपरि रहा और मां भारती की सेवा उनके जीवन का सर्वाेच्च ध्येय थी।
’गांव, गरीब, किसान और जनजातीय समाज के उत्थान को बनाया विकास का आधार’
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अटल जी ने सुशासन और अंत्योदय को शासन का आधार बनाकर विकास की ऐसी विरासत स्थापित की, जो आज भी देश को दिशा दे रही है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के माध्यम से गांवों को सड़कों से जोड़ने की ऐतिहासिक पहल ने ग्रामीण भारत के सामाजिक और आर्थिक विकास को नई गति दी। किसानों के कल्याण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती के लिए उनके द्वारा उठाए गए कदमों का दूरगामी प्रभाव पड़ा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय समाज के सर्वांगीण विकास को राष्ट्रीय प्राथमिकता देते हुए अटल जी के कार्यकाल में पृथक जनजातीय कार्य मंत्रालय का गठन किया गया। यह निर्णय जनजातीय समुदायों के विकास, अधिकारों और आकांक्षाओं के प्रति उनकी संवेदनशीलता का परिचायक था। उन्होंने विकास की मुख्यधारा को गांव, गरीब, किसान, जनजातीय समाज और वंचित वर्गों तक पहुंचाने के लिए अनेक दूरदर्शी पहल कीं।
’अटल जी के सुशासन और अंत्योदय के मार्ग पर आगे बढ़ रहा छत्तीसगढ़’
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अटल जी ने जिस छत्तीसगढ़ की आधारशिला रखी, उसे समृद्ध, विकसित और आत्मनिर्भर बनाना हम सभी का दायित्व है। उनकी सरकार अटल जी के सुशासन, अंत्योदय और जनकल्याण के मूल्यों को आत्मसात करते हुए प्रदेश के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ आज विकास और सुशासन के नए अध्याय लिख रहा है। सरकार का प्रत्येक प्रयास गांव, गरीब, किसान, युवा, महिला और जनजातीय समाज के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने तथा विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के संकल्प को साकार करने की दिशा में केंद्रित है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी का जीवन, विचार और आदर्श नेतृत्व सदैव देश और प्रदेश के लिए प्रेरणा का स्रोत बने रहेंगे। छत्तीसगढ़ के निर्माता के रूप में उनका योगदान कभी भुलाया नहीं जा सकता। उनके सपनों के अनुरूप समृद्ध और विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण ही उनके प्रति हमारी सच्ची श्रद्धांजलि है।
जरूरतमंदो की संजीवनी बना छत्तीसगढ़ का समाज कल्याण मॉडल
सामाजिक सुरक्षा से आत्मनिर्भरता की राह पर
- डॉ. दानेश्वरी सम्भाकर (उप संचालक )
रायपुर, 06 अगस्त 2026


भारत जब विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, तब यह स्पष्ट हो चुका है कि वास्तविक विकास वही है जिसमें समाज का कोई भी वर्ग पीछे न छूटे। सामाजिक सुरक्षा, सम्मानजनक जीवन, सुगम अवसर और आत्मनिर्भरताकृये चार स्तंभ किसी भी आधुनिक कल्याणकारी राज्य की पहचान होते हैं। छत्तीसगढ़ ने पिछले ढाई वर्षों में इन्हीं मूल्यों को केंद्र में रखकर समाज कल्याण के क्षेत्र में उल्लेखनीय परिवर्तन प्रस्तुत किया है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के नेतृत्व में राज्य ने दिव्यांगजन, वरिष्ठ नागरिक, विधवा एवं परित्यक्त महिलाओं, उभयलिंगी व्यक्तियों और अन्य जरूरतमंद वर्गों के लिए ऐसी व्यवस्थाएँ विकसित की हैं, जिन्होंने सामाजिक न्याय को प्रशासनिक प्राथमिकता के रूप में स्थापित किया है। दिसंबर 2023 से जून 2026 के बीच की उपलब्धियाँ इस परिवर्तन की सशक्त तस्वीर प्रस्तुत करती हैं।

लाखों परिवारों को पेंशन योजनाओं का लाभ
राज्य की पेंशन योजनाएँ आज लाखों परिवारों के लिए आर्थिक संबल बन चुकी हैं। मुख्यमंत्री पेंशन योजना के लाभार्थियों की संख्या 7.10 लाख से बढ़कर 7.56 लाख हो गई है। वृद्धावस्था, विधवा, दिव्यांगजन, सामाजिक सुरक्षा और सुखद सहारा जैसी योजनाओं को मिलाकर 21.73 लाख से अधिक नागरिक नियमित सहायता प्राप्त कर रहे हैं।
इस व्यवस्था की सबसे बड़ी विशेषता इसका डिजिटल सशक्तीकरण है। लगभग 96 प्रतिशत हितग्राहियों को प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से भुगतान किया जा रहा है और आधार सीडिंग का कार्य भी लगभग पूर्ण हो चुका है। ई-केवाईसी आधारित सत्यापन ने अपात्र प्रविष्टियों को हटाकर व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और विश्वसनीय बनाया है।
यूडीआईडी धारकों की बढ़ी संख्या
छत्तीसगढ़ ने दिव्यांगजन कल्याण को दान या सहायता की दृष्टि से नहीं, बल्कि अधिकार और समान अवसर के दृष्टिकोण से आगे बढ़ाया है। विशिष्ट दिव्यांगता पहचान पत्र (यूडीआईडी) धारकों की संख्या 2.44 लाख से बढ़कर 2.77 लाख हो गई है।
कृत्रिम अंग और सहायक उपकरण योजना में लाभार्थियों की संख्या 1,161 से बढ़कर 17,038 तक पहुँचना राज्य की सक्रिय पहुँच और प्रभावी क्रियान्वयन का प्रमाण है। सामर्थ्य विकास योजना के माध्यम से कौशल, पुनर्वास और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा दिया गया है।
दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति योजनाओं का विस्तार विशेष रूप से उल्लेखनीय है। राज्य छात्रवृत्ति प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों की संख्या लगभग दोगुनी होकर 14 हजार से अधिक हो गई है। इससे स्पष्ट है कि राज्य शिक्षा को दिव्यांगजन सशक्तिकरण का सबसे प्रभावी माध्यम मान रहा है।फिजिकल रिफरल रिहैबिलिटेशन सेंटर, स्पेशल पाली क्लिनिक और विशेष विद्यालयों के विस्तार ने स्वास्थ्य, शिक्षा और पुनर्वास सेवाओं को एकीकृत स्वरूप प्रदान किया है।
वरिष्ठ नागरिकों की सहायता
बढ़ती वृद्धजन आबादी के बीच छत्तीसगढ़ ने वरिष्ठ नागरिकों के लिए संवेदनशील सहायता तंत्र विकसित किया है। वृद्धाश्रमों, आश्रय गृहों और देखरेख संस्थाओं की क्षमता में वृद्धि के साथ-साथ सियान हेल्पलाइन (155326) को प्रभावी सहायता मंच के रूप में विकसित किया गया है।इस हेल्पलाइन पर प्राप्त कॉलों की संख्या 1.14 लाख से बढ़कर 2.87 लाख तक पहुँच गई है। यह केवल आँकड़ा नहीं, बल्कि बुजुर्ग नागरिकों के बढ़ते विश्वास और प्रशासन की सक्रिय पहुँच का संकेत है।
नशामुक्ति से सामाजिक परिवर्तन
समाज कल्याण विभाग ने नशामुक्ति को स्वास्थ्य और सामाजिक पुनर्वास दोनों से जोड़कर देखा है। भारत माता वाहिनी योजना के अंतर्गत संचालित नशामुक्ति केंद्रों की संख्या 11 से बढ़कर 29 हो गई है, जबकि लाभार्थियों की संख्या 1,967 से बढ़कर 5,220 तक पहुँच गई है।
इन केंद्रों में उपचार के साथ परामर्श, पुनर्वास और सामाजिक पुनर्स्थापन की सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे प्रभावित व्यक्तियों को पुनः सम्मानजनक जीवन की मुख्यधारा में लौटने का अवसर मिल रहा है।
दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम और ‘एक्सेसिबल इंडिया अभियान’ की भावना को आगे बढ़ाते हुए राज्य ने “सुगम्य छत्तीसगढ़ अभियान” प्रारंभ किया है। सार्वजनिक भवनों, कार्यालयों, शैक्षणिक संस्थानों और अन्य सरकारी परिसरों को दिव्यांग-अनुकूल बनाने की दिशा में व्यवस्थित कार्य किया जा रहा है।यह पहल केवल रैंप या भौतिक सुविधाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि शासन सेवाओं को सभी नागरिकों के लिए सुलभ बनाने की व्यापक सोच का हिस्सा है। दिव्यांगजनों के अधिकारों की प्रभावी निगरानी के लिए “आयुक्त राज्य” के नवीन पद की स्वीकृति इस दिशा में दूरदर्शी प्रशासनिक पहल मानी जा रही है।
संस्थागत विकास और वित्तीय प्रतिबद्धता
कल्याणकारी योजनाओं की स्थिर सफलता के लिए मजबूत संस्थागत ढाँचा आवश्यक होता है। इसी उद्देश्य से राज्य सरकार ने विशेष विद्यालय, माना कैंप रायपुर के भवन निर्माण, दृष्टि एवं श्रवण बाधित विद्यालयों के उन्नयन, फिजिकल रिहैबिलिटेशन सेंटर के विस्तार, दिव्यांगजन वित्त विकास निगम के माध्यम से ऋण वितरण तथा नशामुक्ति केंद्रों के सुदृढ़ीकरण के लिए महत्वपूर्ण निवेश किए हैं।
वित्तीय वर्ष 2023-24 में समाज कल्याण विभाग का बजट 1,512 करोड़ रुपये था, जिसे बढ़ाकर वर्ष 2025-26 में 1,600 करोड़ रुपये प्रस्तावित किया गया है। यह वृद्धि दर्शाती है कि राज्य सरकार सामाजिक कल्याण को व्यय नहीं, बल्कि मानव पूंजी और सामाजिक स्थिरता में दीर्घकालिक निवेश के रूप में देख रही है।
डिजिटल प्रशासन का सुगम मॉडल
छत्तीसगढ़ मॉडल की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि यहाँ डिजिटल प्रशासन और मानवीय संवेदनशीलता एक-दूसरे के पूरक के रूप में कार्य कर रहे हैं। डीबीटी, आधार सीडिंग, ई-केवाईसी, डिजिटल डेटा प्रबंधन और हेल्पलाइन आधारित सहायता प्रणाली ने योजनाओं की दक्षता बढ़ाई है।साथ ही पुनर्वास, परामर्श, आश्रय, सामुदायिक सहयोग और व्यक्तिगत सहायता जैसी सेवाओं को समान महत्व देकर यह सुनिश्चित किया गया है कि तकनीक मानव केंद्रित शासन का माध्यम बने, उसका विकल्प नहीं।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ ने यह प्रमाणित किया है कि प्रभावी समाज कल्याण केवल योजनाओं की घोषणा से नहीं, बल्कि संवेदनशील नीति, पारदर्शी क्रियान्वयन और सतत संस्थागत निर्माण से संभव होता है।
पिछले ढाई वर्षों की उपलब्धियाँ लाखों वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षित वृद्धावस्था, हजारों दिव्यांगजनों की बढ़ती आत्मनिर्भरता, जरूरतमंद महिलाओं की सामाजिक सुरक्षा, नशामुक्त जीवन की ओर बढ़ते युवाओं और सम्मानजनक पुनर्वास की नई संभावनाओं का जीवंत दस्तावेज हैं।
छत्तीसगढ़ का यह समावेशी समाज कल्याण मॉडल सामाजिक न्याय, तकनीकी नवाचार और मानवीय गरिमा के संतुलित समन्वय का उत्कृष्ट उदाहरण है। यह केवल राज्य की उपलब्धि नहीं, बल्कि उस विकसित और संवेदनशील भारत की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान है, जहाँ हर नागरिक को सुरक्षा, सम्मान और आगे बढ़ने का समान अवसर प्राप्त हो सके।
स्वतंत्रता दिवस पर महिला आयोग अध्यक्ष डॉ. ममता साहू ने किया ध्वजारोहण, विद्यार्थियों को किया प्रेरित
रायपुर,16 अगस्त 2026



स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. ममता साहू ने रायपुर में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होकर राष्ट्रध्वज फहराया और देश की एकता, अखंडता एवं गौरव को बनाए रखने का संकल्प दिलाया। उन्होंने प्रदेशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए राष्ट्र के प्रति समर्पण, कर्तव्यनिष्ठा और जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करने का आह्वान किया। डॉ. ममता साहू ने आयोग परिसर में ध्वजारोहण कर राष्ट्रध्वज को सलामी दी। इस अवसर पर उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम के वीर सेनानियों और देश की सुरक्षा एवं अखंडता के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर करने वाले वीरों को नमन किया।
इसके पश्चात डॉ. ममता साहू सी.जी. कॉलेज ऑफ नर्सिंग, न्यू राजेंद्र नगर, रायपुर में आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं और ध्वजारोहण किया। उन्होंने नर्सिंग के छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि स्वास्थ्य सेवा केवल एक पेशा नहीं, बल्कि मानव सेवा का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने विद्यार्थियों को सेवा, संवेदना, अनुशासन और समर्पण की भावना के साथ अपने उज्ज्वल भविष्य का निर्माण करने के लिए प्रेरित किया। समारोह में कॉलेज की पूर्व छात्रा सुश्री ज्योति साहू को उत्कृष्ट कार्य एवं उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में कॉलेज के निदेशक नवीन बागरेचा, भारवी वैष्णव सहित शिक्षकगण एवं स्टाफ उपस्थित रहे।
इसी क्रम में डॉ. ममता साहू ने रायपुर कॉन्वेंट हायर सेकेंडरी स्कूल, न्यू राजेंद्र नगर में आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह में भी मुख्य अतिथि के रूप में सहभागिता की। यहां विद्यार्थियों ने देशभक्ति से ओत-प्रोत सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से राष्ट्रप्रेम, भारतीय संस्कृति और स्वतंत्रता के महत्व को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। समारोह में विभिन्न कक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले मेधावी विद्यार्थियों का प्रतिभा सम्मान किया गया। डॉ. ममता साहू ने विद्यार्थियों को सम्मानित करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि मेहनत, अनुशासन और संस्कार के साथ आगे बढ़ने वाला प्रत्येक बच्चा अपने परिवार, समाज और देश का गौरव बन सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ राष्ट्रप्रेम, संस्कार और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित किया।
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आयोजित इन कार्यक्रमों में राष्ट्रप्रेम, सेवा, सम्मान और देश के प्रति समर्पण की भावना प्रमुख रूप से दिखाई दी। डॉ. ममता साहू ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस हमें अपने अधिकारों के साथ-साथ राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों का भी स्मरण कराता है। उन्होंने सभी नागरिकों से देश की एकता, अखंडता और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत बनाने में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।
कांकेर में 80वां स्वतंत्रता दिवस धूमधाम से मना
मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने फहराया तिरंगा
शहीदों के परिजनों व उत्कृष्ट प्रतिभाओं का सम्मान
रायपुर, 15 अगस्त 2026

जिले में 80वां राष्ट्रीय पर्व स्वतंत्रता दिवस पूरे उत्साह, हर्षाेल्लास और गरिमामय वातावरण में मनाया गया। जिला स्तरीय मुख्य समारोह नरहरदेव पीएमश्री शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के खेल परिसर में आयोजित हुआ।
समारोह के मुख्य अतिथि राजस्व एवं आपदा प्रबंधन, पुनर्वास तथा उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने प्रातः 9 बजे राष्ट्रध्वज फहराकर परेड की सलामी ली और प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का जनता के नाम संदेश का वाचन किया। इस अवसर पर पुलिस जवानों द्वारा हर्ष फायर किया गया तथा 12 प्लाटूनों द्वारा अनुशासित व आकर्षक मार्चपास्ट प्रस्तुत किया गया। मंत्री श्री वर्मा ने जिप्सी में सवार होकर परेड का निरीक्षण किया, जहाँ उनके साथ कलेक्टर श्री निलेश कुमार महादेव क्षीरसागर एवं एसपी श्री निखिल राखेचा मौजूद थे।
कार्यक्रम में विभिन्न मोर्चों पर प्राण न्योछावर करने वाले जिले के 107 शहीद जवानों के परिजनों को शॉल एवं श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया गया। इसके साथ ही, उत्कृष्ट सेवा देने वाले 104 शासकीय सेवकों, समाजसेवियों, नागरिकों और मीडिया प्रतिनिधियों को प्रशस्ति-पत्र प्रदान किए गए।
समारोह के दौरान 22 स्कूलों के 1,000 विद्यार्थियों ने सामूहिक पी.टी. का प्रदर्शन किया। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में शासकीय कन्या आश्रम सिंगारभाट के विद्यार्थियों ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। वहीं, मार्चपास्ट के गैर-शालेय वर्ग में शासकीय भानुप्रतापदेव महाविद्यालय एनसीसी की टीम प्रथम स्थान पर रही।
समारोह में विधायक श्री आशाराम नेताम, जनप्रतिनिधि, न्यायाधीशगण, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित थे।
वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने रायगढ़ में किया ध्वजारोहण
रायपुर, 15 अगस्त 2026



स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जिला मुख्यालय स्थित शहीद कर्नल विप्लव त्रिपाठी स्टेडियम में आयोजित जिला स्तरीय मुख्य समारोह में वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक श्री ओपी चौधरी ने प्रातः 9 बजे ध्वजारोहण किया। ध्वजारोहण के पश्चात उन्होंने राष्ट्रध्वज को सलामी दी और परेड का निरीक्षण कर परेड की सलामी ली। इस अवसर पर वित्त मंत्री श्री चौधरी ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का प्रदेशवासियों के नाम संदेश का वाचन किया। समारोह में देशभक्ति और उत्साह से सराबोर वातावरण के बीच आकाश में रंग-बिरंगे गुब्बारे छोड़े गए। वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने जिलेवासियों को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
सूरजपुर में हर्षाेल्लास से मनाया गया स्वतंत्रता दिवस
मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने ध्वजारोहण कर ली परेड की सलामी, शहीद जवानों के परिजनों एवं उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारी-कर्मचारियों का किया सम्मान
रायपुर, 15 अगस्त 2026


सूरजपुर जिले में 80वां स्वतंत्रता दिवस समारोह गरिमामय एवं हर्षाेल्लासपूर्ण वातावरण में मनाया गया। सूरजपुर के स्टेडियम ग्राउंड में आयोजित जिला स्तरीय समारोह में महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने मुख्य अतिथि के रूप में ध्वजारोहण कर परेड की सलामी ली। राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत की सामूहिक प्रस्तुति से पूरा परिसर देशभक्ति के भाव से ओतप्रोत हो गया।


मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का प्रदेशवासियों के नाम संदेश का वाचन किया तथा जिलेवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने रंग-बिरंगे गुब्बारे एवं शांति के प्रतीक सफेद कबूतर उड़ाकर राष्ट्रीय एकता, शांति, सद्भाव और भाईचारे का संदेश दिया।

समारोह में 13 विभिन्न प्लाटूनों ने आकर्षक मार्च पास्ट प्रस्तुत किया। इस अवसर पर मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने शहीद जवानों के परिजनों को शॉल एवं श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया। साथ ही विभिन्न विभागों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारी-कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
स्वतंत्रता दिवस समारोह में स्कूली विद्यार्थियों ने देशभक्ति से ओतप्रोत सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर समां बांध दिया। कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय, पीएम श्री स्वामी आत्मानंद स्कूल, ग्लोबल पब्लिक स्कूल, सरस्वती शिशु मंदिर एवं कला केंद्र सूरजपुर के विद्यार्थियों ने रंगारंग प्रस्तुतियां दीं। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में पीएम श्री स्वामी आत्मानंद विद्यालय नवापारा सूरजपुर ने प्रथम, पोस्ट मैट्रिक कन्या छात्रावास सूरजपुर ने द्वितीय तथा कला केंद्र सूरजपुर ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले दलों को मुख्य अतिथि ने पुरस्कृत किया।

समारोह में वन विकास निगम के अध्यक्ष श्री रामसेवक पैकरा, प्रेमनगर विधायक श्री भूलन सिंह मरावी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती चंद्रमणी पैकरा, नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती कुसुमलता राजवाड़े सहित जनप्रतिनिधिगण, कलेक्टर श्रीमती रेना जमील, पुलिस अधीक्षक श्री योगेश पटेल, डीएफओ श्री डी.पी. साहू, जिला पंचायत सीईओ श्री विजेन्द्र पाटले सहित जिला प्रशासन एवं पुलिस विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
शासकीय कन्या हाई स्कूल भटगांव में उत्साह से मनाया गया स्वतंत्रता दिवस
भटगांव । नगर पंचायत भटगांव स्थित शासकीय कन्या हाई स्कूल में स्वतंत्रता दिवस की 80वीं वर्षगांठ हर्षोल्लास और देशभक्ति के माहौल में मनाई गई। कार्यक्रम में शाला प्रबंधन समिति के अध्यक्ष राकेश पटेल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए और राष्ट्रीय ध्वज फहराकर सलामी दी।
ध्वजारोहण के बाद पिछले सत्र की परीक्षाओं में उत्कृष्ट अंक हासिल करने वाली छात्राओं को राकेश पटेल ने मेडल एवं प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया। उन्होंने छात्राओं को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की और कहा कि इन छात्राओं की उपलब्धि ने विद्यालय के साथ-साथ अपने माता-पिता और पूरे क्षेत्र का मान बढ़ाया है।
छात्राओं ने बढ़ाया विद्यालय का गौरव
सम्मानित होने वाली छात्राओं में कक्षा 9वीं से दृष्टि केंवट (85.17%) और कशिश यादव (83.17%) शामिल रहीं। कक्षा 10वीं में कमलेश्वरी साहू (89.33%) और अनोखी (89.17%) ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
कक्षा 11वीं कला संकाय में ममता निषाद (77.6%) और भूमिका साहू (77.4%), विज्ञान संकाय में चंद्रप्रभा आदित्य (87.2%) और लीशा साहू (86%), जबकि वाणिज्य संकाय में प्राची केशरवानी (75.2%) और आंचल केशरवानी (75%) ने बेहतर अंक हासिल किए।
कक्षा 12वीं कला संकाय में सविता (81.4%) और प्रिंसी राव (81%), विज्ञान संकाय में वसुंधरा साहू (90.8%) और गीतू साहू (90.6%), जबकि वाणिज्य संकाय में आलिया परवीन (82%) और आरती यादव (76.6%) को सम्मानित किया गया।
सरकारी स्कूल की छात्राओं की उपलब्धि पर जोर
राकेश पटेल ने कहा कि शासकीय विद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की उपलब्धियां यह साबित करती हैं कि मेहनत, लगन और बेहतर मार्गदर्शन से किसी भी विद्यार्थी को सफलता हासिल हो सकती है। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों की शिक्षा को निजी स्कूलों से कम आंकने की धारणा बदलने की जरूरत है।
उन्होंने सभी सम्मानित छात्राओं को शुभकामनाएं देते हुए जीवन में निरंतर आगे बढ़ने और अपने विद्यालय, परिवार एवं क्षेत्र का नाम रोशन करने का आशीर्वाद दिया।
कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि, अभिभावक, स्कूल प्रबंधन समिति के सदस्य, शिक्षक-शिक्षिकाएं और बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं। समारोह का आयोजन देशभक्ति और उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।
स्वतंत्रता दिवस समारोह: मुख्यमंत्री श्री साय ने पुलिस परेड ग्राउंड पर किया ध्वजारोहण, परेड की ली सलामी
हर्षाेल्लास के साथ मनाया गया आजादी का 80वां पर्व
17 प्लाटूनों ने परेड में किया आकर्षक मार्च पास्ट
उत्कृष्ट दलों को मिले पुरस्कार
रायपुर, 15 अगस्त 2026


राजधानी रायपुर के पुलिस परेड ग्राउंड में स्वतंत्रता दिवस का आयोजन पूरे हर्षाेल्लास और गरिमा के साथ संपन्न हुआ। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सुबह 9 बजे ध्वजारोहण किया और परेड की सलामी ली। मुख्यमंत्री ने प्रदेश की जनता के नाम अपने संदेश का वाचन भी किया।
समारोह में 17 प्लाटूनों ने भव्य मार्च पास्ट कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। यह मार्च पास्ट भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी श्री विमल कुमार पाठक के नेतृत्व में हुई। इस बार बिहार प्रदेश की पुलिस टुकड़ी आमंत्रित वर्ग में परेड में शामिल हुई। परेड के टूआईसी श्री निशांत गौरव कुर्रे थे। परेड में सीमा सुरक्षा बल, सीआरपीएफ, आईटीबीपी, सीआईएसएफ, एसएसबी, छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल (पुरुष-महिला), छत्तीसगढ़ पुलिस, जेल पुलिस, नगर सेना (पुरुष-महिला), एनसीसी (बालक-बालिका), बैण्ड प्लाटून, घुड़सवार दल और डॉग स्क्वॉड शामिल रहे। समारोह में महिला बैग पाईपर बैंड दल ने भी आकर्षक प्रस्तुती दी।
स्वतंत्रता दिवस समारोह की परेड में उत्कृष्ट दलों को मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सम्मानित किया। केन्द्रीय बलों के वर्ग में भारत तिब्ब्त सीमा पुलिस की टुकड़ी को पहला स्थान मिला। आईटीबीपी के दल को पांच हजार रूपए और ट्रॉफी देकर सम्मानित किया गया। दूसरे स्थान पर सीमा सुरक्षा बल और तीसरे स्थान पर केन्द्रिय रिजर्व पुलिस बल का दल रहा। सीमा सुरक्षा बल की टुकड़ी को तीन हजार रूपए और सीआरपीएफ की टुकड़ी को दो हजार रूपए नकद राशि के साथ ट्राफी प्रदान कर सम्मानित किया गया।
राज्य बलों के वर्ग में पहला स्थान छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल (महिला) को प्राप्त हुआ। विजेताओं को पांच हजार रूपए और ट्रॉफी देकर सम्मानित किया गया। छत्तीसगढ़ जेल पुलिस का दल दूसरे स्थान पर रहा, जिसे तीन हजार रूपए और ट्रॉफी देकर सम्मानित किया गया। छत्तीसगढ़ सशस्त्र पुलिस बल (पुरूष) ने तीसरा स्थान प्राप्त किया, जिन्हें दो हजार रूपए की नकद राशि और ट्रॉफी से नवाजा गया।
कंटीजेंट एनसीसी वर्ग में पहला स्थान एनसीसी गर्ल्स और दूसरा स्थान एनसीसी बॉयज के दल को मिला। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने दोनों दल कमांडरों को ट्रॉफी प्रदान कर प्रोत्साहित किया। इस अवसर पर परेड-टू-आईसी श्री निशांत गौरव कुर्रे, परेड कमांडर श्री विमल कुमार पाठक, महिला बैग पाईपर दल की कमांडर श्रीमती सोनबती ठाकुर, घुड़सवार दल के कमांडर श्री अनिल यादव, श्वान दल के कमांडर श्री राज कपूर सहित परेड प्रस्तुतियोजन के लिए डॉ. अनुराधा दुबे और श्री मनीष परमानंद को भी प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए।
माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का स्वतंत्रता दिवस संदेश- पुलिस परेड ग्राउण्ड ,रायपुर
प्यारे प्रदेशवासियों, जय जोहार...
आप सभी को 80वें स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं...
स्वतंत्रता दिवस का यह पावन पर्व माँ भारती की वंदना का दिन है। आज हम भारत माता के उन सभी महान सपूतों को नमन कर रहे हैं, जिन्होंने देश की आज़ादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। आज का दिन देश की एकता, अखण्डता की गौरवशाली यात्रा से प्रेरणा लेकर यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के विकसित भारत के संकल्प को मजबूत करने का है।
भारत का महान स्वतंत्रता संग्राम महात्मा गांधी, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, डॉ. भीमराव अंबेडकर, वीर सावरकर सहित असंख्य स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग और बलिदान की अमर गाथा है।
स्वतंत्रता के इस पावन अवसर पर हम धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा, शहीद वीर नारायण सिंह और वीर गुंडाधुर के संघर्ष को श्रद्धापूर्वक नमन करते हैं। गेंद सिंह, धुरवा राव, यादव राव, वेंकट राव, डेबरी धुर, आयतु माहरा जैसे हमारे नायकों की स्मृति हमेशा हमें प्रेरित करती रहेगी।
गोस्वामी तुलसीदास जी ने लिखा है कि ‘‘पराधीन सपनेहुँ सुख नाहीं।‘‘ संत कबीर की वाणी और बाबा गुरु घासीदास जी के उद्घोष मनखे-मनखे एक समान ने स्वतंत्रता के संघर्ष को स्वर दिया।
यह वर्ष डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती का है। उन्होंने कश्मीर से धारा 370 हटाने के लिए संघर्ष किया था। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाई गई। हमने भी छत्तीसगढ़ में समान नागरिक संहिता लागू करने की दिशा में कदम बढ़ाया है।
स्वतंत्रता दिवस की यह वर्षगांठ कई अभूतपूर्व उपलब्धियां लेकर आई है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के साहसिक नेतृत्व में नक्सल मुक्त भारत का संकल्प पूरा हो चुका है। आज पूरा देश वामपंथी उग्रवाद को जड़ से उखाड़ फेंकने वाले हमारे वीर जवानों के पराक्रम तथा उनकी शहादत को नमन कर रहा है।
माओवाद से मुक्त होकर बस्तर के हर कोने में लोग तिरंगा यात्रा के जरिए स्वतंत्रता का उत्सव मना रहे हैं।
बस्तर की सर्वांगीण प्रगति, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व वाली डबल इंजन सरकार के सबसे बड़े लक्ष्यों में शामिल है। इसका जीवंत उदाहरण है जगदलपुर में राष्ट्रीय स्तर की मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक का आयोजन, जिसमें केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी सहित चार राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने सहभागिता की।
अब बस्तर के नवनिर्माण का स्वर्णिम समय है। ‘नियद नेल्ला नार 2.0‘ और ‘बस्तर मुन्ने अभियान‘ के जरिए हम विकास योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचा रहे हैं। 31 योजनाओं और 14 सामुदायिक सुविधाओं के शत-प्रतिशत सेचुरेशन से हम बस्तर संभाग के 39 लाख से अधिक लोगों को लाभान्वित कर रहे हैं।
बस्तर में नक्सल हिंसा के चलते बंद पड़े स्कूलों को हमने दोबारा प्रारंभ कराया। साथ ही 36 नए स्कूल भी स्वीकृत किए हैं। ओरछा और जगरगुंडा जैसे सुदूर क्षेत्रों में हम एजुकेशन सिटी विकसित कर रहे हैं।
‘मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान‘ के माध्यम से हमने बस्तर के 34 लाख से अधिक लोगों की स्वास्थ्य जांच कर उनकी हेल्थ प्रोफाइल तैयार की है।
बस्तर में अभी 85 फीसदी परिवारों की मासिक आय 15 हजार रुपए से कम है। लगभग 10 लाख परिवारों की आय बढ़ाने के लिए 4,824 करोड़ रुपए की ‘आजीविका उन्नयन योजना‘ तैयार की गई है।
सुरक्षा कैंप अब सेवा और विकास के केंद्र बन रहे हैं। वीर गुंडाधुर के गांव नेतानार से शुरू हुए सेवा डेरा में नागरिक सुविधाओं के साथ कौशल विकास और उद्यमिता को बढ़ावा दिया जा रहा है।
बस्तर में इन्फ्रास्ट्रक्चर की मजबूत बुनियाद रखी जा रही है। सौर ऊर्जा से ऊर्जीकृत 461 गांवों को ग्रिड आधारित प्रणाली से जोड़ रहे हैं। 234 अंदरूनी बसाहटों को मुख्य सड़क से जोड़ने के लिए हम सड़कें बना रहे हैं।
दूरस्थ गांवों में सार्वजनिक परिवहन के लिए हमने ‘मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा‘ शुरू की है। इससे बस्तर और सरगुजा संभाग के 814 गांवों को लाभ मिल रहा है।
मोदी की गारंटी के प्रभावी क्रियान्वयन से ‘‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास‘‘ की भावना के अनुरूप हर वर्ग के जीवन में समृद्धि आई है।
अन्नदाता हमारे भाग्य विधाता हैं। उनका सुख, समृद्धि और सम्मान हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकता है। हम 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर और 21 क्विंटल प्रति एकड़ के मान से देश में धान का सर्वाधिक मूल्य उन्हें दे रहे हैं। ‘कृषक उन्नति योजना‘ के तहत एकमुश्त राशि का भुगतान हमने अन्नदाताओं को होली के पहले ही करा दिया।
हम फसल विविधता को प्रोत्साहित कर रहे हैं। ‘कृषक उन्नति योजना‘ के तहत धान के बदले दलहन, तिलहन, मक्का, कोदो, कुटकी, रागी आदि फसल लेने पर 15 हजार रुपए की आदान सहायता देने का निर्णय हमने लिया है।
किसान भाइयों को समय पर खाद-बीज उपलब्ध कराने हमने सर्वोच्च प्राथमिकता से कार्य किया। वैश्विक अनिश्चितताओं के कारण उर्वरक आपूर्ति प्रभावित होने के बावजूद हमने छत्तीसगढ़ में खाद का संकट उत्पन्न नहीं होने दिया।
प्रधानमंत्री जी की ‘सहकार से समृद्धि‘ की संकल्पना के अनुरूप हमने प्रदेश में 2028 पैक्स का कंप्यूटरीकरण कर लिया है। इनमें से 1988 पैक्स कॉमन सर्विस सेंटर के रूप में भी सेवाएं दे रहे हैं।
श्रद्धेय अटल जी की नदियों को जोड़कर पानी की हर बूंद बचाने की सोच को आगे बढ़ाते हुए हमने ‘सिकासार-कोडार नहर लिंकिंग परियोजना‘ के लिए 3,047 करोड़ की प्रशासकीय स्वीकृति दी है।
प्रदेश में सिंचाई का दायरा बढ़ाने के लिए हमने 11 हजार करोड़ रुपए से अधिक की मंजूरी दी है। बंद पड़ी सिंचाई योजनाओं का अटल सिंचाई योजना के माध्यम से पुनरूद्धार कर रहे हैं। इंद्रावती नदी पर 2,000 करोड़ रुपए की लागत से मटनार और देउरगांव बैराज बनाए जाएंगे, जिससे 32 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलेगी।
तेंदूपत्ता संग्राहकों को हम साढ़े पांच हजार रुपए प्रति मानक बोरा की दर से पारिश्रमिक दे रहे हैं। हमने तेंदूपत्ता संग्राहकों के लिए ‘चरण पादुका योजना‘ पुनः प्रारंभ की है।
सुशासन तिहार के दौरान मुझे ग्रामीणों ने गृह प्रवेश में आमंत्रित किया, हमने उनके सपनों को पूरा किया है, उनके चेहरे की मुस्कान हमारी सबसे बड़ी उपलब्धि है।
मोदी जी की गारंटी के तहत सबको आवास देने के संकल्प को पूरा करने हम एक दिन भी नहीं रूके। कैबिनेट की पहली ही बैठक में 18 लाख आवास स्वीकृत करने के बाद अब तक 24 लाख 50 हजार घर स्वीकृत कर चुके हैं। प्रदेश में हर दिन औसतन 1600 घर बनाए जा रहे हैं।
देश के निर्धन परिवारों को समर्पित ‘प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना‘ एवं ‘मुख्यमंत्री खाद्यान्न सहायता योजना‘ के माध्यम से 73 लाख परिवारों को निःशुल्क खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा है।
हमें माताओं-बहनों का भरपूर आशीर्वाद मिल रहा है। ‘महतारी वंदन योजना‘ के माध्यम से 70 लाख हितग्राही महिलाओं के खाते में अब तक 19 हजार 444 करोड़ रुपए भेजे जा चुके हैं। इससे वे अपनी और बच्चों की छोटी-छोटी जरूरतें पूरी करने के लिए अब आत्मनिर्भर हैं।
जब प्रधानमंत्री जी ने सेवा तीर्थ में प्रवेश किया, तब उन्होंने देश के समक्ष 6 करोड़ ‘लखपति दीदी‘ बनाने का लक्ष्य रखा था। मुझे खुशी है कि राज्य में 13 लाख 85 हजार महिलाएं ‘लखपति दीदी‘ बन चुकी हैं।
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की ‘पीएम जनमन योजना‘ से 56 हजार से अधिक पीवीटीजी परिवारों तक बुनियादी सुविधाएं पहुंची हैं। 6 हजार 691 जनजातीय बहुल गांवों में ‘धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान‘ का लाभ पहुंच रहा है।
‘प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना‘ से पिछले ढाई सालों में जनजातीय क्षेत्रों में 93 सड़कों का निर्माण पूरा किया गया जो कई सालों से अधूरी थीं। ‘पीएम जनमन योजना‘ से 1788 किलोमीटर लंबी सड़कों का निर्माण पूरा हुआ है, जो देश में सर्वाधिक है।
वनाधिकार पत्र प्रदान करने में छत्तीसगढ़ देश में अग्रणी है। वारिसों के पट्टों के नामांतरण की प्रक्रिया हमने आरंभ की है। पेसा कानून के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए हमने टास्क फोर्स का गठन किया है।
अवैध धर्मांतरण हमारे समाज, विशेष रूप से जनजातीय संस्कृति व सामाजिक ताने-बाने के लिए एक गंभीर चुनौती है। हमने इस पर रोक लगाने ‘छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य कानून‘ लागू किया है।
स्वामी विवेकानंद कहते थे कि ‘‘मुझे 100 ऊर्जावान युवा दे दीजिए, मैं भारत का रूपांतरण कर दूंगा।‘‘ यह कथन युवा शक्ति पर उनके अटूट विश्वास को व्यक्त करता है। विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में युवाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए हम रोजगार से लेकर नवाचार तक अवसरों के नए द्वार खोल रहे हैं।
प्रतियोगी परीक्षाओं में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करने हेतु हमने ऐतिहासिक सुधार किए हैं। हमने तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के पदों की भर्ती के लिए छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल बनाया है। नियमित रूप से 7 कैटेगरी में भर्ती परीक्षा आयोजित होगी। परीक्षा में अनुचित साधनों तथा नकल को रोकने के लिए भी हमने विधानसभा में सख्त कानून पारित किया है।
हमने पुलिस में 7 हजार युवाओं की भर्ती की है। हमने ‘छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल‘ के माध्यम से शिक्षक एवं सहायक शिक्षकों के 3946 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया शुरू की है। बिजली कम्पनियों में 1235 पदों पर अब तक की सबसे बड़ी भर्ती की जा रही है।
हमारे एकलव्य एवं प्रयास आवासीय विद्यालय के बच्चे इस वर्ष की नीट परीक्षा में बड़ी संख्या में सफल हुए हैं। नीट, जेईई, क्लैट, रेलवे, एसएससी, बैंकिंग, पीएससी तथा यूपीएससी परीक्षाओं की तैयारी के लिए सहयोग देने हम ‘सीजी असिस्टेंस फॉर कॉम्पिटिटिव एक्जाम योजना‘ आरंभ कर रहे हैं।
हमने अग्निवीरों के रोजगार के लिए बड़ा निर्णय लिया है। चार वर्ष की सैन्य सेवा पूरी करने वाले छत्तीसगढ़ के अग्निवीरों को पुलिस आरक्षक, वनरक्षक और जेल प्रहरी की सीधी भर्ती में 10 प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा।
हमारी नई औद्योगिक नीति युवाओं के लिए रोजगार एवं उद्यमशीलता के नए द्वार खोल रही है। नई नीति में कोर सेक्टर के साथ ही इमर्जिंग सेक्टर को भी विशेष प्रोत्साहन दिया गया है। इसका लाभ युवाओं तक पहुंचाने हम पीएम सेतु के तहत 30 आईटीआई का उन्नयन कर रहे हैं। वर्षाकाल के बाद हम जिला और प्रदेश स्तर पर रोजगार मेलों का आयोजन करेंगे।
‘छत्तीसगढ़ स्टार्टअप प्रोत्साहन नीति‘ के तहत युवाओं के नवाचारों को प्रोत्साहित करने के लिए हमने 100 करोड़ रुपए का स्टार्टअप फंड बनाया है।
हमारी शैक्षणिक संस्थाएं नये विचारों को प्रोत्साहित करें, नये जमाने के अनुरूप युवाओं को तैयार करें, इसके लिए हमने राष्ट्रीय शिक्षा नीति को अपनाया है। प्रदेश में फॉरेंसिक यूनिवर्सिटी कैम्पस, निफ्ट, नाइलिट जैसे संस्थान हम लेकर आये हैं।
इसी सत्र से हम 5 मेडिकल कॉलेज- गीदम, कुनकुरी, जांजगीर-चांपा, मनेंद्रगढ़, कवर्धा में आरंभ कर रहे हैं। छह शासकीय इंजीनियरिंग एवं पॉलीटेक्निक कॉलेजों को सीजीआईटी के रूप में विकसित कर रहे हैं।
हमने 500 करोड़ रुपए के ‘छत्तीसगढ़ राज्य एआई मिशन‘ को मंजूरी दी है। इसके तहत 100 एआई डेटा लैब, पांच सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और 50 से अधिक एआई आधारित सेवाएं विकसित की जाएंगी। छह लाख विद्यार्थियों एवं डेढ़ लाख शासकीय कर्मचारियों को एआई का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
वैश्विक मंच पर हमारे राज्य के खिलाड़ी तिरंगा लहरा सकें, इसके लिए हम खेल अधोसंरचना का कायाकल्प कर रहे हैं तथा ‘मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन‘ शुरू कर रहे हैं।
ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेलों में रजत पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाने वाली छत्तीसगढ़ की बेटी ज्ञानेश्वरी यादव को हमने डीएसपी के पद पर पदोन्नत करने तथा 30 लाख रुपए की सम्मान राशि देने का निर्णय लिया है। हमने राज्य के 156 उत्कृष्ट खिलाड़ियों के लिए शासकीय सेवा के दरवाजे खोल दिए हैं।
देश के पहले खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स की मेजबानी हमें मिली, बढ़िया खेल हुए और यह तय हुआ कि अगले साल छत्तीसगढ़ में ही इन खेलों का आयोजन होगा।
स्वास्थ्य एवं सामाजिक सुरक्षा के लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में भी हम तेजी से बढ़ रहे हैं। ‘आयुष्मान योजना‘ के माध्यम से हम राज्य के 91 प्रतिशत लोगों को मुफ्त इलाज की सुविधा दे रहे हैं। हम नवा रायपुर में मेडिसिटी का निर्माण कर रहे हैं, जहां देश के विख्यात अस्पताल अपना कार्य करेंगे।
स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने से राज्य में संस्थागत प्रसव बढ़कर 96.2 प्रतिशत हो गया है। प्रदेश में 326 संजीवनी एक्सप्रेस तथा 380 महतारी एक्सप्रेस एंबुलेंस सेवाओं के माध्यम से आपात स्थिति में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल रही हैं।
उद्योगों की सुगमता के लिए हमने ईज आफ डूइंग बिजनेस विधेयक पारित किया है। हमने वन क्लिक सिंगल विंडो सिस्टम लागू किया है, जिससे आवश्यक अनुमतियां पोर्टल के माध्यम से तय समय में मिल रही हैं। जनविश्वास अधिनियम के लागू होने से कारोबार अब आसान हो गया है।
नई औद्योगिक नीति के माध्यम से निवेशकों को आकर्षित करने हमने देश-दुनिया में इन्वेस्टर कनेक्ट आयोजित किये हैं। इससे हमें अब तक 8 लाख 23 हजार करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इससे 1 लाख 74 हजार रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
इस नीति के माध्यम से टेक्सटाइल जैसे बड़े पैमाने पर रोजगार देने वाले क्षेत्रों में निवेश हो रहा है। नवा रायपुर में प्रदेश की पहली गारमेंट इकाई स्विफ्ट टेक्सटाइल का भूमिपूजन हुआ है। इससे 46 सौ से अधिक युवाओं को रोजगार मिल सकेगा।
मुंगेली में भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड का प्लांट स्थापित किया जाएगा। हम प्रदेश में 23 नए औद्योगिक क्षेत्र स्थापित करने जा रहे हैं।
हम राजनांदगांव में इलेक्ट्रॉनिक मैन्यूफैक्चरिंग क्लस्टर 2.0, नवा रायपुर में फर्नीचर क्लस्टर तथा जांजगीर-चांपा एवं राजनांदगांव में स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
हम देश का पहला एआई एस.ई.जेड. बना रहे हैं। साथ ही एआई डेटा सेंटर भी स्थापित हो रहा है। रायपुर, नवा रायपुर, दुर्ग-भिलाई को लेकर हमने स्टेट कैपिटल रीजन बनाया है।
भविष्य की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए उत्पादन, पारेषण और वितरण- तीनों ही मोर्चो पर हम दीर्घकालिक रणनीति बनाकर काम कर रहे हैं। हमने एनर्जी समिट किया, जिसमें 3 लाख 50 हजार करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, जिन पर काम हो रहा है।
आर्थिक कठिनाई के कारण कोरोना काल में बहुत से उपभोक्ता बिजली बिल का भुगतान नहीं कर पाये थे, हमने ‘मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना‘ के माध्यम से 12 लाख से अधिक उपभोक्ताओं का 910 करोड़ रुपए का सरचार्ज माफ किया।
पावर ट्रांसमिशन कंपनी के ढांचागत विस्तार तथा आधुनिक तकनीक को अपनाने हमने आईपीओ लाने का निर्णय लिया है।
प्रदेश के 90 हजार से अधिक उपभोक्ता ‘प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना‘ का लाभ ले रहे हैं। केंद्र के साथ ही हमारी सरकार द्वारा भी सब्सिडी देने से यह योजना और भी आकर्षक हो गई है।
भारतमाला सड़कें हमें देश के प्रमुख व्यापारिक केन्द्रों से जोड़ रही हैं। रायपुर-विशाखापट्टनम एक्सप्रेसवे और रायपुर-धनबाद इकोनॉमिक कॉरिडोर प्रदेश के विकास को नई ऊंचाई देगी। रावघाट-जगदलपुर जैसे रेल नेटवर्क पर काम होने से बस्तर तेजी से प्रगति की दिशा में बढ़ेगा।
‘सीजी वायु योजना‘ के माध्यम से हम प्रदेश के सभी प्रमुख हवाई अड्डों में हवाई सेवा का विस्तार कर रहे हैं। राज्य में विमानन प्रशिक्षण का ढांचा खड़ा करने हम फ्लाइंग ट्रेनिंग आर्गेनाइजेशन की स्थापना कर रहे हैं।
दूरस्थ और पहुंचविहीन क्षेत्रों में कनेक्टिविटी का विस्तार करने प्रदेश में ढाई सालों में 829 मोबाइल टॉवर स्थापित किये गये हैं। ‘भारतनेट 3.0 योजना‘ के माध्यम से 5 हजार 659 ग्राम पंचायतों को हाईस्पीड इंटरनेट से जोड़ा जाएगा।
‘आदर्श शहर समृद्धि योजना‘ के माध्यम से हम 32 नगर पालिका और नगर पंचायतों में नागरिक जीवन को सुगम और सुरक्षित बनाने कार्य कर रहे हैं।
अधोसंरचना जरूरतों तथा तेज आर्थिक विकास के लिए काम करने के साथ ही हम पर्यावरण संरक्षण पर भी पूरा ध्यान दे रहे हैं। प्रधानमंत्री जी के ‘एक पेड़ माँ के नाम अभियान‘ में हम अब तक 7 करोड़ से अधिक पौधे लगा चुके हैं।
हमारी सरकार अटल जी द्वारा दिखाए सुशासन की राह पर चलती है। हमने पारदर्शी ई-ऑफिस प्रणाली को अपनाया है।
हमने ‘सीएम हेल्पलाइन 1076‘ आरंभ की है। इसके माध्यम से हमने अब तक 80 हजार से अधिक शिकायतों का निराकरण किया है। ‘सेवा सेतु पोर्टल‘ के माध्यम से शासन की 700 से अधिक सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराई जा रही हैं।
हम स्मार्ट पंजीयन कार्यालय बना रहे हैं। रजिस्ट्री में अनेक रिफॉर्म करते हुए हमने ऑटो म्यूटेशन भी लागू किया।
हमने ‘सुघ्घर छत्तीसगढ़ अभियान‘ शुरू किया है, जो जिले ‘नियद नेल्ला नार योजना‘ में शामिल नहीं हैं, उन जिलों में 31 योजनाओं का सेचुरेशन मोड में लाभ दिया जा रहा है।
प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में ‘विकसित भारत-जी राम जी योजना‘ के प्रारंभ होने से रोजगार एवं विकास का नया अध्याय शुरू हुआ है। हम आज के इस पावन अवसर पर एक नया अभियान ‘मेरी बेटी-मेरा अभिमान’ शुरू कर रहे हैं। इसके तहत 6671 शासकीय विद्यालयों में बेटियों के लिए शौचालय बनाए जाएंगे। ‘वीबी-जी राम जी योजना‘ से प्रदेश के 6524 गांवों में मुक्तिधाम एवं प्रतीक्षालय बनाए जाएंगे।
हमने 7 हजार 524 ग्राम पंचायतों में ‘अटल पंचायत डिजिटल सुविधा केंद्र‘ स्थापित किये हैं, जिनसे ग्रामीणों को डिजिटल एवं बैंकिंग सेवाएं आसानी से मिल पा रही हैं।
मजबूत कानून-व्यवस्था सुशासन की पहली शर्त है। प्रदेश में नये आपराधिक कानूनों के लागू होने से अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित हुआ है। साइबर अपराधों की गंभीर चुनौती से निपटने के लिए राज्य में 9 नए साइबर पुलिस थाने बनाए गए हैं। डायल 112 सेवा पूरे प्रदेश में लागू की गई है।
हम ‘मुख्यमंत्री पर्यटन मिशन‘ के जरिए बस्तर तथा सरगुजा में पर्यटन सुविधाओं का तेजी से विकास करेंगे। बस्तर ओलम्पिक, सरगुजा ओलम्पिक और बस्तर पंडुम जैसे आयोजनों ने प्रदेश की जनजातीय संस्कृति, खेल और प्राकृतिक सुंदरता को देश-दुनिया तक पहुंचाने का काम किया है। राष्ट्रपति महोदया ने भी बस्तर की जनजातीय प्रतिभाओं को राष्ट्रपति भवन में आमंत्रित कर सम्मानित किया।
हम चित्रकोट को ग्लोबल टूरिस्ट डेस्टिनेशन के रूप में तैयार कर रहे हैं और यहां टेंट सिटी का निर्माण कराएंगे। सिरपुर को भी हम विश्व धरोहर स्थल के मानकों के अनुरूप विकसित कर रहे हैं।
लोक-संस्कृति हमारी अमूल्य धरोहर है। हमने पद्मविभूषण से सम्मानित लोकगायिका स्वर्गीय डॉ. तीजन बाई जी की विरासत को सहेजने ‘डॉ. तीजन बाई लोककला अलंकरण‘ प्रदान करने का निर्णय लिया है। छत्तीसगढ़ी सिनेमा के सर्वांगीण विकास हेतु हम ‘चित्रोत्पला फिल्म सिटी‘ का निर्माण कर रहे हैं।
हमने संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की जयंती पर सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है। उनके नाम पर राज्य अलंकरण पुरस्कार भी दिया जाएगा।
आरंग के रीवां में हुए ऐतिहासिक उत्खनन के परिणाम उत्साहित करने वाले हैं। यहां 2750 साल पुरानी मानव बस्ती की खोज हुई है। यह खोज छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक एवं प्राचीन सांस्कृतिक समृद्धि का प्रत्यक्ष प्रमाण है।
हमारा सौभाग्य है कि हम ‘रामलला अयोध्या धाम दर्शन योजना‘ के माध्यम से 49 हजार से अधिक श्रद्धालुओं को रामलला के दर्शन कराने के निमित्त बन सके। ‘मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना‘ से भी हम 10 हजार से अधिक श्रद्धालुओं को देश के प्रमुख तीर्थस्थलों के दर्शन कराने का निमित्त बने हैं।
विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ हम सबका सामूहिक लक्ष्य है। ऋग्वेद में मंत्र है -
‘‘संगच्छध्वं, सं वदध्वं, सं वो मनांसि जानताम्‘‘
आइए, इस वैदिक मंत्र के अनुरूप हम सभी मिलकर साथ चलें, मन और विचारों से एक होकर अपने इस उच्चतर लक्ष्य को प्राप्त करें।
आप सभी को पुनः स्वतंत्रता दिवस की बहुत-बहुत शुभकामनाएं
जय हिन्द, जय छत्तीसगढ़।
नक्सलवाद से मुक्त छत्तीसगढ़ अब शांति, विकास और समृद्धि की नई यात्रा पर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय
विकसित भारत के संकल्प में विकसित छत्तीसगढ़ की होगी महत्वपूर्ण भूमिका: मुख्यमंत्री
बस्तर के नवनिर्माण का स्वर्णिम समय, अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा विकास: मुख्यमंत्री श्री साय
किसान, महिला, युवा और जनजातीय समाज की समृद्धि के साथ आधुनिक अधोसंरचना और नई अर्थव्यवस्था पर सरकार का फोकस
मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता दिवस के मुख्य समारोह में ध्वजारोहण कर प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएं
‘मेरी बेटी-मेरा अभिमान’ अभियान की घोषणा, 6,671 शासकीय विद्यालयों में बेटियों के लिए बनाए जाएंगे शौचालय
रायपुर 15 अगस्त 2026




मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राजधानी रायपुर के पुलिस परेड ग्राउंड में आयोजित मुख्य समारोह में ध्वजारोहण कर प्रदेशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने देश की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले महान स्वतंत्रता सेनानियों और अमर शहीदों को श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए कहा कि स्वतंत्रता दिवस माँ भारती की वंदना, हमारे गौरवशाली इतिहास से प्रेरणा लेने और विकसित भारत के निर्माण के संकल्प को और मजबूत करने का पावन अवसर है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने महात्मा गांधी, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, डॉ. भीमराव अंबेडकर और वीर सावरकर सहित स्वतंत्रता संग्राम के असंख्य सेनानियों के त्याग और बलिदान का स्मरण किया। उन्होंने छत्तीसगढ़ की धरती पर स्वतंत्रता और स्वाभिमान की अलख जगाने वाले धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा, शहीद वीर नारायण सिंह, वीर गुंडाधुर, गेंद सिंह, धुरवा राव, यादव राव, वेंकट राव, डेबरी धुर और आयतु माहरा सहित जननायकों को भी श्रद्धापूर्वक नमन किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गोस्वामी तुलसीदास जी का संदेश - ‘पराधीन सपनेहुँ सुख नाहीं’, संत कबीर की वाणी और बाबा गुरु घासीदास जी का ‘मनखे-मनखे एक समान’ का उद्घोष हमें स्वतंत्रता, समानता और मानवीय गरिमा के मूल्यों की निरंतर प्रेरणा देता है। उन्होंने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती का उल्लेख करते हुए उनके राष्ट्रीय एकता के संकल्प का स्मरण किया।
बस्तर में शांति के साथ विकास का नया सूर्याेदय
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के साहसिक नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के दृढ़ संकल्प से नक्सलवाद के विरुद्ध ऐतिहासिक सफलता मिली है। माओवाद से मुक्त बस्तर में आज तिरंगा यात्राओं के माध्यम से स्वतंत्रता का उत्सव मनाया जा रहा है। जो क्षेत्र कभी हिंसा और भय से प्रभावित थे, वहां आज शांति, विश्वास और विकास की नई सुबह हुई है। उन्होंने कहा कि बस्तर की सर्वांगीण प्रगति डबल इंजन सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में है। जगदलपुर में राष्ट्रीय स्तर की मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक का आयोजन बदलते बस्तर की नई पहचान का प्रतीक है। अब बस्तर के नवनिर्माण का स्वर्णिम समय है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि ‘नियद नेल्ला नार 2.0’ और ‘बस्तर मुन्ने अभियान’ के माध्यम से 31 योजनाओं और 14 सामुदायिक सुविधाओं का शत-प्रतिशत सेचुरेशन सुनिश्चित करते हुए बस्तर संभाग के 39 लाख से अधिक लोगों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाया जा रहा है। नक्सल हिंसा के कारण बंद पड़े स्कूलों को पुनः प्रारंभ करने के साथ 36 नए स्कूल स्वीकृत किए गए हैं। ओरछा और जगरगुंडा जैसे सुदूर क्षेत्रों में एजुकेशन सिटी विकसित की जा रही है।
‘मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान’ में 34 लाख से अधिक लोगों की स्वास्थ्य जांच कर हेल्थ प्रोफाइल तैयार की गई है। लगभग 10 लाख परिवारों की आय बढ़ाने के लिए 4,824 करोड़ रुपए की ‘आजीविका उन्नयन योजना’ तैयार की गई है। सुरक्षा कैंप अब सेवा और विकास के केंद्र बन रहे हैं तथा वीर गुंडाधुर के गांव नेतानार से शुरू ‘सेवा डेरा’ के माध्यम से नागरिक सुविधाओं, कौशल विकास और उद्यमिता को बढ़ावा दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर में सड़क, बिजली, परिवहन और संचार की मजबूत बुनियाद तैयार की जा रही है। सौर ऊर्जा से ऊर्जीकृत 461 गांवों को ग्रिड आधारित बिजली प्रणाली से जोड़ने तथा 234 अंदरूनी बसाहटों को मुख्य सड़कों से जोड़ने की दिशा में काम हो रहा है। ‘मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा’ से बस्तर और सरगुजा संभाग के 814 गांवों को सार्वजनिक परिवहन की सुविधा मिल रही है।
अन्नदाता की समृद्धि हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकता
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अन्नदाता हमारे भाग्य विधाता हैं और उनका सुख, सम्मान तथा समृद्धि सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। किसानों से 3,100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से 21 क्विंटल प्रति एकड़ के मान से धान खरीदा जा रहा है। ‘कृषक उन्नति योजना’ की राशि का एकमुश्त भुगतान होली से पहले किया गया।
उन्होंने कहा कि सरकार फसल विविधीकरण को भी बढ़ावा दे रही है। धान के बदले दलहन, तिलहन, मक्का, कोदो, कुटकी और रागी जैसी फसल लेने पर ‘कृषक उन्नति योजना’ के अंतर्गत 15 हजार रुपए की आदान सहायता देने का निर्णय लिया गया है। वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद किसानों के लिए खाद-बीज की उपलब्धता सुनिश्चित की गई।
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की ‘सहकार से समृद्धि’ की संकल्पना के अनुरूप प्रदेश के 2,028 पैक्स का कंप्यूटरीकरण पूरा किया गया है और इनमें से 1,988 पैक्स कॉमन सर्विस सेंटर के रूप में भी सेवाएं दे रहे हैं।
सिंचाई विस्तार के लिए 11 हजार करोड़ रुपए से अधिक की मंजूरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की नदियों को जोड़ने की सोच को आगे बढ़ाते हुए ‘सिकासार-कोडार नहर लिंकिंग परियोजना’ के लिए 3,047 करोड़ रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है। प्रदेश में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए 11 हजार करोड़ रुपए से अधिक की मंजूरी दी गई है।
अटल सिंचाई योजना के माध्यम से बंद पड़ी सिंचाई परियोजनाओं का पुनरुद्धार किया जा रहा है। इंद्रावती नदी पर लगभग 2 हजार करोड़ रुपए की लागत से मटनार और देउरगांव बैराज बनाए जाएंगे, जिनसे 32 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। मुख्यमंत्री ने तेंदूपत्ता संग्राहकों के हित में उठाए गए कदमों का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्हें साढ़े पांच हजार रुपए प्रति मानक बोरा पारिश्रमिक दिया जा रहा है तथा ‘चरण पादुका योजना’ पुनः प्रारंभ की गई है।
हर परिवार के पक्के घर का सपना हो रहा साकार
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ‘मोदी की गारंटी’ के अनुरूप प्रत्येक जरूरतमंद परिवार को पक्का आवास उपलब्ध कराने की दिशा में सरकार तेजी से काम कर रही है। कैबिनेट की पहली बैठक में 18 लाख आवासों की स्वीकृति के बाद अब तक 24 लाख 50 हजार आवास स्वीकृत किए जा चुके हैं। प्रदेश में प्रतिदिन औसतन 1,600 घर बनाए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि ‘प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना’ और ‘मुख्यमंत्री खाद्यान्न सहायता योजना’ के माध्यम से 73 लाख परिवारों को निःशुल्क खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा है।
महिला सशक्तीकरण से परिवार और प्रदेश दोनों हो रहे मजबूत
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘महतारी वंदन योजना’ के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया गया है। योजना के अंतर्गत अब तक 19 हजार 444 करोड़ रुपए महिलाओं के खातों में अंतरित किए गए हैं। प्रदेश में 13 लाख 85 हजार महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जनमन योजना के माध्यम से 56 हजार से अधिक पीवीटीजी परिवारों तक बुनियादी सुविधाएं पहुंची हैं, वहीं 6,691 जनजातीय बहुल गांवों में ‘धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान’ का लाभ दिया जा रहा है। वनाधिकार पत्र वितरण में छत्तीसगढ़ की अग्रणी भूमिका का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वारिसों के पट्टों के नामांतरण की प्रक्रिया शुरू की गई है। पेसा कानून के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए टास्क फोर्स गठित की गई है।
युवाओं के लिए रोजगार से नवाचार तक खुल रहे नए द्वार
मुख्यमंत्री श्री साय ने स्वामी विवेकानंद के युवा शक्ति पर विश्वास का स्मरण करते हुए कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में युवाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए रोजगार, शिक्षा, कौशल, खेल और नवाचार के नए अवसर सृजित किए जा रहे हैं।
प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए ऐतिहासिक सुधार किए गए हैं। तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के पदों पर भर्ती के लिए ‘छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल’ बनाया गया है तथा परीक्षाओं में नकल और अनुचित साधनों को रोकने के लिए सख्त कानून पारित किया गया है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि पुलिस में 7 हजार युवाओं की भर्ती की गई है। शिक्षक एवं सहायक शिक्षकों के 3,946 पदों तथा बिजली कंपनियों में 1,235 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। नीट, जेईई, क्लैट, रेलवे, एसएससी, बैंकिंग, पीएससी और यूपीएससी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए ‘सीजी असिस्टेंस फॉर कॉम्पिटिटिव एक्जाम योजना’ शुरू की जा रही है। चार वर्ष की सैन्य सेवा पूरी करने वाले छत्तीसगढ़ के अग्निवीरों को पुलिस आरक्षक, वनरक्षक और जेल प्रहरी की सीधी भर्ती में 10 प्रतिशत आरक्षण देने का निर्णय भी लिया गया है।
एआई मिशन से भविष्य की अर्थव्यवस्था के लिए तैयार होगा छत्तीसगढ़
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने 500 करोड़ रुपए के ‘छत्तीसगढ़ राज्य एआई मिशन’ को मंजूरी दी है। इसके अंतर्गत 100 एआई डेटा लैब, पांच सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और 50 से अधिक एआई आधारित सेवाएं विकसित की जाएंगी। छह लाख विद्यार्थियों तथा डेढ़ लाख शासकीय कर्मचारियों को एआई का प्रशिक्षण दिया जाएगा। ‘छत्तीसगढ़ स्टार्टअप प्रोत्साहन नीति’ के अंतर्गत 100 करोड़ रुपए का स्टार्टअप फंड बनाया गया है। पीएम सेतु के अंतर्गत 30 आईटीआई का उन्नयन किया जा रहा है। प्रदेश में फॉरेंसिक यूनिवर्सिटी कैंपस, निफ्ट और नाइलिट जैसे संस्थान स्थापित किए जा रहे हैं। गीदम, कुनकुरी, जांजगीर-चांपा, मनेंद्रगढ़ और कवर्धा में पांच मेडिकल कॉलेज इसी सत्र से प्रारंभ किए जा रहे हैं।
खेल प्रतिभाओं को मिलेगा आगे बढ़ने का पूरा अवसर
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश के खिलाड़ी वैश्विक मंच पर तिरंगा लहराएं, इसके लिए खेल अधोसंरचना को मजबूत करने के साथ ‘मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन’ प्रारंभ किया जा रहा है। ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेलों में रजत पदक जीतने वाली छत्तीसगढ़ की बेटी ज्ञानेश्वरी यादव को डीएसपी के पद पर पदोन्नत करने तथा 30 लाख रुपए की सम्मान राशि देने का निर्णय लिया गया है। राज्य के 156 उत्कृष्ट खिलाड़ियों के लिए शासकीय सेवा के द्वार खोले गए हैं। देश के पहले खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स की सफल मेजबानी के बाद अगले वर्ष भी इन खेलों का आयोजन छत्तीसगढ़ में होगा।
निवेश और रोजगार का नया केंद्र बन रहा छत्तीसगढ़
मुख्यमंत्री ने कहा कि नई औद्योगिक नीति के माध्यम से कोर सेक्टर के साथ नए और उभरते क्षेत्रों को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। देश-दुनिया में आयोजित इन्वेस्टर कनेक्ट से अब तक 8 लाख 23 हजार करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनसे लगभग 1 लाख 74 हजार रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है।
नवा रायपुर में प्रदेश की पहली गारमेंट इकाई स्विफ्ट टेक्सटाइल से 4,600 से अधिक युवाओं को रोजगार मिलने की संभावना है। मुंगेली में भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड का प्लांट स्थापित किया जाएगा। प्रदेश में 23 नए औद्योगिक क्षेत्र स्थापित किए जा रहे हैं। राजनांदगांव में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर 2.0, नवा रायपुर में फर्नीचर क्लस्टर तथा जांजगीर-चांपा एवं राजनांदगांव में स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क विकसित किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में देश का पहला एआई एसईजेड विकसित किया जा रहा है। रायपुर, नवा रायपुर और दुर्ग-भिलाई को शामिल करते हुए स्टेट कैपिटल रीजन का गठन किया गया है।
ऊर्जा, सड़क, रेल और डिजिटल कनेक्टिविटी को मिल रही नई गति
मुख्यमंत्री ने कहा कि भविष्य की ऊर्जा आवश्यकताओं के लिए उत्पादन, पारेषण और वितरण तीनों क्षेत्रों में दीर्घकालिक रणनीति के साथ काम किया जा रहा है। एनर्जी समिट में 3 लाख 50 हजार करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। ‘मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना’ से 12 लाख से अधिक उपभोक्ताओं का 910 करोड़ रुपए का सरचार्ज माफ किया गया है।
प्रदेश के 90 हजार से अधिक उपभोक्ता ‘प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ का लाभ ले रहे हैं। भारतमाला परियोजना, रायपुर-विशाखापट्टनम एक्सप्रेसवे, रायपुर-धनबाद इकोनॉमिक कॉरिडोर और रावघाट-जगदलपुर रेल नेटवर्क प्रदेश के आर्थिक विकास को नई गति देंगे।
‘सीजी वायु योजना’ के माध्यम से प्रमुख हवाई अड्डों से हवाई सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है। ढाई वर्षों में दूरस्थ क्षेत्रों में 829 मोबाइल टावर स्थापित किए गए हैं तथा ‘भारतनेट 3.0’ के माध्यम से 5,659 ग्राम पंचायतों को हाईस्पीड इंटरनेट से जोड़ने का लक्ष्य है।
सुशासन में तकनीक से बढ़ी पारदर्शिता और नागरिक सुविधा
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी के सुशासन के आदर्शों पर आगे बढ़ रही है। पारदर्शी ई-ऑफिस प्रणाली अपनाई गई है। ‘सीएम हेल्पलाइन 1076’ के माध्यम से 80 हजार से अधिक शिकायतों का निराकरण किया गया है और ‘सेवा सेतु पोर्टल’ के जरिए शासन की 700 से अधिक सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराई जा रही हैं।
स्मार्ट पंजीयन कार्यालयों की स्थापना, रजिस्ट्री में सुधार और ऑटो म्यूटेशन जैसी व्यवस्थाओं से नागरिक सेवाओं को सरल बनाया गया है। 7,524 ग्राम पंचायतों में ‘अटल पंचायत डिजिटल सुविधा केंद्र’ स्थापित कर ग्रामीणों को डिजिटल और बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन जिलों में ‘नियद नेल्ला नार’ योजना लागू नहीं है, वहां ‘सुघ्घर छत्तीसगढ़ अभियान’ के माध्यम से 31 योजनाओं का लाभ सेचुरेशन मोड में पहुंचाया जा रहा है।
‘मेरी बेटी-मेरा अभिमान’ अभियान की शुरुआत
मुख्यमंत्री श्री साय ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ‘मेरी बेटी-मेरा अभिमान’ अभियान प्रारंभ करने की घोषणा की। इसके तहत प्रदेश के 6,671 शासकीय विद्यालयों में बेटियों के लिए शौचालय बनाए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि ‘विकसित भारत-जी राम जी योजना’ से प्रदेश में रोजगार एवं विकास का नया अध्याय प्रारंभ हुआ है। योजना के माध्यम से प्रदेश के 6,524 गांवों में मुक्तिधाम एवं प्रतीक्षालय बनाए जाएंगे।
मजबूत कानून-व्यवस्था के साथ साइबर सुरक्षा पर विशेष जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि मजबूत कानून-व्यवस्था सुशासन की पहली शर्त है। नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ साइबर अपराध की चुनौती से निपटने के लिए राज्य में नौ नए साइबर पुलिस थाने बनाए गए हैं। डायल-112 सेवा पूरे प्रदेश में लागू की गई है।
पर्यटन और लोक-संस्कृति को मिलेगी वैश्विक पहचान
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘मुख्यमंत्री पर्यटन मिशन’ के माध्यम से बस्तर और सरगुजा में पर्यटन सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया जाएगा। बस्तर ओलम्पिक, सरगुजा ओलम्पिक और बस्तर पंडुम जैसे आयोजनों ने प्रदेश की जनजातीय संस्कृति, खेल प्रतिभा और प्राकृतिक सुंदरता को राष्ट्रीय पहचान दी है।
चित्रकोट को ग्लोबल टूरिस्ट डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करते हुए वहां टेंट सिटी बनाई जाएगी। सिरपुर को विश्व धरोहर स्थल के मानकों के अनुरूप विकसित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोक-संस्कृति हमारी अमूल्य धरोहर है। पद्मविभूषण स्वर्गीय डॉ. तीजन बाई की विरासत को सहेजने के लिए ‘डॉ. तीजन बाई लोककला अलंकरण’ प्रारंभ करने तथा छत्तीसगढ़ी सिनेमा के विकास के लिए ‘चित्रोत्पला फिल्म सिटी’ के निर्माण का निर्णय लिया गया है। संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की जयंती पर सार्वजनिक अवकाश और उनके नाम पर राज्य अलंकरण पुरस्कार देने का निर्णय भी लिया गया है। उन्होंने आरंग के रीवां में उत्खनन के दौरान 2,750 वर्ष पुरानी मानव बस्ती की खोज को छत्तीसगढ़ की प्राचीन ऐतिहासिक और सांस्कृतिक समृद्धि का महत्वपूर्ण प्रमाण बताया।
पर्यावरण संरक्षण के साथ विकास
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अधोसंरचना और आर्थिक विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण सरकार की प्रमुख प्राथमिकता है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के अंतर्गत प्रदेश में अब तक सात करोड़ से अधिक पौधे लगाए गए हैं।
उन्होंने कहा कि ‘रामलला अयोध्या धाम दर्शन योजना’ के माध्यम से 49 हजार से अधिक तथा ‘मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना’ के माध्यम से 10 हजार से अधिक श्रद्धालुओं को प्रमुख तीर्थस्थलों के दर्शन कराए गए हैं।
विकसित भारत के लिए विकसित छत्तीसगढ़ का संकल्प
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अपने संदेश के समापन में कहा कि विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ हम सभी का सामूहिक लक्ष्य है। उन्होंने ऋग्वेद के मंत्र - “संगच्छध्वं, सं वदध्वं, सं वो मनांसि जानताम्।” का उल्लेख करते हुए प्रदेशवासियों से एकजुट होकर छत्तीसगढ़ और भारत के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि स्वतंत्रता के अमृत मूल्यों से प्रेरणा लेकर, अपने कर्तव्यों को सर्वाेपरि रखते हुए और ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास’ की भावना से हम विकसित छत्तीसगढ़ के माध्यम से विकसित भारत के संकल्प को साकार करेंगे।
देश की आजादी में छत्तीसगढ़ के वीर नायकों का योगदान नई पीढ़ी तक पहुंचाना हमारा दायित्व : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने स्वतंत्रता दिवस पर सात दिवसीय छायाचित्र प्रदर्शनी का किया शुभारंभ
स्वतंत्रता संग्राम की गौरवगाथा से विकसित छत्तीसगढ़ की नई तस्वीर तक को एक मंच पर समेट रही प्रदर्शनी
‘वंदे मातरम्’ की 150 वर्षों की गौरवशाली यात्रा, स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान और सुशासन की उपलब्धियों का सजीव प्रदर्शन
ऐतिहासिक टाउन हॉल और शहीद स्मारक के संरक्षण एवं सौंदर्यीकरण के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने की 50-50 लाख रुपये देने की घोषणा
मुख्यमंत्री ने कहा - अपनी विरासत को सहेजते हुए विकास की नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा छत्तीसगढ़
21 अगस्त तक प्रतिदिन सुबह 10.30 से रात 8 बजे तक आम नागरिक कर सकेंगे प्रदर्शनी का अवलोकन
रायपुर, 15 अगस्त 2026



मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आज राजधानी रायपुर के कचहरी चौक स्थित ऐतिहासिक टाउन हॉल में जनसंपर्क विभाग द्वारा आयोजित सात दिवसीय छायाचित्र प्रदर्शनी का शुभारंभ किया। स्वतंत्रता संग्राम में छत्तीसगढ़ के योगदान, अमर सेनानियों के शौर्य एवं बलिदान, ‘वंदे मातरम्’ की 150 वर्षों की गौरवशाली यात्रा और राज्य में सुशासन एवं विकास की उपलब्धियों को समेटे यह प्रदर्शनी अतीत के गौरव से वर्तमान की उपलब्धियों और भविष्य की आकांक्षाओं तक छत्तीसगढ़ की यात्रा को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत कर रही है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदर्शनी के विभिन्न खंडों का अवलोकन किया और वहां प्रदर्शित दुर्लभ छायाचित्रों, दस्तावेजों एवं सूचनात्मक सामग्री में विशेष रुचि दिखाई। उन्होंने कहा कि देश की स्वतंत्रता के लिए छत्तीसगढ़ की धरती के अनेक वीर सपूतों ने संघर्ष और बलिदान किया। उनके योगदान और राष्ट्रभक्ति की प्रेरक गाथाओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाना हमारा दायित्व है। ऐसी प्रदर्शनियां युवाओं को अपने गौरवशाली इतिहास से परिचित कराने के साथ उनमें राष्ट्रप्रेम, कर्तव्यबोध और देश के प्रति समर्पण की भावना को और मजबूत करती हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह प्रदर्शनी केवल इतिहास का स्मरण नहीं कराती, बल्कि विरासत से प्रेरणा लेकर विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत के निर्माण के संकल्प को भी सुदृढ़ करती है। एक ओर इसमें स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष और बलिदान की अमर गाथाएं हैं, तो दूसरी ओर जनकल्याणकारी योजनाओं, सुशासन, आधुनिक अधोसंरचना और नई तकनीक के माध्यम से बदलते छत्तीसगढ़ की तस्वीर भी दिखाई गई है।
*‘वंदे मातरम्’—राष्ट्रजागरण के अमर स्वर की 150 वर्षों की यात्रा*
प्रदर्शनी का विशेष आकर्षण राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ की 150 वर्षों की गौरवशाली यात्रा पर केंद्रित खंड है। इसमें ‘वंदे मातरम्’ की रचना से लेकर स्वतंत्रता आंदोलन में इसके राष्ट्रजागरण के मंत्र के रूप में स्थापित होने तक की यात्रा को ऐतिहासिक संदर्भों और छायाचित्रों के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है।
स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान ‘वंदे मातरम्’ ने देशवासियों को एक सूत्र में बांधने और मातृभूमि के लिए त्याग एवं बलिदान की भावना जगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके स्वर ने स्वतंत्रता सेनानियों और क्रांतिकारियों में नई ऊर्जा का संचार किया। 150 वर्ष की इस ऐतिहासिक यात्रा को प्रदर्शनी में विशेष स्थान देकर नई पीढ़ी को ‘वंदे मातरम्’ के राष्ट्रभाव और उसके ऐतिहासिक महत्व से परिचित कराया गया है।
*छत्तीसगढ़ के वीर सेनानियों की संघर्ष और बलिदान की गौरवगाथा*
प्रदर्शनी में स्वतंत्रता संग्राम में छत्तीसगढ़ की भूमिका को विस्तार से प्रदर्शित किया गया है। प्रदेश के स्वतंत्रता सेनानियों, जननायकों और अमर बलिदानियों के योगदान से जुड़े दुर्लभ छायाचित्र, दस्तावेज और ऐतिहासिक प्रसंग यहां दर्शकों को स्वतंत्रता आंदोलन के उस दौर से रूबरू कराते हैं, जब छत्तीसगढ़ की धरती पर भी ब्रिटिश शासन के विरुद्ध संघर्ष और जनजागरण की आवाज बुलंद हुई थी।
महात्मा गांधी के छत्तीसगढ़ प्रवास तथा यहां के सामाजिक एवं राष्ट्रीय आंदोलनों से जुड़े महत्वपूर्ण प्रसंगों को प्रदर्शनी में विशेष स्थान दिया गया है। इन ऐतिहासिक दस्तावेजों के माध्यम से नई पीढ़ी यह जान सकेगी कि भारत के स्वतंत्रता संग्राम में छत्तीसगढ़ का योगदान कितना व्यापक और गौरवपूर्ण रहा है।
*टाउन हॉल और शहीद स्मारक के लिए 50-50 लाख रुपये की घोषणा*
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राजधानी रायपुर की दो महत्वपूर्ण ऐतिहासिक धरोहरों - टाउन हॉल और शहीद स्मारक - के संरक्षण, साज-सज्जा एवं नवीनीकरण के लिए 50-50 लाख रुपये प्रदान करने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शहीद स्मारक राष्ट्र के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीरों की स्मृतियों को संजोए हुए है, जबकि ऐतिहासिक टाउन हॉल रायपुर की समृद्ध विरासत और सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इन धरोहरों का संरक्षण हमारी गौरवशाली विरासत के प्रति सम्मान की अभिव्यक्ति है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ‘विरासत से विकास तक’ की सोच के साथ आगे बढ़ रही है। हमारा प्रयास है कि आधुनिक विकास की गति के साथ प्रदेश की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों की गरिमा भी अक्षुण्ण रहे। इन स्थलों को बेहतर स्वरूप मिलने से नई पीढ़ी अपने इतिहास, संस्कृति और बलिदान की परंपरा को और निकटता से जान सकेगी।
*योजनाओं ने बदली जिंदगी - महिलाओं से किसानों और युवाओं तक विकास की झलक*
प्रदर्शनी का एक महत्वपूर्ण खंड राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और उनसे आम नागरिकों के जीवन में आए सकारात्मक बदलावों पर केंद्रित है। इसमें महिलाओं, किसानों, युवाओं, श्रमिकों और जरूरतमंद परिवारों के जीवन को बेहतर बनाने वाली योजनाओं एवं पहलों को छायाचित्रों और सूचनात्मक सामग्री के माध्यम से प्रदर्शित किया गया है।
महतारी वंदन योजना के माध्यम से महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण, कृषक उन्नति योजना से किसानों को मिल रहे संबल तथा प्रधानमंत्री आवास योजना से जरूरतमंद परिवारों के पक्के घर के सपने के साकार होने की तस्वीर यहां दिखाई गई है। युवाओं के लिए शिक्षा, कौशल, रोजगार एवं नए अवसरों के विस्तार और श्रमिकों सहित विभिन्न वर्गों के लिए संचालित कल्याणकारी योजनाओं को भी प्रमुखता से स्थान दिया गया है।
प्रदर्शनी यह संदेश देती है कि सुशासन का वास्तविक उद्देश्य योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाकर उसके जीवन में सकारात्मक और स्थायी बदलाव लाना है।
*सुशासन और आधुनिक अधोसंरचना से उभरते विकसित छत्तीसगढ़ की तस्वीर*
प्रदर्शनी में राज्य की विकास यात्रा को भी प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया है। डिजिटल पंजीयन के माध्यम से प्रशासन में पारदर्शिता, सुशासन तिहार के माध्यम से जनसमस्याओं के समाधान, हरित छत्तीसगढ़ की दिशा में किए जा रहे प्रयास तथा शिक्षा और अधोसंरचना के विस्तार की झलक यहां देखने को मिलती है।
बेहतर सड़क एवं रेल संपर्क, औद्योगिक अधोसंरचना, निवेश और रोजगार के नए अवसरों सहित विभिन्न क्षेत्रों में हो रहे बदलावों को भी प्रदर्शित किया गया है। इस प्रकार प्रदर्शनी छत्तीसगढ़ के गौरवशाली अतीत और तेजी से आकार लेते भविष्य को एक साथ प्रस्तुत करती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष से हमें राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों की प्रेरणा मिलती है और यही प्रेरणा विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में हमारी ऊर्जा बनती है।
*एआई से जुड़ा विरासत और पर्यटन का अभिनव अनुभव*
प्रदर्शनी में आधुनिक तकनीक और छत्तीसगढ़ की विरासत का अभिनव संगम भी आकर्षण का केंद्र है। विशेष एआई आधारित पहल के माध्यम से आगंतुक प्रदेश के प्रमुख तीर्थ और पर्यटन स्थलों की पृष्ठभूमि के साथ अपनी डिजिटल तस्वीर तैयार करा सकते हैं। विशेष रूप से बच्चों और युवाओं में इसे लेकर उत्साह देखा जा रहा है।
इस पहल के माध्यम से तकनीक का उपयोग कर नई पीढ़ी को प्रदेश की पर्यटन, सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत से रोचक तरीके से जोड़ने का प्रयास किया गया है। आगंतुक इन डिजिटल तस्वीरों को प्रदर्शनी की स्मृति के रूप में भी प्राप्त कर सकते हैं।
*विजिटर डायरी और विशेष डॉक्यूमेंट्री भी बनी आकर्षण का केंद्र*
प्रदर्शनी स्थल पर रखी गई विजिटर डायरी में आगंतुक स्वतंत्रता दिवस, राष्ट्रप्रेम और छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा से जुड़े अपने विचार एवं अनुभव दर्ज कर सकते हैं। राज्य की उपलब्धियों, जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास यात्रा पर आधारित विशेष डॉक्यूमेंट्री फिल्म का भी प्रदर्शन किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने विजिटर बुक में अपने विचार दर्ज करते हुए प्रदेशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने जनसंपर्क विभाग द्वारा आयोजित प्रदर्शनी की सराहना करते हुए कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान और शासन की योजनाओं एवं उपलब्धियों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने का यह उपयोगी प्रयास है।
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों, विशेषकर युवाओं और विद्यार्थियों से प्रदर्शनी देखने की अपील करते हुए कहा कि अपने इतिहास और विरासत को जानना हमें वर्तमान के प्रति अपने कर्तव्यों का बोध कराता है और बेहतर भविष्य के निर्माण की प्रेरणा देता है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सलाहकार श्री आर. कृष्णा दास, विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, जनसंपर्क आयुक्त श्री रजत बंसल, कलेक्टर श्री गौरव सिंह, अपर संचालक श्री उमेश मिश्रा, श्री संजीव तिवारी, श्री आलोक देव सहित जनसंपर्क विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।
उल्लेखनीय है कि कचहरी चौक स्थित ऐतिहासिक टाउन हॉल में यह सात दिवसीय प्रदर्शनी 15 से 21 अगस्त 2026 तक प्रतिदिन सुबह 10.30 बजे से रात 8 बजे तक आम नागरिकों के अवलोकन के लिए खुली रहेगी।
छत्तीसगढ़ के कॉलेजों में बढ़ा दाखिले का दायरा, प्रवेश अब 31 अगस्त तक
रायपुर । उच्च शिक्षा विभाग ने प्रदेश के हजारों विद्यार्थियों को बड़ी राहत देते हुए शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए कॉलेजों में प्रवेश की अंतिम तिथि बढ़ा दी है। राज्य के जिन शासकीय और निजी महाविद्यालयों में अभी भी सीटें रिक्त हैं, वहाँ छात्र अब 31 अगस्त तक दाखिला ले सकेंगे। उच्च शिक्षा विभाग द्वारा इस संबंध में आदेश जारी कर दिया गया है।
उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा ने कहा कि हमारी सरकार का मूल ध्येय प्रदेश के अंतिम व्यक्ति तक शिक्षा का प्रकाश पहुँचाना है। दूरस्थ और ग्रामीण अंचलों के कई मेधावी युवा विभिन्न व्यावहारिक कठिनाइयों के कारण समय पर प्रवेश नहीं ले सके थे। हम नहीं चाहते कि तिथियों के फेर में किसी भी योग्य विद्यार्थी का एक साल खराब हो या वह उच्च शिक्षा से वंचित रह जाए। छात्रहित को सर्वोपरि रखते हुए प्रवेश की तारीख 31 अगस्त तक बढ़ाई गई है। मैं सभी विद्यार्थियों से अपील करता हूँ कि वे इस अवसर का पूरा लाभ उठाएं।
उल्लेखनीय है कि इससे पहले विभाग द्वारा जारी आदेश के तहत प्राचार्य स्तर पर प्रवेश की समय सीमा 31 जुलाई तक और कुलपति की अनुमति से 14 अगस्त तक तय की गई थी। लेकिन अंतिम तिथि बीतने के बाद भी कई महाविद्यालयों में सीटें खाली रह गई थीं और दूर-दराज के क्षेत्रों से आने वाले कई अभ्यर्थी समय पर आवेदन नहीं कर पाए थे। इसी स्थिति को ध्यान में रखते हुए शासन ने तिथि विस्तार का यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया है।
